Experts Q&A Search

Posted by Saroj Verma
Uttar Pradesh
03-11-2019 03:09 PM
Punjab
11-04-2019 10:49 AM
सरोज जी , सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें आप बीज ड्रिल या बुरकाव विधि से बिजाई करें धन्यवाद
Posted by pinder sidhu
Punjab
03-11-2019 03:09 PM
Punjab
11-04-2019 11:55 AM
ਪਿੰਦਰ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ NPK 191919 @ 10gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ajit
Haryana
03-11-2019 03:06 PM
Punjab
11-04-2019 10:54 AM
Ajit ji, 1121 ka bhav 2450 se 2591 rupay prati quintal chal raha hai, dhanywad
Posted by विशना
Rajasthan
03-11-2019 03:05 PM
Punjab
11-04-2019 11:06 AM
Shrimaan ji, iske upar aap NPK 13.00.45 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by विशना
Rajasthan
03-11-2019 03:04 PM
Punjab
11-04-2019 11:48 AM
श्रीमान जी, यह fungus के हमले की वजह से हुआ है, कृपया आप इसमें carbendazim @ 400 gm प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by ਗੁਰਤੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 02:56 PM
Punjab
11-08-2019 06:11 PM
ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਬਾਰੇ ਅਜੇ ਕੁੱਝ ਨਹੀ ਕਿਹਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਜੀ ਅਜੇ ਇਸ ਤੇ ਚਰਚਾ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by Manjinder Bal
Punjab
03-11-2019 02:55 PM
Punjab
11-04-2019 11:51 AM
Manjinder ji, tuc is vich NPK 191919 @ 1 kg nu 150 liter pani ch mila ke prati acre de hisaab nal spray karo
Posted by Gurjeet singh
Punjab
03-11-2019 02:55 PM
Punjab
11-04-2019 11:37 AM
ਗੁਰਜੀਤ ਜੀ, ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਫ਼ਸਲਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਜੋਂ, ਮੱਕੀ, ਗੰਨਾ, ਸਰੋਂ, ਕਸੁੰਭੜਾ, ਕਾਲੇ ਮਾਂ, ਛੋਲੇ, ਰਾਜਮਾ, ਮਿਰਚ, ਸ਼ਕਾਰਗਾਂਧੀ, ਟਮਾਟਰ, ਪਿਆਜ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਬੈਂਗਨ, ਮਟਰ , ਲੈੱਟਸ, ਅਮਲ, ਸ਼ੰਖਪੁਸ਼ਪੀ, ਸ਼ਤਾਵਾਰੀ, ਸਦਾਬਹਾਰ, ਸਫੇਦ ਮੁਸਲੀ, ਸਵੀਟ ਫਲੈਗ, ਕਲਿਹਾਰੀ, ਬ੍ਰਹਮੀ, ਮੁਲੇਠੀ,ਲੈਮਨ ਘਾਹ , ਗੁਲਾਬ, ਚਮੇਲੀ, ਧਨੀਆ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sharry Ahluwalia
Punjab
03-11-2019 02:43 PM
Punjab
11-04-2019 03:13 PM
Sharry ji ehh murrah nasal di katti hai isde dudh record isde parents de milk record te nirbhar krda hai, jekar isde parents da milk record vdia howega tan isda duudh v vdia howega baki isdi khurak te nirbhar krda hai.
Posted by YOGENDRA Yadav
Uttar Pradesh
03-11-2019 02:43 PM
Punjab
11-04-2019 11:46 AM
Posted by nayan Kumar choubey
Jharkhand
03-11-2019 02:39 PM
Punjab
11-08-2019 11:32 AM
Nayan ji, ap sabjiya jaise ke piyaj, bangan, mirch, fulgobhi, lettuce, tamatar ki bijai kar sakte hai, phool jiase ke carnation, gerbera, rose, gendha ki buavi karein, or fruits mein ab papaya ki bijai ki ja sakti hai, dhanywad
Posted by nayan Kumar choubey
Jharkhand
03-11-2019 02:37 PM
Punjab
11-08-2019 11:33 AM
Nayan ji, ap sabjiya jaise ke piyaj, bangan, mirch, fulgobhi, lettuce, tamatar ki bijai kar sakte hai, phool jiase ke carnation, gerbera, rose, gendha ki buavi karein, or fruits mein ab papaya ki bijai ki ja sakti hai, dhanywad
Posted by Amrit chahal
Punjab
03-11-2019 02:36 PM
Punjab
11-03-2019 03:57 PM
BhaaG pashu nu soonh to 2 mahine pehlan dudho chhad k isdi dab ke sewa karni chahidy hai rajwa hara chaara te 2-3 kg feed pao 1 mahina pehlan malap rehat karn di dawaee dyo soonh to baad 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu khuao Rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai 1kg feed majh nu te har 4kg dudh lai 1kg feed gau nu pao sarso da tel dalia ch paina paa lao nahi te iss to bagair v sar janda ae har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by Suresh. Gurjar
Rajasthan
03-11-2019 02:32 PM
Punjab
11-04-2019 12:03 PM
Suresh ji broccoli ki bijai ka samay mid august se september tak ka hota hai, abhi broccoli ki bijai nahi ki ja sakti , dhanywad
Posted by hari
Odisha
03-11-2019 02:30 PM
Madhya Pradesh
11-03-2019 08:52 PM
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित मोती पालन से ला.... (Read More)
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING ) https://youtu.be/MMvKOBzkgFA अगला प्रशिक्षण 9-10 NOV. सीट बुक करने के लिए भी उपरोक्त न. पर करे
Posted by Ajay chandravanshi
Chattisgarh
03-11-2019 02:20 PM
Punjab
11-04-2019 03:17 PM
अजय जी चूज़े लेने के लिए आप Kamlesh Kushwaha 9229881876 से संपर्क कर सकते है
Posted by VIPIN KUMAR
Uttar Pradesh
03-11-2019 02:12 PM
Punjab
11-04-2019 02:08 PM
विपिन जी, कृषि अनुंसधान की तरफ से इक जैविक कैप्सूल तैयार किया गया है, जो के परली को गालने में मदद करता है इसकी कीमत मात्र 5 रूपए है , धन्यवाद
Posted by Indian farmer
Uttar Pradesh
03-11-2019 02:06 PM
Punjab
11-04-2019 05:07 PM
Shrimaan ji, iske liye ap NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by BhupendrBhupendrSingh
Rajasthan
03-11-2019 02:04 PM
Punjab
11-04-2019 04:30 PM
श्रीमान जी , यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महा.... (Read More)
श्रीमान जी , यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by BhupendrBhupendrSingh
Rajasthan
03-11-2019 02:01 PM
Punjab
11-04-2019 04:39 PM
श्रीमान जी, यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और मह.... (Read More)
श्रीमान जी, यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें धन्यवाद
Posted by Newa Dawar
Madhya Pradesh
03-11-2019 01:57 PM
Punjab
11-08-2019 12:06 PM
Newa ji, Alirajpur ke liye gehun ki kisme jaise ke aasinchit kshetron ke liye :JW 17, JW 3269, JW 3288, HI1500, HI 1531, HD 4672 sinchit kshetron keliye : JW 1201, JW 322, JW 273, HI 1544, HI 8498, MPO 1215, JW 1203, MP 4010, HD 2864, HI 1454 ki bijaui kar sakte hai, dhanywad
Posted by Roshan verma
Uttar Pradesh
03-11-2019 01:56 PM
Punjab
11-09-2019 03:24 PM
Roshan verma ji aap kisi private companys me job ke liye try kar sakte hai jese ke fertilizer, seed wali company me job kafi hoti hai.
Posted by RAHUL KUMAR
Bihar
03-11-2019 01:54 PM
Punjab
11-03-2019 02:09 PM
राहुल जी यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही तरीके से शुरू करते है तो आपको इसमें पूरा फायदा मिलेगा इसमें सबसे जरूरी पशु की नस्ल और उसकी सही खुराक और कम खर्चा में ज्यादा फायदा लेना निर्भर करता है जिसमें आप अच्छी नस्ल के पशु खरीद सकते है और एक बार में सभी पशुओं को ना खरीदें इसके इलावा दूध बेचने के साथ साथ .... (Read More)
राहुल जी यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही तरीके से शुरू करते है तो आपको इसमें पूरा फायदा मिलेगा इसमें सबसे जरूरी पशु की नस्ल और उसकी सही खुराक और कम खर्चा में ज्यादा फायदा लेना निर्भर करता है जिसमें आप अच्छी नस्ल के पशु खरीद सकते है और एक बार में सभी पशुओं को ना खरीदें इसके इलावा दूध बेचने के साथ साथ आप दूध के प्रोडक्ट जैसे कि दही, लस्सी, मक्खन, घी आदि भी तैयार करके बेच सकते है इसमें भी ज्यादा फायदा मिलता है बाकि आप इसकी ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी
Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 01:48 PM
Punjab
11-09-2019 03:20 PM
ਸੁਖਚੈਨ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾਂ ਫਿਰ ਇਸ ਵਿਚ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰਨ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shergill
Punjab
03-11-2019 01:39 PM
Punjab
11-03-2019 03:59 PM
BhaaG rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo iss ka bhaar 250-275 kg de aas paas howe swer shaam taaran v dekho jab taaran disan ta samjo oh boli ae
Posted by Jagseer sidhu
Punjab
03-11-2019 01:32 PM
Punjab
11-03-2019 01:38 PM
ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦਿਓ ਫਿਰ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤਾਰਾ ਸਾਫ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਤਾਰਾ ਸਾਫ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਟੀਕਾ .... (Read More)
ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਕੁੱਟ ਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦਿਓ ਫਿਰ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤਾਰਾ ਸਾਫ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਤਾਰਾ ਸਾਫ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ..
Posted by Deep Grewal
Punjab
03-11-2019 01:30 PM
Punjab
11-03-2019 01:39 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Harmeet singh
Punjab
03-11-2019 01:30 PM
Punjab
02-22-2020 11:04 AM
ਹਰਮੀਤ ਜੀ, ਬਰਸੀਮ ਵਿਚ ਕਿਸੇ herbicide ਦੀ ਸਪਰੇ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ
Posted by Davinder singh
Punjab
03-11-2019 01:23 PM
Punjab
11-03-2019 01:40 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham dinde rho ate Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ji, ehna nal frak paa jawega..
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
03-11-2019 01:21 PM
Punjab
11-04-2019 09:18 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Easy pet tablet sarir de bhar de hisab nal deo, baki uss nu feed thodi thodi krke jini ohh asani nal hajam kr skee.
Posted by Davinder singh
Punjab
03-11-2019 01:20 PM
Punjab
11-03-2019 01:42 PM
Davinder ji semen lenn lai tuci Balwinder Singh 9814799714, 9915046958 Genex international nal sampark kr skde ho..
Posted by Daljeet singh
Punjab
03-11-2019 01:17 PM
Punjab
11-09-2019 03:27 PM
Daljeet ji , kirpa kar ke eh daso ke eh kis company da beej hai, taki tuhnu is bare puri jankari ditoi ja sake, dhanwad
Posted by Mahesh Thakor
Gujarat
03-11-2019 01:15 PM
Punjab
11-04-2019 05:01 PM
महेश जी, सही padhati के लिए पनकी से पंक्ति में फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 7.5 सैं.मी. का फासला रखें अच्छी पैदावार के लिए, बीजों को 1.5 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई पंक्तियों में या बुरकाव विधि द्वारा की जा सकती है धन्यवाद
Posted by Vishnu Chhillar
Haryana
03-11-2019 01:14 PM
Punjab
11-08-2019 01:06 PM
विष्णु जी , आप सरसों की बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर बिजाई के बाद स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by bana
Rajasthan
03-11-2019 01:02 PM
Chandigarh
11-04-2019 04:00 PM
अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो RZ 19: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसका पौधा लंबा, फूल गुलाबी रंग क.... (Read More)
अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो RZ 19: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसका पौधा लंबा, फूल गुलाबी रंग के, और दाने बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 4.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RZ 209: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने स्वाह जैसे भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4-2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पत्तों के ऊपरी धब्बा रोगों की प्रतिरोधक है Gujarat Jeera 2: यह किस्म गुजरात कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 100 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है RZ 223: यह मध्यम समय की किस्म है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है GC 4: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने स्वाह जैसे भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4-2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by Sandeep Kumar
Haryana
03-11-2019 01:00 PM
Punjab
11-08-2019 01:11 PM
Sandeep ji, ap kisme jaise ke C 308, PBW 396, PBW 299, WH 533 ki biji kar sakte hai, dhanywad
Posted by RAHUL KUMAR
Bihar
03-11-2019 12:55 PM
Rajasthan
11-03-2019 01:44 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आप इस काम को पूरी तरह ट्रेनिंग लेकर शुरू करें आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आप इस काम को पूरी तरह ट्रेनिंग लेकर शुरू करें आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..
Posted by sehbaj
Punjab
03-11-2019 12:48 PM
Punjab
11-03-2019 01:46 PM
Sehbaj ji usda dudh usde parents de record te nirbhar krda hai ki uss nu kinne kinne record wale bull da semen bhrwaya hai ate usdi maa da dudh kina hai, uss ton badd pashu di khurak, usdi sahi dekhbhal, sahi deworming te nirbhar krda hai, tuci uss nu vdia hara chara deo, baki mineral mixture 50gm rojana ate her 3 month bad deworming jrur kro, jini vdia pashu di khurak howegi uss hisab nal dudh v vdia howega..
Posted by Rajinder singh
Haryana
03-11-2019 12:44 PM
Punjab
11-04-2019 05:50 PM
Rajinder ji, yeh tatvon ki kami ki vajah se ho raha hai, ap isme NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by lakhbeer singh
Punjab
03-11-2019 12:43 PM
Maharashtra
11-08-2019 05:08 PM
lakhbeer ji kalr vali jameen de vich tuc gypsum di varto karke kanak diyan kisman jiwe PBW175, PBW527,PBW644,PBW590,PBW509,PBW658,HD2967,PBW621,PBW1 Zn,PBW343,PBW291, WHD943,PBW725 di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Amit Dhiman
Haryana
03-11-2019 12:39 PM
Rajasthan
11-04-2019 04:01 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurvinder Singh
Punjab
03-11-2019 12:38 PM
Punjab
11-03-2019 01:47 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਉਪਰ ਅਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ..
Posted by ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 12:33 PM
Punjab
11-03-2019 01:47 PM
ਰਛਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਦੇ ਨਾਲ ਫੋਟੋ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰੋ ਤਾਂ ਜੋ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਕੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by RamDev
Uttar Pradesh
03-11-2019 12:29 PM
Punjab
11-08-2019 05:29 PM
Ram ji, yeh kai karno ki vajah se ho jata hai, jisme ik karan nitrogen ka jayda matra mein dalna or tapmaan mein badlaw ki vajah se hota hai, isski roktham ke liye ap custodia @ 250 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
03-11-2019 12:26 PM
Punjab
11-03-2019 01:50 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਰ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਇਸ ਨੂੰ Agrimin, Bovimin, Minfa gold ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by Mr Malhi
Uttar Pradesh
03-11-2019 12:23 PM
Punjab
11-04-2019 04:37 PM
shrimaan ji, yeh fungus ke hamle ki vajah se ho raha hai, iski roktham ke liye ap Bordeaux paste ka istemaal karein, dhanywad
Posted by Aman
Punjab
03-11-2019 12:12 PM
Punjab
11-05-2019 05:14 PM
हवा ज्यादा हो सकती है इसलिए मशरूम काले और पीले हो रहे है