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Posted by sidhu
Punjab
31-10-2019 12:11 PM
Punjab
10-31-2019 12:25 PM
shrimaan g knak di ageti beejayi October de last week to November de 4th week tkk kro g..
Posted by Ravindra Nath Yadav
Uttar Pradesh
31-10-2019 12:08 PM
Maharashtra
11-13-2019 08:09 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है धन्यवाद
Posted by BP Gaikwad
Chattisgarh
31-10-2019 12:03 PM
Punjab
11-19-2019 05:16 PM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है
Posted by Jaspal Singh
Uttar Pradesh
31-10-2019 11:56 AM

?

Punjab
10-31-2019 02:12 PM
जस्पाल जी आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृप्या आप दोबारा साफ आवाज में ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by nishan singh
Punjab
31-10-2019 11:50 AM
Punjab
10-31-2019 09:55 PM
tuci uss nu Easypet tablet deo ehh usde sarir de bhar de hisab nal deo ate Sharkoferol pet liquid 5-5ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by SURAJ Aryan
Bihar
31-10-2019 11:50 AM
Punjab
10-31-2019 03:57 PM
सूरज जी, बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे.... (Read More)
सूरज जी, बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए सीड ड्रिल विधि का प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by jassi
Punjab
31-10-2019 11:49 AM
Punjab
10-31-2019 12:26 PM
shrimaan g tuc variety mix krke beejayi na kro g.alag alag beejayi krn nal jyada yield mil skda hai g..
Posted by ER Sattu Snp Prajapat
Rajasthan
31-10-2019 11:33 AM
Punjab
11-02-2019 01:19 PM
श्रीमान जी , इसकी रोकथाम के लिए आप Cusodia @ 300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by ram Vishwakarma
Madhya Pradesh
31-10-2019 11:33 AM
Punjab
11-07-2019 07:39 PM
shriman ji, mirch ki kheti karne ke liye october se november ka mahina sahi hai, dhanywad
Posted by robin singh
Rajasthan
31-10-2019 11:32 AM
Punjab
10-31-2019 11:55 AM
bhai sahib dono khal theek ne jo v khalaap ko wadhya te sasta mile le ke warto
Posted by love
Punjab
31-10-2019 11:28 AM
Punjab
10-31-2019 12:27 PM
shrimaan g kirpa krke apna swaal visthaar nal pucho g ta jo tuhanu poori jaankari mil ske g..
Posted by robin singh
Rajasthan
31-10-2019 11:22 AM
Punjab
10-31-2019 02:15 PM
Robin ji kripya aap yeh btayen ki aap konsi nasal ki cow lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by jeetendra kumar
Uttar Pradesh
31-10-2019 11:18 AM
Punjab
11-02-2019 12:37 PM
Jeetendra ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4g prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by REVTI RAMAN BHARTI
Bihar
31-10-2019 11:10 AM
Punjab
11-14-2019 04:37 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे दोमट रेतली से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है मक्की की खेती के लिए अच्छे निकास वाली, उपजाऊ रेतली दोमट से गारी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है अच्छी उपज के लिए उच्च जैविक पदार्थ युक्त मिट्टी, जिसमें पानी सोखने की क्षमता अच्छी हो, की आवश्यकता होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होन.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों जैसे दोमट रेतली से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है मक्की की खेती के लिए अच्छे निकास वाली, उपजाऊ रेतली दोमट से गारी दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है अच्छी उपज के लिए उच्च जैविक पदार्थ युक्त मिट्टी, जिसमें पानी सोखने की क्षमता अच्छी हो, की आवश्यकता होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए भारी चिकनी मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती मिट्टी में किसी भी तत्व की कमी जानने के लिए मिट्टी की जांच जरूर करवायें प्रसिद्ध किस्में :- Ganga 2,Ganga-II,Tarun,Naveen खेती के लिए नदीन रहित और पिछली फसल से मुक्त खेत का ही चयन करें 10-15 सैं.मी. की गहराई पर जोताई करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 6-7 बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 4-6 टन प्रति एकड़ में डालें और खेत में 10 पैकेट एज़ोसपीरीलियम के डालें 45 से 50 सैं.मी. के फासले पर खालियां और मेंड़ तैयार करें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने से 10-15 दिन पहले करें इससे उपज में 10-15 प्रतिशत वृद्धि होगी बारानी क्षेत्रों में बिजाई मॉनसून के शुरू होने पर करें ताकि मिट्टी में उचित नमी विकसित हो सके उचित अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी होना आवश्यक है अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए पौधों में सही मात्रा का होना जरूरी है खरीफ की फसल के लिए कतार से कतार में 70 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 22 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें आसानी से अंकुरण के लिए समतल मिट्टी पर बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और सीड डरिल की सहायता से मेंड़ बनाकर की जा सकती है उद्देश्य, बीज का आकार, मौसम, पौधे की किस्म, बिजाई का तरीका आदि बीज की दर को प्रभावित करते हैं खरीफ के मक्की के लिए 7-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 24-50 किलो (यूरिया 52-110 किलो), फासफोरस 16-25 किलो (एस एस पी 100-160 किलो) और पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और 1/4 नाइट्रोजन बिजाई के समय डालें खादों को 5-7 सैं.मी. की गहराई पर डालें बाकी की नाइट्रोजन को दो भागों में, पहला फसल के घुटने तक आने की अवस्था में और दूसरा बालियां निकलने के समय डालें मक्की की फसल में जिंक और मैग्नीशियम की कमी होना सामान्य है इसे पूरा करने के लिए 10 किलो शुरूआती खुराक के तौर पर डालें जिंक और मैग्नीशियम के साथ ही आयरन की कमी भी देखी जा सकती है इसके कारण पूरा पौधा पीले रंग का दिखाई देता है इसे पूरा करने के लिए सूक्ष्म तत्व मिश्रण 25 किलो को 18 किलो रेत के साथ मक्की के बीज बोने के बाद डालें मक्की की फसल में हाथों से 1-2 गोडाई आवश्य करें पहली गोडाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 40-45 दिनों के बाद करें नदीनों की जांच के लिए एट्राज़िन 500 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के बाद और नदीनों के अंकुरण से पहले स्प्रे करें गोडाई के बाद खादों को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और उसके बाद मेंड़ो पर मिट्टी चढ़ाएं छंटाई का अर्थ अत्याधिक पौधे को निकालना और सिर्फ सेहतमंद पौधों को ही रखना और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. के फासले को बनाकर रखना पहली गोडाई के समय छंटाई की प्रक्रिया की जाती है पहली सिंचाई के समय जब पौधे मुख्य फसल से 4-6 दिन के हो जाये, उस समय खाली जगहों को भरें बारिश की तीव्रता, आवृत्ति और तापमान के आधार पर सिंचाई करें नए पौधे, घुटने तक आने की अवस्था, फूल निकलना और दानें भरना सिंचाई के लिए बहुत गंभीर अवस्थाएं होती हैं इन अवस्थाओं पर पानी की कमी उपज में बहुत नुकसान कर सकती है पानी की कमी होने पर खालियां बनाकर सिंचाई करें यह पानी को भी बचाता है छल्लियों के बाहरले पर्दे हरे से सफेद रंग के होने पर फसल की कटाई करें तने के सूखने और दानों में पानी की मात्रा 17-20 प्रतिशत होने की सूरत में कटाई करना इसके लिए अनुकूल समय है प्रयोग की जाने वाली जगह और यंत्र साफ, सूखे और रोगाणुओं से मुक्त होने चाहिए
Posted by श्याम सिंह पवार
Madhya Pradesh
31-10-2019 11:08 AM
Punjab
11-01-2019 05:27 PM
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बची नाइट्.... (Read More)
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीना बाद डालें WSF: फसल को खेत में लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 और सूक्ष्म तत्व 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by REVTI RAMAN BHARTI
Bihar
31-10-2019 11:07 AM
Punjab
11-29-2019 10:33 AM
श्रीमान जी, अगर टमाटर की पत्तियॉं सिकुड़ रही है तो यह मछर के हमले की वजह से हो रहा है, इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Vikas Thory
Haryana
31-10-2019 11:05 AM
Punjab
10-31-2019 09:54 PM
विकास जी आपको अच्छी नस्ल, अच्छी ग्रोथ और जिसके माता पिता के दूध का रिकॉर्ड भी अच्छा हो वो लगभग एक साल का 25—30 हज़ार तक मिल सकता है
Posted by pappu singh
Uttar Pradesh
31-10-2019 10:59 AM
Punjab
10-31-2019 04:55 PM
पप्पू जी जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता .... (Read More)
पप्पू जी जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें धन्यवाद
Posted by Rajesh kumar
Uttar Pradesh
31-10-2019 10:52 AM
Chandigarh
10-31-2019 11:47 AM
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़.... (Read More)
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है
Posted by Arvind Anjana
Madhya Pradesh
31-10-2019 10:51 AM
Chandigarh
10-31-2019 11:51 AM
MP mein pyaaj ki N 241, Ankur White, Ankur Niketan, N-53, Punjab Red Round, Pusa Ratnar, Pusa Red, Pusa White Round, Arka Pitamber, Arka Kirtiman, Arka Lalima, kismein lgaane ke lie upyukt hain.
Posted by Rajrattan Singh
Punjab
31-10-2019 10:49 AM
Punjab
11-01-2019 12:50 PM
HD3226 da seed len lai tusi Brar Seed Store 8068211817, 9814097127 nal samparak kar sakde ho,is di 40kg di packing da rate 3000/- hai, Thankyou.
Posted by mainuddeen Khan
Uttar Pradesh
31-10-2019 10:47 AM
Punjab
10-31-2019 02:18 PM
Khan ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahthe hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by Parminder Singh
Punjab
31-10-2019 10:44 AM
Punjab
11-29-2019 10:41 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਜਿਹੜੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੇ ਗਏ ਨੇ ਓਹਨਾ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ, ਅਤੇ ਇਹ ਸਿਰਫ 5 ਏਕੜ ਜਮੀਨ ਤੇ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ, ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 2000 ਰੁਪਏ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amarjit singh
Punjab
31-10-2019 10:25 AM
Punjab
10-31-2019 04:51 PM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਫੁੱਲ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੰਦੇ ਹੋ ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by गणेशाराम
Rajasthan
31-10-2019 10:19 AM
Punjab
10-31-2019 03:15 PM
गणेशाराम जी , इसमें आप vermicompost @ 4-5 kg प्रति पौधे के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by Sandeep Singh
Punjab
31-10-2019 10:14 AM
Punjab
11-29-2019 12:21 PM
Shrimaan ji, tuhnu beej nawa hi lena pavega , pichle beej di bijai karn nal jhaad boht ghat janda hai, dhanwad
Posted by Shivdayal Gujara
Rajasthan
31-10-2019 10:10 AM
Punjab
11-06-2019 06:04 PM
Shivdayal ji, iske liye aap NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Davinder singh
Punjab
31-10-2019 10:09 AM
Punjab
10-31-2019 04:49 PM
ਦਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਮਿਰਚ, ਟਮਾਟਰ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਪਿਆਜ, ਫੁੱਲ ਗੋਭੀ, ਮਟਰ , ਲੈੱਟਸ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮੀਰਚ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harmanpreet Singh
Punjab
31-10-2019 10:09 AM
Punjab
10-31-2019 02:22 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di 1-1 pudi swere sham deo, iss nal lewa ate dudh vdia ho jawega, baki uss nu vdia marta vich hara chara deo..
Posted by WaRwaL saab
Uttar Pradesh
31-10-2019 10:07 AM
Punjab
10-31-2019 02:23 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by Sukhpal singh
Punjab
31-10-2019 10:00 AM
Punjab
11-14-2019 01:38 PM
Sukhpal singh ji Horse len lai tusi Lavi Chahal 9872450911, 8437807166 Chahal Stud Farm nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by gurcharan
Punjab
31-10-2019 09:59 AM
Punjab
12-06-2019 10:48 AM
Gurcharan ji Fridkot vich ganne da beej len lai tusi PAU Regional Station, Address: Ajit Nagar, Faridkot, Punjab 151203 Phone No.: 01639-251244; Fax : 01639-256949 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by ravi singh
Uttar Pradesh
31-10-2019 09:51 AM
Punjab
11-14-2019 04:11 PM
Ravi Singh ji Shri ram ki 272 Wheat ki kisam hai sarso me hybrid me in ki kisam 1666, 1644 hai or kisamo ki photo aap ko answer ke sath bhej di gae hai, Thankyou.
Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
31-10-2019 09:48 AM
Rajasthan
10-31-2019 02:28 PM
ਸੂਣ ਵਾਲੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ 1 ਕਿਲੋ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਜੀ ..
Posted by Mukesh Kumar
Jharkhand
31-10-2019 09:46 AM
Punjab
11-22-2019 03:21 PM
mukesh ji aap iske uper copper oxychloride@3 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Ashish
Haryana
31-10-2019 09:45 AM
Punjab
11-02-2019 01:06 PM
Ashish ji, gypsum miitti mein shore ko theek karne jke liye dala jata hai, dhanywad
Posted by Mukesh Kumar
Jharkhand
31-10-2019 09:44 AM
Punjab
11-02-2019 01:04 PM
मुकेश जी , कृपया आप इसमें NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पनि क हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Shivdayal Gujara
Rajasthan
31-10-2019 09:43 AM

?

Punjab
10-31-2019 04:00 PM
shivdayal ji, kripya ap apna sawal visthar se puche taki apko uske bar mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Mukesh Kumar
Jharkhand
31-10-2019 09:42 AM
Punjab
11-04-2019 03:39 PM
मुकेश जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप किस मशीन के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
31-10-2019 09:33 AM
Punjab
11-02-2019 10:43 AM
ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ copper oxychloride @ 3gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by D.s.solanki
Madhya Pradesh
31-10-2019 09:29 AM
Punjab
11-29-2019 10:41 AM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो
Posted by Jatinder Singh
Punjab
31-10-2019 09:26 AM
Punjab
11-29-2019 12:22 PM
Shirmaan ji, tuc is vich halka pani lga sakde ho, dhanwad
Posted by Rajendra Singh Rajput
Madhya Pradesh
31-10-2019 09:19 AM
Punjab
11-02-2019 10:27 AM
राजेंद्र जी, कठुआ रोग के लिए tilt @ 200 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, और 2 -3 दिन के फसल पर माहू रोह के लिए buprofenzim @ 250 ml प्रति एकड़ के हिसाब से सपरय करें, धन्यवाद
Posted by manpreet singh
Punjab
31-10-2019 09:14 AM
Punjab
10-31-2019 08:05 PM
Manpreet ji ehh beetal nasal di bakri hai..
Posted by manpreet singh
Punjab
31-10-2019 09:11 AM
Punjab
10-31-2019 08:02 PM
Manpreet ji ehh beetal nasal di bakri hai..
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
31-10-2019 09:06 AM
Punjab
10-31-2019 07:56 PM
tuci iss nu Hitek injection 1ml/50kg sarir de bhar de hisab nal chamdi vich lgwao..