
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
01-11-2019 01:55 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ 1121 ਦਾ ਰੇਟ 2880 - 3320 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Ankit Tiwari
Madhya Pradesh
01-11-2019 01:45 PM
Ankit Tiwari ji Mp me chane ka rate 4450- 4700 ke aas pass chal reha hai, Thankyou.

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
01-11-2019 01:35 PM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश क.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें
बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें
सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें
यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें
अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें

Posted by malkit
Punjab
01-11-2019 01:33 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-3086 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 20ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 30ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by uttam verma
Uttar Pradesh
01-11-2019 01:32 PM
Uttam ji please check the stem borer infestation on it if there then do a spray of copper oxychloride@170 gram per acre.thank you
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
01-11-2019 01:28 PM
हांजी एनिमल हसबेंडरी की 2 किताबो की फोटो जवाब के साथ आप देख सकते हो. यह बुक आपको amazon website पर मिल जाएगी या फिर आप इस लिंक पर क्लिक करके भी बुक आर्डर कर सकते है l https://www.amazon.in/CLINICAL-VETERINARY-MEDICINE-LATEST-INDEX/dp/8187251697/ref=sr_1_3 keywords=pashupalan&qid=1560157587&s=gateway&sr=8-3

Posted by Simranjeet Singh
Punjab
01-11-2019 01:17 PM
Simranjeet ji dandiye lain de layi tuc Yashica Ahuja 9467623848 Sikri Farm,Gurpreet Shergill 9872624253 Shergill Fresh nal sampark kar sakde ho.dhanwad

Posted by Deepak Varma
Uttar Pradesh
01-11-2019 01:07 PM
deepak ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad

Posted by gurpreet Saini
Punjab
01-11-2019 01:03 PM
मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें .... (Read More)
मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें

Posted by Dharmendra kumar
Uttar Pradesh
01-11-2019 01:01 PM
dharmendra ji aap iski roktham ke liye quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Aman Sharma
Punjab
01-11-2019 12:57 PM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Vikram Poonia
Rajasthan
01-11-2019 12:53 PM
सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर .... (Read More)
सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by Aman
Punjab
01-11-2019 12:53 PM
HD3226 da seed len lai tusi Brar Seed Store 8068211817, 9814097127 nal samparak kar sakde ho,is di 40kg di packing da rate 3000/- hai, Thankyou.

Posted by Vikram Poonia
Rajasthan
01-11-2019 12:51 PM
Vikram Poonia ji pig bechne ke lia aap Nitan 9779892865, Ravi Hathur 9877096058 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by suresh kumar
Haryana
01-11-2019 12:42 PM
suresh ji aap iske paudhe ko vermicompost@4 kilo ko prati paudha daale.dhanywad
Posted by rahul
Madhya Pradesh
01-11-2019 12:39 PM
राहुल जी यदि आप मुर्रा नस्ल की भैंस लेना चाहते है तो आप Sulender Sharma 9873269064 से संपर्क कर सकते है
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
01-11-2019 12:34 PM
ਸੁਖਦੇਵ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਪੂਰਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by pardeep jarwal
Haryana
01-11-2019 12:15 PM
प्रदीप जी यह कीट के कारण होता है इसके लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by kala. rangian
Punjab
01-11-2019 12:14 PM
ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਦੋ ਵਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ 3 ਮੀਟਰ ਚੌੜੇ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ 75-90 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਹੋਵੇ, ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਦੋ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 1-2 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਬੀਜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by manoj makadiya
Maharashtra
01-11-2019 12:11 PM
एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 12-14 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें कसूरी मेथी के लिए 8-10 किलोग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें

Posted by Pathan Sajid
Gujarat
01-11-2019 12:09 PM
pathan ji dhan ka rate 1815-1835 rupaye prati quintal ke hisab se chal raha hai.dhanywad

Posted by kala. rangian
Punjab
01-11-2019 12:08 PM
Kala ji tuhade walo bheji gyi audio upload nahi hoi hai kirpa krke dubara audio upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by Vikram Poonia
Rajasthan
01-11-2019 12:07 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Simranjeet Singh
Punjab
01-11-2019 12:05 PM
Simranjeet ji gandoye lain layi tuc Yashica Ahuja 9467623848 Sikri Farm nal sampark kar sakde ho isto ilava tuc Gurpreet Shergill 9872624253 Shergill Fresh ji nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Pankaj yadav
Uttar Pradesh
01-11-2019 12:02 PM
Pankaj ji is kisam ka beej lene ke liye Dr. T. Y. Mirja 8999542709 ji se sampark karen. yeh kisam 130 din men pakk jati hai aur 30-35 quintal prati acre ke hisab se hota hai.dhanywad
Posted by robin singh
Rajasthan
01-11-2019 12:00 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आप इस काम को पूरी तरह ट्रेनिंग लेकर शुरू करें आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आप इस काम को पूरी तरह ट्रेनिंग लेकर शुरू करें आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..
Posted by sushil kumar
Uttar Pradesh
01-11-2019 11:52 AM
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्.... (Read More)
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है
निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है

Posted by ਅਰਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 11:51 AM
ਜੋ ਪਾਕਿਸਤਾਨੀ ਨਮਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਹ ਹਰ ਟਾਈਮ ਚਾਹੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਲੀ ਵਿੱਚ ਪਿਆ ਰਹੇ ਜਿਸ ਨੂੰ ਪਸ਼ੂ ਚੱਟਦਾ ਰਹੇ

Posted by Sankrit
Uttar Pradesh
01-11-2019 11:48 AM
श्रीमान जी केले के लिए 1 एकड़ में जमीन की तैयारी का खर्चा : 24000 बिजाई के समय पर खर्चा जैसे के लेबर, बीज, खाद, बिजली : 25000 सिंचाई का खर्चा : 40000 कृषि यंतर : 11000 पूरा खर्चा : 100000 केले की 1 एकड़ की पैदावार 22 tonnes (per acre) है, जो के .1.43 lakhs की बिक्री होती है, मुनाफा 143000 - 100000 = 43000 per acre
Posted by Parvinder Singh
Chandigarh
01-11-2019 11:16 AM
Parvinder Singh ji to get organic vegetables you can contact to Sukhi Longia 9815975087, Thankyou.
Posted by Raj Kumar Singh
Uttar Pradesh
01-11-2019 11:15 AM
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ि.... (Read More)
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें
Posted by ਗੁਰਜੰਟ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 11:15 AM
BhaaG deputy director animal husbandry or Krishi vigyan kendar BOOH TARNTARAN naal sampark karo Training lao

Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
01-11-2019 11:14 AM
उसे आप 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ और 100 ग्राम सूखे आंवले और 50 ग्राम अज्वाइण को उबलाकर फिर ठंडा करके 5—7 दिन तक दे सकते है और उसे anabolite liquid 100-100ml
सुबह शाम दें और Lactomax tablet 10-10 गोलियां सुबह शाम रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by jagjeet singh
Punjab
01-11-2019 11:14 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-3086 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 30ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Raj Kumar Singh
Uttar Pradesh
01-11-2019 11:13 AM
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ि.... (Read More)
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें

Posted by jaswinder singh
Punjab
01-11-2019 10:54 AM
jaswinder ji jekar tuc organic kanak di bijai karna chahunde ho ta isde layi tuc vermicompost ja roodi di khaad di varto kar sakde ho. isto vad tuc waste decomposer di varto kar sakde ho. isdi spray nal fasl da vadha vadia hunda hai.jekar fungus da hamla lassi di spray kar sakde ho.dhanwad

Posted by Karan Sandhu
Haryana
01-11-2019 10:52 AM
Shri maan g kanak ki HD-3086,HD-2967 and PBW 343 and new varieties HD-3226,DBW-187 and DBW-222 nvia varieties ayi hai....

Posted by Dinesh Kumar
Bihar
01-11-2019 10:50 AM
Shri maan g right time of wheat sowing is 20october to 30 November.....

Posted by Jagrooo singh
Punjab
01-11-2019 10:48 AM
kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by vivekanand tivari
Madhya Pradesh
01-11-2019 10:42 AM
Madhya Pradesh mein JW 1201, JW 1203, HI 8494, HI 1544 kismein bijaai ke lie upyukt hain. Beej prapt krne ke liye aap 9424705597 ya 07049475459 pr smprk kr skte hain.

Posted by sachin
Uttar Pradesh
01-11-2019 10:42 AM
Sachin ji yaddi apki bhains ka dudh bhut jyada hai tabhi aap milking machine ko use kren, yaddi dudh kam hai too aap hath se v chuaai kr skte hai, baki aap Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826 inme se kisi v company ki machine lee skte hai.

Posted by vivekanand tivari
Madhya Pradesh
01-11-2019 10:40 AM
मध्य प्रदेश में JW 1201, JW 322, JW 273, HI 1544, HI 8498, MPO 1215, JW 1203, MP 4010, HD 2864, HI 1454 किस्में लगाने के लिए उपयुक्त हैं
Posted by Iqbal Singh
Punjab
01-11-2019 10:30 AM
ਇਕਬਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਖਾਦ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Lovely Gujjar
Uttar Pradesh
01-11-2019 10:19 AM
लवली जी आप किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म .... (Read More)
लवली जी आप किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 10:18 AM
ਤੁਸੀ ਗੇਂਦੇ ਦੇ ਪੋਦੇ ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੈੱਡ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by mo sajid turk
Madhya Pradesh
01-11-2019 10:03 AM
वनराजा चूज़े लेने के लिए आप Sunil Singh 9905384910, 9102737967 Sunil Singh Hatchery India Private Limited. से संपर्क कर सकते है

Posted by Nandkishor Vaishnav
Rajasthan
01-11-2019 10:01 AM
bhai sahib agar aap k pass hara chaara ziada ae to HF rakh lein nahi to Jersey rakh lein Agar sambhal achhi kar sakte ho to crossbred gau rakh lein nahi to bhains or desi gau rakh lein

Posted by lau Singh
Uttar Pradesh
01-11-2019 09:58 AM
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आ.... (Read More)
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा हैइसके पौधे लेने के लिए आप Radhe Sham 7727065370 Avishkar Agrotech से संपर्क कर सकते है इनसे ही आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी धन्यवाद
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