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Posted by chahal
Punjab
10-11-2019 12:12 PM
Punjab
11-15-2019 10:50 AM
Shrimaan ji, 1 acre ch urea di khaad 110 kg hundi hai, ate zinc and sulphur da odo hi paryog karo jado ehna tatta di kami butea te najar awe, dhanwad
Posted by Naresh Thakor
Gujarat
10-11-2019 12:01 PM
Punjab
03-16-2020 09:04 PM
Naresh Thakor ji vermi compost ke lia aap Jignesh Bhavsar 9824255672, 9426655672 Rachana Guild Pvt. Ltd. se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Vishal RAJAN
Madhya Pradesh
10-11-2019 11:19 AM
Punjab
11-15-2019 10:52 AM
Vishal ji, Agriculture is the science, art, or practice of cultivating the soil, producing crops, and raising livestock and in varying degrees the preparation and marketing of the resulting products, Thank you
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
10-11-2019 11:19 AM
Punjab
11-10-2019 12:23 PM
10 December to baad jad marzi check karwao g
Posted by ਸਰਬਜੋਤ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾਂ
Punjab
10-11-2019 11:18 AM
Punjab
11-19-2019 03:31 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਨਹੀ ਆ ਰਹੀ ਜੀ
Posted by arpit patidar
Madhya Pradesh
10-11-2019 11:14 AM
Punjab
11-15-2019 10:54 AM
श्रीमान जी, आप इसके लिए NPK 191919 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Rohit Singh Patel
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10-11-2019 11:08 AM
Punjab
11-15-2019 10:59 AM
Bureau of Indian Standards (BIS) ik rashtri padhar par kaam karne vali organization hai jo ke India ke food standards uski quality ke basis pe set karta hai or unhe puee rajya mein chalata hai iske ilawa yeh food certification bi karta hai or food testing labs ki dekh rekh jaha par quality testing hoti hai unhe bhi karta hai, or logon ke prati jagrukta paida karta hai food ki standarsa and quality ke prati, dhanywad i
Posted by Sukhjinder Singh
Punjab
10-11-2019 10:49 AM
Punjab
11-15-2019 11:01 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਤਣੇ ਸੰਖਿਆ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਆਲੂ ਚਿੱਟੇ, ਵੱਡੇ, ਗੋਲਾਕਾਰ ਅਤੇ ਨਰਮ ਛਿਲਕੇ ਵਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ 70-90 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 160 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਇਹ ਅਗੇਤੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਨਵੇਂ ਉਤਪਾਦ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਉਚਿੱਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by suresh chandra
Uttar Pradesh
10-11-2019 10:24 AM
Punjab
11-11-2019 04:16 PM
Suresh ji kripya aap yeh btayen ki aap kis kam ke liye loan lena chahte hai tan jo apko uske vare mai sahi jankari di jaa ske..
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 09:58 AM
Punjab
03-16-2020 09:06 PM
Nirpal singh ji is bare visthar vich jankari lai tusi Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by अंकुर गोयत
Uttar Pradesh
10-11-2019 09:56 AM
Punjab
11-14-2019 07:05 PM
Ankur ji, ap isme NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by manjeet
Uttar Pradesh
10-11-2019 09:49 AM
Punjab
11-14-2019 06:56 PM
Manjeet ji eh fungus de hamle di vaja nal hoea hai, isdi roktham lai tuc carbendazim @ 4 gm yan mencozeb @ 4 gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by sudeep Kumar mohanty
Odisha
10-11-2019 09:49 AM

?

Punjab
11-11-2019 04:17 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ankit Bhagat
Chattisgarh
10-11-2019 09:29 AM
Punjab
11-14-2019 06:54 PM
श्रीमान जी, इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाब.... (Read More)
श्रीमान जी, इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं धन्यवाद
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
10-11-2019 09:23 AM
Punjab
11-14-2019 07:03 PM
Shri maan g kanak diyan jyada jhad den walia kisma HD-3226 da jhad 22-30 quintal, DBW-187 da jhad 24-30 quintal, DBW-222 da jhad 22-30 quintal per acre hai g.....
Posted by sourav kumar
Bihar
10-11-2019 09:17 AM
Punjab
11-14-2019 06:52 PM
Sourab ji, iske liye ap NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani ke hsaab se spray karein, or 2-3 din ke faasle par imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ
Haryana
10-11-2019 08:57 AM
Punjab
11-14-2019 06:49 PM
श्रीमान जी ये आयरन की कमी के कारण हो रहा है इसके लिए आप फैरस सल्फेट 1 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by NJ फरमिंग
Jharkhand
10-11-2019 08:55 AM
Punjab
11-11-2019 04:18 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप सुअरों के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
10-11-2019 08:39 AM
Maharashtra
11-11-2019 05:58 PM
gupta ji kripya aap apan swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by surya
Madhya Pradesh
10-11-2019 07:58 AM
Maharashtra
11-11-2019 05:33 PM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो
Posted by ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 07:51 AM
Punjab
11-11-2019 04:04 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 005234 @1 ਕਿਲੋ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by David panchtilak
Madhya Pradesh
10-11-2019 07:50 AM
Maharashtra
11-11-2019 05:24 PM
बीजों की बिजाई के लिए फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
10-11-2019 07:43 AM
Punjab
11-11-2019 05:12 PM
dhanveer ji kirpa karke daso ke eh beej tuc ghr rakhya hai ja kharid ke laike aaye ho kyuki beej kala hai.dhanwad
Posted by ਸੁੱਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 07:37 AM
Punjab
11-10-2019 02:13 PM
श्रीमान जी ये किस्म पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी. होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक हो जाती है पर जो इसकी उपज की सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ ही है इसकी उपज इसके मोटे दाने होने के कारण ज्यादा होती है इसकी रोटी भी अच्छी ब.... (Read More)
श्रीमान जी ये किस्म पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी. होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक हो जाती है पर जो इसकी उपज की सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ ही है इसकी उपज इसके मोटे दाने होने के कारण ज्यादा होती है इसकी रोटी भी अच्छी बनती है इसकी बिजाई के लिए 40—45 किलो बीज प्रति एकड़ के हिसाब से डालें ये नरमे वाले खेत में कामयाब है
Posted by Laljeet brar
Punjab
10-11-2019 07:26 AM
Punjab
11-11-2019 05:36 PM
laljeet ji Mitti putt ke dekhlo je beej di germination shuri ho gyi hai tan rehn deo nhi karand bhan deo.
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
10-11-2019 06:44 AM
Punjab
11-15-2019 11:18 AM
श्रीमान जी, श्रीराम सुपर 303 की पैदावार 23 -24 क्विंटल प्रति एकर है, यह 130 दिन तक पक जाती है, यह समय से भी लगाई जा सकती है और पिछेती बिजाई भी की जा सकती है, इसका कद 88 cm है, यह बुरा रतुआ रोग और झुलसा रोग की प्रतिरोधी है, और यह गिरती भी नहीं है, और आप कृपया सुल्तान गेहूं की किसम का पूरा नाम बताये ताकि आपको उसकी पूरी जानकारी दी .... (Read More)
श्रीमान जी, श्रीराम सुपर 303 की पैदावार 23 -24 क्विंटल प्रति एकर है, यह 130 दिन तक पक जाती है, यह समय से भी लगाई जा सकती है और पिछेती बिजाई भी की जा सकती है, इसका कद 88 cm है, यह बुरा रतुआ रोग और झुलसा रोग की प्रतिरोधी है, और यह गिरती भी नहीं है, और आप कृपया सुल्तान गेहूं की किसम का पूरा नाम बताये ताकि आपको उसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Ajit Kumar
Jharkhand
10-11-2019 05:04 AM
Punjab
11-11-2019 05:44 PM
ajit ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap katha bhumi kise keh rahe hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Parvinder singh
Punjab
10-11-2019 03:52 AM
Punjab
11-10-2019 07:35 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮਾਂ PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22 -25ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨਿਕਲ ਸਕਦਾ ਹੈਅਤੇ ਇਹ 150-157 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ
Posted by Harsh Kaushik
Haryana
10-11-2019 03:25 AM
Punjab
11-10-2019 07:36 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ,ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 156 ਦਿਨ ਅਤੇ ਕੱਦ 96 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੈ
Posted by lakhbeer singh
Punjab
10-11-2019 12:34 AM
Punjab
11-10-2019 07:35 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮਾਂ PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22 -25ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨਿਕਲ ਸਕਦਾ ਹੈਅਤੇ ਇਹ 150-157 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 40-45 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by jagvir Singh
Uttar Pradesh
09-11-2019 11:38 PM
Punjab
11-15-2019 11:24 AM
श्रीमान जी, यूरिया 110 किलो, एस एस पी 75 किलो, म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें नदीन के नुकसान से बचने के लिए पैंडीमैथालीन स्टांप (30 ई.सी.) 1320 मि.ली. को 200 .... (Read More)
श्रीमान जी, यूरिया 110 किलो, एस एस पी 75 किलो, म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें नदीन के नुकसान से बचने के लिए पैंडीमैथालीन स्टांप (30 ई.सी.) 1320 मि.ली. को 200 लीटर पानी के घोल में मिलाके बीजने के 0-3 दिनों के अंदर अंदर छिड़काव करना चाहिए धन्यवाद
Posted by pappu singh
Uttar Pradesh
09-11-2019 11:29 PM
Maharashtra
11-13-2019 04:39 PM
पप्पू जी जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता .... (Read More)
पप्पू जी जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें धन्यवाद
Posted by pappu singh
Uttar Pradesh
09-11-2019 11:26 PM
Punjab
11-15-2019 11:25 AM
Shrimaan ji, ap gehun ki kisme jaise me WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, dhanywad
Posted by arpit patidar
Madhya Pradesh
09-11-2019 11:04 PM
Punjab
11-11-2019 04:34 PM
आप Enerdyna liquid 100ml रोजाना, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gouge पाउडर 50gm रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा, बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds गोली भी दें और हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करें.
Posted by Rahul saini
Punjab
09-11-2019 10:21 PM
Punjab
11-11-2019 04:35 PM
Rahul ji yadi aap jyada dudh ke liye cow rakhna chahte hai too aap HF nasal ki cow rakh skte hai, iss nasal ka dudh sbse jyada hota hai, isko sbse jyada dekhbhal ki jrurat hoti hai.
Posted by Ramgopallodha Ramgopallodha
Madhya Pradesh
09-11-2019 10:14 PM
Punjab
11-15-2019 11:31 AM
Posted by Ramgopallodha Ramgopallodha
Madhya Pradesh
09-11-2019 10:09 PM
Punjab
11-15-2019 11:35 AM
Posted by विजय
Uttar Pradesh
09-11-2019 10:09 PM
Punjab
11-10-2019 07:38 AM
Shri maan g wheat varieties 1500, HW 2004, JWS 17; HD 4672 , HD 8627,HI8759, HI8734,HI8711,HI8733 beej skte ho......
Posted by विजय
Uttar Pradesh
09-11-2019 10:07 PM
Punjab
11-15-2019 11:37 AM
श्रीमान जी, गेहूं की लिए आप किस्मे जैसे के WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 की बिजाई करें, धन्यवाद
Posted by विजय
Uttar Pradesh
09-11-2019 10:01 PM
Punjab
11-15-2019 11:38 AM
श्रीमान जी, गेहूं की लिए आप किस्मे जैसे के WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 की बिजाई करें, धन्यवाद
Posted by dhirendra.pratap.singh
Uttar Pradesh
09-11-2019 09:41 PM
Punjab
11-15-2019 11:39 AM
श्रीमान जी, छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by rakesh Singh Sikarwar
Madhya Pradesh
09-11-2019 09:39 PM
Punjab
11-15-2019 11:41 AM
श्रीमान जी, आप अपने खेत में बिजाई से पहले gypsum 1 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by prajjval singh
Chattisgarh
09-11-2019 09:36 PM
Chandigarh
11-15-2019 04:05 PM
पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, असम और उड़ीसा में ग्रीष्मकालीन, शरद ऋतु और सर्दियों के चावल की फसलें उगाई जाती हैं
Posted by keshu Ratiya
Gujarat
09-11-2019 09:36 PM
Punjab
11-10-2019 07:50 AM
Shri maan g Kanak mein total 110kg urea dala jata hai...is ko app 2-3 hisson mein dal skte ho..kanak mein DAP@55kg per acre ke hisab se dali jaati hai..Aap per acre ke hisab se DAP ka ek bore dal skte ho.Agar SSP ki varto kr rhe ho to SSP@150kg per acre de hisaab se vart skte ho. DAP ko kanak ke beej ke sath mix kr ke beejo. Issi dhang se beej ke sath SSP ki v varto kr skte ho aur kanak kr liye jmeen tyaar krte sme khet mein shitta de skte ho..DAP aur SSP mein se kisi ikk ki varto kr skte ho. Agar jameen mein potash ki kami hai to POTASH@20kg per acre ke hisaab se vart skte ho.