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Posted by Razzak Hossain
West Bengal
30-10-2019 10:14 AM
Madhya Pradesh
10-30-2019 05:50 PM
किसान￰ भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वार.... (Read More)
किसान￰ भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. Mission के उद्देश्य किसी भी देश को विकसित देश तभी माना जाता है जब वहां की महिला और किसान वर्ग स्वस्थ और समृद्ध हो तो ,आओ मिलकर अपने भारत को समृद्ध बनाये Healthy and Prosperous Farmer and Women s # एक एकड क्षेत्र में खेती करके 4-5 लाख सालाना कैसे कमाए / हेतु प्रशिक्षण उचित मार्गदर्शन # महिलाओ को स्वस्थता ,स्वच्छता की जानकरी देकर रोजगार उपलब्ध करना # शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कोर्स जिनकी फीस लाखो रूपये होती है ऐसे कोर्स मुफ्त या कम कीमत में सभी बच्चो को उपलब्ध करना # इंटिग्रेड फार्मिंग या एक गाय से प्रतिमाह 40-50 हजार कैसे कमाए # निरंतर गिरते जल स्तर को बढ़ाना ..वायु प्रदुषण कम करना या जैवविविधता बनाये रखना # Business Partner for Farming Training ( प्रतिमाह 1-2 लाख की आय प्राप्त करना चाहते है तो संपर्क करे ) # Business partner with women health hygiene # Business partner with Diabetes free India 9770085381 9893232938
Posted by om parksh
Punjab
30-10-2019 10:14 AM
Punjab
10-30-2019 02:02 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Blotarid ਦੀ ਇਕ ਸ਼ੀਸ਼ੀ ਪਿਲਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Broton liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹ ਸ਼ੀਸ਼ੀ 12 ਘੰਟਿਆਂ ਬਾਦ ਦੁਬਾਰਾ ਇਕ ਸ਼ੀਸ਼ੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by Aditya Narayan Tiwari
Uttar Pradesh
30-10-2019 10:10 AM
Chandigarh
10-30-2019 12:12 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंड.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं
Posted by Gaurav Pandey
Uttar Pradesh
30-10-2019 10:07 AM
Punjab
11-05-2019 01:10 PM
GAurav ji, dhan mein kando rog ke liye ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, danywad
Posted by saurabh nishad
Uttar Pradesh
30-10-2019 10:06 AM
Maharashtra
11-22-2019 05:53 PM
saurabh ji yeh patte kahne vali sundi ka hamla hai.
Posted by pintu thakor
Gujarat
30-10-2019 09:53 AM
Punjab
10-30-2019 02:04 PM
Pintu ji isko aap pett ke kirro ke liye Bendikind plus bolus den aur Bovimin-B powder 100gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
30-10-2019 09:46 AM
Punjab
10-30-2019 10:54 AM
Posted by kishan verma
Uttar Pradesh
30-10-2019 09:45 AM
Punjab
11-05-2019 01:12 PM
Kishan ji, yeh fungus ka amla hua hai, iski roktham ke liye ap mencozeb @ 4 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by imran khan
Uttar Pradesh
30-10-2019 09:42 AM
Punjab
10-30-2019 02:06 PM
यदि आप चारे की फसल लगाना चाहते है तो आप बरसीम,ज्वी, राईघास की बिजाई कर सकते है..
Posted by gokul
Himachal Pradesh
30-10-2019 09:32 AM
Punjab
11-29-2019 11:59 AM
श्रीमान जी, इसमें आप quinalphos @4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by R K Singh
Bihar
30-10-2019 09:30 AM
Punjab
11-04-2019 06:36 PM
R K Singh ji Kisan Credit Card bnane ke lia aap apni najdiki bank se samparak kare jis me aap ka pehle bank khata chal raha hai, ja fir aap apni najdiki SBI Bank se bhi samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by pawan nagpal
Punjab
30-10-2019 09:23 AM
Punjab
10-30-2019 11:31 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ PBW725 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 20 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਬੀਜ 45 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ
Posted by vivek sharma
Madhya Pradesh
30-10-2019 09:21 AM
Punjab
11-29-2019 11:50 AM
श्रीमान जी, शिमला मिर्च के लिए पनीरी Tray में तैयार करें तो जायदा अच्छा होता है, सीधा बोने से इसके उगने के chances काम होते है, धन्यवाद
Posted by mangal singh
Punjab
30-10-2019 09:07 AM
Chandigarh
10-30-2019 12:05 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਲਾਉਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਅੱਧ-ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
30-10-2019 08:52 AM
Punjab
11-29-2019 11:45 AM
Shrimaan ji, sukha tomtao se ap tamatar ka powder, tamatar ki chutney, soup mix bana sakte hain, dhanywad
Posted by sudhir singh
Bihar
30-10-2019 08:42 AM
Punjab
10-30-2019 05:54 PM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा
Posted by om kumar
Punjab
30-10-2019 08:40 AM
Punjab
11-04-2019 04:34 PM
om kumar ji kusum yojna bare aje kuch filhal kuch nai keha sakda ji . aje gal chal rahi hai ji.
Posted by Ramautar
Uttar Pradesh
30-10-2019 08:32 AM
Punjab
11-05-2019 10:50 AM
श्रीमान जी, 1.6 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें असिंचित क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 45 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें जबकि सिंचित क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 30-40 किलो (यूरिया 65-90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्य.... (Read More)
श्रीमान जी, 1.6 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें असिंचित क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 45 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें जबकि सिंचित क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 30-40 किलो (यूरिया 65-90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें आखिरी जोताई के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय या बिजाई के 25-30 दिनों के बाद डालें धन्यवाद
Posted by Sanjeet Kumar
Uttar Pradesh
30-10-2019 08:27 AM
Punjab
11-29-2019 11:34 AM
श्रीमान जी, उकठा रोग की रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Tejbir Narwal
Haryana
30-10-2019 08:14 AM
Maharashtra
11-04-2019 04:41 PM
बीज नदीन रहित होने चाहिए बीजने से पहले बीजों को पानी में भिगो देना चाहिए और जो बीज पानी के ऊपर तैरने लग जाये उन्हें निकाल दें बीज की मात्रा 8-10 किलो प्रति एकड़ होनी चाहिए अच्छी गुणवत्ता के चारे के लिए बरसीम के बीजों को 750 किलोग्राम सरसों के बीजों के साथ मिलाएं
Posted by praveennndrtgbbvg
Madhya Pradesh
30-10-2019 08:13 AM
Punjab
11-14-2019 05:57 PM
कंपोस्ट बनाने के लिए बेग आप ऑनलाइन मंगवा सकते है जी. amazon वेबसाइट पर बहुत तरह के बैग मिल जाते है जी
Posted by gaurav rana
Haryana
30-10-2019 08:08 AM
Maharashtra
11-09-2019 06:32 PM
मक्खन घास की बुवाई अक्तूबर-दिसंबर के महीनों में की जाती है, अगर इसकी बुवाई अकेले करनी है तो 1.25-1.5 किलोग्राम और अगर किसी फसल के साथ बुवाई करनी है तो 0.50-0.75 किलोग्राम बीज डालें, मक्खन घास की बुवाई कतारों में 30 से. मी. के प्लाट में की जाती है, इसकी बुवाई छींटा देकर, मशीन के साथ या हाथों के साथ कर सकते हैं, के लिए बैड पर नमी .... (Read More)
मक्खन घास की बुवाई अक्तूबर-दिसंबर के महीनों में की जाती है, अगर इसकी बुवाई अकेले करनी है तो 1.25-1.5 किलोग्राम और अगर किसी फसल के साथ बुवाई करनी है तो 0.50-0.75 किलोग्राम बीज डालें, मक्खन घास की बुवाई कतारों में 30 से. मी. के प्लाट में की जाती है, इसकी बुवाई छींटा देकर, मशीन के साथ या हाथों के साथ कर सकते हैं, के लिए बैड पर नमी बनाए रखें साधारण हालातों में 10 से 14 दिनों में शुरू हो जाता है और 18 दिनों में पूरा हो जाता है इसकी जड़ें 4 से 6 सप्ताहों में विक्सित हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के समय 15- 20 टन रूड़ी की खाद डालें अन्य खाद बुवाई से पहले डालें नाइट्रोजन 30 किलो प्रति एकड़ फॉस्फोरस 20 किलो प्रति एकड़ हरेक कटाई के बाद 30 किलो नाइट्रोजन डालें पहली सींचाई बुवाई के तुरंत बाद करें दूसरी सींचाई बुवाई के 5 से 6 दिन बाद और फिर 10 दिनों के अंतराल पर ज़रूरत के अनुसार सींचाई करते रहें पहली सींचाई के बाद हाथ से करें और 20 किलो नाइट्रोजन डालें इसका बीज लेने के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Avadhesh maloniya
Rajasthan
30-10-2019 08:02 AM
Punjab
11-14-2019 06:05 PM
अवधेश जी एप्प में जो नए रेट होते है वही अपलोड होते है जी पुराने रेट नहीं नज़र आते जी और न ही उस सिटी का नाम दिखेगा जिसके रेट सरकार द्वारा जारी ना किये गए हो जी , आप दोबारा चेक करे आपको रेट नज़र आ जायेगा जी , धन्यवाद
Posted by Mayank verma
Uttar Pradesh
30-10-2019 07:58 AM
Punjab
11-04-2019 05:48 PM
Mayank verma ji khad ko bhi punjabi me reh kaha jata hai, Thankyou.
Posted by Thakurdas Thakurdas
Uttar Pradesh
30-10-2019 07:45 AM
Punjab
11-05-2019 10:23 AM
Thakur ji, yeh macchar ke haml eki vajah se ho raha hai, iski roktham ke liye ap mimdacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein or 3-4 din ke fasle pe ap NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Satyawan Yadav Nirban
Haryana
30-10-2019 07:42 AM
Punjab
10-30-2019 08:30 AM
Shri maan g wheat ki jyada upaj dene wali kisme HD-3086, HD-2967, PBW 343 and new variety HD-3226,DBW-187, DBW-222 hai ...
Posted by Jeevan Singh Rawat
Rajasthan
30-10-2019 07:41 AM
Chandigarh
10-30-2019 12:25 PM
इस समय आप मिर्च, मूली, टमाटर, लहसून की खेती कर सकते हैं
Posted by Satish Garttan
Haryana
30-10-2019 07:40 AM
Punjab
10-31-2019 03:25 PM
Satish ji usko pett ke kirro ke liye Bendikind plus bolus den aur Bovimin-B powder 100gm rojana aur Minotas tablet rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Aman
Punjab
30-10-2019 07:40 AM
Punjab
11-05-2019 10:21 AM
Aman ji, eh macchar de hamle di vajah nal ho reha hai, isdi roktham lai tuc imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwaad
Posted by kartik Rajput
Madhya Pradesh
30-10-2019 07:22 AM
Punjab
10-30-2019 02:18 PM
कार्तिक जी यह भैंस की नस्ल और उसकी सही खुराक पर निर्भर करता है क्योंकि कुछ भैंस बहुत समय बाद हीट में आती है और कुछ जल्दी हीट में आ जाती है वैसे भैंस 10-12 बार ब्याई जाती है लेकिन यह अच्छी नस्ल और खुराक और समय पर हीट में आने पर निर्भर करती है
Posted by suraj
Uttar Pradesh
30-10-2019 07:21 AM
Punjab
11-05-2019 10:17 AM
सूरज जी, आप गेहूं की किस्मे जैसे के WH 896, PBW 373, PBW 343, HD 2643, UP 2425, PBW-443, DBW-14, NW-2036, MACS-6145, HD-2824, PBW-502, PDW-291, PBW-524, HD-2864, HI-8627, Ujiar(K-9006, Gangotri(K-9162), Prasad (K-8434), Halna (K-7903) , Naina (K-9533), UP 2338 की बुवाई कर सकते है, धन्यवाद
Posted by seerat baby
Punjab
30-10-2019 07:16 AM
Chandigarh
10-30-2019 12:17 PM
ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ Punjab 88 ਕਿਸਮ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਹ 100 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆਂ ਹਰੀਆ ਫਲੀਆਂ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 62 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by mundra Kumar
Bihar
30-10-2019 07:09 AM
Punjab
11-05-2019 10:36 AM
Mundra ji, dawai kissi bhi keet yan bimari ke hamle ke baad hi dali jarti hai, kripya ap batye ke apke kele ke pohde ko koi keet yan bimari hai tajo apko iski puri puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by lokendrasinghr948@gmail
Rajasthan
30-10-2019 07:02 AM
Maharashtra
10-30-2019 11:32 AM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by tarsem singh
Punjab
30-10-2019 07:02 AM
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10-30-2019 08:36 AM
Shri maan g HD-3086,HD-2967 da jayda jhad mil skda hai g......
Posted by krishan dhaliwal
Punjab
30-10-2019 07:00 AM
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10-30-2019 09:15 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
30-10-2019 06:54 AM
Punjab
11-05-2019 10:29 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭ.... (Read More)
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jagroop Singh
Punjab
30-10-2019 06:43 AM
Punjab
10-30-2019 02:24 PM
tuci usda bhukar check krwao ji jekar bhukar hai tan nazdiki doctor ton usde bhukar de hisab nal ilagg krwao ji jekar bhukar nahi ha tan tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo, Broton liquid 50-50ml swere sham, Tonakind gold powder 2-2 chamch swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by ashish Prajapati
Uttar Pradesh
30-10-2019 06:43 AM
Punjab
10-30-2019 08:39 AM
Posted by कृष्ण विहारी राम त्रिपाठी
Uttar Pradesh
30-10-2019 06:42 AM
Punjab
10-30-2019 08:40 AM
Shri maan g gehu ki beejayi 20 October -30 November tk kr skte ho......
Posted by Sukhdeep Singh
Punjab
30-10-2019 06:41 AM
Punjab
11-02-2019 12:56 PM
Contact 9914452574
Posted by mukesh raaz
Bihar
30-10-2019 06:33 AM
Punjab
11-05-2019 10:33 AM
मुकेश जी कृपया आप बताये के आपके नींबू को कोनसे कीड़े का हमला हुआ है, ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
30-10-2019 06:12 AM
Punjab
10-30-2019 02:25 PM
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल प.... (Read More)
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by Varinder
Punjab
30-10-2019 05:59 AM
Punjab
10-30-2019 09:13 PM
उसे आप Cromostate injection 2ml, CRB (ascorbic acid) injection 5ml, Vitamin-K injection 2ml लगवायें और Teramycin injection 7ml (IV slow) नस में लगवायें
Posted by nishant
Uttar Pradesh
30-10-2019 05:53 AM
Punjab
11-05-2019 11:28 AM
श्रीमान जी,, खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकत.... (Read More)
श्रीमान जी,, खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है धन्यवाद