Posted by Devraj Singh Bhadauria
Uttar Pradesh
04-11-2019 10:15 AM
आप ज्वी की किस्में जैसे Brunker-10, OS-6, OL-9, Kent, Bundel Jai 2001-3, OS 403, Weston-11, OL-10 की बिजाई कर सकते है इनका बीज 24—28 किलो प्रति एकड़ डालें आप ज्वी चारे के रूप में पशुओं को डाल सकते है और इसका आचार भी तैयार करके दे सकते है

Posted by Ashish Rana
Punjab
04-11-2019 10:02 AM
ashish ji tuc kanak da beej krishi vigyan kendra Hoshiarpur, Mobile no:-0124-2764907 to lai sakde ho.dhanwad
Posted by gurwinder kaur
Punjab
04-11-2019 10:01 AM
ये डीवॉर्मिंग के लिए है ये एक गोली 150 किलो तक दे सकते है गाय, भैंस, भेड़, बकरी को

Posted by raj
Bihar
04-11-2019 10:00 AM
श्रीमान जी, आप यहाँ पशुओ और फसलों के बारे में जानकारी ले सकते है , कृपया इसी से संबंधित ही सवाल पूछें, धन्यवाद
Posted by नारायणन सिंह पंवार
Madhya Pradesh
04-11-2019 09:53 AM
नारायण जी, इसकी रोकथाम के लिए आप fenvelrate @ 3g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Gagandeep
Punjab
04-11-2019 09:48 AM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by Govind Nayak
Rajasthan
04-11-2019 09:34 AM
दुधारू पशु के कंधे छाती से एकसार जुड़े हुए होने चाहिए टांगे मजबूत और रीड़ की हड्डी एकसार सीधी हो क्योंकि कुब पड़े पशुओं में कैलशियम, फासफोरस या मैगनीशियम की कमी हो सकती है इस तरह के पशु को खरीदने से परहेज़ करें
हमेशा दूध निकालने के बाद ही खरीदें हो सके तो तीन टाइम दूध दोहें ताकि पशु के दूध की सही योग्यता का .... (Read More)
दुधारू पशु के कंधे छाती से एकसार जुड़े हुए होने चाहिए टांगे मजबूत और रीड़ की हड्डी एकसार सीधी हो क्योंकि कुब पड़े पशुओं में कैलशियम, फासफोरस या मैगनीशियम की कमी हो सकती है इस तरह के पशु को खरीदने से परहेज़ करें
हमेशा दूध निकालने के बाद ही खरीदें हो सके तो तीन टाइम दूध दोहें ताकि पशु के दूध की सही योग्यता का पता चल सके और पशु की धार निकालते समय चारों धाराएं बाल्टी में सीधी गिरनी चाहिए मतलब कि धाराएं फैलनी नहीं चाहिए
पशु के गर्दन और निचले जबड़े पर पूरे ध्यान से देखने पर यदि गलहीरों के निशान दिख पड़े तो ऐसा पशु ना खरीदें
पशु की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई भी ज्यादा होनी चाहिए क्योंकि जितनी लंबाई चौड़ाई ज्यादा होगी उतना ही खून का सर्कल ज्यादा होगा और पशु दूध ज्यादा देने वाला होगा
पशु के लेवे की ओर खास ध्यान दें जैसे कि लेवा आगे की तरफ को नाभि तक और पीछे की तरफ योनि तक बढ़ा हुआ हो एक ओर से देखने पर यह चंद्रमा की तरह गोलाई में होना चाहिए
पशु के चारों थनों में जितना ज्यादा फासला होगा, उतना ही पशु दुधारू होगा इसलिए थनों में फासला एक जैसा और ज्यादा होना चाहिए
यदि पशु की चौड़ाई देखनी हो तो आगे से चौड़ाई से कम और पिछली ओर ज्यादा हो तो पशु ज्यादा दूध देने वाला होगा
यदि पशु की पूंछ को ऊपर को मरोड़कर देखें तो यदि आसानी से मुड़ जाये भाव कि जितनी लचकीली पशु की पूंछ होगी उतना ही पशु दुधारू होगा
इसके अलावा अन्य बातें जैसे कि पशु की आंखे चमकीली, पतला नर्म और नाक मध्यम हो ये बातें आपको धोखे से बचा सकती हैं

Posted by Shashi kumar
Haryana
04-11-2019 09:28 AM
shashi ji cotton ka rate 5000-5272 rupaye prati quintal ke hisab se chal raha hai.dhanywad

Posted by lovepreet singh
Punjab
04-11-2019 09:26 AM
lovepreet singh ji aje pashu mele di date koe jari nahi hoe hai ji. jado v date final ho gayi tohanu apni kheti de facebook page rahi das dia javega ji.

Posted by rajan tiwari
Uttar Pradesh
04-11-2019 09:26 AM
sardi ka mousam me merigold ki har kisam 70 80 din me full dena k lea teyar ho jati ha sardi me laddu genda kalkata vala sab sa vadia kisem ha laddu genda ki mang v Markit me jada hoti ha.

Posted by Priyanshu Rathore
Madhya Pradesh
04-11-2019 09:23 AM
श्रीमान जी, बीज को दीमक, false smut, loose smut से बचाने के लिए बीज को क्लोरपायरीफोस @ 4 मिली / किग्रा बीज या टेबुकोनाजोल 2 डीएस@1.5-1.87 ग्राम / किलोग्राम सीड.कोर के साथ कार्बेन्डाजिम या थिरम @ 2 ग्राम / किग्रा बीज की दर से बुवाई से 24 घंटे पहले उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा 1.15% WP @ 4gm / kg बीज से बीज का उपचार करें गेहूं क.... (Read More)
श्रीमान जी, बीज को दीमक, false smut, loose smut से बचाने के लिए बीज को क्लोरपायरीफोस @ 4 मिली / किग्रा बीज या टेबुकोनाजोल 2 डीएस@1.5-1.87 ग्राम / किलोग्राम सीड.कोर के साथ कार्बेन्डाजिम या थिरम @ 2 ग्राम / किग्रा बीज की दर से बुवाई से 24 घंटे पहले उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा 1.15% WP @ 4gm / kg बीज से बीज का उपचार करें गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए बिजाई का समय मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर तक का होता है सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद

Posted by Arun Patil
Maharashtra
04-11-2019 09:17 AM
BHARTIYA MANAV SWASTH EVAM SAMRADDHA SANSTHAN
बमोरिया मोती
सम्बर्धन केंद्र
( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग )
सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत
दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका ,
सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्याप.... (Read More)
BHARTIYA MANAV SWASTH EVAM SAMRADDHA SANSTHAN
बमोरिया मोती
सम्बर्धन केंद्र
( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग )
सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत
दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका ,
सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित
मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे
WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING )
https://youtu.be/MMvKOBzkgFA
अगला प्रशिक्षण 9-10 NOV.
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9407461361

Posted by sumit upadhyay
Uttar Pradesh
04-11-2019 09:13 AM
श्रीमान जी, इक एकड़ में 1•6 बीघे होते हैं धन्यवाद

Posted by Abhishek Kushwaha
Uttar Pradesh
04-11-2019 09:08 AM
Abhishek ji yeh fungus hai iske liye aap mancozeb@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
04-11-2019 09:05 AM
keval ji tuc kisman jive BL 1,BL 10,BL 42,BL 43 di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by sumit upadhyay
Uttar Pradesh
04-11-2019 09:03 AM
सुमित जी , 1 एकड़ 1.6 बीघा के बराबर होता है, धन्यवाद

Posted by Yogesh Kumar
Haryana
04-11-2019 09:02 AM
Yogesh Kumar ji jo app banki kharidoge woh kisi aise goat farm se kharido jo bakriyo ko bahar charane ke liye na jate ho. means ke woh farmi bakriya ho. farmi bakri ko bahar leke jane ki jarurat nai hai. aag farm bna kar bakri rakhe koe dikkat nai hai ji. or bakriyo me sahi same par teekakaran karwaye to koe bimari aane ka bhi dar nahi hai ji.

Posted by parminder
Punjab
04-11-2019 08:58 AM
Parminder ji isda rate tuhanu khud apne nazdiki dairy walia nal gal krke pta krna pwega, kyuki eh jille de hisab nal rate alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega.
Example
Fat 4.0 *200 =800
Snf 8.0 *=170=1360
800+1360=2160
Rate per kg 21.60 paise
Milk 01 litre 21.60
Milk 10 litre 216 rupees

Posted by santosh sonkar
Chattisgarh
04-11-2019 08:58 AM
Santosh ji aap iske keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-11-2019 08:57 AM
ਇਹ ਜਾਨਵਰ ਨੂੰ ਪੱਕੀ ਜਗਾਹ ਬੰਨਣ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕੱਚੀ ਮਿਟੀ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਬੰਨਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by sunil Kumar
Uttar Pradesh
04-11-2019 08:55 AM
सुनील जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by lovepreet Sran
Punjab
04-11-2019 08:43 AM
Lovepreet ji cow lenn lai tuci Ajay Chopra 7009645902 Chopra Dairy Farm nal sampark kr skde ho..

Posted by सुभाष चन्द्र
Rajasthan
04-11-2019 08:43 AM
ईसबगोल की पूरी फसल को नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 45 किलो), फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 65 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है
नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीना बाद डालें

Posted by sunny jain
Rajasthan
04-11-2019 08:40 AM
sunnu ji you can spray carbendazim@3 gram per litre of water.thank you

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
04-11-2019 08:29 AM
ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ , Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ.
Posted by vishal singh chouhan
Madhya Pradesh
04-11-2019 08:03 AM
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए .... (Read More)
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें बीज ड्रिल,बुरकाव विधि छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए बीजों को दीमक, झूठी कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले क्लोरपाइरीफॉस 4 मि.ली. या टैबुकोनाज़ोल 2 डी एस 1.5-1.87 ग्राम या कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडरमा विराइड 1.15 प्रतिशत डब्लयु पी 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं
Posted by vishal dhangar
Madhya Pradesh
04-11-2019 08:02 AM
विशाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Gagandeep
Punjab
04-11-2019 07:58 AM
गगन जी गेहूं की बिजाई के समय दोनों में से एक का प्रयोग करना चाहिए यदि आप डीएपी डाल रहे है तो वो 55 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डालें और यदि एसएसपी डाल रहे है तो आप 155 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डालें धन्यवाद
Posted by Bhairu Singh
Rajasthan
04-11-2019 07:55 AM
भैरु जी आप सब्जियां जैसे चुकन्दर, शलगम, फूलगोभी, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, मटर, धनिया की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Tarlochan singh
Punjab
04-11-2019 07:53 AM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by prakash
Chattisgarh
04-11-2019 07:33 AM
प्रकाश जी धान की खेती में अभी आप tilt का इस्तेमाल कर सकते है इसकी मात्रा 200 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Satish pandey
Uttar Pradesh
04-11-2019 07:33 AM
सतीश जी जई की बिजाई शुरूआती अक्तूबर से अंत नवंबर तक पूरी कर लें
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
04-11-2019 07:23 AM
श्रीमान जी सल्फर का प्रयोग जिस ज़मीन में पानी कम सोखित होता है उसमें इसका फायदा होता है और शोरे की मात्रा को कम करती है
Posted by shashi
Haryana
04-11-2019 07:23 AM
शशि जी मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते मौसम साफ़ रहने का अनुमान है धन्यवाद
Posted by Chandrabhan Lodhi Patel G
Madhya Pradesh
04-11-2019 07:21 AM
Chandrabhan ji mausam vibhag ke anusar is hafte mausam saaf rahega.dhanywad
Posted by om kumar
Punjab
04-11-2019 07:17 AM
Shrimaan ji, yeh tatvo k kami ki vjah se ho raha hai, iske liye ap vermicompost 4-5 kg prati podhe ke hisaab se dalein, dhanywad
Posted by ASHUTOSH SINGH
Uttar Pradesh
04-11-2019 06:59 AM
ASHUTOSH SINGH ji UP me Online ganna parchi dekhne ke lia aap apne phone me google par jakar CANEUP.IN likh kar search kare ge to aap sarkar duara chlai gaee website par chale jaege or ancre dekhe par click kar ke apna jila or mill ka name bhar kar apni parchi ki date dekh sakte hai, is ke bina aap 1800-121-3203, 1800-103-5823 toll free no. par samparak kar adhik jankari bhi le sakte hai, THankyou.
Posted by ਰਮਨ ਬਰਾੜ
Punjab
04-11-2019 06:58 AM
Raman ji, HD 3086 di biaji da sama dekhan lai nal beji phoo nu dekho ate ik kile vich isda 40 kg prati acre de hisaab nal penda hai, dhanwad
Posted by Parveen
Punjab
04-11-2019 06:54 AM
ਪ੍ਰਵੀਨ ਜੀ ਵੜੇਮੇ ਤੁਸੀ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਉਸ ਵਿਚ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਜਿਵੇਂ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾਂਦੇ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਚਮ.... (Read More)
ਪ੍ਰਵੀਨ ਜੀ ਵੜੇਮੇ ਤੁਸੀ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਉਸ ਵਿਚ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਜਿਵੇਂ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾਂਦੇ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਚਮਕ ਬਣੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਚਿੱਚੜਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਵੀ ਘਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ

Posted by आशुतोष
Madhya Pradesh
04-11-2019 06:52 AM
आशुतोष जी, खेत में 4-6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें धन्यवाद
Posted by बालकिशन चौहान
Uttar Pradesh
04-11-2019 06:44 AM
बालकिशन जी, यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी .... (Read More)
बालकिशन जी, यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-Bomby (red color),Orobelle (yellow color),Indra (green).शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें .प्लास्टिक शीट की मदद से सुरंगी खेती: शिमला मिर्च की अगेती पैदावार के लिए गर्मियों के शुरू में इस विधि का प्रयोग किया जाता है यह दिसंबर से मध्य-फरवरी महीने के ठंडे मौसम में फसल की सुरक्षा करने में सहायता करती है बिजाई के समय कतार से कतार में 130 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई से पहले 45-60 सैं.मी. लम्बे डंडों को मिट्टी में स्थापित करें खेत को प्लास्टिक शीट से (100 गेज मोटाई) डंडों की सहायता से लगाएं फरवरी के महीने में सही तापमान होने पर प्लास्टिक शीट को हटा दें 2. गड्डे खोद कर बीज लगाकर भी इसकी खेती की जाती है बीज की मात्रा:-एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें बीज का उपचार मिट्टी से होने वाली बीमारीयों से बचाने के लिए बिजाई से पहले थीरम या कप्तान, सिरेसन आदि 2 ग्राम में प्रति किलो बीजों को भिगोएं शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब पौधे के 4-5 पत्ते निकलने शुरू हो जाये तो आरोपण करें मुख्य खेत में आरोपण किया जाता है आरोपण आमतौर पर बरसात के मौसम में किया जाता है आरोपण के लिए मुख्यतः 50-60 दिनों की पौध का प्रयोग किया जाता है आरोपण से पहले नर्सरी बैडों को पानी लगाएं ताकि पौधे को आसानी से उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए, उचित समय के अंतराल पर गोड़ाई करें नए पौधों के रोपण के 2-3 हफ्ते बाद मेंड़ पर मिट्टी चढ़ाएं यह खेत को नदीन मुक्त करने में मदद करती है रोपण के 30 दिनों के बाद पहली गोड़ाई और 60 दिनों के बाद दूसरी गोड़ाई करें बिजाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें अगली सिंचाई रोपण के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में सिंचाई उचित अंतराल पर आवश्यक होती है अपरिपक्व हरे फल कटाई के लिए तैयार होते है अपरिपक्व फल नर्म और कुरकुरे कटाई के लिए बढ़िया होते है शिमला मिर्च की औसतन पैदावार मुख्य तौर 40-50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद

Posted by Abhishek thakur
Uttar Pradesh
04-11-2019 06:34 AM
आप दोनों भैंसो को Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम और Lactomax tablet 10 गोलियां रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा और कमज़ोरी दूर रहेगी बाकि आप इसे पेट के कीड़ों की दवा 3—3 महीने के फर्क से जरूर दें..
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-11-2019 06:32 AM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹਰ ਜਗ੍ਹਾ ਵਿੱਚ ਦੋ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਫਾਸਲੇ ‘ਤੇ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 2.5-3.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Balram yadav
Uttar Pradesh
04-11-2019 06:18 AM
यादव जी आप चूज़े लेने के लिए Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है
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