
Posted by shyam
Uttar Pradesh
30-10-2019 05:44 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by shyam
Uttar Pradesh
30-10-2019 05:43 AM
Shyam ji, is keet ki roktham ke liye ap cypermethrin @ 2.0 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by sukhwinder singh
Punjab
30-10-2019 05:40 AM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Lixin-iu ਦਵਾਈ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ Metra liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
30-10-2019 05:35 AM
BhaaG rajwa hara chaara te 1kg rojana feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo

Posted by Dsvirk Shab
Punjab
30-10-2019 05:28 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minotas ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Sanjay jangar
Haryana
30-10-2019 05:04 AM
संजय जी, गेहूं की डब्ल्यूएच 1184 किस्म की सिफारिश समय की बिजाई, अधिक उपजाऊ व सिंचित दशा के लिए वर्ष 2019 के लिए की गई है यह किस्म हरियाणा राज्य के लिए अनुमोदित की गई है इस किस्म की औसत पैदावार 24.5 क्विंटल प्रति एकड़ और अधिकतम उपज 28.1 क्विंटल प्रति एकड़ है धन्यवाद
Posted by Sanjay jangar
Haryana
30-10-2019 04:59 AM
Shri maan g apna question visthar se puchiye tan ki apko poori jankari di ja ske..
Posted by manash jyoti konwar
Assam
30-10-2019 04:59 AM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है.
Posted by manash jyoti konwar
Assam
30-10-2019 04:57 AM
Manash jyoti konwar ji Poultry training ke lia aap Assam Live Stock & Poultry Corporation Limited, Address: Panjabari Rd Side street of Rural development office Panjabari, Khanapara, Guwahati, Assam 781037 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by AJIT CHAUBEY
Uttar Pradesh
30-10-2019 01:59 AM
Ajit ji ,ap gehun ki kisme jaise ke WH 896, PBW 373, PBW 343, HD 2643, UP 2425, PBW-443, DBW-14, NW-2036, MACS-6145, HD-2824, PBW-502, PDW-291, PBW-524, HD-2864, HI-8627, Ujiar(K-9006, Gangotri(K-9162), Prasad (K-8434), Halna (K-7903) , Naina (K-9533), UP 2338 ki buvai kar skate hai, dhanywad
Posted by Sandeep upadhyay
Chattisgarh
30-10-2019 12:03 AM
Sandeep upadhyay ji Aleovera vechne ke lia aap Narender Kumar 9950708819 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Ganesh Dutt Sharma
Uttarakhand
29-10-2019 11:24 PM
Shrimaan ji, ap ganne mein gehun ki bijai kar sakte hain, iske liy epa ganne ki 2 or fir 20 cm ka fasla dal kar gehun ki 2 karaton ki bijai karein, iske liye 16 kg beej gehun ki sifarish ki gai hai, or fasal lai urea 54 kg, SSP 75 kg, or MoP 20 kg ke hisaab se dalein,. dhanywad
Posted by ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
29-10-2019 11:19 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਮਟਰ ਦੀ GS10,P89, Naamdhari 1100 ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by बालकिशन चौहान
Uttar Pradesh
29-10-2019 11:07 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है

Posted by maroti khandate
Madhya Pradesh
29-10-2019 10:52 PM
मारोती जी, कटहल के पौधे में फल लाने के लिए आप इसमें NPK 13.00.45 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by aadi
Uttar Pradesh
29-10-2019 10:45 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein training lein phir shuroo krain

Posted by gurpreet singh
Punjab
29-10-2019 10:14 PM
GUrpreet ji, university kise vi seed nu mix kar ke biaji karn di sifarish nahi kardi, kisaan apne tjurbe de hisaab nal ehna nu mix kar ke bijai kar dende han, tuc ehna di bijai mix kar ke kar sakde ho, par ehna da beej agle saal lai bijai lai rakh nahi sakde ho, dhanwad

Posted by Bablu Sachin
Bihar
29-10-2019 10:07 PM
बबलू जी , नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें ज्यादा पैदावार लेने के लिए, रोपाई के समय पंक्तियों के बीच फासला 15 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 7.5 सैं.मी.रखें
नर्सरी में बीज 1-2 सै.... (Read More)
बबलू जी , नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें ज्यादा पैदावार लेने के लिए, रोपाई के समय पंक्तियों के बीच फासला 15 सैं.मी. और पौधों के बीच का फासला 7.5 सैं.मी.रखें
नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपाई विधि का प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by satnam singh somal
Punjab
29-10-2019 10:01 PM
Satnam ji, isde lai tuc NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwaad

Posted by ruparamkarwasara
Rajasthan
29-10-2019 09:39 PM
रूपम जी, ईसबगोल की बिजाई के लिए उपयुक्त समय अक्तूबर से नवंबर का महीना होता है पिछेती बिजाई (दिसंबर के पहले पखवाड़े के बाद) ना करें क्योंकि यह पैदावार में कमी को बढ़ाता है जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर का समय सही होता है, धन्यवाद

Posted by pawan
Punjab
29-10-2019 09:33 PM
आप पशुओं से मक्खियों को खत्म करने के लिए butox दवा को 2 मि.ली. प्रति लीटर पानी में मिलाकर पशुओं के ऊपर स्प्रे कर सकते है बाकि आप उनके आस पास साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें, इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Manish
Himachal Pradesh
29-10-2019 09:30 PM
मनीष जी , अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो ये इक बोहत ही उच्चित विचार है , निम्बू की कहती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और.... (Read More)
मनीष जी , अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो ये इक बोहत ही उच्चित विचार है , निम्बू की कहती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद

Posted by Aman
Punjab
29-10-2019 09:29 PM
Aman ji, yeh machhar ke hamle ki vajah se ho raha hai, iski roktham ke liye imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Sanjay jangar
Haryana
29-10-2019 09:27 PM
संजो जी , आप गेहूं का बीज WH 711: यह किस्म हरियाण में समय पर बोने, सिंचित और उपजाऊ मिट्टी में बोने के अनुकूल है इसके दाने मध्यम आकार के, सख्त और सुनहरे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है, बुवाई कर सकते है
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
29-10-2019 09:19 PM
Gurpreet ji, tuc chilli diya kisma jive ke CH-1, CH-3, CH-27, Punjab Sindhuri, Punjab Tej, Pusa Jwala, Pusa Sadabahar, Arka Meghana, Arka Sweta, Kashi Early, Kashi Surkh, Kashi Anmol, Punjab Gucchedar di bijai kar sakde ho, dhanwad
Posted by paramjit singh sandhu
Punjab
29-10-2019 09:18 PM
For plantation dig pit of size 30cm x 30cm x 30cm or 45cm x 45cm x 45cm. For high density planting select spacing of 1.5m x 1.5m (plant population near about 1690 plant/acre) or 2m x 2m (near about 1200 plants/acre).

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
29-10-2019 09:13 PM

Posted by Arundeep Singh
Punjab
29-10-2019 09:12 PM
Arundeep ji, kirpa kar ke tuc eh daso ke tuc coragen di kinni marta pai si ate ea vi daso ke awant vich kehra salt hai taki tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by लव कुमार
Bihar
29-10-2019 09:05 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
29-10-2019 09:03 PM
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ..

Posted by Ranjeet Dagur
Rajasthan
29-10-2019 08:58 PM
Ranjeet Dagur ji ICAR-Directorate Of Rapeseed Mustard Research, Address: Jyoti Nagar, Jail Area, Sewar, Bharatpur, Rajasthan 321303, Phone: 05644 260 379 me hai, Thankyou.

Posted by Ranjeet Dagur
Rajasthan
29-10-2019 08:55 PM
Ranjeet Dagur ji ICAR-Directorate Of Rapeseed Mustard Research, Address: Jyoti Nagar, Jail Area, Sewar, Bharatpur, Rajasthan 321303, Phone: 05644 260 379 me hai, Thankyou.
Posted by Gurbhej Bhullar
Punjab
29-10-2019 08:55 PM
ਗੁਰਭੇਜ ਭੁੱਲਰ ਜੀ PBW 725 ਦਾ ਝਾੜ 22.9 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਚੋਥੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੋਥੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Bhairu Lal Meena
Rajasthan
29-10-2019 08:54 PM
Shrimaan ji, yeh tatvo ki kami ki vajah se hua hai, iske liye ap NPK 005234 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by mukesh singh
Uttar Pradesh
29-10-2019 08:49 PM
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां प.... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी

Posted by dhirendra kumat
Uttar Pradesh
29-10-2019 08:47 PM
shrimaan g chane ki beejayi drill se karo or line to line distance 30 cm hona chaiye or seed depth 10-12.5 cm rakho g..chaneki beejayi 10 November tkk kr skte ho g..
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
29-10-2019 08:33 PM
Dhanveer singh Benipal ji 2351 te bansi variety vadiya hun ji.

Posted by Ankush Parmar
Himachal Pradesh
29-10-2019 08:33 PM
Ankush Parmar ji bharpoor singh ji se aap 9876975946 pe samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by वी के मिश्रा
Uttar Pradesh
29-10-2019 08:31 PM
मिश्रा जी आप किस्मे जैसे WH 896,PBW 373,PBW 343,HD 2643,UP 2425,PBW-443,DBW-14 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Jyoti Malik
Haryana
29-10-2019 08:24 PM
Jyoti Malik ji shed ke bare me puri jankari ke lia aap Moh. Emran 7793851486 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Ranjeet Dagur
Rajasthan
29-10-2019 08:19 PM
राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र, सेवर (भरतपुर) में है जी
Posted by balram Kumar
Jharkhand
29-10-2019 08:16 PM
Balram ji uski nazdiki doctor se bhukar ki janch krwayen aur bhukar ke hisab se injection lgwayen, jabb woh purri trah thik ho jawe aur chara khane lgg jaye fir aap usko Hitek-F injection 1ml/50kg sarir ke bhar ke hisab se chamadi mai lgwayen, isse skin thik ho jayegi..
Posted by प्यार चन्द
Rajasthan
29-10-2019 08:15 PM
Shrimaan g HD-3226 variety new release ki gyi hai.eska yield 21-30 quiental per acre nikl skta hai g.eski beejayi 25 October se 25 November tkk kr skte ho g. eska seed 35 kg per acre pao g..
Posted by harjinder singh khehra
Punjab
29-10-2019 08:15 PM
shrimaan g tuc knak di beejyi variety mix krke na kro g.alag alag beejayi krn nal yield jyada mil skda hai g..
Posted by ਮਨਪ੍ੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-10-2019 08:08 PM
ਇਸ ਲਈ 21-26°C ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਢੁਕਵਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 18-22°C ਅਤੇ ਕਟਾਈ ਵੇਲੇ ਤਾਪਮਾਨ 20-25°C ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
Posted by mohd ali
Uttar Pradesh
29-10-2019 08:00 PM
Mohd ji kripya aap unki photo bhejan tan jo apko sahi jankari di ja skee..

Posted by Panne Singh Rathore Luna
Rajasthan
29-10-2019 07:56 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
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