
Posted by Abhishek saini
Uttarakhand
01-11-2019 09:55 AM
sir es par ahl (chota kida) lag gya hai jinse chiti bhi aari hai or vo fruit ko damage kar rhi hai ?
chinti ka fasl ko koi nuksaan nahi hai kripya aap us keet ki photo bheje taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Vishal Lamba
Rajasthan
01-11-2019 09:53 AM
रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें राजस्थान में, इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त के महीने में की जाती है
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
01-11-2019 09:47 AM
उसे कलमीछोरा 500 ग्राम , जोंखार 250 ग्राम , मिठासोडा 250 ग्राम , निशादर 150 ग्राम , खंड 2 किलो और मिठा तेल 2 किलो लें इसे तैयार करने का तरीका पहले खंड की चाशनी बनाएं और फिर मिठा तेल डालें फिर उबाल आने पर दूसरा सारा सामान रगड़ कर अच्छी तरह से मिला लें और आग को बुझा दें इसके पांच हिस्से कर लें एक हिस्सा रात को देना है रात को .... (Read More)
उसे कलमीछोरा 500 ग्राम , जोंखार 250 ग्राम , मिठासोडा 250 ग्राम , निशादर 150 ग्राम , खंड 2 किलो और मिठा तेल 2 किलो लें इसे तैयार करने का तरीका पहले खंड की चाशनी बनाएं और फिर मिठा तेल डालें फिर उबाल आने पर दूसरा सारा सामान रगड़ कर अच्छी तरह से मिला लें और आग को बुझा दें इसके पांच हिस्से कर लें एक हिस्सा रात को देना है रात को पशु को तरेल में नहीं बांधना है और ना ही निहलाना है ये सारा कुछ आपको पंसारी से मिल जाएगा इसके इलावा आप Vitum-H injection 5ml, 1-1 दिन के फर्क से 5 इंजेक्शन लगवायें

Posted by nirmal singh
Punjab
01-11-2019 09:46 AM
ਨਿਰਮਲ ਜੀ ਇਸਦਾ ਰੇਟ 2190 -2320 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harjit gill
Punjab
01-11-2019 09:40 AM
harjit ji gardan marod di roktham de layi folicur@200ml or amistar top@200ml nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by saroj jila varansi tahasil Rajatalab village barki Rajy up
Uttar Pradesh
01-11-2019 09:32 AM
saroj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by vikram
Haryana
01-11-2019 09:31 AM
कृपया करके अपने सवाल पूछने के बाद 24 घंटो तक इंतज़ार करें जी यदि 24 घंटो में आपके सवाल का जवाब नहीं मिलता तो आप हमारे helpline number 97799-77641 पर सम्पर्क करें.
Posted by harish
Rajasthan
01-11-2019 09:27 AM
Harish ji HF cow lene ke liye aur uske rate ke vare mai jankari ke liye aap Balu Ram Bishnoi 9983832329 Bishnoi dairy farm se sampark kr skte hai..

Posted by Lovepreet singh
Punjab
01-11-2019 09:23 AM
आप भैंस को संतुलित खुराक डालें और उसे anabolite liquid 100 ml रोलाना, Fatmax powder 25-25gm सुबह शाम और Calcimust bolus 1-1 गोली सुबह शाम दें इससे दूध और फैट बढ़ जाएगी

Posted by rajnish kumar
Bihar
01-11-2019 09:22 AM

Posted by saroj jila varansi tahasil Rajatalab village barki Rajy up
Uttar Pradesh
01-11-2019 09:22 AM
saroj ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by raj
Haryana
01-11-2019 09:17 AM
raj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by jaspreet singh
Punjab
01-11-2019 09:17 AM
ਤੁਸੀਂ ਇੰਚੀਟੇਪ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਭਾਰ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਦੀ ਗਰਦਨ ਵਾਲੇ ਹਿੱਸੇ ਤੋਂ ਅਗਲੀਆਂ ਲੱਤਾਂ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਤੱਕ ਦੀ ਗੋਲਾਈ ਮਾਪੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਦੀ ਗਰਦਨ ਦੇ ਥੱਲੇ ਤੋਂ ਪੂਛ ਤੱਕ ਦੀ ਲੰਬਾਈ ਮਾਪੋ ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਵੀ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਉਸਦਾ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਭਾਰ ਪਤਾ ਕਰਨ ਲਈ ਉਸ ਨੂੰ ਕੰਡੇ ਤੇ ਲਿਜਾ ਕੇ ਸਹੀ ਭਾਰ ਪਤਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ..
Posted by praveennndrtgbbvg
Madhya Pradesh
01-11-2019 09:05 AM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे प्याज की बुवाई :- मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by Manish Kumar
Rajasthan
01-11-2019 09:04 AM
Manish Kumar ji Rajasthan me Bajra ka rate 1810-2000/Q hai, Thankyou.

Posted by magaram
Rajasthan
01-11-2019 09:02 AM
shri maan g gehu bone ka shi time 20october-30 November hai...
Posted by Manish Yadav
Haryana
01-11-2019 09:02 AM
Shri maan g dono hi varieties bhut vdia hia,retli jameen k liye HD-2967 ki beejayi shi rhegi...

Posted by SANDEEP SINGH
Punjab
01-11-2019 09:01 AM
sandeep ji university ta koi vi kisam nu mila ke beejan di sifarish nahi kardi par kisam aapne tjarbe de hisab nal isnu mila ke beej rahe han.dhanwad

Posted by Balraj Aulakh
Punjab
01-11-2019 09:01 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Nurokind liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Broton liquid 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਛੱਡੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਦੌੜ ਕਰ ਸਕੇ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਦਵਾਈ ਜਰੂਰ ਦਿਓ..
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 08:42 AM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਸ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਤੁਸੀ ਜੋ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛਿਆ ਸੀ ਉਸ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ

Posted by jitendra
Madhya Pradesh
01-11-2019 08:38 AM
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बची नाइट्.... (Read More)
खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीना बाद डालें

Posted by maroti khandate
Madhya Pradesh
01-11-2019 08:36 AM
मारोती जी कृपया बताये के आपने इसकी बिजाई कैसे की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Prabh Sandhu
Punjab
01-11-2019 08:24 AM
HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ

Posted by Balwan singh
Punjab
01-11-2019 08:20 AM
ਆਂਵਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਾਹੀ ਅਤੇ ਜੈਵਿਕ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁਰਭੁਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਾਹੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਵਰਗੀਆਂ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦਾਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਫਿਰ 15×15 ਸੈ.ਮੀ. ਆਕਾਰ ਦੇ 2.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘੇ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਆਂਵਲਾ ਦੀ ਖੇਤੀ ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਉਦੇਪੁਰ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਜਨਵ.... (Read More)
ਆਂਵਲੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਾਹੀ ਅਤੇ ਜੈਵਿਕ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁਰਭੁਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਾਹੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਵਰਗੀਆਂ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦਾਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਫਿਰ 15×15 ਸੈ.ਮੀ. ਆਕਾਰ ਦੇ 2.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘੇ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਆਂਵਲਾ ਦੀ ਖੇਤੀ ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਉਦੇਪੁਰ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by vipinkumar
Uttar Pradesh
01-11-2019 08:18 AM
विपिन जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by parth ram patewar
Maharashtra
01-11-2019 08:16 AM
parth ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by komal
Delhi
01-11-2019 08:13 AM
कोमल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Jay Rao
Rajasthan
01-11-2019 08:11 AM
असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें
Posted by Omkar Gujjar
Uttar Pradesh
01-11-2019 08:10 AM
Omkar Gujjar ji UP me Urad ka bhav 6200 se 6495/Q chal raha hai, Thankyou.
Posted by gurlal singh
Punjab
01-11-2019 08:09 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-3086, HD-2967, PBW343 ਵਧੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ ਅਤੇ ਨਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ HD-3226, DBW-187 and DBW-222 ਨਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ

Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
01-11-2019 08:06 AM
अमरजीत जी आप इसके ऊपर carbendazim @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Omkar Gujjar
Uttar Pradesh
01-11-2019 08:03 AM
बिजाई के लिए मध्य जून से लेकर अंत सितंबर उपयुक्त होता है
शुरूआती विकास के दौरान तेज हवा को कम करने के लिए आम, अमरूद, जामुन, अनोला, शीशम या शहतूत खेत के चारों तरफ लगाएं

Posted by mahendra singh
Rajasthan
01-11-2019 08:03 AM
महेंद्र जी यह कीट के हमले के कारण हो रहे है इसके लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by sanjay ganwani
Madhya Pradesh
01-11-2019 08:00 AM
sanjay ji aap iske uper custodia@300ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by sonu
Haryana
01-11-2019 07:48 AM
Shri maan g HD-3226 ka beej Karnal university se mil skta hia....

Posted by Rajesh Kumar
Bihar
01-11-2019 07:48 AM
rajesh ji aap iske uper tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by मोनू राना
Uttar Pradesh
01-11-2019 07:43 AM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
01-11-2019 07:14 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ , ਇਸ ਲਈ ਇਸ ਉਪਰ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀ ਹੈ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by harsh raj
Jharkhand
01-11-2019 07:10 AM
हर्ष जी आप कीट की रोकथाम के लिए quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by YAdav Chandan YAdav Chandan
Bihar
01-11-2019 07:01 AM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले क.... (Read More)
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें बिजाई के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली सेमी ऑटोमेटिक या ऑटोमैटिक प्लांटर का प्रयोग करें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं
Posted by jugendra Singh
Uttar Pradesh
01-11-2019 06:36 AM
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई क.... (Read More)
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है
UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है
DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं
NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं
MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है
HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है
PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है
PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है
HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है
Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है
Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
Prasad (K-8434): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर और नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने अर्द्ध सख्त, सुनहरी होते हैं यह किस्म पत्ता झुलस रोग, करनाल बंट और झूठी कांगियारी को सहनेयोग्य किस्म है
Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है

Posted by Jagroop Singh
Punjab
01-11-2019 06:32 AM
ਤੁਸੀ ਝੋਟੀ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਵੇਗੀ ਅਤੇ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਵੀ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ..

Posted by gurpreet singh
Punjab
01-11-2019 06:23 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਪੂਰਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Lachhman Singh
Haryana
01-11-2019 06:17 AM
आप किस्मे जैसे PBW 343: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जल जमाव के प्रतिरोधी है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी और ब्लाईट को भी सहने योग्य है इसकी औसत पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ है
UP 2338: यह किस्म समय पर और पिछेती बिजाई के लिए अनुकू.... (Read More)
आप किस्मे जैसे PBW 343: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जल जमाव के प्रतिरोधी है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी और ब्लाईट को भी सहने योग्य है इसकी औसत पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ है
UP 2338: यह किस्म समय पर और पिछेती बिजाई के लिए अनुकूल है इसके दाने मोटे और सख्त होते हैं इसकी औसतन पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 06:13 AM
ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ quinalphos @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by umesh tyagi
Uttar Pradesh
01-11-2019 06:04 AM
genhu ka nya beej HD 3226 aur DBW 187 aaya hai.
Posted by Charanjit Singh Jhajj
Punjab
01-11-2019 05:55 AM
Charanjit Singh Jhajj Gurr di processing ate is di packing di training lai tusi Dr Ramandeep PAU 9814019470 ji nal sampark kar sakde ho, Thankyou.
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