
Posted by gurpreet singh
Punjab
06-11-2019 07:48 PM
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਉਸਦੇ ਜਨਮ ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Albomar liquid 30ml ਦਿਓ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਹਰ 1-1 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਦਵਾਈ ਦਿਓ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, 1 ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ .... (Read More)
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪਹਿਲਾ ਉਸਦੇ ਜਨਮ ਤੋਂ 7 ਦਿਨ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Albomar liquid 30ml ਦਿਓ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਹਰ 1-1 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਸਾਲਟ ਬਦਲ ਕੇ ਦਵਾਈ ਦਿਓ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, 1 ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਠੰਡ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਸਵੇਰ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਚੜਨ ਤੇ ਬਾਹਰ ਕੱਢੋ ਅਤੇ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਪੈਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅੰਦਰ ਕਰ ਦਿਓ .

Posted by Bhola singh
Punjab
06-11-2019 07:39 PM
श्रीमान जी HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों के पीलेपन और भूरपेन की बीमारी से रहित होती है इसमें अच्छी किस्म के बरेड बनाने के सभी तत्त होते है इसकी बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने तक कर सकते है ये पकने के लिए 156 दिन और इसकी लंबाई 96 सैं.मी होती है
Posted by Devji Mewada
Madhya Pradesh
06-11-2019 07:30 PM
गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के सम.... (Read More)
गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए
बारानी क्षेत्रों में फसल को दीमक के हमले से बचाव के लिए क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 700 मि.ली. को 5 लीटर पानी में मिलाकर 100 किलो बीजों का उपचार करें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए बीजों को दीमक, झूठी कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले क्लोरपाइरीफॉस 4 मि.ली. या टैबुकोनाज़ोल 2 डी एस 1.5-1.87 ग्राम या कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडरमा विराइड 1.15 प्रतिशत डब्लयु पी 4 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं
कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है
Posted by डा.गगन दीप सिंह
Punjab
06-11-2019 07:23 PM
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इन.... (Read More)
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, इसके इलावा आप रोजाना 50—100 ग्राम मिर्नल मिक्सर्च जैसे कि Agrimin, Bovimin-B, Minfa gold कोई भी दे सकते है और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें
Posted by Lakhvir Singh
Punjab
06-11-2019 07:20 PM
श्रीमान जी UNNAT PBW 343: ये किस्म सिंचाई वाले क्षेत्रों में लगाने योग्य है पकने के लिए ये 155 दिन का समय लेती है ये करनाल बंट की प्रतिरोधी और ब्लाइट को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 23.2 क्विंटल प्रति एकड़ है HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों में भूरेपन और पीलेपन की बीमारी से रहित होती ह.... (Read More)
श्रीमान जी UNNAT PBW 343: ये किस्म सिंचाई वाले क्षेत्रों में लगाने योग्य है पकने के लिए ये 155 दिन का समय लेती है ये करनाल बंट की प्रतिरोधी और ब्लाइट को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 23.2 क्विंटल प्रति एकड़ है HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ये पत्तों में भूरेपन और पीलेपन की बीमारी से रहित होती है इसमें अच्छे किस्म के बरेड बनाने के सारे तत्त मौजूद होते है इसकी बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने तक कर सकते है ये पकने के लिए 156 दिन और लंबाई 96 सैं.मी. है
Posted by डा.गगन दीप सिंह
Punjab
06-11-2019 07:19 PM
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इन.... (Read More)
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, इसके इलावा आप रोजाना 50—100 ग्राम मिर्नल मिक्सर्च जैसे कि Agrimin, Bovimin-B, Minfa gold कोई भी दे सकते है और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों के लिए गोली जरूर दें और रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें

Posted by Sujit Singh
Bihar
06-11-2019 07:18 PM
Sujit Singh ji tulsi ki contract farming ke lia aap Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 se samparak kar sakte hai, in se aap ko kheti ke lia aap training or seed bhi mil jaega or fasal tyar hone par je aap ki fasal khreed bhi lenge, Thankyou.
Posted by Shyam Mohan Singh
Uttar Pradesh
06-11-2019 07:17 PM
श्रीमान जी, कीवी को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी कीवी की खेती के लिए अच्छी होती है अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए मिट्टी की पी एच 6.9 से कम होनी चाहिए भारी गीली मिट्टी में इसकी खेती नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह पौधे की वृद्धि पर प्रभाव डालती है Hayward: इस किस्म क.... (Read More)
श्रीमान जी, कीवी को मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी कीवी की खेती के लिए अच्छी होती है अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए मिट्टी की पी एच 6.9 से कम होनी चाहिए भारी गीली मिट्टी में इसकी खेती नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह पौधे की वृद्धि पर प्रभाव डालती है Hayward: इस किस्म के फल चौड़े और समतल होते हैं इस किस्म को अधिक ठंडे समय की आवश्यकता होती है Abbott: यह किस्म जल्दी फूल निकालने वाली और जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल मध्यम आकार के और लंबाकार आकार के होते हैं इसके फल स्वाद में बहुत मीठे होते हैं Allison: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल स्वाद में मीठे होते हैं Monty: यह अधिक पैदावार वाली किस्म है यह देरी से पकने वाली और जल्दी फल पकने वाली किस्म है इसके फल अच्छे आकार के और लंबाकार होते हैं Bruno: इस किस्म को कम ठंडे तापमान की आवश्यकता होती है इसके फल का आधार लंबा पतला होता है इस किस्म के फल गहरे भूरे रंग के होते हैं जो कि आकार में छोटे और घने होते हैं शैड की तैयारी : हवा एक प्रमुख कारक है इसलिए कीवी के फलों को अच्छे विकास के लिए और हवा से बचाने के लिए शैड की आवश्यकता होती है कीवी की खेती के लिए खड़ी ढाल भूमि की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की अच्छी तरह से जोताई करें गड्ढों को तैयार करें और दिसंबर महीने में गड्ढों को अच्छी तरह से गली रूड़ी की खाद के साथ भरें रोपाई जनवरी-फरवरी महीने में की जाती है T-bar ढंग में कतारों में 4 मीटर और पौधे से पौधे में 5-6 मीटर फासले का प्रयोग करें परगोला ढंग में कतारों में 6 मीटर फासले का प्रयोग करें सिधाई मुख्य रूप से पौधे को सहारा देने के लिए की जाती है पहले मौसम में, नए पौधे की मुख्य शाखा को खूंटी से सहारा दिया जाता है दूसरे मौसम में, वृद्धि के लिए एक दूसरे की सामने वाली शाखाओं को तारों से दिया जाता है और अगले वर्ष में बाद वाली शाखाओं को आकार देने के लिए घेरे के लंबवत किया जाता है छंटाई तीसरे वर्ष में की जाती है 15-20 शाखाओं को छोड़कर की जाती है चौथे वर्ष में, कीवी के वृक्ष का आकार बन जाता है फूलों की खेती रेतली मिटी में की जाती है, चिकनी मिटटी में इसकी पैदावार अच्छी नहीं होती है, आप फूलों की market पास में पहले जरूर देखें, क्युकी फूलों को marketing की सुविधा चाहिए, और अगर आप फूलों की खेती पहली बार कर रहे है तो आप गेंदे का फूल लगाए उसमे आप गेंदे की french marigold किसम की बिजाई करें, धन्यवाद

Posted by vinod rather
Madhya Pradesh
06-11-2019 07:14 PM
विनोद जी अफीम में ज्यादतर रोग जैसे पत्तों के निचले धब्बे,पत्तों के ऊपरी धब्बे का ही हमला होता है धन्यवाद
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
06-11-2019 07:12 PM
kirandeep ji tuc ehna de form online bhar sakde ho is to ilava tuc ehna de helpline number Phone: 011-23381092,91-11-23382401te sampark vi kar sakde ho.dhanwad

Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
06-11-2019 07:03 PM
अमरजीत जी कृपया बताये कि अभी बैंगन में क्या दिक्कत आ रही है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Suraj Kumar Sahu
Chattisgarh
06-11-2019 07:02 PM
सूरज जी कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Suraj Kumar Sahu
Chattisgarh
06-11-2019 07:00 PM
सूरज जी, आप इसके लिए vermicompost 4 -5 kg प्रति पौधे के हिसाब से डालें, धन्यवाद

Posted by सतीश पोरवाल
Madhya Pradesh
06-11-2019 06:49 PM

Posted by Baljinder singh
Punjab
06-11-2019 06:47 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500.... (Read More)
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by vijay bind
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:45 PM
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल प.... (Read More)
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by Jagdish Prasad
Rajasthan
06-11-2019 06:43 PM
जगदीश जी इसे आप Ifer-H injection 5ml लगवायें और एक- एक सप्ताह के फर्क से 2—3 इंजेक्शन लगवायें
Posted by ravindersingh panwar
Rajasthan
06-11-2019 06:43 PM
रविंदर जी आप इसमें दीमक का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर chlorpyriphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Rakesh Kumar
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:41 PM
उसे आप 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ और 100 ग्राम सूखे आंवले और 50 ग्राम अज्वाइण उबाल कर फिर ठंडा करके 5—7 दिन दें बाकि उसे Anabolite liquid 100ml-100ml सुबह शाम रोजाना देना शुरू करें..

Posted by Baljinder singh
Punjab
06-11-2019 06:36 PM
ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ .... (Read More)
ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:36 PM
Bivnesh kumar ji seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by mandeep Singh
Punjab
06-11-2019 06:30 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਸਿਓਂਕ ਲਈ chloropyriphos @ 1 liter ਨੂੰ 60 kg ਮਿੱਟੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
06-11-2019 06:28 PM
tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao ji usdi janch krke sahi ilag ho skda hai hun tuci uss nu mitha soda 20-25gm tak de skde ho..

Posted by hukam
Madhya Pradesh
06-11-2019 06:27 PM
श्रीमान जी, कृपया आप फसल का पूरा नाम बताये ताकि आपको उसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by ram milan
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:18 PM
श्रीमान जी , सिंचित क्षेत्रों के लिए किस्मे जैसे के Narendra Ageti Rai 4, Varuna (T 59), Vasanti, Rohini, Maya, Urvashi, Narendra Swarna Rai 8, Narendra Rai असिंचित क्षेत्रों के लिए किस्मे जैसे के Vaibhav, Varuna (T 59), पिछेती बिजाई के लिए किस्मे जैसे के Aashirwad, Varadan लवणी मिट्टी के लिए किस्मे जैसे के Narendra Rai, CS 52, CS 54 की बिजाई करें, धन्यवाद
Posted by Vijay kumar
Punjab
06-11-2019 06:17 PM
BhaaG deputy director animal husbandry Faridkot naal sampark karo g

Posted by patel
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:11 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले क.... (Read More)
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें बिजाई के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली सेमी ऑटोमेटिक या ऑटोमैटिक प्लांटर का प्रयोग करें

Posted by Harmanpreet Singh
Punjab
06-11-2019 06:11 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu 7din khuao har 3 mahine baad malap rehat karo

Posted by phoolchandra tiwari
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:09 PM
kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahthe hai kya apke pashuo ko chichad ki smsaia aati hai ja koi aur smasia hai, tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by Ayush Gupta
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:08 PM
आयुष जी इसे हल्दी रोग भी कहा जाता है इसके लिए आप tilt @200ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by daler singh
Punjab
06-11-2019 06:08 PM
ਦਲੇਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਚਕੁੰਦਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਆਲੂ, ਸਰ੍ਹੋਂ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ, ਪਿਆਜ, ਮਟਰ, ਧਨੀਆ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by patel
Uttar Pradesh
06-11-2019 06:02 PM
Shriman ji, kripya apna sawal visthar se puche tajo apko uski puri jankari di ja sake , dhanywad

Posted by patel
Uttar Pradesh
06-11-2019 05:50 PM
Patel ji, kandua rog ke liye ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by patel
Uttar Pradesh
06-11-2019 05:49 PM
Patel ji, kandua rog ke liye ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Rakesh kumar
Punjab
06-11-2019 05:46 PM
Rakesh ji, agar apki sari shartein milti hai sarkar ki sharton ke sath, or apka adhar card apke bank ke sath llinked hai, to apki kisht a jaegi , dhanywad

Posted by Harendra Chikara
Uttar Pradesh
06-11-2019 05:45 PM
Harender ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iske liye ap copper oxychloride @ 3gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by inderjit singh
Punjab
06-11-2019 05:36 PM
श्रीमान जी गेहूं में मैगनीज की कमी आ जाती है इसके लिए पहला पानी लगाते समय मैगनीज की स्प्रे कर सकते है

Posted by yuvrajsingh
Madhya Pradesh
06-11-2019 05:22 PM
श्रीमान जी, यह fungus की वजह से हो रहा है, कृपया आप इसमें custiodia @ 300 ml प्रति केयर के हिसाब से स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by bhangu sabb
Punjab
06-11-2019 05:20 PM

Posted by Mukesh Pandit
Uttar Pradesh
06-11-2019 05:13 PM
श्रीमान जी, कृपया आप जड़ों में दीमक का हमला देखें, अगर दीमक हो तो आप chlorpyriphos @ 1 लीटर 60 kg मिटी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by Rahul
Haryana
06-11-2019 05:09 PM
Rahul ji , keet ki roktham ke liye ap quinalphos @ 4-5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by shersingh rawat
Rajasthan
06-11-2019 05:03 PM
शेरसिंह जी आप निम्बू की किस्मे जैसे Kagzi (Acidlime): यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनता वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतले छिल्के वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत अम्लीय होता है Chakradhar: यह किस्म सीधी और घनी शाखाएं वाली होती है इसके फल गोल आकार .... (Read More)
शेरसिंह जी आप निम्बू की किस्मे जैसे Kagzi (Acidlime): यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनता वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतले छिल्के वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत अम्लीय होता है Chakradhar: यह किस्म सीधी और घनी शाखाएं वाली होती है इसके फल गोल आकार के होते हैं, जिनका कागज़ी छिल्का होता है और रस की मात्रा 60-66 प्रतिशत होती है मुख्य रूप से रोपाई के चौथे साल तक फल देना शुरू करता है ये सामान्य रूप से जनवरी-फरवरी, जून-जुलाई और सितंबर-अक्तूबर के महीने में फल निकलते हैं PKM 1: इस किस्म के फल गोल होते हैं जो कि आकार में मध्यम से बड़े होते हैं इनमें 53 प्रतिशत रस की मात्रा होती है
Posted by abhishek upadhyay
Uttar Pradesh
06-11-2019 05:01 PM
अभिषेक जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी औ.... (Read More)
अभिषेक जी, इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें लंबी किस्मों के लिए 32-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और छोटे कद की किस्मों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 13 किलो (30 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीने बाद डालें छोटे कद की किस्मों के लिए नाइट्रोजन की 8 किलो मात्रा बिजाई के समय डालें एक या दो गोडाई करना यह किस्म पर निर्भर करता है पहली गोडाई, फसल की बिजाई के 3-4 सप्ताह बाद या जब फसल 2 या 3 पत्ते निकाल लेती है और दूसरी गोडाई, फूल निकलने से पहले करें मटरों की खेती के लिए नदीन नाशकों का प्रयोग बहुत प्रभावशाली होता है फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज बोने से पहले खेत में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या बसालिन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग फसल बीजने से 48 घंटों के अंदर करें धन्यवाद
Posted by ashok tiwari
Madhya Pradesh
06-11-2019 04:44 PM
Ashok tiwari ji Lemon Plant lene ke lia aap Ravi Choudhary 8003892293, 9530002191 se samparak kare, Thankyou.
Posted by neelesh shakya
Uttar Pradesh
06-11-2019 04:36 PM
श्रीमान जी, कृपया आप मिटटी में निमाटोड का हमला देखें,और अगर हमला हो तो आप furadon @3 -4 kg प्रति एकड़ के हिसाब से डालें , धन्यवाद

Posted by
Punjab
06-11-2019 04:26 PM
Shrimaan ji, kripya aap variety ka pura nam bataye taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
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