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Posted by ਗੁਰਕੀਰਤ ਖਹਿਰਾ
Punjab
02-11-2019 12:54 PM
Punjab
11-02-2019 05:15 PM
gurkirat ji 1121 da rate 2650 rupaye hai jekar hath nal jhaadi hoyi hai jekar machine nal vdhayi hai ta isda rate 2550 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by kailashverma
Madhya Pradesh
02-11-2019 12:52 PM
Punjab
11-02-2019 04:47 PM
कैलाशवर्मा जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Hulash
Jharkhand
02-11-2019 12:49 PM
Punjab
11-02-2019 02:16 PM
Hulash ji aap goat lene ke liye Sandeep 9317517763, 9991606387 SR Commercial Goat Farm se sampark kr skte hai.
Posted by Parbhakar Singh
Punjab
02-11-2019 12:44 PM
Punjab
11-02-2019 02:24 PM
Prabhakar ji isde lai tuci uss nu kise v vdia company di calcium de skde ho.
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
02-11-2019 12:37 PM
Punjab
11-02-2019 04:36 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ 1105 ਪੱਕਣ ਲਈ 157 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ
Posted by Parbhakar Singh
Punjab
02-11-2019 12:34 PM
Punjab
11-02-2019 12:42 PM
Parbhakar ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.
Posted by Sandeep Singh
Punjab
02-11-2019 12:32 PM
Punjab
11-02-2019 12:43 PM
Sandeep ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by Dilpreet Singh
Punjab
02-11-2019 12:31 PM
Punjab
11-02-2019 04:32 PM
Dilpreet ji jyadatar nitrogen, phosphorus ate potash di kami aundi hai is to ilava sulphur,zinc ja lohe di kami aundi hai.dhanwad
Posted by Chandanpuri
Chattisgarh
02-11-2019 12:24 PM
Maharashtra
11-02-2019 12:52 PM
chandan ji aap tarbooj ki kisme jaise Varun, Yuvaraj, Aayesha, Madhubala, chetan, NS 295, NS 34, NS 450, Arjun, Sumo, KSP 1081, Lalima, Pakeeza, Khushboo, Nina Astha, Mithas and Raja ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Raju.
Bihar
02-11-2019 12:06 PM
Rajasthan
11-02-2019 12:44 PM
राजू जी ये एचएफ क्रॉस नस्ल की गाय है इसका दूध इसकी खुराक और सही देखभाल पर निर्भर करता है
Posted by Raju.
Bihar
02-11-2019 12:02 PM
Punjab
11-02-2019 12:47 PM
आप दोनों भैंसो को Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम और Lactomax tablet 10 गोलियां रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा और कमज़ोरी दूर रहेगी बाकि आप इसे पेट के कीड़ों की दवा 3—3 महीने के फर्क से जरूर दें..
Posted by Kamlesh vishwakarma
Madhya Pradesh
02-11-2019 12:00 PM
Punjab
11-02-2019 05:29 PM
Madhya Pradesh mein gehun ki JW 1204 (13.25qtl/bigha), JW (10.5-11.2qtl/bigha), HI 8498 (22-24qtl/bigha), HI 1544 (22-24qtl/bigha) beeji jaati hain. iske beej lene ke liye aap Dr. D.K. Mishra ko 0761-2680771, 2681773; Extn.321 ya Green Gold Agritech India ko 07049475459 smprk kr skte hain.
Posted by Rakesh kumar
Rajasthan
02-11-2019 11:59 AM
Maharashtra
11-02-2019 12:22 PM
राकेश जी कृपया बताये कि आपने इसकी बिजाई बीज से की है या कलम से ताकि आपको इसके बारे पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Hardip Singh
Punjab
02-11-2019 11:59 AM
Maharashtra
11-02-2019 12:15 PM
Hardip ji october de chauthe hafte to november de pehle hafte tak bijai kar sakde ho.dhanywad
Posted by shraddha dwivedi
Chattisgarh
02-11-2019 11:58 AM
Punjab
11-02-2019 05:15 PM
Yes the neem coated urea performs better than normal urea. The neem coated urea contains neem seed oil which helps in enhancing the growth and gives more yield with better quality.
Posted by Ravindra Kumar
Uttar Pradesh
02-11-2019 11:57 AM
Punjab
11-02-2019 04:26 PM
रविंद्र जी आप आलू की किस्म जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर.... (Read More)
रविंद्र जी आप आलू की किस्म जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है Kufri Chipsona 1: यह किस्म 90-100 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Chandramukhi: इस किस्म के आलू बड़े अंडाकार आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 टन प्रति एकड़ होती है यह किस्म 80-90 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Jyoti: यह प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Ashoka: यह किस्म CPIU, शिमला द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल में खेती के लिए उपयुक्त किस्म है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है
Posted by Kamlesh vishwakarma
Madhya Pradesh
02-11-2019 11:52 AM
Punjab
11-02-2019 04:27 PM
Kamlesh ji kripya aap btaye ke aapko konsi kheti ke loan ke bare men jankari chahiye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Jitendra
Rajasthan
02-11-2019 11:48 AM
Punjab
11-02-2019 12:49 PM
Jitendra ji kripya aap apna swal vistar se pushen aap kiski nasal ke vare mai push rehe hai , aap cow, bhains, goat, pig, chicks kiski nasal ke ke vare mai jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.
Posted by kamlakar raut
Maharashtra
02-11-2019 11:48 AM
Posted by sanjay
Gujarat
02-11-2019 11:33 AM
Punjab
01-29-2020 04:00 PM
Sanjay ji, iska rate janne ke liye ap apni local mandi mein ja kar pta karein, dhanywad
Posted by satnam singh
Punjab
02-11-2019 11:32 AM
Punjab
11-02-2019 12:52 PM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਨਿਸ਼ਾਦਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ, ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਨਿਸ਼ਾਦਰ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by महेश
Uttar Pradesh
02-11-2019 11:20 AM
Maharashtra
11-02-2019 11:52 AM
महेश जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसी फसल के बीज लेने के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by salim Ansari
Uttar Pradesh
02-11-2019 11:10 AM
Punjab
11-02-2019 12:54 PM
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो .... (Read More)
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें..
Posted by priya
Chattisgarh
02-11-2019 11:07 AM
Posted by nandkishor
Rajasthan
02-11-2019 11:04 AM
Punjab
11-02-2019 11:54 AM
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 म.... (Read More)
यह बैंगन की फसल का मुख्य और खतरनाक कीट है शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के फासले पर दो बार स्प्रे करें शुरूआती हमले में 5 प्रतिशत नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें ज्यादा हमला दिखने पर 25 प्रतिशत साइपरमैथरिन 2.4 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें कीटों की गिनती अधिक हो जाने पर स्पाइनोसैड 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल पकने के बाद ट्राइज़ोफॉस या किसी और कीटनाशक की स्प्रे ना करें
Posted by Vishnu Chhillar
Haryana
02-11-2019 11:00 AM
Punjab
11-08-2019 03:26 PM
विष्णु जी , आप सरसों की बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर बिजाई के बाद स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by dharmendhra
Rajasthan
02-11-2019 10:53 AM
Punjab
11-02-2019 12:54 PM
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो .... (Read More)
बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें
Posted by aniket panwar
Uttar Pradesh
02-11-2019 10:50 AM
Punjab
11-02-2019 03:38 PM
aniket ji aap beejon ko jeev amrit ya tricoderma ya waste decomposer se upchar kar sakte hai. jeev amrit aap ghr par tyar kar sakte hai.. tricoderma aur waste decomposer market me asani se mil jata hai.dhanywad
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
02-11-2019 10:39 AM
Punjab
11-02-2019 03:22 PM
ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI HD 3226:- jhaad 24 qtl / acre.
Posted by jasvir singh
Punjab
02-11-2019 10:38 AM
Punjab
11-02-2019 12:57 PM
Jasvir ji tuci ehh dso majh nu Mastitis di bimari vich ki ki smasia aa rehi hai usde thna vicho dudh ght aunda hai, sojish rehndi hai, koi gannd hai ja koi hor smasia aa rehi hai kirpa krke vistar nal swal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by Jugraj singh
Punjab
02-11-2019 10:37 AM
Punjab
11-02-2019 02:20 PM
ਜੁਗਰਾਜ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ quinalphos @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Avtar sandhu
Punjab
02-11-2019 10:26 AM
Punjab
11-02-2019 10:29 AM
avtar ji jehdi hathi vaddi hoyi basmati hai usda rate 2650 rupaye chal reha hai ate jehdi machine nal vdayi hai usda rahe 2550 rupaye chal reha hai.dhanwad
Posted by Avtar sandhu
Punjab
02-11-2019 10:19 AM
Punjab
11-02-2019 10:22 AM
Avtar ji 1121 da rate 2880-3320 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by prashant verma
Uttar Pradesh
02-11-2019 10:14 AM
Punjab
11-02-2019 01:00 PM
वर्मा जी कृप्या आप ये बताएं कि आप काहड़ा कौन—कौन सी चीज़ों को मिलाकर बना रहें है कृप्या उसके बारे में विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by guri singh
Punjab
02-11-2019 10:08 AM
Punjab
11-02-2019 01:01 PM
Guri ji kirpa krke tuci apne swal de nal dwai di photo v upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..
Posted by Manoj kumar
Bihar
02-11-2019 10:07 AM
Maharashtra
11-02-2019 02:08 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Manoj kumar
Bihar
02-11-2019 10:06 AM
Maharashtra
11-02-2019 10:21 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by kalu ram
Haryana
02-11-2019 10:04 AM
Maharashtra
11-02-2019 03:25 PM
कालू जी गेंहू के बीज लेने के लिए Dr Dalip Gosain 9215757800 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by varinder singh jammu
Punjab
02-11-2019 10:02 AM
Punjab
11-02-2019 02:07 PM
DBW 173 kisam da jhaad 70 man hunda hai. eh pakkan de layi 140-150 din da sma laindi . ih kism peele ate bhoori kungi de rodhk hai atey karnal bunt bimaari de sehnsheel hundi hai.dhanwad
Posted by ram sagun mahto
Bihar
02-11-2019 10:00 AM
Punjab
11-02-2019 01:08 PM
ram ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Karan Chaudhary
Uttar Pradesh
02-11-2019 10:00 AM
Maharashtra
11-02-2019 01:01 PM
karan ji kripya aap iski photo bheje taki photo ko dekh kar aapko iski roktham ke bare men jankari di ja sake.dhanywad
Posted by dheersay
Chattisgarh
02-11-2019 09:52 AM
Punjab
11-02-2019 01:00 PM
dheersay ji kripya btaye ke aapne iski bijai kaise ki hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by dheersay
Chattisgarh
02-11-2019 09:52 AM
Punjab
11-02-2019 12:56 PM
dheersay ji kripya btaye ke aapne iski bijai kaise ki hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Dhananjay
Maharashtra
02-11-2019 09:37 AM
Maharashtra
11-02-2019 12:54 PM
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रय.... (Read More)
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रयोग एक साल में एक बार किया जा सकता है यदि इस खाद को हम मई या जून के महीने में प्रयोग करते है तो बहुत फायदेमंद होता है इलायची की फसल में लगने वाले रोग की रोकथाम करने के लिए :-इलायची की फसल में मुख्य रूप से फंगल रोग और पेड़ों की झुरमुट सड़ांध है इस रोग से इलायची का पौधा बिलकुल बेकार हो जाता है जिससे हमे उन्नत किस्म की उपज नही मिलती इसकी रोकथाम करने के लिए हमे बीजों को ट्राईकोडरमा कीटनाशक दवा से उपचरित करके बोना चाहिए इसके आलावा इलायची की बुआई उचित समय पर करनी चाहिए इलायची का जो पौधा वायरस के प्रभाव में आ जाता है उसके वायरस को और ना बढ़ने दें रोगग्रस्त पौधे को उखाड़कर जलाकर नष्ट कर दें इलायची की खेती करने के लिए 10 डिग्री से 30 डिग्री का तापमान सबसे उत्तम माना जाता है तापमान के साथ – साथ इलायची की अधिक उपज लेने के लिए नमी युक्त स्थान और छायादार स्थान का होना बहुत जरूरी है
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
02-11-2019 09:36 AM
Punjab
11-02-2019 01:06 PM
usko aap byane se 7 dino ke badd pett ke kirro ke dwai deni suru kren aur 7-8 din badd baki product v de skte hai, aab aap usko achi matra mai hara chara aur gehu ka dalia 1kg , gurr 250 gm achi trah riin ker de skte hai, isse pashu ka duudh vdhh jata hai.
Posted by gurpreet
Punjab
02-11-2019 09:25 AM
Punjab
11-02-2019 01:07 PM
tuci ehh goli kutt ke powder bnna ke roti vich, feed vich mix krke kise v trike nal de skde ho..
Posted by ranjan
Uttar Pradesh
02-11-2019 09:17 AM
Punjab
11-02-2019 01:13 PM
रंजन जी जैविक गेहूं के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Puneet singh thind 9991320236,Karanbir Singh Gill, Moga 99880 00375 से संपर्क कर सकते है
Posted by Akhilesh.Akhilesh
Uttar Pradesh
02-11-2019 09:16 AM
Maharashtra
11-02-2019 12:49 PM
अखिलेश जी कृपया आप बताये के आपने कोनसी किसम की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद