Posted by Gauravjit Singh
Punjab
31-10-2019 08:16 PM
kadaknath di contact farming layi tusi
Gurwinder Cheema
9896071871
9215700000
ji nal sampark karo. eh tohanu contract farming karwa denge ji.

Posted by gursharan sandhu
Punjab
31-10-2019 08:14 PM
Gursharan ji, ea fungus da hamla hoea hai, is upar tuc copper oxychloride @ 3g prati liter pani ke hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Manohar singh matharu
Punjab
31-10-2019 08:12 PM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं,इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाल.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है जिसके साथ कई राज्यों में किसान मछली पालन कर रहे हैं,इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है, इसमें हम अपना मछली पालन शुरू कर सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, biofloc में हमे पानी रोटेट करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बिजली की जरूरत होती है, हमे केवल फीडिंग करनी है, पर अभी तक पंजाब में इसकी ट्रेनिंग नहीं दी जाती है जब भी इसकी ट्रेनिंग होगी तो आपको बता दिया जाएगा..

Posted by सुभाष चन्द्र
Uttar Pradesh
31-10-2019 08:12 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by P.mangilal
Rajasthan
31-10-2019 08:09 PM
Lehsun ki kheti krne ke liye October-November mhine upyukt hote hain

Posted by Rajwinder Singh
Punjab
31-10-2019 08:08 PM
tuci isdi bachedani vich Lixin-iu dwai 3 din bhrwao ate iss nu Anabolite liquid 100ml rojana, milkout powder 2-2 chamch swere sham deo, baki rojana 35-40kg hara chara deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by parm
Punjab
31-10-2019 08:07 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Monocef ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ 1gm ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Neoprofin injection 3ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ ਉਸਦੇ ਥਨ ਖਾਲੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਲੇਵੇ ਤੇ ਬਰਫ ਦੀ ਟਕੋਰ ਕਰੋ ਜੀ

Posted by gagandeep singh
Punjab
31-10-2019 08:07 PM
गगनदीप जी आप लोय टनल में मिर्च, शिमला मिर्च, बैंगन, कदू, पेठा, लोकी, करेला आदि की बिजाई कर सकते है

Posted by Amanpreet
Uttarakhand
31-10-2019 08:06 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ .... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by omkaranprasad@gmail.com
Bihar
31-10-2019 08:01 PM
Omkaran prasad ji Mobile se kisan panjikaran karne ke lia aap dia gae vidio link par click karke vidio dekhe, Thankyou. https://www.youtube.com/watch v=LXLDqndVDJQ
Posted by ATMA singh
Punjab
31-10-2019 07:57 PM
ehh tuci apne nazdiki pashu palan vihbag ton pta kr skde ho jekar utho nhi milda tan tuci market ton v product khrid ke pashu nu de skde ho..

Posted by balveer Singh Grasiya
Rajasthan
31-10-2019 07:51 PM
हल्की से भारी मिट्टी सरसों और सफेद सरसों की खेती के लिए उपयुक्त होती है Aashirwad (RK 01-03), Swarn Jyoti (RH 9801), RGN 73, Lakshmi (RH 8812), VSL 5, Aravali (RN 393), Pusa Jaykisan, किस्में राजस्थान में लगाने के लिए उपुयक्त हैं असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें बिजाई के लिए पौधे से पौ.... (Read More)
हल्की से भारी मिट्टी सरसों और सफेद सरसों की खेती के लिए उपयुक्त होती है Aashirwad (RK 01-03), Swarn Jyoti (RH 9801), RGN 73, Lakshmi (RH 8812), VSL 5, Aravali (RN 393), Pusa Jaykisan, किस्में राजस्थान में लगाने के लिए उपुयक्त हैं असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें बिजाई के लिए पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. और कतार से कतार का फासला 30-45 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. गहराई में बोयें सूखे असिंचित क्षेत्रों के लिए 1.5-2 किलो बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें और सिंचित क्षेत्रों के लिए 1.2-1.6 किलो बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें नदीनों की संख्या को देखते हुए दो सप्ताह के अंतराल पर दो से तीन गोडाई और दो निराई करें बिजाई के तीन से चार सप्ताह पहले 8-10 टन रूड़ी की खाद और गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में खादों के सही प्रयोग के लिए मिट्टी की जांच करवायें सिंचित हालातों में 20 किलो नाइट्रोजन (40 किलो यूरिया) और 12-16 किलो फासफोरस (सुपर फासफेट 75 किलो) का प्रयोग करें पोटाश्यिम का प्रयोग केवल मिट्टी में इसकी कमी होने पर ही करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें और नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा पहली सिंचाई के समय डालें दानों की उपज बढ़ाने के लिए 10-15 प्रतिशत के साथ थियोरिया 0.05 प्रतिशत की स्प्रे करें बिजाई के 30-40 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें और दूसरी सिंचाई बिजाई के 70-80 दिनों के बाद करें मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता के आधार पर सिंचाई करें फसल पकने के लिए 110-140 दिनों का समय लेती है फसल की कटाई फलियां पीली और बीज सख्त होने पर करें बीजों के झड़ने को रोकने के लिए कटाई सुबह के समय करें द्राती की मदद से बूटो को ज़मीन के नज़दीक से काटें फिर 7-10 दिनों के लिए फसल को सूखने के लिए रखें और सूखने के बाद गहाई करें
Posted by Gurnaam Gujjar
Haryana
31-10-2019 07:50 PM
HD 2967 : यह बहुत बड़े कद की किस्म है जिसमें पौधे का औसतन कद 101 सैंमी होता है इसके दाने सुनहरे, मध्यम, सख्त और चमकदार होते हैं यह लगभग 157 दिनों में पक जाती है यह पत्तों के पीलेपन और भूरेपन से रहित है इसकी औसत पैदावर 21.5 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Gurnaam Gujjar
Haryana
31-10-2019 07:47 PM
श्रीमान जी HD 3226 नई किस्म है जिसकी औसतन उपज 22—30 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी बिजाई 25 अक्तूबर से 30 नवंबर तक 35 किलो बीज डाल सकते है इसका पौधा होने के कारण गिरता नहीं है

Posted by Ayush Chouhan
Madhya Pradesh
31-10-2019 07:47 PM
Ayush Chouhan ji kirpya aap apna swal visthar se pushe or btae ke aam ke podhe ko kya bimari hai, sath me aam ki photo bhi jrur bheje, Thankyou.

Posted by SOMIN
Haryana
31-10-2019 07:45 PM
आप इसके बुखार की जांच करवायें यदि इसे बुखार है तो बुखार के हिसाब से इलाज करवायें यदि बुखार नहीं है तो आप इसे Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Broton liquid 50-50ml सुबह शाम और Lactomax tablet 10 गोलियां रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा और कमज़ोरी दूर रहेगी बाकि आप इसे पेट के कीड़ों की दवा 3—3 महीने के फर्क से जरूर दें

Posted by Gurwinder singh
Punjab
31-10-2019 07:36 PM
श्रीमान जी आप HD-3086,HD-2967, PBW 343 किस्मों की बिजाई कर सकते है
Posted by ਅਮਿ੍ਤ ਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
31-10-2019 07:35 PM
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ, NPK 191919 ਦਾ ਅਸਰ 15 -18 ਦਿਨ ਤੱਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by inderdeepak singh
Punjab
31-10-2019 07:34 PM
Inderdeepak singh ji 1121 da bhaa 2590-2650, 1401 da bhaa 2170-2320, 1509 da bhaa 2310 tak chal reha hai, Thankyou.

Posted by Amrit chahal
Punjab
31-10-2019 07:31 PM
jekar cow roti te vitum-H nahi khaa rehi tan tuci jddo uss nu feed dinde hoo uss time 10ml vich mix krke de skde ho..
Posted by Raj kumar
Haryana
31-10-2019 07:26 PM
raj kumar ji aap iska beej lene ke liye Dr Dalip Gosain 9215757800 se sampark kar sakte hai.

Posted by s h i v. Ra j. Si n g h
Madhya Pradesh
31-10-2019 07:26 PM
Shiv raj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by vijay prakash suman
Rajasthan
31-10-2019 07:23 PM
Kindly ask your question in detail so we can provide you the appropriate answer.

Posted by Yash Vardhan Sharma
Rajasthan
31-10-2019 07:22 PM
वरदान जी, इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
वरदान जी, इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है
गेहूं के लिए आप किस्मे जैसे के Raj 1482, PBW 502, PBW 550, HD 2697, Raj 6560, Raj 3077, Raj 4079, Raj 4037, Raj 4120, DBW 17, Raj 4238, WH 1080, PBW 175, CCNNRVOI (Raj Molya Rodhak-1, पिछेती बिजाई की किस्में Raj 3765, Raj 3777 रेतली मिट्टी वाली किस्में C 306, P.B.W. 299, क्षारीय मिट्टी की किस्में Raj 3077, K.R.L 1-4 और WH 157 की बिजाई कर सकते हैं गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है बारानी क्षेत्रों में खेत इस तरह से तैयार करना चाहिए कि वह नमी को सोख सके खेत की एक बार आयरन के हल से गहरी जोताई या सामान्य हल से दो या तीन बार जोताई करें और सुहागा फेरें खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए आखिरी जोताई के समय यूरिया 35-40 किलो प्रति एकड़ में डालें इससे गेहूं की अंकुरन प्रतिशतता में वृद्धि होती है अज़ोटोबैक्टर 2.5 किलो + फास्फेटिक 2.5 किलो + ट्राइकोडरमा 2.5 किलो को 100 किलो-125 किलो रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर में मिलाकर आखिरी जोताई के समय खिलार दें गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बिजाई बीज ड्रिल, बुरकाव विधि , जीरो टिलेज़ ड्रिल, रोटावेटर की मदद से कर सकते हैं बिजाई के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीजों को दीमक, फफूंद, झुलस रोग जैसे बीमारियों से बचाने के लिए बीजने से 24 घंटे पहले एक किलो बीजों का 4 मि.ली. क्लोरपाइरीफॉस या 1.5 - 1.87 ग्राम टेबुकोनाज़ोल 2 डी.एस या 2 ग्राम कार्बेनडाज़िम या थीरम मिलानी चाहिए रासायनिक उपचार के बाद बीजों को टी विराइड 1.15 प्रतिशत डब्लयु पी 4 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें IPM में टी विराइड 4 ग्राम + कार्बोक्सिन 75 डब्लयु पी 1.25 ग्राम या टैबुकोनाज़ोल 1.0 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार झूठी कांगियारी को रोकने के लिए किया जाता है उसके बाद दीमक से बचाव के लिए बिजाई से 15 दिनों के बाद मिट्टी का क्लोरोपाइरीफोस 1 लीटर को प्रति एकड़ में बुरकाव करके उपचार करें मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें पहली सिंचाई के बाद नाइट्रोजन की बाकी बची आधी मात्रा डाल दें उपज को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करके पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें मजबूत तने और उपज के लिए, बिजाई के 30 दिनों के बाद 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें उच्च पैदावार वाली फसलों की किस्मों की कटाई पत्तों और तने के पीले पड़ने और सूखने के बाद की जाती है हानि से बचने के लिए फसल की कटाई इसके पके हुए बूटों के सूखने से पहले की जानी चाहिए ग्राहक की तरफ से इसे स्वीकारने और इसकी अच्छी गुण्वत्ता के लिए इसको सही समय पर काटना चाहिए जब दानों में 25-30 प्रतिशत नमी रह जाती है तो यह इसे काटने का सही समय होता है हाथ से गेहूं काटने के समय तेज धार वाली द्राती का प्रयोग करना चाहिए कटाई के लिए कंबाइने भी उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से गेहूं की फसल की कटाई, दाने निकालना और छंटाई एक ही बार में की जा सकती है धन्यवाद
Posted by surender chahar
Haryana
31-10-2019 07:20 PM
कृपया आप किस्म का पूरा नाम बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by salinder singh
Punjab
31-10-2019 07:19 PM
आप wh711 का बीज लेने के लिए Sushant Sood 9837027013 (Sood Hybrid Seeds) से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by bhanvaru ram
Rajasthan
31-10-2019 07:18 PM
Bhanvaru ram ji seed lene ke lia aap Karan Gupta 9252333335 Sangam Seeds Factory se samparak kar sakte, Thankyou.

Posted by rishbh singh
Uttar Pradesh
31-10-2019 07:18 PM
Rishbh singh ji HD 3226 ka seed lene ke lia aap Dr Dalip Gosain 9215757800 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Mandeep Singh
Punjab
31-10-2019 07:17 PM
आप बच्चे के लिए Piperazine liquid का प्रयोग कर सकते है इसके इलावा आप गाभिन भैंसों और दूसरी भैंसों के लिए Flukarid-Ds गोली का प्रयोग कर सकते है इससे अच्छी डीवॉर्मिंग हो जाएगी

Posted by satyam patel
Madhya Pradesh
31-10-2019 07:16 PM
Satyam patel ji Pusa tejas HI 8759 sinchai vale kshetron mein samay se lagai jati hai, iski yield @23 q se 31 q prati acre tak hoti hi, or yeh kungi rog ka pratirodhak hai, dhanywad
Posted by Manjeet Singh
Punjab
31-10-2019 07:11 PM
tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci App vich apne swala de jwab dekh skde ho, baki uss nu Nurokind liquid 10-10ml swere sham, Broton liquid 10ml rojana deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by gajraj singh
Rajasthan
31-10-2019 07:11 PM
गजराज जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ਜਰਨੈਲ ਸਿੰਘ
Punjab
31-10-2019 07:08 PM
Jarnail Singh ji HD 3226 da seed len lai tusi Brar Seed Store 8068211817, 9814097127 nal samparak kar sakde ko, Thankyou.
Posted by Raman Sidhu
Haryana
31-10-2019 07:08 PM
रमन सीधू जी आलु में फंगस की रोकथाम के लिए आप carbendazim@400 gram या mancozeb@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by ਜਰਨੈਲ ਸਿੰਘ
Punjab
31-10-2019 07:07 PM
श्रीमान जी गेहूं की HD-3226, DBW-187, DBW-222 किस्में नई किस्में हैं
Posted by arun navratna
Chattisgarh
31-10-2019 07:05 PM
arun ji prali ko sdane ke liye PUSA ki tarf se capsule tyar kiya gya hai jiski keemat 5 rupaye hai isko aap gud ke ghol men mila kar 4 capsule prati acre ke hisab se spray karen. is se prali sad jayegi.dhanywad

Posted by gurpreet singh
Punjab
31-10-2019 07:01 PM
गुरप्रीत जी यदि गेहूं की बिजाई के समय नमी कम है तो किसान बीज को दो घंटे पानी में भिगोकर छिड़काव कर सकते है
Posted by khetsingh
Rajasthan
31-10-2019 07:00 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें
Posted by narpatsingh
Rajasthan
31-10-2019 06:53 PM
Narpatsingh ji gehu ka asha seed lene ke lia aap Karan Gupta 9252333335 Sangam Seeds Factory se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Guru Chouhan
Rajasthan
31-10-2019 06:52 PM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोट.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें पहली सिंचाई के बाद नाइट्रोजन की बाकी बची आधी मात्रा डाल दें
उपज को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करके पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें मजबूत तने और उपज के लिए, बिजाई के 30 दिनों के बाद 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें
Posted by mandeep kumar
Punjab
31-10-2019 06:50 PM
mandeep ji kirpa karke isda poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Rahul Solanki
Madhya Pradesh
31-10-2019 06:49 PM
rahul ji kisi bhi fasl ke avsesh ko agar khet men jlaya jata hai to us se mitti ki gunvatta to kam hoti hi hai is se hmare jo mitr keet hai unko bhi nuksaan hota hai.dhanywad

Posted by khuspal
Punjab
31-10-2019 06:48 PM
Khuspal ji 1121 da rate 2600 de lagbhag chal reha hai, Thankyou.

Posted by Aman delu
Haryana
31-10-2019 06:36 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai bhains ko har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo Baaki yeh pashu ki nasal te nirbhar karda ae
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
31-10-2019 06:33 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-H injection 5ml, CRB (ascrobic acid) injection 20ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Fibrocin ਅਤੇ Masticin ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈਆਂ ਦਿਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਹ Dr. John s ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by Gurjeet singh
Punjab
31-10-2019 06:25 PM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ 1121 ਦਾ ਰੇਟ 2880 -3320 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
31-10-2019 06:24 PM
जगजीत जी यदि ज़मीन में पानी ज्यादा खड़ता है तो आप KRL 210 की बिजाई कर सकते है

Posted by shraddha dwivedi
Chattisgarh
31-10-2019 06:22 PM
shraddha ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Ravish Rai
Uttar Pradesh
31-10-2019 06:13 PM
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए .... (Read More)
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए
बारानी क्षेत्रों में फसल को दीमक के हमले से बचाव के लिए क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 700 मि.ली. को 5 लीटर पानी में मिलाकर 100 किलो बीजों का उपचार करें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है
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