Posted by gurlal singh
Punjab
01-11-2019 04:52 PM
Gurlal ji 1121 da rate 2880-3320 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad

Posted by rameshwar sharma
Madhya Pradesh
01-11-2019 04:51 PM
रामेश्वर जी आप medicinal plants की खेती कर सकते है इसकी आप contract farming कर सकते है इसके लिए आप 6268536795 Aushadhiya kheti vikas sansthan से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by balwinder sidhu
Punjab
01-11-2019 04:51 PM
Balwinder ji DAP company jive uttam ja shriram di kharid sakde ho.dhanwad

Posted by kulwinder
Punjab
01-11-2019 04:49 PM
kulwinder ji price rate of 1718 is 2570-2600 rupees per quintal.thank you
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
01-11-2019 04:46 PM
Gurvinder ji isko pashuo ka dudh vdhane ke liye use kiya jata hai, isse pashu sme per dudh de deta hai aur uska pasma sahi rehta hai, iska acha result hai ..
Posted by Gauravjit Singh
Punjab
01-11-2019 04:38 PM
कड़कनाथ की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए गुरविंदर चीमा 9896071871, 9215700000 j से संपर्क करें ये आपको कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करवा देंगे
Posted by AMARJEET KUMAR
Bihar
01-11-2019 04:35 PM
अमरजीत जी इसमें आप कीट का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by मंगल सिंह सोंमस्यास
Rajasthan
01-11-2019 04:22 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है

Posted by lau Singh
Uttar Pradesh
01-11-2019 04:20 PM
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आ.... (Read More)
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा हैइसके पौधे लेने के लिए आप Radhe Sham 7727065370 Avishkar Agrotech से संपर्क कर सकते है इनसे ही आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी धन्यवाद

Posted by gurlal singh Jaikher
Punjab
01-11-2019 04:15 PM
BhaaG deputy director animal husbandry or Krishi vigyan kendar Rauni Patiala naal sampark karo or GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA NAAL SAMPARK KARO G No 0161 2553364 2414026
Posted by Balvir Singh
Punjab
01-11-2019 04:14 PM
green net house cost effective product hai ji. Subsidy rate in Punjab is 50% hai ji. jeyada detail vich jankari layi tusi menu 97802 00996 number te call kar sakde ho ji.
Posted by Jagar Singh
Punjab
01-11-2019 04:10 PM
tuci uss nu Bovimin-B powder 50gm rojana deo, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calcimust bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paaa jawega.
Posted by balwinder sidhu
Punjab
01-11-2019 04:04 PM
बलविंदर जी नर्म का पता लगाने के लिए खेत में बूट या चप्पल डालकर जाए यदि खेत की मिट्टी आपके पैर के साथ नहीं लगती है तो खेत में नमी है
Posted by Akhilesh.Akhilesh
Uttar Pradesh
01-11-2019 04:04 PM
कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Ranjeet Singh Chowdhary
Rajasthan
01-11-2019 04:04 PM
Ranjeet ji you can sow beetroot, turnip, tomato,radish, carrot, cauliflower, capsicum,garlic, onion, pea, coriander.please tell us which crop you want to grow so that we can advice you varieties accordingly.thank you
Posted by Akhilesh.Akhilesh
Uttar Pradesh
01-11-2019 03:59 PM
अखिलेश जी कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by imran khan
Uttar Pradesh
01-11-2019 03:59 PM
imran ji kripya aap kisam ka poora nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Deepak Gangwar
Haryana
01-11-2019 03:56 PM
दीपक जी ये फंगस के कारण होता है इसके लिए आप mancozeb@4gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by balwinder sidhu
Punjab
01-11-2019 03:49 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD-2967 ਕਿਸਮ ਦਾ ਬੀਜ 40-45 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by balwinder sidhu
Punjab
01-11-2019 03:48 PM
ਸਰ ਤੁਸੀਂ ਕਾਰਗਿਲ ਜਾਂ ਇਫਕੋ ਕੰਪਨੀ ਦੀ DAP ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਓ

Posted by manjinder singh
Punjab
01-11-2019 03:47 PM
Manjinder ji tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo, uss nu Bovimin-B powder 100gm rojana ate Minotas tablet rojana 1 goli ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
01-11-2019 03:46 PM
संदीप जी आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृप्या आप दोबारा ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Jaswant Singh
Punjab
01-11-2019 03:35 PM
ਜਸਵੰਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਪੂਰਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ankur Panwar
Uttar Pradesh
01-11-2019 03:30 PM
ankur ji kripya aap is kisam ka poora nam btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Manoj Yadav
Bihar
01-11-2019 03:19 PM
मनोज जी आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृप्या आप दोबारा ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Mukesh Parmar
Madhya Pradesh
01-11-2019 03:19 PM
Shri maan g wheat varieties 1500, HW 2004, JWS 17; HD 4672 , HD 8627,HI8759, HI8734,HI8711,HI8733 beej skte ho......
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 03:18 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ HD-3086,HD-2967, PBW 343 ਅਤੇ ਨਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ HD-3226, DBW-187, DBW-222 ਹਨ

Posted by harvinder singh
Haryana
01-11-2019 03:15 PM
Harvinder ji aap unki Tail ke jakham per Topicure spray subah sham 2 time kren, isse jldi frak paad jayega..

Posted by ਗੁਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 03:10 PM
हल्दी आप कच्ची बेच सकते है या इसे प्रोसेसिंग करके आप बेच सकते है खुद बेचने के साथ पूरा मुनाफा किसान की जेब में आता है कच्ची हल्दी लगभग 1 लाख 50 हज़ार प्रति एकड़ प्रोसेसिंग करके खुद बेचने के साथ 2 लाख 50 हज़ार प्रति एकड़

Posted by karamjeet singh
Punjab
01-11-2019 03:07 PM
श्रीमान जी ये किस्में पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक चल जाती है पर जो इसकी उपज सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी उपज दानें मोटे होने के कारण बढ़ जाती है इसकी रोटी भी अच्छी होती है इसक.... (Read More)
श्रीमान जी ये किस्में पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक चल जाती है पर जो इसकी उपज सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी उपज दानें मोटे होने के कारण बढ़ जाती है इसकी रोटी भी अच्छी होती है इसकी बिजाई 40—45 किलो प्रति एकड़ डालें यह नरमे वाले खेत में कामयाब है इसकी बिजाई अक्तूबर से नवंबर में कर सकते है

Posted by Rampreet Singh
Punjab
01-11-2019 03:06 PM
ਇਹ ਕਿਸਮ 137 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by sukhvindermatharu
Punjab
01-11-2019 03:02 PM
ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ
Posted by Gopal Kumar Maurya
Uttar Pradesh
01-11-2019 03:02 PM
बटन मशरूम :-इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकता है इसकी औषधीय विशेषताएं हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेष, तामिलनाडू और कर्नाटक मुख्य खुम.... (Read More)
बटन मशरूम :-इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकता है इसकी औषधीय विशेषताएं हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेष, तामिलनाडू और कर्नाटक मुख्य खुम्ब उगाने वाले राज्य हैं
यू पी में खुम्ब को उगाने के लिए नवंबर से मार्च का महीना उपयुक्त होता है अच्छी वृद्धि के लिए इसे 22-25 डिगरी सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है और खुम्ब निकलते समय इसे 14-18 डिगरी सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है
ढींगरी खुम्ब
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं
इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है
Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 03:01 PM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਾਰਨ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਸਿਉਂਕ ਦੇ ਲਈ chlorpyriphos @1 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਰੇਤ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦਿਓ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Amit Kumar
Uttar Pradesh
01-11-2019 03:00 PM
श्रीमान जी इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुर.... (Read More)
श्रीमान जी इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे प्याज की बुवाई :- मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 02:59 PM
sukhwinder ji jekar seonk da hamla hunda hai ta tuc chlorpyriphos @1 litre nu 60 kilo ret vich mila ke prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad

Posted by ਗੁਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 02:58 PM
इसके बीज की मुख्य तौर पर अक्तूबर के आखिर में बिजाई की जाती है और रोपण मध्य फरवरी में किया जाता है अगेती पैदावार के लिए बीज मध्य अक्तूबर में बिजाई कर सकते है और रोपण नवंबर के अंत में कर सकते है 200—300 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते है
Posted by maan
Punjab
01-11-2019 02:49 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 02:40 PM
ਭਾਜੀ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਹੈ ਇਲਾਜ ਸਸਤਾ ਹੈ 0161 2414007 ਤੇ ਫੋਨ ਕਰ ਲਓ

Posted by Dinesh kumar Parpachi
Madhya Pradesh
01-11-2019 02:39 PM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है

Posted by सुभाष चन्द्र
Rajasthan
01-11-2019 02:36 PM
ईसबगोल की बिजाई के लिए उपयुक्त समय अक्तूबर से नवंबर का महीना होता है पिछेती बिजाई (दिसंबर के पहले पखवाड़े के बाद) ना करें क्योंकि यह पैदावार में कमी को बढ़ाता है
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-11-2019 02:36 PM
ਜੇਕਰ ਥਣ ਵਿੱਚੋ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਥਣ ਬਿਲਕੁਲ ਹੀ ਬੰਦ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਚੱਲਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
01-11-2019 02:29 PM
bhai sahib til/ tilhan k tel ko mithha tel kehte ne

Posted by love
Punjab
01-11-2019 02:27 PM
Cr212:- Eh kisam 30-35 quintal prati acre hunda hai ate 104-105 cm hunda hai.
Posted by maan
Punjab
01-11-2019 02:23 PM
HD3226 da seed len lai tusi Brar Seed Store 8068211817, 9814097127 nal samparak kar sakde ho,is di 40kg di packing da rate 3000/- hai, Thankyou.

Posted by jaswinder
Punjab
01-11-2019 02:00 PM
Jaswinder ji Mansa vich mitti di janch lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Khokhar Khurd, Mansa, Mobile no. 01652-280843 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by jaswinder
Punjab
01-11-2019 01:56 PM
Jaswinder ji jekar tusi new Tractor lena chonde ho ta us te tusi PM Tractor Yojana da labh le sakte ho is bare visthar vich jankari lai tusi apne nazdiki SBI Bank nal samparak kar sakde ho ate bank jan same nal apna Aadhar card, PAN Card, Jamabandi, Fard, jrur le ke jao ji, Thankyou.
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