
Posted by pushpendra singh
Madhya Pradesh
05-11-2019 07:35 PM
पुष्पिंदर जी, कृपया आप अपने मटर के पौधे की फोटो भेजें, ताकि आपको देख कर उसका सही समाधान बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by Md Rustam Ali Quadri
Bihar
05-11-2019 07:32 PM
श्रीमान जी, आप मिटटी की जाँच अपने पास के KVK से करवा सकते है, Krishi Vigyan Kendra, Shram Bharati, KhadiGram, Dist. Jamui अपने खेत के चरों कोनों और खेत के बीच ( center ) में से मिटी ले , मिटी लेने के लिए आप जमीन की ऊपर वाली तेह जो पीछे कर दे और 15 cm का V-shaped कट लगाए ऐसे ही सभी कोनो से मिटी इकठी कर के सभी को मिला दे और इसे शया में सूखा कर मिटी जाँच लैब में ले जाए धन.... (Read More)
श्रीमान जी, आप मिटटी की जाँच अपने पास के KVK से करवा सकते है, Krishi Vigyan Kendra, Shram Bharati, KhadiGram, Dist. Jamui अपने खेत के चरों कोनों और खेत के बीच ( center ) में से मिटी ले , मिटी लेने के लिए आप जमीन की ऊपर वाली तेह जो पीछे कर दे और 15 cm का V-shaped कट लगाए ऐसे ही सभी कोनो से मिटी इकठी कर के सभी को मिला दे और इसे शया में सूखा कर मिटी जाँच लैब में ले जाए धन्यवाद

Posted by Harender chahar Dkchahar
Uttar Pradesh
05-11-2019 07:31 PM
Harender ji, kripya ap butte ki jarh mein deemak ka hamla check karein, agar deemak ho to ap isme chloropyriphos @ 4 ml per liter pani ke hisaab se spray kein, dhanywad

Posted by Md Rustam Ali Quadri
Bihar
05-11-2019 07:30 PM
श्रीमान जी, टमाटर के लिए किस्मे जैसे के Hisar Arun (Selection 7), Kashi Amrut (D.V.R.T 1), Kashi Anupam, Kashi Vishesh (H -86), Pant Bahar, Arka Vikas, D T 10, Arka Saurabh, Pusa Hybrid 2, Avinash 2 की बुवाई कर सकते है टमाटर के लिए बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.म.... (Read More)
श्रीमान जी, टमाटर के लिए किस्मे जैसे के Hisar Arun (Selection 7), Kashi Amrut (D.V.R.T 1), Kashi Anupam, Kashi Vishesh (H -86), Pant Bahar, Arka Vikas, D T 10, Arka Saurabh, Pusa Hybrid 2, Avinash 2 की बुवाई कर सकते है टमाटर के लिए बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें आप फूलगोभी के लिए किस्मे जैसे के Improved Japani, Sairano, Pusa Snowball K-1, Snowball 16 की बुवाई कर सकते है अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं धन्यवाद

Posted by Rao Ravindra Yadav Yadav
Madhya Pradesh
05-11-2019 07:30 PM
ravindra ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap soybean ko bechne ke bare men jankari lena chahte hai ya ise beejne ke bare men jankari lena chahte ha taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Harender chahar Dkchahar
Uttar Pradesh
05-11-2019 07:29 PM
Harender ji, kripya ap butte ki jarh mein deemak ka hamla check karein, agar deemak ho to ap isme chloropyriphos @ 4 ml per liter pani ke hisaab se spray kein, dhanywad

Posted by Md Rustam Ali Quadri
Bihar
05-11-2019 07:29 PM
श्रीमान जी 1 एकड़ में से 15,000 -20,000 kg फूलगोभी की उपज की जा सकती है,
1 एकड़ में फूलगोभी के 500 gm बीज लगता है फ़ूलगोभी में पूरी लागत :
जमीन की तैयारी : 1500/-
बीज के खर्चा : 1000/-
स्प्रे के खर्चा : 1500/-
खाद के खर्चा : 1300 /-
मजदूर के खर्चा : 8000 /-
सिंचाई व् कृषि यंत्र के खर्चा : 4000/-
कटाई के खर्चा : 3500/-
मार्टकेटिंग के खर्चा : 2000/-
पूरा खर्चा : 26300/-
1 ए.... (Read More)
श्रीमान जी 1 एकड़ में से 15,000 -20,000 kg फूलगोभी की उपज की जा सकती है,
1 एकड़ में फूलगोभी के 500 gm बीज लगता है फ़ूलगोभी में पूरी लागत :
जमीन की तैयारी : 1500/-
बीज के खर्चा : 1000/-
स्प्रे के खर्चा : 1500/-
खाद के खर्चा : 1300 /-
मजदूर के खर्चा : 8000 /-
सिंचाई व् कृषि यंत्र के खर्चा : 4000/-
कटाई के खर्चा : 3500/-
मार्टकेटिंग के खर्चा : 2000/-
पूरा खर्चा : 26300/-
1 एकड़ में लबभग 26300 के खर्चा आ जाता है, धन्यवाद
Posted by arun Patidar
Madhya Pradesh
05-11-2019 07:26 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein phir shuroo krain
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
05-11-2019 07:17 PM
ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਜੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਟੀਮ ਵਲੋਂ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ, ਅਸੀਂ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਵੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਵੀ ਜਲਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਡੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜਾ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੇ ਸੰਬੰਧਿਤ ਕਿਸੀ ਵੀ ਸਮੱਸਿਆ ਦਾ ਜਲਦੀ ਹੱਲ ਹੋ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ

Posted by gurpreet
Punjab
05-11-2019 07:15 PM
यदि आप Gibbrellic acid का चारे के लिए प्रयोग ना करें तो बहुत अच्छा रहेगा इससे पशुओं पर बुरा असर होता है इसलिए आप पाथियों के पानी की स्प्रे कर सकते है उससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी
Posted by JAFAK KHAN
Uttar Pradesh
05-11-2019 07:14 PM
Jafar ji, ap isme NAA @ 15 ml prati 50 liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Ranjit Singh
Punjab
05-11-2019 07:08 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ, ਬਾਸਮਤੀ 1718 ਦਾ rate ਇਸ ਵੇਲੇ 2400 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, dhanwad
Posted by Harpreet batth
Punjab
05-11-2019 06:44 PM
श्रीमान जी डाकर ज़मीन में HD-3086,HD-2967,PBW343 और नई किस्में HD-3226, DBW-187, DBW-222 की बिजाई कर सकते है
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
05-11-2019 06:44 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Vitum-H 10ml-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਦਿਓ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਚੁਆਈ ਦੇ ਟਾਈਮ ਥਨਾ ਨੂੰ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਚੁਆਈ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by Rajnesh
Haryana
05-11-2019 06:43 PM
HD 2967: ये ज्यादा लंबाई वाली किस्म है जिसमें पौधे की औसतन लंबाई 101 सैं.मी होती है इसके दाने सुनहरे, छोटे, सख्त और चमकीले होते है ये लगभग 157 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 21.5 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Kamlesh
Uttar Pradesh
05-11-2019 06:41 PM
मदन जी ,आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद
Posted by Rakesh Kumar
Uttar Pradesh
05-11-2019 06:35 PM
राकेश जी, तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं.... (Read More)
राकेश जी, तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए तरबूज के लिए आप किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बुवाई कर सकते हो मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मध्य मार्च का समय अनुकूल होता है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना क्यारियों में लगाना : बीज को क्यारी के एक ओर लगाएं एक समय पर 3-4 बीज बोयें और जमाव के बाद एक सेहतमंद बूटा रखें पौधों का आपस में फासला 60-90 सैं.मी. रखें गड्ढा खोद के लगाना : एक टोए में 4 बीज बोयें गड्ढा 60x60x60 सैं.मी. का रखें दो कतारों में फासला 2-3.5 मीटर और पौधों में फासला 0.6-1.2 मीटर रखें गड्ढों को अच्छी तरह रूड़ी और मिट्टी से भरें जमाव के बाद एक बूटा एक गड्ढे में रखें मेड़ पर लगाना : यह तरीका गड्ढे खोदने वाले तरीके जैसा ही है इस में 30x30x30 सै.मी. के गड्ढे 1-1.5 मीटर के फासले पर लगाएं दो बीज एक मेड़ पर लगाएं एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 2 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई से पहले, कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को 4 ग्राम ट्राईकोडर्मा विराइड से उपचार करें बीज को छांव में सुखाएं और बीज दें बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 20 किलो नाइट्रोजन (45 किलो यूरिया),10 किलो फासफोरस (65 किलो सिंगल सुपरफासफेट) और 10 किलो पोटाश (18 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) प्रति एकड़ में डालें पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बोने के समय खेत में डालें बिजाई के 30-45 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:00:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें शुरूआत में बैडों को नदीनों से मुक्त रखें नदीनों की समय पर रोकथाम ना करने पर 30 प्रतिशत पैदावार कम हो जाती है बीजने से 15-20 दिनों के बाद गोडाई करनी चाहिए नदीनों की रोकथाम के लिए 2 या 3 गोडाई की जरूरत पड़ती है बीजों के जल्दी अंकुरण के लिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें फसल पकने पर जरूरत के अनुसार पानी लगाएं फसल में पानी ना खडा होने दें पानी लगाते समय मेंड़ों को गीला ना होने दें, विशेष कर फूलों और फलों को पानी ना लगने दें भारी ज़मीनों को लगातार पानी ना लगाएं ज्यादा मिठास और अच्छे स्वाद के लिए फसल काटने पर 3-6 दिन पहले पानी लगाएं जब तने के साथ वाले रेशे सूख जाएं और ज़मीन में लगा फल पीला हो जाए और फल सफेद होने लग जाए तब फल तोड़ लें फल को थप-थपाने से भद्दी सी आवाज़ देना इसके पकने की निशानी है फल को पूरा पकने के बाद ही तोड़ना चाहिए आधे पके फलों में मिठास और रंग कम होता है पके फलों को चाकू से काट लें फलों को ठंडे और नमी वाले वातावरण में रखें धन्यवाद
Posted by Mandeep dhillon
Punjab
05-11-2019 06:32 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD 3226 ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ ਜਿਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22-30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 30ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ 35ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਸਦਾ ਨਾੜ ਮੋਟਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਨਹੀ ਡਿਗਦੀ,ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 105 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
05-11-2019 06:30 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Hitek injection 1ml/50kg ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Freetic soap ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਇਸ ਸਾਬਣ ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਮਿੰਟ ਛੱਡ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਨੁਹਾ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
05-11-2019 06:29 PM
श्रीमान जी, यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए न.... (Read More)
श्रीमान जी, यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें धन्यवाद

Posted by Maninder Sran
Punjab
05-11-2019 06:25 PM
श्रीमान जी नरमे का रेट 5150—5300 रूप्ये प्रति क्विंटल चल रहा है इसका सरकारी रेट 5450 रूप्ये प्रति क्विंटल है

Posted by anup
Rajasthan
05-11-2019 06:22 PM
Anup ji, app par vohi rate show hote hai jo sarkar ki taraf se update hota hai, jab bhi moong ka rate sarkar ki taraf se update kiya jae ga vo app par show ho jae ga, dhanywad

Posted by Ankit pal
Uttar Pradesh
05-11-2019 06:20 PM
श्रीमान जी, पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे .... (Read More)
श्रीमान जी, पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by anup
Rajasthan
05-11-2019 06:20 PM
Anup ji, aap app ke khetibadi section mein dalon ki jankari ke ander moong ki fasal ke bare me padh sakte hai, adhik jankari ke liye ap apni kheti helpline number 9779977641 par samparak kar sakte hain, dhanywad
Posted by sunil
Uttar Pradesh
05-11-2019 06:13 PM
Sunil g gehu ki kisam HD-3086 HD-2967 PBW-343 PBW Zn-1 ki beejayi kr skte ho g..
Posted by Ashish uikey
Madhya Pradesh
05-11-2019 06:10 PM
Ashish ji aap dudharoo bhainso ke vare mai kya jankari lena chahte hai kripya aap apna swal vistar se pushen tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by Suraj Kumar Sahu
Chattisgarh
05-11-2019 06:07 PM
सूरज जी, धनिये की कही पैदावार के लिए खेत की अचे से जुताई करें और बुवाई 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक की जानी चाहिए 30 cm स्पेसिंग लाइन से लाइन की रखें और 10cm की दूरी बीज से बीज की रखें बुवाई के लिए 6-8 किग्रा / एकड़ बीज का प्रयोग करें गाय के गोबर का आवेदन @ 40qtl / एकड़, नाइट्रोजन @ 25kg / एकड़, फॉस्फोरस @ 25kg / पोटेशियम और 8kg / एकड़ करना चाह.... (Read More)
सूरज जी, धनिये की कही पैदावार के लिए खेत की अचे से जुताई करें और बुवाई 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक की जानी चाहिए 30 cm स्पेसिंग लाइन से लाइन की रखें और 10cm की दूरी बीज से बीज की रखें बुवाई के लिए 6-8 किग्रा / एकड़ बीज का प्रयोग करें गाय के गोबर का आवेदन @ 40qtl / एकड़, नाइट्रोजन @ 25kg / एकड़, फॉस्फोरस @ 25kg / पोटेशियम और 8kg / एकड़ करना चाहिए गोबर, फास्फोरस और पोटाश की पूरी खुराक और नाइट्रोजन की 1 / 3rd खुराक बुवाई के समय डाली जाती है बाकी की खुराक दो समान छींटों में डाली जाती है, पहली बुवाई के 20 दिनों के बाद और दूसरी खुराक बुवाई के 40 दिनों के बाद डाली जाती है धन्यवाद

Posted by Ankit Sharma
Uttarakhand
05-11-2019 06:03 PM
अंकित जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप किस पर्ची के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।

Posted by मोहम्मद निज़ाम खान
Madhya Pradesh
05-11-2019 05:38 PM
आप इसे Broton liquid 10ml रोजाना और Groviplex liquid रोजाना देना शुरू करें इससे अच्छी ग्रोथ हो जाएगी ये आप बच्चों को भी भार के हिसाब दे सकते है बाकि आप उनकी खुराक और फीड का पूरा ध्यान रखें..

Posted by Angrej singh
Punjab
05-11-2019 05:33 PM
ਅੰਗਰੇਜ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 191919 ਇਕ ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Bhanupratap
Uttar Pradesh
05-11-2019 05:30 PM
Bhanupratap ji aap kosish kare ke khet men nehr ke pani se sinchai karen. namkeen pani se fasl sookhti hai.dhanywad

Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
05-11-2019 05:26 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 45 ਦਿਨ ਬਾਦ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਉਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਜੇਕਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਵੇ ਤਾਂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਮਿਸ ਕਰਵਾ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ.
Posted by rohit yadav
Uttar Pradesh
05-11-2019 05:25 PM
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई क.... (Read More)
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है
UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है
DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं
NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं
MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है
HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है
PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है

Posted by Ashwani Kumar
Uttar Pradesh
05-11-2019 05:23 PM
अश्वनी जी आप इसमें कीट का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by sahdev saini
Rajasthan
05-11-2019 05:21 PM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं
Posted by Sahil Choudhary
Rajasthan
05-11-2019 05:20 PM
यह हर तरह की मिट्टी में उग सकती है पर क्षारीय, नमक वाली और जल जमाव वाली मिट्टी में नहीं उग सकती मिट्टी नदीन और जड़ रहित होनी चाहिए ताकि बीज एक जैसी गहराई में बोये जा सकें सीड बैड तैयार करने के लिए हल्की मिट्टी, कम जोताई की आवश्यकता होती है भारी मिट्टी में एक गहरी जोताई के बाद 3-4 क्रॉस हैरो से जोताई करनी चाहिए मि.... (Read More)
यह हर तरह की मिट्टी में उग सकती है पर क्षारीय, नमक वाली और जल जमाव वाली मिट्टी में नहीं उग सकती मिट्टी नदीन और जड़ रहित होनी चाहिए ताकि बीज एक जैसी गहराई में बोये जा सकें सीड बैड तैयार करने के लिए हल्की मिट्टी, कम जोताई की आवश्यकता होती है भारी मिट्टी में एक गहरी जोताई के बाद 3-4 क्रॉस हैरो से जोताई करनी चाहिए मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए 2-3 जोताई पर्याप्त होती है पानी के अच्छे बहाव के लिए सुहागा मारना बहुत जरूरी है फसल बीजने के समय खेत में सही नमी होनी चाहिए बिजाई नवंबर महीने में पूरी कर लेनी चाहिए बिजाई में देरी करने से पैदावार में कमी आती है पंक्तियों में बीज 22 सैं.मी. की दूरी पर बोने चाहिए और देरी से बिजाई करने की हालतों में पंक्तियों की दूरी कम करके 18 सैं.मी. कर देनी चाहिए बीजों को 3-4 सैं.मी. गहराई में बोयें बिजाई के लिए पोरा ढंग या खाद और बीज वाली मशीन का प्रयोग करें इसके इलावा इसकी बिजाई हाथों से छींटा देकर की जा सकती है
Posted by ashok kumar painkra
Chattisgarh
05-11-2019 05:18 PM
आप दूध निकालने वाली मशीन लेना चाहते है तो आप इनमें से किसी भी कंपनी की ले सकते है जैसे Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826.

Posted by manmohan singh
Punjab
05-11-2019 05:17 PM
ਮਨਮੋਹਨ ਜੀ ਇਹ ਇਹ ਕੀੜਾ ਹੈ ਜੋ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਕਟ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜਿਹੜੇ ਪੱਤੇ ਲਾਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਰਨ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by suresh
Madhya Pradesh
05-11-2019 05:16 PM
सुरेश जी, इसकी रोकथाम के लिए आप folicur @ 200 ml और UPL की Saaf @ 400 gm प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by ਬਲਕਾਰ ਚੰਦ
Punjab
05-11-2019 05:13 PM
ਬਲਕਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਫ਼ਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਇਸਦੀ ਵੇਲ ਦੀ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਬਲਕਾਰ ਚੰਦ
Punjab
05-11-2019 05:08 PM
ਬਲਕਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਫ਼ਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਇਸਦੀ ਵੇਲ ਦੀ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Arjun Aanjna
Madhya Pradesh
05-11-2019 05:08 PM
अर्जुन जी उसे आप Hitek injection 1ml/50kg शरीर के भार के हिसाब से चमड़ी में लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by ਬਲਕਾਰ ਚੰਦ
Punjab
05-11-2019 05:05 PM
ਬਲਕਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਫ਼ਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਇਸਦੀ ਵੇਲ ਦੀ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬੱਬੂ ਬਦਿਆਲਾ
Punjab
05-11-2019 05:03 PM
ਬੱਬੂ ਜੀ ਯੂਨੀਵਰਿਸਟੀ ਇਸਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ ਪਰ ਕਈ ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੇ ਤਜਰਬੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਨੂੰ ਰਲਾ ਕੇ ਬੀਜਦੇ ਹਨ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਰਲਾ ਕੇ ਬੀਜਦੇ ਹੋ ਤਾ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by daljit singh
Punjab
05-11-2019 05:02 PM
PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰ.... (Read More)
PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by prahalad chaubey
Uttar Pradesh
05-11-2019 04:56 PM
आप इसकी नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि इसकी जांच करके ही इसका सही इलाज किया जा सकता है
Posted by Pintu Shakya
Uttar Pradesh
05-11-2019 04:51 PM
श्रीमान जी, पहली सिंचाई के लिए बिजाई के 30-40 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें और दूसरी सिंचाई बिजाई के 70-80 दिनों के बाद करें सिंचित हालातों में नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (सुपर फास्फेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फास.... (Read More)
श्रीमान जी, पहली सिंचाई के लिए बिजाई के 30-40 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें और दूसरी सिंचाई बिजाई के 70-80 दिनों के बाद करें सिंचित हालातों में नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (सुपर फास्फेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा डालें और बाकी बची नाइट्रोजन पहली सिंचाई के समय डालें धन्यवाद

Posted by om prakash
Bihar
05-11-2019 04:50 PM
श्रीमान जी, अगर इसके तन्ने में सुंडी है, तो इसमें आप qunalphos @ 4ml की स्प्रे कर सकते है, आपके पौधे में किसी कीट का हमला दिखाई नहीं दे रहा है, इसको किसी जानवर के दवारा तोड़ा गया है, कृपया आप अपने खेत की fencing करवाय ताकि कोई बाहरी जानवर आपके पौधे को खराब ना कर सके, धन्यवाद
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