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Posted by chamkaur singh
Punjab
30-10-2019 05:56 PM
Punjab
10-30-2019 09:05 PM
ਉਸਦੀ ਧਾਰ ਪੋਲੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਬੱਗਾ ਜੀਰਾ ਉਬਾਲ ਕੇ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਥਨਾ ਤੇ ਨਾਰੀਅਲ ਤੇਲ ਲਗਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Sewak .lSingh
Punjab
30-10-2019 05:54 PM
Punjab
10-30-2019 06:21 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Enerboost powder 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਇਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਪੂੜੀ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਲੇਵਾ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਿਆ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by manish Meena
Rajasthan
30-10-2019 05:47 PM
Maharashtra
11-04-2019 12:10 PM
आलू की खेती के लिए तापमान 14-25* C होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या न.... (Read More)
आलू की खेती के लिए तापमान 14-25* C होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती इसकी किस्मे जैसे के Kufri Bahar, Kufri Badshah, Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Pukhraj, Kufri Chipsona 2, Kufri Chipsona 1, Kufri Chandramukhi, Kufri Jyoti, Kufri Ashoka, Kufri Lalima की बुवाई कर सकते है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें बिजाई के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली सेमी ऑटोमेटिक या ऑटोमैटिक प्लांटर का प्रयोग करें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं बिजाई के लिए सेहतमंद आलू ही चुने बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंटे के लिए उपचार करें फिर छांव में सुखाएं और 10 दिनों के लिए हवादार कमरे में रखें फिर काटकर आलुओं को मैनकोजेब 0.5 प्रतिशत घोल (5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में 10 मिनट के लिए भिगो दें इससे आलुओं को शुरूआती समय में गलने से बचाया जा सकता है आलुओं को गलने और जड़ों में कालापन रोग से बचाने के लिए साबुत और काटे हुए आलुओं को 6 प्रतिशत मरकरी के घोल (टैफासन) 0.25 प्रतिशत (2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में डालें यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें धन्यवाद
Posted by Sukhvir Singh
Punjab
30-10-2019 05:44 PM
Punjab
10-30-2019 06:04 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-3226 ਕਿਸਮ 150 ਦਿਨਾਂ ਚ ਪੱਕ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਜਿਸਦਾ ਝਾੜ 22-30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨਿਕਲ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by AVTAR SINGH
Punjab
30-10-2019 05:35 PM

?

Punjab
10-30-2019 05:53 PM
Avtar ji tuhade walo bheji gyi video upload nhi hoi hai kirpa krke dubara video upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by khushmeet singh
Punjab
30-10-2019 05:35 PM
Punjab
11-14-2019 06:17 PM
PBR-97 variety hai g, 5.5 q/ acre approximately yield ayegi g. 135 days crop. 15 oct ton -15 Nov tak bijaie kr skde ho.
Posted by Dinesh Lovewanshi
Madhya Pradesh
30-10-2019 05:35 PM
Punjab
10-31-2019 02:40 PM
दिनेश जी, आप किस फसल का मंडी भाव जानना चाहते है, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Amar Singh Sandhu
Haryana
30-10-2019 05:34 PM
Punjab
10-30-2019 05:43 PM
HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों के पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित होती है, इस किस्म में बरेड बनाने के लिए सभी जरूरी तत्त होते है HD 2967: ये बड़ी लंबाई वाली किस्म है जिसमें पौधे की औसतन लंबाई 101 सैं.मी. तक होती है इसके दाने छोटे, सख्त और चमकीले होते है ये 157 दिनों में तैयार हो जाती है इ.... (Read More)
HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों के पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित होती है, इस किस्म में बरेड बनाने के लिए सभी जरूरी तत्त होते है HD 2967: ये बड़ी लंबाई वाली किस्म है जिसमें पौधे की औसतन लंबाई 101 सैं.मी. तक होती है इसके दाने छोटे, सख्त और चमकीले होते है ये 157 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन उपज 21.5 क्विंटल तक होती है
Posted by Raj Barar
Punjab
30-10-2019 05:33 PM
Punjab
10-30-2019 06:43 PM
Raj Brar ji kadaknath ke chicks lene ke lia aap Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University se samparak kar sakte hai, chuje book karvane ke lia aap 7889239583 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Amar Singh Sandhu
Haryana
30-10-2019 05:31 PM
Punjab
10-30-2019 06:29 PM
Amar Singh Sandhu ji HD 3226 da seed len lai tusi Dr Dalip Gosain 9215757800 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Arshdeep singh
Punjab
30-10-2019 05:29 PM
Punjab
10-30-2019 06:53 PM
Hanji Arshdeep ji murgia bina murgia ton egg de skdia hai jekar tuci uss ton bacha lena hai tan murgi ate murge nu ekatha rakhna pwega..
Posted by kulbir singh
Punjab
30-10-2019 05:27 PM
Punjab
10-30-2019 06:31 PM
Kulbir singh ji 1121 da bhaa 2880-3320 tak chal reha hai, Thankyou.
Posted by Rakesh Kamble
Madhya Pradesh
30-10-2019 05:24 PM
Punjab
11-04-2019 06:30 PM
राकेश जी अच्छी खुराक और सही देखभाल के साथ कोई भी नस्ल जल्दी ग्रोथ कर लेती है क्योंकि उनकी ग्रोथ और भार सही खुराक पर निर्भर करता है आप क्रॉस नस्ल भी रख सकते है
Posted by dhannesingh rajput
Rajasthan
30-10-2019 05:22 PM
Punjab
11-29-2019 11:57 AM
shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Indra Jeet Yadav
Rajasthan
30-10-2019 05:15 PM
Punjab
11-04-2019 12:31 PM
Indra Jeet Yadav ji is ke bare me puri jankari or is ke seed lene ke lia ja fir is ki contract farming ke lia aap Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Roshan Singh Dhakar
Haryana
30-10-2019 05:08 PM
Punjab
10-31-2019 02:46 PM
Roshan ji, iske liye ap NPK 19.19.19 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se dalein, dhanywad
Posted by Guri Dalio
Punjab
30-10-2019 05:07 PM
Punjab
11-14-2019 02:53 PM
Guri Dalio ji Pipeline bare puri jankari lai tusi Mr Mishra 9465884780, 9810363807 se samparak karsakte hai, Thankyou.
Posted by CHUHAR SINGH AUJLA
Punjab
30-10-2019 04:53 PM
Punjab
10-30-2019 05:36 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD 3226 ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ ਜਿਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22-30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 30ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ 35ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਸਦਾ ਨਾੜ ਮੋਟਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਨਹੀ ਡਿਗਦੀ
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
30-10-2019 04:53 PM
Punjab
11-21-2019 08:57 PM
jitendra ji photo me kuch jeyada clear nai hor raha ji. aap iski clear 2-3 photo send kare ji.
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
30-10-2019 04:51 PM
Haryana
11-04-2019 01:30 PM
जहां से स्पान खरीदा था उनसे सम्पर्क करें
Posted by Ranjeet Singh
Punjab
30-10-2019 04:48 PM
Punjab
11-06-2019 06:15 PM
Ranjeet ji, 1 bhiga vich kanak da 9 kg beej pau ga, dhanwad
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
30-10-2019 04:46 PM
Haryana
11-04-2019 01:30 PM
Pani dena hai or hums bnaye rakhe to paidavar achi milgi ji. .
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
30-10-2019 04:39 PM
Punjab
11-07-2019 07:55 PM
Kulwinder ji, kanak nu lagon da sama janan lai nal bheji gai photo nu dekho , dhanwad
Posted by rajender
Rajasthan
30-10-2019 04:33 PM
Punjab
10-30-2019 04:50 PM
आप गाय को पेट के कीड़ों के लिए Zenvet गोली दें इसके साथ आप 3D red liquid 50-50ml सुबह शाम, Milkout powder 2—2 चम्मच सुबह शाम और Calcimust gold liquid 50-50ml रोजाना दें बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों की गोली दें..
Posted by bhupinder chhina
Punjab
30-10-2019 04:29 PM
Punjab
10-30-2019 04:55 PM
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਅਤੇ ਸੂਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-Ds bolus ਦਿਓ ਅਤੇ Vitum-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm .... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਅਤੇ ਸੂਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-Ds bolus ਦਿਓ ਅਤੇ Vitum-H liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by चन्द्रप्रकाश सिन्हा
Chattisgarh
30-10-2019 04:23 PM
Punjab
10-30-2019 04:36 PM
नमस्कार जी आपको भी दिवाली की बधाई जी , हम कोशिस करेंगे जी कोई भी किसान भाई नाराज़ ना हो और सभी को उनकी खेती से जुडी परेशानियों का हल मिले , अगर आपका भी कोई सवाल है तो आप जरूर पूछे जी हमारी टीम आपको सही जानकारी देगी जी , धन्यवाद
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
30-10-2019 04:17 PM
Punjab
10-30-2019 04:57 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Calcimust gold liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Jay Rao
Rajasthan
30-10-2019 03:57 PM
Punjab
10-30-2019 04:58 PM
आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसे अच्छी खुराक के साथ साथ पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS bolus दें और Anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इनका दूध बढ़ाने में अच्छा परिणाम है, बाकि आप इसे गेहूं का दलिया भी बनाकर खिला सकते हैं
Posted by Raju Rao
Punjab
30-10-2019 03:53 PM
Punjab
11-29-2019 12:00 PM
Shrimaan ji, is vich bijai karn to phela gypsum @ 1 quintal prati acre de hisaab nal pao, dhanwad
Posted by Dêép Kãmböj
Punjab
30-10-2019 03:47 PM
Punjab
10-30-2019 03:53 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
30-10-2019 03:47 PM
Punjab
10-30-2019 04:39 PM
Amrita ji eh goli gaban pashu di deworming karan layi safe hai ji. tusi eh use kar sakde ho ji.
Posted by paramjeet Singh
Uttar Pradesh
30-10-2019 03:28 PM
Punjab
11-01-2019 02:22 PM
Single super phosphate 65 kg per acre dhal sakte hai ji
Posted by Krishnakant Rajpoot
Uttar Pradesh
30-10-2019 03:16 PM
Punjab
10-30-2019 03:30 PM
उसे आप Lactomood होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदें दिन में तीन बार दें और Leptaden गोलियां जो Alarsin कंपनी का प्रोडक्ट है इसकी 10—10 गोलियां सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा.
Posted by makhan
Punjab
30-10-2019 03:16 PM
Punjab
10-30-2019 03:52 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ PBW 343 ਕਿਸਮ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by munajir ali
Uttar Pradesh
30-10-2019 03:12 PM
Punjab
10-31-2019 06:34 PM
मुनाजिर जी, इक भीगे में आप गेहूं का 25 kg सीड डाल सजते हैं, और इसकी खाद की मात्रा इक भीगे में यूरिया 69 kg , SSP 96 kg और MOP 12 कग है, धन्यवाद
Posted by salinder singh
Punjab
30-10-2019 03:09 PM
Punjab
11-04-2019 06:20 PM
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
30-10-2019 03:05 PM
Punjab
10-31-2019 06:00 PM
ਫਾਊਂਡੇਸਨ ਬੀਜ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by gurinder
Punjab
30-10-2019 02:54 PM
Punjab
10-30-2019 03:15 PM
HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों के पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित होती है, इस किस्म में बरेड बनाने के लिए सभी जरूरी तत्त होते है HD 2967: ये बड़ी लंबाई वाली किस्म है जिसमें पौधे की औसतन लंबाई 101 सैं.मी. तक होती है इसके दाने छोटे, सख्त और चमकीले होते है ये 157 दिनों में तैयार हो जाती है इ.... (Read More)
HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों के पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित होती है, इस किस्म में बरेड बनाने के लिए सभी जरूरी तत्त होते है HD 2967: ये बड़ी लंबाई वाली किस्म है जिसमें पौधे की औसतन लंबाई 101 सैं.मी. तक होती है इसके दाने छोटे, सख्त और चमकीले होते है ये 157 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन उपज 21.5 क्विंटल तक होती है
Posted by Neelesh Kushwaha
Madhya Pradesh
30-10-2019 02:43 PM
Punjab
10-30-2019 02:47 PM
Shri maan g yeh false smut rog hai iski roktham ke liye koside@500 gm per acre 120ltr pani mein spray kr skte ho.
Posted by RANJIT SINGH
Punjab
30-10-2019 02:35 PM
Punjab
10-30-2019 02:49 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-3086 ਕਿਸਮ 20ਅਕਤੂਬਰ-30ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by नारद भोई
Chattisgarh
30-10-2019 02:35 PM
Punjab
10-30-2019 02:51 PM
Shri maan g BPH ki roktham ke liye Applaud@ 300ml per acre spray kr skte ho......
Posted by hitendra singh
Uttar Pradesh
30-10-2019 02:34 PM
Punjab
11-29-2019 12:02 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आपने इसमें कितनी खाद का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, द्घानीवाद
Posted by Nivil Deshwal
Uttar Pradesh
30-10-2019 02:30 PM
Punjab
10-30-2019 09:11 PM
इसके कई कारण होते है पशु को Babesiosis, Redwater, Blood urine, TDS के कारण आता है इसकी जांच करके ही सही इलाज हो सकता है
Posted by Jeevan Jeevan Dhangar
Madhya Pradesh
30-10-2019 02:30 PM
Punjab
11-01-2019 06:09 PM
जीवन जी इल्ली की रोकथाम के लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Dharmendra tyagi
Uttar Pradesh
30-10-2019 02:25 PM
Maharashtra
11-14-2019 03:06 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Vijay Kumar Panda
Rajasthan
30-10-2019 02:19 PM
Punjab
12-05-2019 10:28 AM
Vijay Kumar Panda ji is sall 2019-2020 me soyabeen ka MSP 3710/q hai, Thankyou.
Posted by rajeshpawar
Madhya Pradesh
30-10-2019 02:07 PM
Punjab
11-05-2019 03:21 PM
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No.... (Read More)
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें धन्यवाद
Posted by mohit
Haryana
30-10-2019 02:06 PM
Punjab
10-30-2019 02:51 PM
यदि आप पशुओं से मक्खियों, मच्छरों को खत्म करने के बारे में पूछ रहें हैं तो आप butox दवा को 2 मि.ली. प्रति एक लीटर पानी में मिलाकर पशुओं के ऊपर स्प्रे कर सकते है बाकि आप उनके आस पास साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें, इससे फर्क पड़ जाएगा