Posted by Sony Maan
Punjab
29-10-2019 07:53 PM
Sony Maan ji apne bajat de hisab nal tusi Mahindra Arjun Novo 605DI-PS, John Deere 5050E, ja fir sawraj 841XM vi le sakde ho, Thankyou.

Posted by sanju rana
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:52 PM
आप Agrimin powder 100gm रोज़ाना दें और Ovumin advance bolus रोज़ाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहे, इससे हीट में आ जाएगी
Posted by Deepak kumar
Bihar
29-10-2019 07:51 PM
दीपक जी आप गाय को नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि उसके मुंह की जांच करके जख्म के हिसाब से सही इलाज हो सकता है
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
29-10-2019 07:47 PM
ਗੁਰਭੇਜ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਉਪਰ copper oxychloride @ 3gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਦੇ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ashok singh
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:45 PM
श्रीमान जी, खेत की दो बार जोताई करें पहली जोताई 20-25 सैं.मी. होनी चाहिए कंकड़ों को मशीनी ढंग से अच्छी तरह तोड़कर समतल कर दें खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई:- ट्रैक्टर वाली मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलिय.... (Read More)
श्रीमान जी, खेत की दो बार जोताई करें पहली जोताई 20-25 सैं.मी. होनी चाहिए कंकड़ों को मशीनी ढंग से अच्छी तरह तोड़कर समतल कर दें खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई:- ट्रैक्टर वाली मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और हल्की सिंचाई करें पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई:- खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30-60-90 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है गड्ढा खोदकर बिजाई: - गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और आम बिजाई से 20-25 प्रतिशत अधिक पैदावार आती है एक आंख वाले गन्नों की बिजाई :– सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरले भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6-9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कतारों में 60-120 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई की जाती है अलग-अलग तजुर्बों से यह सिद्ध हुआ है कि 3 आंख वाली गुलियों का जमाव अधिक होता है जब कि एक आंख वाली गुली अच्छी नहीं जमती क्योंकि दोनों ओर काटने के कारण गुली में पानी की कमी हो जाती है और ज्यादा आंखों वाली गुलियां बीजने से भी अधिक जमाव नहीं मिलता दो आंख वाली गुलियां 35000 और तीन आंख वाली गुलियां 23000 प्रति एकड़ में प्रयोग करें दूसरे शब्दों में 35-40 क्विंटल बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें
नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें धन्यवाद

Posted by sukhi
Haryana
29-10-2019 07:43 PM
Sukhi ji, PUSA valo ik capsule tiyar kita geya hai jo ke parali nu gaal denda hai, ea matar 5 rupay da aunda hai ate is is varton 1 capsule nu 150 gm gud vale pani ch mila ke spray kiti jandi hai. 1 acre vich 4 casules lagde han ate sirf 20 rupau da kharcha 1 acre vich aunda hai, dhanwad

Posted by sunil
Rajasthan
29-10-2019 07:37 PM
dheemak ki roktham ke liye aap chlorpyriphos ko 60 kilo ret men ila kar prati acre ke hisab se chita de.dhanywad

Posted by Amar Bahadur
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:27 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे, धन्यवाद
Posted by संजय सिंह पटेल
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:22 PM
संजय सिंह पटेल जी करन वंदना बीज लेने के लिए आप Dr Dalip Gosain 9215757800 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by PAWAN SHARMA
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:18 PM
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्.... (Read More)
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए

Posted by Darshan Singh
Punjab
29-10-2019 07:10 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਵੜੇਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸਵੇਰੇ ਨੂੰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ 10-12 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਤੁਹਾਡੀ ਮੱਝ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ, ਜੈਫਲ ਦੇਣ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਵੜੇਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸਵੇਰੇ ਨੂੰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ 10-12 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਤੁਹਾਡੀ ਮੱਝ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ, ਜੈਫਲ ਦੇਣ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰਨ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕਰ ਲਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸਨੂੰ ਆਟੇ ਦੇ ਪੇੜੇ ਦੇ ਉੱਪਰ ਗੁੜ ਲਗਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤੱਕ ਖਵਾਓ .
Posted by prashant verma
Uttar Pradesh
29-10-2019 07:05 PM
आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बड़ेवो की खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by paramvir singh
Punjab
29-10-2019 06:55 PM
ਜੀ ਹਾਂ ਇਸਦਾ ਪੂਰਾ ਲਾਭ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਇਸ ਨੂੰ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by jitendra Singh
Rajasthan
29-10-2019 06:53 PM
jitendra ji yeh keet ke hamle ke karn ho raha hai agar sundi hai to aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen. agar machar ka hamla check karen agar maujood hai to imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Sripal Marwari
Himachal Pradesh
29-10-2019 06:50 PM
Sripal Marwari ji Mushroom sale karne or is ki contract farming ke lia aap Nirmal singh 9878811157, 9876306548 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Nitesh kumar
Madhya Pradesh
29-10-2019 06:37 PM
wheat shiram 272 kisam ki bijai ghar men khane ke liye best hai.

Posted by रॉयल विवेक आजमगढ़ UP50
Uttar Pradesh
29-10-2019 06:36 PM
गाय को Bovimin-B पाउडर 100gm रोज़ाना देना शुरू करें, इससे आप Agrimin-i गोलियां दे, इसकी रोज़ाना एक गोली दें तथा 21 दिन तक देतें रहे, इससे अंदर से इन्फेक्शन खत्म होता हैं, फिर अगली बार टीका भरवाकर आप Pregstay gold 50 ग्राम पाउडर रोज़ाना दे, आप गोलियों की फोटो देख सकते हैं

Posted by Vinod Thakur
Madhya Pradesh
29-10-2019 06:33 PM
vinod ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by yuvraj janwa
Rajasthan
29-10-2019 06:27 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or fees to voh hi bta sakte hain Punjab mein 4 hafte ki training ki fees 5000 ae

Posted by MANJEET SINGH
Haryana
29-10-2019 06:22 PM
इसकी खेती अलग-अलग तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली दोमट, चिकनी, गार और भरी मिट्टी में की जा सकती है यह फसल गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता,जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्.... (Read More)
इसकी खेती अलग-अलग तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली दोमट, चिकनी, गार और भरी मिट्टी में की जा सकती है यह फसल गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता,जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव और कम उपजाऊ-पन के कारण इस में गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए निम्नलिखित किस्में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: PRO 6: यह सामान्य कद,गहरे लाल रंग, बढ़े सामान्य और गोल गांठों वाली किस्म है यह किस्म पनीरी लगाने से 120 दिनों तक तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 175 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके प्याज़ ज्यादा समय तक रखे जा सकते है
Punjab Naroya: यह सामान्य कद,गहरे लाल रंग, बढ़े सामान्य और गोल गांठों वाली किस्म है यह किस्म पनीरी लगाने से 145 दिनों तक तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार150 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह जामुनी धब्बों के रोग की रोधक किस्म है
Punjab White: यह बढ़े-मध्यम, गोल और सफेद गांठों वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें ज्यादा पैदावार लेने के लिए, रोपाई के समय पंक्तियों के बीच फासला 15 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 7.5 सैं.मी.रखें
नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत की पनीरी तारे करने के लिए 4-5 किलो बीजों की जरूरत होती है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकि बची हीउ नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग (मिट्टी में मिलाना) के तौर पर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते हैं इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें नदीनों की रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे के बीच पेंडीमिथाइल (स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण के उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद ऑक्सीफ्लोफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाई की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली गोड़ाई से एक महीने के बाद करें मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता अनुसार 10-15 दिनों के फासले पर सिंचाई करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का सही समय, ऋतु, मंडी रेट आदि पर निर्भर करते है 50% ਭੂਕਾਂ का नीचे की तरफ गिरना दर्शाते है जबकि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद प्याज़ों को 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी को निकालने के लिए खेत को छोड़ दें
Posted by Ashish Dwivedi
Uttar Pradesh
29-10-2019 06:18 PM
Ashish Dwivedi ji Basmati 1121 ka mandi rate 2810-3230 ke lagbhag chal raha hai, Thankyou.

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
29-10-2019 06:08 PM
130045 ki maatra 2kg prati acre hai aur npk 191919 ki maatra @1kg prati acre hai.
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
29-10-2019 06:05 PM
आप certified या foundation बीज सही बिल के साथ खरीदें दुकान वाला कोई भी हो सिर्फ certification वाला टैग लगा होना चाहिए जिसके ऊपर सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर और मोहर लगी हो वो बिल जरूर लें

Posted by Prashant Shelke
Madhya Pradesh
29-10-2019 06:01 PM
Shrimaan ji, banana ka size uski variety par nirbhar karta hai, ispar kisi dawai ko dalne ki jarurat nahi hai, dhanywad

Posted by रॉयल विवेक आजमगढ़ UP50
Uttar Pradesh
29-10-2019 05:55 PM
विवेक जी, आलू की बुवाई के लिए तापमान 12 -14 *C का होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जम.... (Read More)
विवेक जी, आलू की बुवाई के लिए तापमान 12 -14 *C का होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती इसकी किस्मे जैसे के Kufri Bahar, Kufri Badshah,
Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Pukhraj, Kufri Chipsona 2, Kufri Chipsona 1, Kufri Chandramukhi, Kufri Jyoti, Kufri Ashoka, Kufri Lalima की बुवाई आप कर सकते है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें बिजाई के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली सेमी ऑटोमेटिक या ऑटोमैटिक प्लांटर का प्रयोग करें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें धन्यवाद

Posted by Sharanabasappa Biradar
Karnataka
29-10-2019 05:52 PM
Sir, for its control please give application of quinalphos @ 4 ml per litre of water, thank you

Posted by harish
Haryana
29-10-2019 05:47 PM
हरीश जी, ग्रीन हाउस के नियंत्रित वातावरण में यह सारा साल उगाये जा सकते हैं उत्तरी मैदानों के लिए, बिजाई आमतौर पर सितंबर-नवंबर महीने में की जाती है और फूलों की कटाई फरवरी से अप्रैल महीने तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Prem Raj saini ji से सम्पर्क करें 9719432296, धन्यवाद

Posted by harish
Haryana
29-10-2019 05:41 PM
Tulip ko mainly hilly areas mein ugaya jaata hai. Haryana ka climate tulip ki kheti ke lie upyukt nhin hai. Iski kheti aam taur pr Kashmir aur Himachal mein ki jaati hai.

Posted by Prabhjit singh
Punjab
29-10-2019 05:40 PM
Prabhjit singh ji HD 2967 di bijai tusi Oct de last week to Nov de last Week tak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Jagdeep singh
Punjab
29-10-2019 05:38 PM
Jagdeep j, yeh tatvo ki kami ki vajah se ho raha hai, isme ap vermicompost @ 7-8 kg ke hisaab se dalein, or isme seyonk ka hamla check karein or agar syonk mojood ho to ap isme chloropyriphos @ 4-5 ml prati liter pni ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Vinod Kushwaha
Madhya Pradesh
29-10-2019 05:38 PM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है

Posted by Anshul Yadav
Uttar Pradesh
29-10-2019 05:37 PM
Shrimaan ji, aalu ke packet ke hisaab se dawai nahi batai ja sakti hai, dawai kilo ke hisaab se istemal ki jati hai, kripya ap bataye ke ap kul kitne alu kilo ke hisaab se ka istemal kar rah ehai, taki apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-10-2019 05:30 PM
tuci uss nu Broton liquid 50-50ml swere sham, Tonakind gold powder 2-2 chamch swere sham deo eh 3-4 din deo ji baki uss nu halka hara chara deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by vidhan mathur
Madhya Pradesh
29-10-2019 05:30 PM
Vidhan mathur ji HD 3226 ka seed lene ke lia aap Dr Dalip Gosain 9215757800 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Deewan Rajput
Madhya Pradesh
29-10-2019 05:23 PM
Deewan Rajput ji Chander shekhar bangar 9827074545, 8770110731 Green More Organic Food Ltd. and Vivek Dhangrikar 9406802800 (jain irrigation) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Jayesh kalal
Rajasthan
29-10-2019 05:07 PM
श्रीमान जी, इन किस्मो की सिफारिश राजस्थान के लिए नहीं की गई है, धन्यवाद
Posted by upendra dhakar
Madhya Pradesh
29-10-2019 05:02 PM
उपेंद्र जी, इसके लिए आप Quinalphos @ 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by sanjay
Gujarat
29-10-2019 04:56 PM
SAnjayy ji, kripya ap apna sawal visthar se puche taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Er Amit Shakya
Uttar Pradesh
29-10-2019 04:52 PM
Amit ji, yeh machar ke hamle ki vajah se hua hai, ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by vidhan mathur
Madhya Pradesh
29-10-2019 04:51 PM
Vidhan mathur ji BLACK WHEAT lene ke lia aap Mohit Kamboj 9683110005 (MK Agro Seed) and Malwinder sinbgh Nelowalia 9888399412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by vidhan mathur
Madhya Pradesh
29-10-2019 04:50 PM
Vidhan mathur jiBLACK WHEAT lene ke lia aap Mohit Kamboj 9683110005 (MK Agro Seed) and Malwinder sinbgh Nelowalia 9888399412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Rishikesh Kumar
Bihar
29-10-2019 04:43 PM
श्रीमान जी, मोथा घास को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन(बसालिन) @800 मि.ली. को 150 लि. पानी में मिलाकर छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें धन्यवाद

Posted by Manohar singh matharu
Punjab
29-10-2019 04:38 PM
Manohar ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..

Posted by SATNAM SINGH
Punjab
29-10-2019 04:20 PM
ਰਾਜਾ ਜੀ, ਕਣਕ ਵਿਚ ਪੋਟਾਸ਼ 20 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪੈਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by monu
Rajasthan
29-10-2019 04:04 PM
Monu ji , yeh machar ke hamle ki vajah se hua hai, ap kripya isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywaad
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
29-10-2019 03:59 PM
Dhanveer singh Benipal ji PAU de kanak de vadia beej len lai tusi Apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Address: Shamsher Nagar, Sirhind, Punjab, 01763221217 nal samparak kar sakde ho.

Posted by khushwinder singh
Punjab
29-10-2019 03:57 PM
ਖੁਸ਼ਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ quinalphos @ 4 ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image












