Experts Q&A Search

Posted by sanjeev Kumar
Punjab
08-11-2019 06:17 AM
Punjab
11-08-2019 10:07 AM
sanjeev ji barseem di growth de layi tuc hoshi@400ml nu prati acre de hisab nal vart sakde ho.barseem de gaale nu rokan de layi tuc carbendazim@400 gram nu prati acre de hisab nal vart sakde ho.dhanwad
Posted by ajeet Singh
Uttar Pradesh
08-11-2019 06:07 AM
Punjab
04-11-2020 08:40 AM
Ajeet Singh ji apple plant lene ke lia aap Narendar 9416112157 and Sarwan Singh Maan 9340126148, 9478000850 Anmaanat Biotech se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by parvinder singh
Punjab
08-11-2019 06:05 AM
Posted by Sajid Khan
Rajasthan
08-11-2019 06:02 AM
Maharashtra
11-08-2019 09:57 AM
मिट्टी को नर्म करने के लिए 6 से 7 बार जोताई करें खेत में 4-6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद और 10 पैकेट एज़ोसपीरीलियम के डालें खेत में 45-50 सैं.मी. के फासले पर खालियां और मेंड़ बनाएं
Posted by SANTOSH BHAIJAAN
Bihar
08-11-2019 05:31 AM
Punjab
11-08-2019 07:40 AM
Santosh ji aap bakri ka bacha lene ke liye Sumit Thakur 8409119075, 6299926127 Thakur Goat Farm se sampark kr skte hai..
Posted by Rajesh Gupta
Delhi
08-11-2019 03:30 AM
Punjab
11-08-2019 07:45 AM
राजेश जी इन दोंनो कामों में फायदा तभी होता है यदि आप इन कामों को पूरी ट्रेनिंग लेकर और सही जानकारी के साथ शुरू करते है बकरी पालन और सुहर पालन दोंनो ही अच्छे काम है आप अपनी दिलचस्पी के हिसाब से कोई भी काम कर सकते है पर शुरूआत में आप थोड़े जानवर रखें जिससे आपको इस काम का अनुभव भी होता रहेगा और उनकी खुराक, सही देख.... (Read More)
राजेश जी इन दोंनो कामों में फायदा तभी होता है यदि आप इन कामों को पूरी ट्रेनिंग लेकर और सही जानकारी के साथ शुरू करते है बकरी पालन और सुहर पालन दोंनो ही अच्छे काम है आप अपनी दिलचस्पी के हिसाब से कोई भी काम कर सकते है पर शुरूआत में आप थोड़े जानवर रखें जिससे आपको इस काम का अनुभव भी होता रहेगा और उनकी खुराक, सही देखभाल के बारे में भी पता लगता रहेगा ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते है Krishi Vigyan Kendra Ujwa, Delhi-110073 Tel. 9667971155 Mob. 08888867619
Posted by Rajesh Gupta
Delhi
08-11-2019 03:19 AM
Punjab
11-08-2019 07:48 AM
राजेश जी बकरी पालन करने का सभी का अपना अपना अनुभव होता है इस काम को उसी जगह करने का फायदा होता है यहां इसकी मार्किट भी अच्छी होती है आप इसकी शुरूआत 10 बकरियों और 2 बकरों के साथ कर सकते है जिससे आपको इस काम का भी पता लग जाएगा और आपको इस काम में अनुभव हो जाएगा जैसे जैसे आप इस काम को अच्छी तरह करने लग जाए फिर आप इस काम .... (Read More)
राजेश जी बकरी पालन करने का सभी का अपना अपना अनुभव होता है इस काम को उसी जगह करने का फायदा होता है यहां इसकी मार्किट भी अच्छी होती है आप इसकी शुरूआत 10 बकरियों और 2 बकरों के साथ कर सकते है जिससे आपको इस काम का भी पता लग जाएगा और आपको इस काम में अनुभव हो जाएगा जैसे जैसे आप इस काम को अच्छी तरह करने लग जाए फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है और अपने बजट के हिसाब से फार्म बड़ा कर सकते है
Posted by sukh
Punjab
08-11-2019 03:02 AM
Punjab
11-08-2019 09:52 AM
ਸੁਖ ਜੀ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਫ਼ਲ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਝੜ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ planofix @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukh
Punjab
08-11-2019 03:00 AM
Punjab
11-08-2019 07:49 AM
ਸੁੱਖ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by Rakesh Gehlot
Madhya Pradesh
08-11-2019 02:46 AM
Punjab
11-08-2019 11:00 AM
राकेश जी आपके सवाल को विस्तार से जानने के लिए हमारी टीम की तरफ से आपको call की गयी थी लेकिन आपके द्वारा कोई भी जवाब नहीं मिला कृपया आप अपने गांव और तहसील का नाम बताये ताकि उसे update किया जा सके धन्यवाद
Posted by Ajeet
Uttar Pradesh
08-11-2019 12:15 AM
Punjab
11-08-2019 09:13 AM
ajeet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ke tuc kehdi kheti di jankari di ja sake.dhanwad
Posted by mahendra. Tiwari
Uttar Pradesh
07-11-2019 11:47 PM
Punjab
11-08-2019 07:50 AM
तिवारी जी अपनी खेती की सारी टीम की तरफ से आपको हैप्पी दिवाली आपका अगर कोई भी कृषि संबंधी सवाल है तो आप विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Bhaskar jyoti Das
Assam
07-11-2019 10:57 PM
Maharashtra
11-08-2019 10:04 AM
bhaskar ji kitchen ke compost se khaad tyar kerne ke liye aap ek gadda khide aur usme aap kitchen ka waste daale. iske bad jab gadda bhar jaye to uske uper mitti daal kar use bhar de 3-4 mahine men compost tyar ho jayegi.dhanywad
Posted by Bhaskar jyoti Das
Assam
07-11-2019 10:52 PM
Maharashtra
11-08-2019 10:27 AM
compost ko tyar karne ke liye aap kitchen waste ka istemal kar sakte hai. yeh lagbhag 3-4 mahine men tyar ho jayegi.dhanywad
Posted by Ganga Ram Rathore
Madhya Pradesh
07-11-2019 10:11 PM
Maharashtra
11-08-2019 10:34 AM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें, धन्यवाद
Posted by ashok singh
Uttar Pradesh
07-11-2019 10:07 PM
Punjab
11-08-2019 07:54 AM
इसे आप अच्छी मात्रा में हरा चारा दें और इसके ब्याने के 7 दिनों के बाद पेट के कीड़ों की गोली दें और इसे आप गेहूं का दलिया भी रिन्न कर उसमें गुड मिलाकर दे सकते है इसके इलावा आप Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Lactomax tablet 10 गोलियां रोजाना और Vitamor-H liquid 10-10ml सुबह शाम दे सकते है
Posted by Vishnu
Rajasthan
07-11-2019 09:27 PM
Punjab
11-07-2019 09:58 PM
विष्णु जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by prahalad chaubey
Uttar Pradesh
07-11-2019 09:25 PM
Punjab
03-21-2020 04:51 PM
घोड़ों के लिए फलीदार alfalfa का प्रयोग कर सकते है चोकर, फीड खिला सकते है जिससे अच्छी ग्रोथ होती है।
Posted by Harpal singh
Punjab
07-11-2019 09:23 PM
Punjab
11-08-2019 07:56 AM
ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ , Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ.
Posted by BHERU LAL GURJAR
Rajasthan
07-11-2019 09:22 PM
Punjab
11-08-2019 07:00 AM
श्री मान आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद
Posted by BHERU LAL GURJAR
Rajasthan
07-11-2019 09:21 PM
Maharashtra
11-08-2019 11:07 AM
Raj 4079: यह किस्म 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके पौधे का कद 75-80 सैं.मी. होता है यह सामान्य और सिंचित हालातों में अच्छे परिणाम देती है यह गर्दन तोड़ के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19-21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने मोटे, मध्यम आकार के और सख्त होते हैं यह किस्म राजस्थान के गर्म जलवायु को .... (Read More)
Raj 4079: यह किस्म 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके पौधे का कद 75-80 सैं.मी. होता है यह सामान्य और सिंचित हालातों में अच्छे परिणाम देती है यह गर्दन तोड़ के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19-21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने मोटे, मध्यम आकार के और सख्त होते हैं यह किस्म राजस्थान के गर्म जलवायु को सहने योग्य किस्म है और अच्छी उपज देती है
Posted by BHERU LAL GURJAR
Rajasthan
07-11-2019 09:20 PM
Punjab
11-08-2019 07:01 AM
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित.... (Read More)
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित हालातों में खेती करने पर यह अधिक उपज देती है यह किस्म चारे और दाने लेने के लिए उपयुक्त किस्म है यह 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है सिंचित हालातों में, इसकी औसतन पैदावार 14-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vijaya: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Dolama: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Himani: यह किस्म शिमला में विकसित की गई है यह यू पी के मध्यम और निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12.8-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है LSB 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Amber: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 130-133 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म यू पी के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसका प्रयोग बीयर बनाने के लिए किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jyoti: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म उत्तर प्रदेश के सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 164: यह लंबी प्रकार की किस्म है, इसकी बालियां सघन होती है इसके दाने मोटे और सुनहरी होते हैं यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है यह सिंचित क्षेत्रों में खेती करने के लिए उपयुक्त किस्म है अच्छी उपज के लिए, 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सिंचित क्षेत्रों के लिए, 15 से 25 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें बारानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 10 नवंबर का समय उपयुक्त होता है यदि बिजाई देरी से की जाए तो दानों की उपज और गुणवत्ता कम हो जाती है और उपज बीयर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती
Posted by vinod Kumar
Bihar
07-11-2019 09:15 PM
Punjab
11-08-2019 07:58 AM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by संजय पाण्डेय
Uttar Pradesh
07-11-2019 09:08 PM
Maharashtra
11-08-2019 11:08 AM
संजय जी यह तत्व की कमी है इसके लिए आप NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by संजय पाण्डेय
Uttar Pradesh
07-11-2019 09:04 PM
Maharashtra
11-08-2019 11:18 AM
संजय जी आप इसके पत्तों के नीचे मछर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by kamal
Punjab
07-11-2019 08:52 PM
Punjab
11-07-2019 08:55 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ..
Posted by RAMAN KUMAR
Himachal Pradesh
07-11-2019 08:51 PM
Punjab
11-07-2019 08:56 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.
Posted by Shubham Chaudhary
Uttar Pradesh
07-11-2019 08:51 PM
Maharashtra
11-08-2019 11:55 AM
subham ji kisi fasl ki ropayi ko bijai kaha jata hai.dhanywad
Posted by Amandeep singh
Punjab
07-11-2019 08:51 PM
Punjab
11-07-2019 08:59 PM
Tuci chicks lenn lai Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal sampark kr skde ho..
Posted by akhilesh
Madhya Pradesh
07-11-2019 08:44 PM
Punjab
11-08-2019 08:06 AM
अखिलेश जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Avinash Kawane
Maharashtra
07-11-2019 08:35 PM
Punjab
11-07-2019 08:42 PM
Avinash ji aap cow ko rojana 35-40kg hara chara de skte hai aur 3kg dudh ke mgar 1 kg feed de skte hai aur her 3 month ke badd deworming jrur kren..
Posted by amritpal singh
Punjab
07-11-2019 08:29 PM
Punjab
11-07-2019 08:31 PM
Amritpal ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.
Posted by IRFAN KHAN
Rajasthan
07-11-2019 08:20 PM
Maharashtra
11-08-2019 11:57 AM
इरफ़ान जी आप किस्मे जैसे Raj 1482: इस किस्म का गहरे हरे रंग का पौधा, जिसका कद 80-90 सैं.मी. होता है इसकी अधिक फलियां, मोटे दाने, चमकदार और हल्के रंग के दाने होते हैं इसकी औसतन पैदावार 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 126-134 दिनों में परिपक्व होती है इसका मुख्य रूप से ब्रैड बनाने के लिए उपयोग किया जाता है इसमें प्रोटीन .... (Read More)
इरफ़ान जी आप किस्मे जैसे Raj 1482: इस किस्म का गहरे हरे रंग का पौधा, जिसका कद 80-90 सैं.मी. होता है इसकी अधिक फलियां, मोटे दाने, चमकदार और हल्के रंग के दाने होते हैं इसकी औसतन पैदावार 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 126-134 दिनों में परिपक्व होती है इसका मुख्य रूप से ब्रैड बनाने के लिए उपयोग किया जाता है इसमें प्रोटीन की मात्रा 11-12 प्रतिशत होती है PBW 502: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में उगाने के अनुकूल है पौधे का कद 90-100 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PBW 550: पौधे का कद 83-91 सैं.मी. होता है यह किस्म 128-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मोटे सुनहरे पीले रंग के होते हैं इसके 1000 दानों का भार लगभग 38 ग्राम होता है इसकी औसतन पैदावार 18-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2697: पौधे का कद 83-91 सैं.मी. होता है यह किस्म 128-133 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है भारी ज़मीनें इस किस्म की खेती के लिए अच्छी रहती हैं इसके दाने मोटे सुनहरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 18-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Raj 6560: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए अनुकूल है पौधे का कद 90-100 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 18-22 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Raj 3077: इस किस्म को वंडर गेहूं के नाम से जाना जाता है पौधे का कद 115-118 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 126-134 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसका प्रयोग मुख्य रूप से ब्रैड बनाने के लिए किया जाता है इसमें प्रोटीन की मात्रा 11-12.5 प्रतिशत होती है Raj 4079: यह किस्म 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके पौधे का कद 75-80 सैं.मी. होता है यह सामान्य और सिंचित हालातों में अच्छे परिणाम देती है यह गर्दन तोड़ के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19-21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दाने मोटे, मध्यम आकार के और सख्त होते हैं यह किस्म राजस्थान के गर्म जलवायु को सहने योग्य किस्म है और अच्छी उपज देती है Raj 4037: इसके पौधे का कद 83-95 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 120 दिनों में परिपक्व हो जाती है यह मुख्य रूप से ब्रैड बनाने के लिए उपयोग किया जाता है इसमें प्रोटीन की मात्रा 11-12 प्रतिशत होती है यह किस्म काली जंग और तने पर जंग के प्रतिरोधी है Raj 4120: यह किस्म 110-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके पौधे का कद 80-94 सैं.मी. होता है यह किस्म सामान्य और सिंचित हालातों में अच्छे परिणाम देती है इसका तना मजबूत होता है और गर्दन तोड़ के प्रतिरोधी होता है इसकी औसतन पैदावार 20-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म राजस्थान के गर्म जलवायु को सहने योग्य किस्म है और अच्छी उपज देती है DBW 17: इसके पौधे का कद 80-85 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-132 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी किस्म है इसका तना मजबूत होता है जो कि यह दर्शाता है कि यह गर्दन तोड़ के प्रतिरोधी है इसके दाने मोटे, मध्यम आकार के और सख्त होते हैं यह किस्म सामान्य और सिंचित हालातों में अच्छे परिणाम देती है इसकी औसतन पैदावार 16-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Raj 4238: यह किस्म 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके पौधे का कद 82-86 सैं.मी. होती है इसका तना मजबूत होता है जो कि फसल को गर्दन तोड़ से बचाता है यह करनाल बंट के प्रतिरोधी किस्म है इसके दाने मध्यम आकार के होते हैं और औसतन पैदावार 16-20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by IRFAN KHAN
Rajasthan
07-11-2019 08:19 PM
Punjab
11-08-2019 07:02 AM
श्री मान आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद
Posted by lakhbeer singh
Punjab
07-11-2019 08:18 PM
Punjab
11-08-2019 12:04 PM
lakhbeer ji tuc shatte de nal kanak di bijai kar sakde ho. isde layi 40-45 kilo beej di lod paindi hai.dhanwad
Posted by Santokh Singh
Punjab
07-11-2019 08:14 PM
Haryana
11-08-2019 02:41 PM
santokh ji 2 acre vich kanak da beej 80-85 kilo de hisab nal vartya jayega,dhanwad
Posted by Randhir singh
Haryana
07-11-2019 08:09 PM
Maharashtra
11-08-2019 02:55 PM
Randhir ji kalar bhumi men fasl ugane ke liye aap gypsum ka istemal kar sakte hai. iski matra 1 quintal prati acre ke hisab se istemal ki jati hai.dhanywad
Posted by inderjit
Punjab
07-11-2019 08:08 PM
Punjab
11-08-2019 07:08 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI ਪਛੇਤੀ ਕਿਸਮਾਂ HD-293,RAJ-3765,PBW 373,UP2338,WH306 ਹਨ
Posted by shiv bahadur
Uttar Pradesh
07-11-2019 08:04 PM
Maharashtra
11-08-2019 03:16 PM
यह आम का एक गंभीर कीड़ा है यह वृक्ष की छाल के नीचे सुरंग बनाकर इसके टिशू खाता है, जिस कारण वृक्ष नष्ट हो जाता है लार्वे का मल सुरंग के बाहर की ओर देखा जा सकता है इसका हमला दिखे तो सुरंग को सख्त तार से साफ करें फिर रूई को 50:50 के अनुपात में मिट्टी के तेल और क्लोरपाइरीफॉस में भिगोकर इसमें डालें फिर इसे गारे से बं.... (Read More)
यह आम का एक गंभीर कीड़ा है यह वृक्ष की छाल के नीचे सुरंग बनाकर इसके टिशू खाता है, जिस कारण वृक्ष नष्ट हो जाता है लार्वे का मल सुरंग के बाहर की ओर देखा जा सकता है इसका हमला दिखे तो सुरंग को सख्त तार से साफ करें फिर रूई को 50:50 के अनुपात में मिट्टी के तेल और क्लोरपाइरीफॉस में भिगोकर इसमें डालें फिर इसे गारे से बंद कर दें
Posted by Rohitash khoth
Rajasthan
07-11-2019 08:01 PM
Maharashtra
11-08-2019 03:19 PM
असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें
Posted by ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
07-11-2019 07:58 PM
Punjab
11-09-2019 04:50 PM
ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਰਕਾਰੀ ਅਦਾਰੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋ ਨਹੀ ਮਿਲਣਗੇ ਇਹ ਕਿਸੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਡੀਲਰ ਤੋ ਪਤਾ ਕਰੋ ਜਾਂ ਇਹ ਬਰਾੜ ਸੀਡ ਸਟੋਰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋ ਵੀ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ ਜੀ
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
07-11-2019 07:51 PM
Punjab
11-09-2019 11:35 AM
ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਝੋਨੇ ਵਾਲੀਆਂ ਵੱਟਾਂ ਈ ਚਲਦੀਆਂ ਜੀ
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
07-11-2019 07:43 PM
Punjab
11-07-2019 08:03 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ, Gouge ਪਾਊਡਰ ਦੇ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਅਤੇ Calcimust gold liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.
Posted by satyam sahu
Madhya Pradesh
07-11-2019 07:43 PM
Maharashtra
11-08-2019 04:06 PM
सत्यम जी इसकी खाद बनाने के लिए आप भूसे को एक जगह पर इकठे करके इसमें आप waste decomposer का इस्तेमाल कर सकते है इस से प्रालि गलना शुरू हो जाती है धन्यवाद
Posted by Bhawesh Yadav
Bihar
07-11-2019 07:42 PM
Punjab
11-08-2019 07:16 AM
Shri maan g tanna shedak ki roktham ke liye coragen@60ml ,Barazide@300ml,Fame@20ml per spray kr skte ho,jhulsa rog ki roktham ke liye aap Amistartop@200ml,custodia@300ml,nativo@80gm per acre spray kr skte ho...