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Posted by amit
Haryana
03-11-2019 09:16 AM
Punjab
11-04-2019 05:48 PM
अमित जी , 1121 का भाव इस समय 2450-2591 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है धन्यवाद
Posted by rajwinder singh
Punjab
03-11-2019 09:15 AM
Punjab
11-04-2019 05:05 PM
Rajwinder ji, kirpa kar ke tuc apni kanak ki photo bejo tajo tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by mandeep singh
Punjab
03-11-2019 09:15 AM
Punjab
11-04-2019 05:04 PM
Mandeep ji , Kanak ki beejia de samy tuc DAP nal pa sakde ho ate urea da shitta dena chahida hain, dhanywad
Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
03-11-2019 09:13 AM
Punjab
11-11-2019 09:15 PM
Gupta ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki kis janwar ko smasia aa rehi hai, uska fever kitna rehta hai, usko aur kya kya smasia aa rehi hai aur aap apne swal ke sath photo v upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by ram meena
Madhya Pradesh
03-11-2019 09:12 AM
Chandigarh
11-03-2019 12:25 PM
Sinchit shetron mein iski bijaai November ke doosre sptah tkk kr skte hain prntu barani shetron mein iski bijaai october ke doosre ya teesre tkk kr leni chahie.
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
03-11-2019 09:11 AM
Punjab
11-04-2019 04:05 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by Balram yadav
Uttar Pradesh
03-11-2019 09:07 AM
Punjab
11-03-2019 02:21 PM
ये आपको Bareilly (UP)से मिल सकती है आप ICAR-Indian Veterinary Research Institute Izatnagar - Bareilly (UP) -243122 में पता कर सकते है बाकि आप डॉ. रामसुमन जी से 94180—70583 संपर्क कर सकते है
Posted by akk
Punjab
03-11-2019 09:05 AM
Punjab
11-04-2019 05:46 PM
1718 का रेट इस समय 2400 रूप्ये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है धन्यवाद
Posted by Arjun Aanjna
Madhya Pradesh
03-11-2019 08:53 AM
Punjab
11-04-2019 03:31 PM
आपको 10 पशुओं के लिए कुल 4000 वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी जिसकी लंबाई 80 फीट और चौड़ाई 40 फीट होनी चाहिए इस जगह में से 945 वर्ग फीट जगह कवर की हुई चाहिए जिसकी लंबाई 63 फीट और चौड़ाई 15 फीट होनी चाहिए बाकि आप चारे में बरसीम,ज्वी, राईघास की बिजाई कर सकते है
Posted by सदराम साहू सिवाड़ा
Rajasthan
03-11-2019 08:47 AM
Punjab
11-09-2019 03:17 PM
श्रीमान जी , आप गेहूं की किस्मे जैसे के Raj 1482, PBW 502, PBW 550, HD 2697, Raj 6560, Raj 3077, Raj 4079, Raj 4037, Raj 4120, DBW 17, Raj 4238, WH 1080, PBW 175, CCNNRVOI (Raj Molya Rodhak-1, पिछेती बिजाई की किस्में Raj 3765, Raj 3777 की बिजाई कर सकते है, धन्यवाद
Posted by सदराम साहू सिवाड़ा
Rajasthan
03-11-2019 08:45 AM
Punjab
11-03-2019 09:24 AM
श्रीमान जी गेहूं की बिजाई का सही समय 20 अक्तूबर—30 नवंबर तक बिजाई कर सकते है गेहूं को पहला पानी 25 दिनों के बाद ही दें यदि हो सके तो गेहूं को पानी 30 दिनों तक दें इस समय पहली यूरिया का छिड़काव देकर गेहूं को पानी दें 25—30 दिनों तक गेहूं को पानी की पूरी जरूरत होती है इससे पहले पानी देेने से ग्रोथ कम होती है यदि आप पानी 25—.... (Read More)
श्रीमान जी गेहूं की बिजाई का सही समय 20 अक्तूबर—30 नवंबर तक बिजाई कर सकते है गेहूं को पहला पानी 25 दिनों के बाद ही दें यदि हो सके तो गेहूं को पानी 30 दिनों तक दें इस समय पहली यूरिया का छिड़काव देकर गेहूं को पानी दें 25—30 दिनों तक गेहूं को पानी की पूरी जरूरत होती है इससे पहले पानी देेने से ग्रोथ कम होती है यदि आप पानी 25—30 दिनों की होने पर देते है और यूरिया का छिड़काव इस समय करते है तो ग्रोथ तेजी से होती है ये गेहूं को पानी देने की सही स्टेज होती है गेहूं को कुल 4—6 पानी की जरूरत होती है यदि डाकर खेत में 4 पानी देने से फर्क पड़ जाता है तो रेतली ज़मीन में 6 पानी भी देने पड़ते है
Posted by gouri shankar
Rajasthan
03-11-2019 08:44 AM
Punjab
11-09-2019 03:12 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप , Malathion 2.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धनयवाद
Posted by vikas patidar
Rajasthan
03-11-2019 08:41 AM
Rajasthan
11-03-2019 08:45 AM
Vikas ji yeh cross nasal ki vashi hai.
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
03-11-2019 08:41 AM
Punjab
11-09-2019 03:10 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ ਜੋ ਉਹ 5 ਏਕੜ ਦੇ ਬੀਜ ਲਈ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਦਾ ਬਿਲ ਅਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਦਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਨਜਦੀਕ ਦੇ KVK ਚ ਜਾ ਕੇ ਜਮਾਂ ਕਰਵਾ ਦਿਓ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
03-11-2019 08:39 AM
Punjab
11-19-2019 03:11 PM
Hardeep Tiwana ji es time punjab vich rotavater te subsidy nai aa rahi ji.
Posted by Lakhwinder Singh
Uttar Pradesh
03-11-2019 08:35 AM
Punjab
11-13-2019 08:00 PM
Lakhwinder Singh ji basmati 2200 - 2400 de lagbhag reha, Thankyou.
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
03-11-2019 08:29 AM
Punjab
11-05-2019 10:11 AM
Rajkumar ji, yeh ik organic product hai jo k mitti ki gunvata badati hai, or podhe ki jad banne mein madad karti hai, or yea mitti ji jivanuo ki activity ko bda deti hai, ap isse prati acre ke hisaab se 3kg in 400 liter pani mein mila kar spray kar sakte hai, or agar bad mein phosphorous tatv ki kami nazar ae khet mein to ap NPK 005234 @ 1kg ko150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by mukesh Meghwal
Rajasthan
03-11-2019 08:23 AM
Chandigarh
11-03-2019 12:28 PM
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए उचित मिट्टी रेतली से चिकनी होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास व.... (Read More)
भिंडी काफी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है भिंडी की फसल के लिए उचित मिट्टी रेतली से चिकनी होती है, जिसमें जैविक तत्व भरपूर मात्रा में हों और जिसकी निकास प्रणाली भी अच्छी ढंग की हो यदि निकास अच्छे ढंग का हो तो यह भारी ज़मीनों में भी अच्छी उगती है मिट्टी का पी एच 6.0 से 6.5 होना चाहिए खारी, नमक वाली या घटिया निकास वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें Pusa Sawani, Pusa Mahakali, Parbhani Kranti, Arka Anamika, Pusa A 4, Aruna, Punjab Padmini, Punjab 7, Punjab 8 किस्में राजस्थान में लगाने के लिए उपुयक्त हैं मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें जोताई के बाद सुहागा मार कर ज़मीन को समतल करें आखिरी बार जोताई करते समय 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ अच्छी रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं राजस्थान में यह वर्षा और गर्मियों के मौसम में उगाई जाती है वर्षा वाले मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और गर्मियों में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है गर्मियों में बिजाई के लिए कतारों में फासला 30 सैं.मी. ओर पौधों में 12-15 सैं.मी. फासला रखें बारिश के मौसम में कतार से कतार का फासला 30-45 सैं.मी. रखें बीज 1-2 सैं.मी. गहराई में बोयें गर्मियों के मौसम में 8 किलो और बारिश के मौसम में 5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें शुरूआती खाद के तौर पर अच्छी तरह से गला हुआ, गाय का गोबर 60-80 कि्ंवटल प्रति एकड़ में डालें बीज बोने से पहले भिंडी की फसल के लिए नाइट्रोजन 36 किलो (80 किलो यूरिया), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें भिंडी में नदीनों की वृद्धि को रोकने के लिए गोडाई की जाती है वर्षा ऋतु वाली फसल में पंक्तियों के साथ मिट्टी लगाएं पहली गोडाई 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 40-45 दिन बाद करें बीजों के अंकुरन से पहले नदीन नाशक डालने से नदीनों को आसानी से रोका जा सकता है इसके लिए फलूक्लोरालिन (48 प्रतिशत) 1 लीटर प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या ऐक्लोर 1.6 लीटर प्रति एकड़ डालें यदि ज़मीन में आवश्यक नमी ना हो तो, बीजों के अच्छे अंकुरन के लिए गर्मियों में बिजाई से पहले सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बीज अंकुरन के बाद करें फिर खेत की सिंचाई गर्मियों में 4-5 दिन बाद और वर्षा ऋतु में 10-12 दिन बाद करें फसल बिजाई के 60-70 दिनों के बाद पककर तैयार हो जाती है छोटे और कच्चे फलों की तुड़ाई करें फलों की तुड़ाई सुबह और शाम के समय करनी चाहिए तुड़ाई में देरीसे भिंडियों में रेशा भर जाता है और इनका कच्चापन और स्वाद भी चला जाता है
Posted by Mohit arora
Punjab
03-11-2019 08:20 AM
Punjab
11-08-2019 05:53 PM
Mohit ji, kindly please ask your question in detail that whether you are asking for price of buying wheat seeds or its market rate, Thank you
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
03-11-2019 08:17 AM
Punjab
11-05-2019 09:57 AM
Rajkumar ji, mirch tatvo ki kami ki vajah se peeli padti hai, iske liye ap NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Mustakim kham
Rajasthan
03-11-2019 08:12 AM
Punjab
11-04-2019 03:03 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Rameshwar 9829976310 Jony Mushroom Garden से संपर्क कर सकते है
Posted by Harpreet dhillon
Punjab
03-11-2019 08:11 AM
Punjab
11-05-2019 09:50 AM
Harpreet ji, university kise vi seed nu mix kar ke biaji karn di sifarish nahi kardi, kisaan apne tjurbe de hisaab nal ehna nu mix kar ke bijai kar dende han, tuc ehna di bijai mix kar ke kar sakde ho, par ehna da beej agle saal lai bijai lai rakh nahi sakde ho, dhanwad
Posted by mayank marskole
Madhya Pradesh
03-11-2019 08:11 AM
Punjab
11-08-2019 05:57 PM
Sir, jis keet ki apne photo beji hai, yeh keet fasal ko koi nuksan nahi karta hai, matar ke seeds ko koi or keet nasht kar raha hoga kripya ap vo dekh kar uski photo send karein, dhanywad
Posted by ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
03-11-2019 08:09 AM
Posted by BALJINDER Singh
Punjab
03-11-2019 08:06 AM
Punjab
11-03-2019 10:11 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮਾਂ HD-3086,HD-2967 and PBW 343 ਅਤੇ ਨਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ HD-3226, DBW-187, DBW-222 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
03-11-2019 07:57 AM
Rajasthan
11-03-2019 02:22 PM
yeh sahiwal cross nasal ki vashdi hai ..
Posted by Raushan Kumar
Bihar
03-11-2019 07:55 AM
Punjab
11-03-2019 02:23 PM
Raushan ji iska dudh iske parents ke dudh ke record per nirbhar krta hai yaddi iski maa ka dudh record achi hai too iska v dudh record acha hoga baki aap iski khurak ka dian rakhen kyuki jitni achi khurak hogi dudh v utna acha hota hai.
Posted by ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 07:53 AM
Punjab
11-04-2019 03:34 PM
सूअर फार्म से मुर्गी फार्म कम से कम 200 मीटर की दूरी पर बनाये बाकि साफ़ सफाई का पूरा ध्यान रखें फिर बीमारी आने का डर नहीं है ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਤੋ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮ ਘੱਟ ਤੋ ਘੱਟ 200 ਮੀਟਰ ਦੀ ਦੂਰੀ ਤੇ ਬਣਾਉ ਜੀ ਬਾਕੀ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਪੂਰੀ ਰੱਖੋ ਫਿਰ ਬਿਮਾਰੀ ਆਉਣ ਦਾ ਡਰ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 07:52 AM
Punjab
11-03-2019 08:49 AM
eh jille de hisab nal rate alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega. Example Fat 4.0 *200 =800 Snf 8.0 *=170=1360 800+1360=2160 Rate per kg 21.60 paise Milk 01 litre 21.60 Milk 10 litre 216 rupees
Posted by JAIVIR SINGH
Uttar Pradesh
03-11-2019 07:43 AM
Punjab
11-03-2019 07:45 AM
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट.... (Read More)
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते है
Posted by Amit
Haryana
03-11-2019 07:43 AM
Punjab
11-03-2019 10:15 AM
Shri maan g HD-3226 ka beej Karnal university se mil skta hai....
Posted by wasi
Bihar
03-11-2019 07:31 AM
Punjab
11-09-2019 03:06 PM
श्रीमान जी, यह fungus के हमले की वजह से हो रहा है, आप इसकी रोकथाम के लिए copper oxychloride @ 3g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Akhilesh.Akhilesh
Uttar Pradesh
03-11-2019 07:27 AM
Rajasthan
11-03-2019 07:38 AM
इसे आप जर्सी गाय या साहीवाल गाय का सीमन ज्यादा रिकॉर्ड वाला सीमन भरवा सकते है
Posted by somesh mukati
Madhya Pradesh
03-11-2019 07:16 AM
Punjab
11-05-2019 10:40 AM
सोमेश जी, चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की पी एच 9.5 होनी चाहिए इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें आखिरी जोताई से पहले, ज़मीन को कुतरा सुंडी, दीमक और अन्य क.... (Read More)
सोमेश जी, चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की पी एच 9.5 होनी चाहिए इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें आखिरी जोताई से पहले, ज़मीन को कुतरा सुंडी, दीमक और अन्य कीटों से बचाने के लिए क्विनलफॉस 250 मि.ली. प्रति एकड़ से ज़मीन का उपचार करें मैदानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए सितंबर से नवंबर का समय उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, फरवरी से अप्रैल और जून से सितंबर का महीना चुकंदर की खेती के लिए उपयुक्त होता है जब बिजाई मेंड़ों पर की जाती है तो कतारों में 35-45 सैं.मी. और समतल बैड के लिए 30-40 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 3 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई सीड ड्रिल से की जाती है 3-3.5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले, कार्बेनडाज़िम 50 डब्लयू पी या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत की तैयारी के समय 40 क्विंटल प्रति एकड़ में गाय का गोबर प्रयोग करें खादों की मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाशियम 28 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 50 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें चुकंदर को 6-7 सिंचाइयों द्वारा 80-100 सैं.मी. पानी की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के 25 दिन बाद और अगली 4 सिंचाइयां 25 दिनों के अंतराल पर करें और बाकी की सिंचाइयां 20 दिनों के अंतराल पर करें अंकुरण के 25-30 दिनों के बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई, पहली गोडाई के 15-20 दिनों के बाद करें खरपतवार नियंत्रण के लिए, 2-3 गोडाइयों की आवश्यकता होती है धन्यवाद
Posted by Mahendra Patel
Rajasthan
03-11-2019 07:16 AM
Punjab
11-05-2019 10:19 AM
महेंद्र जी, यह fungus के हमले की वजह से हुआ है , आप इसकी रोकथाम के लिए mencozeb @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by raychand makeana
Rajasthan
03-11-2019 06:52 AM
Punjab
11-05-2019 10:15 AM
रायचंद जी, जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर क.... (Read More)
रायचंद जी, जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
03-11-2019 06:50 AM
Haryana
11-07-2019 03:16 PM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ Bayer ਵਲੋਂ ਕਣਕ ਦੀ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤਿਆਰ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦਾ ਸਹੀ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Aman delu
Haryana
03-11-2019 06:37 AM
Punjab
11-05-2019 10:24 AM
अमन जी, गेंहू की किस्मे जैसे WH 896,PBW 373,PBW 343,HD 2643,UP 2425,PBW-443,DBW-14,NW-2036,MACS-6145 इन सब की पैदावार अच्छी होती है धन्यवाद
Posted by amrit lal Patel
Rajasthan
03-11-2019 06:36 AM
Punjab
11-09-2019 03:05 PM
अमृत जी एप को हिन्दी भाषा में करने के लिए एप के कॉर्नर पर 3 लाइन वाला आइकन होगा उस पर क्लिक करें और सबसे ऊपर भाषा का विकल्प है वहां क्लिक करके आप दूसरी भाषा में एप को कर सकते है धन्यवाद
Posted by Venu Babu Chowdary
Andhra Pradesh
03-11-2019 06:28 AM
Punjab
11-05-2019 10:59 AM
वीनू जी इसमें आप fenvelrate @ 3g per liter पानी के हिसाब से डालें धन्यवाद
Posted by sandhu
Punjab
03-11-2019 06:20 AM
Punjab
11-09-2019 03:01 PM
Shrimaan ji,kirpa kar ke is kism da pura nam daso kyu ki shriram valo is nam da koi vi wheat di kisam nahi release kiti gai, ho sake tan company da nam vi jarur daso , dhanwad
Posted by Surybhan Singh
Uttar Pradesh
03-11-2019 06:06 AM
Punjab
11-05-2019 11:16 AM
Shriman ji, p ,mirch ki kisme jaise ke Arka Meghana, Arka Sweta, Kashi Early, Kashi Surkh, Kashi Anmol, Pant C-1, Kashmir Chilly, Hot Portugal, Soorajmukhi, Sweet Banana, Hungarian Wax ki buvai kar sakte hai, dhanywad
Posted by Jeevan Chouhan
Madhya Pradesh
03-11-2019 05:57 AM
Punjab
11-03-2019 07:42 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है..
Posted by anil Kumar
Haryana
03-11-2019 05:05 AM
Punjab
11-09-2019 02:57 PM
Anil ji, ap WH-1142 k beej lene ke liye Dr Dalip Gosain 9215757800 ji ko sampark karein, iska 5 bigha mein 125 kg pade ga, 25 kg ik bighe ke hisaab se or iski paidawar 12.5 kg prati bigha ke hisaab se ae gi, dhanywad
Posted by anuranjan raj
Bihar
03-11-2019 04:54 AM
Punjab
11-09-2019 02:43 PM
Shrimaan ji, ap masur ko pala se bachane ke liye halti sinchai kar di jiye , dhanywad
Posted by anuranjan raj
Bihar
03-11-2019 04:53 AM
Punjab
11-05-2019 01:09 PM
Shrimaan ji, ap gehun ki sinchit ksehtron ke liye kisme jaise ke : HD 2967, HUW 468, ANW 1012, PBW 343, PBW 443, HD 2733, K 9107, PBW 373 picheti bijai vali kisme jaise ke HD 2985, NW 1014, HUW 234, HD 2643, PBW 373, HW 2045, NW 2036 ki bijai kar sakte hain , dhanywad
Posted by anuranjan raj
Bihar
03-11-2019 04:50 AM
Punjab
11-03-2019 07:43 AM
राज जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Ramnivas Singh Parma
Madhya Pradesh
03-11-2019 04:27 AM
Punjab
11-09-2019 02:41 PM
श्रीमान जी, आप सिंचित क्षेतों में 1 बीघा में urea 69 kg , SSP 32 kg और MOP 13 kg और असिंचित में urea 25 kg और SSP 33 kg प्रति बीघा के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by D
Chattisgarh
03-11-2019 03:16 AM
Punjab
11-08-2019 02:34 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं धन्यवाद
Posted by D
Chattisgarh
03-11-2019 03:14 AM
Punjab
11-08-2019 05:49 PM
श्रीमान जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है मिट्टी के भुरभुरा हो.... (Read More)
श्रीमान जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद खेत को समतल करने के लिए सुहागा फेरें बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर उपयुक्त फासला दें अनार की खेती के लिए वर्गाकार में 5मीटर x 5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 60 x 60 x 60 मीटर आकार के खड्ढे खोदें पखवाड़े तक खड्ढों को धूप में खुला रखें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर खड्ढों में भरें खड्ढों को भरने के बाद पानी डालें यह मिट्टी को व्यवस्थित करेगा मुख्य खेत में नए पौधों का रोपण किया जाता है अनार का प्रजणन एयर लेयरिंग विधि द्वारा किया जाता है एयर लेयरिंग बसंत के मौसम के साथ साथ नवंबर दिसंबर के महीने में किया जाता है एयर लेयरिंग के लिए 1 से 2 साल के पुराने, सेहतमंद और पैसिंल की मोटाई जितनी 45-60 सैं.मी. परिपक्व टहनियां लें बिजाई से पहले नए पौधों और कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोकर रखें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी रहने में मदद करता है और भाप बनकर उड़ने को भी कम करता है कटाई और छंटाई ताजी सेहतमंद टहनियों की वृद्धि करने में मदद करती है बीमारी से प्रभावित शाखाओं और शाखाओं के ज्यादा बने गुच्छों को भी निकाल दें यह पौधे के आकार को उचित बनाए रखता है धन्यवाद