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Posted by आशुतोष
Madhya Pradesh
10-11-2019 07:17 PM
Maharashtra
11-11-2019 04:23 PM
ashutosh ji aap makka ki kisme jaise DHM 107, DHM 109, Prakash ,P.E.H.M 1, P.E.H.M 2, P.M.H-5 inka utpadan 16-20qtl/acre.
Posted by Upendra Das
Bihar
10-11-2019 07:11 PM
Punjab
11-11-2019 03:24 PM
यदि आपकी गाय बार बार रिपीट हो रही है तो उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जान.... (Read More)
यदि आपकी गाय बार बार रिपीट हो रही है तो उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by Gurpreet
Punjab
10-11-2019 06:57 PM
Punjab
11-11-2019 03:29 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਬੁਖਾਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਜੇਕਰ ਬੁਖਾਰ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦੇ ਬੁਖਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਓ ਜੇਕਰ ਬੁਖਾਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Dozliv liquid 50-50ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Calcimust bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Harpreet
Punjab
10-11-2019 06:55 PM
Punjab
11-11-2019 05:13 PM
ਪੋਪਲਰ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਦੇ ਰੋਪਣ ਲਈ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਫਰਵਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ 15 ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ 10 ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
Posted by Aashish kumar pandit
Bihar
10-11-2019 06:44 PM
Punjab
11-11-2019 05:14 PM
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनोबाल 1, पूसा सन.... (Read More)
यह फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं देर से बीजने वाली किस्मों के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है जल्दी पकने वाली के लिए रेतली दोमट का प्रयोग करें मिट्टी की पी एच 6-7 होनी चाहिए मिट्टी की पी एच बढ़ाने के लिए उसमें चूना डाला जा सकता है प्रसिद्ध किस्में : पूसा सनोबाल 1, पूसा सनोबाल के-1 , पंत शुभ्रा खेत को अच्छी तरह जोतकर नर्म करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद आखिरी जोताई के समय डालें अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें अगेते मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम, जबकि पिछेते और मुख्य मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है बिजाई से पहले गर्म पानी (30 मिनट के लिए 50 डिगरी सैल्सियस) या स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 0.01 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 2 घंटे के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें उपचार के बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर उन्हें बैड पर बो दें रबी के मौसम में काली फंगस का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए मरकरी क्लोराइड से बीजों का उपचार करना जरूरी होता है इसके लिए मरकरी क्लोराइड 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30 मिनट के लिए बीजों को इस घोल में भिगोकर रखें और फिर छांव में सुखाएं रेतली मिट्टी में ये फसल उगाने से तना गलन का खतरा रहता है इसके लिए कार्बेनडाज़िम 50 प्रतिशत डब्लयु पी 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत में 40 टन पूरी तरह गली हुई रूड़ी की खाद डालें और साथ ही 50 किलो नाइट्रोजन, 25 किलो फासफोरस और 25 किलो पोटाश (110 किलो यूरिया, 155 किलो सुपरफासफेट और 40 किलो म्यूरेटे ऑफ पोटाश) सारी रूड़ी की खाद, सुपरफासफेट और म्यूरेटे ऑफ पोटाश और आधा यूरिया फसल रोपाई से पहले डालें बाकी बचा यूरिया बीजने के चार सप्ताह बाद डाल देना चाहिए अच्छी पैदावार लेने के लिए और अधिक फूलों के लिए 5-7 ग्राम घुलनशील खादें (19:19:19) प्रति लि. का प्रयोग करें रोपाई के 40 दिनों के बाद 4-5 ग्राम 12:16:0, नाइट्रोजन और फासफोरस, 2.5-3 ग्राम लघु तत्व और 1 ग्राम बोरोन प्रति लि. का छिड़काव करें फूल की अच्छी गुणवत्ता के लिए 8-10 ग्राम घुलनशील खादें (13:00:45) प्रति लि. पानी में मिलाएं मिट्टी का परीक्षण करवाएं बीजने के 30-35 दिनों के बाद मैगनीश्यिम की कमी को पूरा करने के लिए 5 ग्राम मैगनीश्यिम सलफेट प्रति लि. प्रयोग करें कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर 30-35 दिनों के बाद डालें कभी कभी बेरंग तने देखे जा सकते हैं फूल भी भूरे रंग के हो जाते हैं और पत्ते मुड़ने लग जाते हैं यह बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरैक्स 250-400 ग्राम प्रति एकड़ में डालें नदीनों को रोकने के लिए फसल को खेत में लगाने के बाद फलुक्लोरालिन(बसालिन) @800 मि.ली. को 150 लि. पानी में मिलाकर छिड़काव करें और 30-40 दिनों के बाद रोपाई करें फसल को खेत में लगाने से 1 दिन पहले पैंडीमैथलीन 1 लि. प्रति एकड़ का छिड़काव करें रोपाई के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें मिट्टी, जलवायु, के आधार पर गर्मियों में 7-8 दिनों के अंतराल पर और सर्दियों में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें पूरा फूल विकसित होने पर सुबह के समय फूलों की कटाई की जा सकती है और कटाई के बाद फूलों को ठंडी जगह पर रखना चाहिए कटाई के बाद फूलों को आकार के अनुसार छांट लें
Posted by pradeep Singh
Haryana
10-11-2019 06:42 PM
Rajasthan
11-11-2019 03:32 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपक.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..
Posted by sanjeev Kumar
Punjab
10-11-2019 06:36 PM
Punjab
11-11-2019 07:10 AM
Shrimaan g barseem vich beejayi de time 25 kg urea and 155 kg single super phosphate per acre pao g..growth lyi tuc NPK 19.19.19 @1 kg per acre da spray kr skde ho g...
Posted by Charan Singh
Madhya Pradesh
10-11-2019 06:21 PM
Maharashtra
11-11-2019 05:17 PM
चरण जी यह फंगस है इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @200ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by मुश्ताक मन्सुरी पता धार जीला धार एम पी
Madhya Pradesh
10-11-2019 06:03 PM
Punjab
11-11-2019 07:11 AM
shrimaan g gehu ki beejayi 25 November tkk kr skte ho g..
Posted by karanveer singh
Punjab
10-11-2019 05:53 PM
Punjab
11-11-2019 11:15 AM
ਗੰਡੋਆ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Gurpreet Shergill 9872624253 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Prashant thakur
Uttar Pradesh
10-11-2019 05:47 PM
Punjab
11-10-2019 09:10 PM
gauke dudh mein protein 3.4 se 3.5% hoti ae
Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
10-11-2019 05:45 PM
Punjab
03-16-2020 09:03 PM
Bivnesh kumar ji plant lene ke lia aap M. Nadeem Khan 9412706886, 9911228833 Rajdhani Farm & Nursery se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by sunilkumar
Uttar Pradesh
10-11-2019 05:27 PM
Maharashtra
11-11-2019 05:19 PM
बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों
Posted by Aman delu
Haryana
10-11-2019 05:16 PM
Maharashtra
11-11-2019 05:29 PM
अमन जी इसे आप वर्मीकम्पोस्टडाले इसकी मात्रा 3 से 4 किलो को प्रति पौधा डाले इस से पौधे की ग्रोथ होना शुरू हो जाएगी धन्यवाद
Posted by ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 05:13 PM
Punjab
11-11-2019 03:34 PM
usko aap pet ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus de, usko rojana 35-40kg hara chara den aur her 3 mahine ke badd uski deworming jrur kren, baki achi khurak aur feed ke sath sath usko Enerboost powder 100gm rojana aur Fatmax powder 50gm rojana dena suru kren, isse frak padd jayega.
Posted by balwinder sidhu
Punjab
10-11-2019 05:02 PM
Punjab
11-11-2019 07:12 AM
shrimaan g agar tuc pehla beejayi de time 50 kg DAP per acre paya hai and dobara beejayi krni pai gyi hai tn tuc 10-15 kg dap pa skde ho g..
Posted by Prince Pal
Punjab
10-11-2019 04:43 PM
Punjab
11-11-2019 03:34 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.
Posted by ravi
Madhya Pradesh
10-11-2019 04:35 PM
Maharashtra
11-11-2019 05:39 PM
ravi ji aap iske paudhe ke neeche keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Dharmendra Dhurve
Madhya Pradesh
10-11-2019 04:34 PM
Punjab
11-11-2019 05:41 PM
धर्मेंद्र जी कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ravi
Madhya Pradesh
10-11-2019 04:30 PM
Maharashtra
11-11-2019 05:56 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
10-11-2019 04:26 PM
Punjab
11-11-2019 07:13 AM
shrimaan g HD-3086 di beejayi da time November de last week tkk da hai g..
Posted by SATYA PAL SINGH
Uttar Pradesh
10-11-2019 04:09 PM
Punjab
11-19-2019 03:30 PM
SATYA PAL SINGH ji aap direct marketing kare .social media ki help se logo ko organic vegetable ke bare me btao . dhire dhire aapko direct link hi bnane padege. local sabzi mandi me bhi direct sale karne ki kosish kare ji.
Posted by धर्म वीर सिंह
Uttar Pradesh
10-11-2019 04:07 PM
Maharashtra
11-11-2019 06:10 PM
धर्मवीर जी आप खेत के आस पास fencing करें इसके इलावा आप Prem raj Saini 9719432296 जी से संपर्क कर सकते है इन्होने खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जनकवर खेत में नहीं आते है धन्यवाद
Posted by SATYA PAL SINGH
Uttar Pradesh
10-11-2019 04:05 PM
Punjab
11-15-2019 10:32 AM
श्रीमान जी, आप अपने खेत में गेहूं की बिजाई से पहले gypsum 1 क्विंटल प्रति एकर के हिसाब से डालें, और गेहूं की लिए आप किस्मे जैसे कि WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 की बिजाई करें, धन्यवाद
Posted by Harmeet
Punjab
10-11-2019 03:58 PM
Punjab
11-11-2019 11:08 AM
ਬੀਟਲ ਬੱਕਰੀ ਨਸਲ ਦਾ ਨੱਕ ਤੋਤੇ ਦੇ ਨੱਕ ਵਾਗ ਉਭਰਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ • ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਈ ਰੰਗਾਂ ਦੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾਤਾਰ 90 % ਕਾਲੇ ਤੇ 8 % ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੇ ਡੱਬ ਖੜੱਬੇ ਰੰਗ ਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆ ਹਨ • ਇਸ ਨਸਲ ਦੇ ਸਿੰਗ ਦਰਮਿਆਨੇ, ਚਪਟੇ ਤੇ ਉਪਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ • ਕੰਨ ਲੰਬੇ ਪਾਨ ਦੇ ਪੱਤੇ ਵਾਂਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਪੂਛ ਛੋਟੀ ਤੇ ਪਤਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਕਿਨਾਰੇ ਤੋ ਉਪਰ ਮੁੜੀ ਹੁੰਦੀ .... (Read More)
ਬੀਟਲ ਬੱਕਰੀ ਨਸਲ ਦਾ ਨੱਕ ਤੋਤੇ ਦੇ ਨੱਕ ਵਾਗ ਉਭਰਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ • ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਈ ਰੰਗਾਂ ਦੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾਤਾਰ 90 % ਕਾਲੇ ਤੇ 8 % ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦੇ ਡੱਬ ਖੜੱਬੇ ਰੰਗ ਦੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆ ਹਨ • ਇਸ ਨਸਲ ਦੇ ਸਿੰਗ ਦਰਮਿਆਨੇ, ਚਪਟੇ ਤੇ ਉਪਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ • ਕੰਨ ਲੰਬੇ ਪਾਨ ਦੇ ਪੱਤੇ ਵਾਂਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਪੂਛ ਛੋਟੀ ਤੇ ਪਤਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਕਿਨਾਰੇ ਤੋ ਉਪਰ ਮੁੜੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ • ਇਸਦੇ ਥਣਾ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 5-6 ਇੰਚ ਤੱਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ • ਇਸ ਨਸਲ ਦੀਆਂ ਲੱਤਾਂ ਲੰਬੀਆ ਹੁੰਦੀਆ ਹਨ • ਜੇਕਰ ਦੁੱਧ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇਖਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੀਟਲ ਬੱਕਰੀ 170-180 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਸੂਏ ਵਿੱਚ 150-190 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਦੇ ਸਕਦੀ ਹੈ ਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਔਸਤਨ 2.0 ਕਿਲੋ ਤੇ ਵੱਧ ਤੋ ਵੱਧ 4.0 ਕਿਲੋ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ • ਜੋ ਬੀਟਲ ਬੱਕਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਦੇ ਥੌੜੀ ਦਾੜੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Harmeet
Punjab
10-11-2019 03:57 PM
Punjab
11-11-2019 03:38 PM
Aap bache ko 3 month ka hone ke badd PPR vaccination krwayen fir 20 dino ke badd ET vacciination fir 20 dino ke badd FMD vaccination krwayen fir 20 dino ke badd HS vaccination krwayen, inme se ET aur HS vaccination 1 sall mai 2 bar hoti hai.
Posted by Sujit Modak
West Bengal
10-11-2019 03:51 PM
Punjab
11-11-2019 07:46 PM
सूजीत जी कृपया आप विस्तार से बताएं कि आप कितने पंक्षियों से शुरू करना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके यदि आप शुरूआत में 50 लाख पंक्षियों को रखने के बारे में पूछ र​हे है तो आप पहले इस काम की ट्रेनिंग लें फिर आप इसे शुरू करें
Posted by Dinesh kumar
Uttar Pradesh
10-11-2019 03:41 PM
Punjab
11-15-2019 10:34 AM
Dinesh ji, mandi ke rate sarkar ki taraf se fix kiye jate hai, or app par vahi show kiye jate hain, dhanywad
Posted by ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 03:37 PM
Punjab
11-11-2019 03:40 PM
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਨੂੰ ਗੋਬਰ ਦਾ ਬੰਨ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ Kol L liquid 500ml ਇੱਕ ਵਾਰ ਵਿੱਚ ਪਿਲਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Impacdon ਪਾਊਡਰ 200gm ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਉਬਾਲ ਕੇ ਹਲਕਾ ਠੰਡਾ (ਕੋਸਾ ਜਾਂ ਗੁਣਗੁਣਾ) ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਿਲਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Latifur ultra 30gm pouch ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਅਰਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-11-2019 03:01 PM
Posted by Teenu
Punjab
10-11-2019 02:49 PM
Punjab
11-11-2019 03:41 PM
Teenu ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.
Posted by Amritpal kahlon
Punjab
10-11-2019 01:51 PM
Punjab
11-15-2019 10:37 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਭਿੰਡੀ ਦੀਆ ਉਤਮ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ Punjab Bahar: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 93 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੋਲ, ਗੂੜੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਘੱਟ ਬੀਜਾਂ ਵਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 190 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Punjab No 8: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ, ਗੋਲ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 130 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਭਿੰਡੀ ਦੀਆ ਉਤਮ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ Punjab Bahar: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਲੰਬਾਈ 93 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫਲ ਗੋਲ, ਗੂੜੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਘੱਟ ਬੀਜਾਂ ਵਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 190 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Punjab No 8: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ, ਗੋਲ ਅਤੇ ਹਲਕੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 130 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Jamuni GOI (S 16): ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ Punjab Barsati: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕਿਸਮ ਫਲ ਦੇ ਗੜੂੰਏ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ, ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 140 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Punjab Neelam: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 140 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Punjab Sadabahar: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 130 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PH 4: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ, ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਗੂੜੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 270 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Pusa Purple Long: ਇਹ ਛੇਤੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਹ 70-80 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅਤੇ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਹ 100-110 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੇ ਅਤੇ ਫ਼ਲ ਲੰਬੇ ਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 130 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Pusa Purple Cluster: ਇਹ ਕਿਸਮ ਆਈ.ਸੀ.ਏ.ਆਰ. ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਲ ਗੂੜੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਅਤੇ ਗੁੱਛੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਨ ਯੋਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ Pusa Hybrid 5: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਫਲ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਗੂੜੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 204 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ Pusa Purple Round: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੱਤੇ, ਸ਼ਾਖ ਅਤੇ ਫਲ ਦੇ ਛੋਟੇ ਗੜੂੰਏ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ Pant Rituraj: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਫਲ ਗੋਲ ਅਤੇ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਵੀ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 160 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by lakhwinder
Punjab
10-11-2019 01:38 PM
Punjab
11-19-2019 04:47 PM
Lakhwinder ji tuhade swal da jwab de ditta gya hai tuci App vich apne swal da jwab dekh skde ho, uss vich Pitbull dog di growth vare jankari diti gyi hai.
Posted by lakhwinder
Punjab
10-11-2019 01:37 PM
Punjab
11-11-2019 09:14 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid age de hisab nal dena suru kro ate Bigbone liquid 10-10ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega baki tuci usdi khurak da puura dian rkho ji..
Posted by Hariom Patidar
Madhya Pradesh
10-11-2019 01:35 PM
Punjab
11-14-2019 08:17 PM
श्रीमान जी, इक एकड़ में 1.6 बीघा होता है, धन्यवाद
Posted by Rajeev
Uttar Pradesh
10-11-2019 01:25 PM
Punjab
11-13-2019 05:48 PM
राजीव जी दूसरे किसानो तक यह जानकारी शेयर करने के लिए आपका धन्यवाद
Posted by Gurkirpal singh
Punjab
10-11-2019 01:23 PM
Punjab
11-10-2019 02:07 PM
श्रीमान जी ये किस्म पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी. होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक हो जाती है पर जो इसकी उपज की सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ ही है इसकी उपज इसके मोटे दाने होने के कारण ज्यादा होती है इसकी रोटी भी अच्छी ब.... (Read More)
श्रीमान जी ये किस्म पकने के लिए 126—134 दिन लेती है इसकी लंबाई छोटी होती है इसकी तूड़ी बहुत कम बनती है इसकी लंबाई 80—90 सैं.मी. होती है इसकी उपज अच्छे खेत में 23 क्विंटल तक हो जाती है पर जो इसकी उपज की सिफारिश की जाती है वो 18 क्विंटल प्रति एकड़ ही है इसकी उपज इसके मोटे दाने होने के कारण ज्यादा होती है इसकी रोटी भी अच्छी बनती है इसकी बिजाई के लिए 40—45 किलो बीज प्रति एकड़ के हिसाब से डालें ये नरमे वाले खेत में कामयाब है इसकी बिजाई 20 अक्तूबर से 30 नवंबर तक कर सकते है
Posted by Mahanth Kumar
Bihar
10-11-2019 01:11 PM
Punjab
11-11-2019 03:43 PM
आप दूध निकालने वाली मशीन लेना चाहते है तो आप इनमें से किसी भी कंपनी की ले सकते है जैसे Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826.
Posted by Kanishk Shahi
Bihar
10-11-2019 01:09 PM
Punjab
11-13-2019 04:28 PM
Kanishk Shahi ji same same pe kisano ki mang pe training chalti rehti hai, Training ke lia aap KRISHI VIGYAN KENDRA, Address: Saraiya - Goraul Rd, Sadipur, Bihar 843126, Phone: 06223 255 552 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Mahanth Kumar
Bihar
10-11-2019 01:04 PM
Punjab
11-11-2019 03:46 PM
आप उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS दें और हर तीन महीने के बाद साल्ट बदलकर गोली दे सकते है और उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और अच्छी कंपनी की फीड डालें बाकि आप उसे Enerdyna liquid 100ml रोज़ाना, Milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम और Calcimust gold liquid 50ml रोज़ाना दें, इससे फर्क पड़ जाएगा, बाकी खुराक का पूरा ध्यान रखें..
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
10-11-2019 12:52 PM
Punjab
11-15-2019 10:41 AM
श्रीमान जी, गोबर के इलावा आप vermicompost 400 -500 kg प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Rohit Kumar
Uttar Pradesh
10-11-2019 12:31 PM
Punjab
11-15-2019 10:48 AM
Rohit ji, neem ke podhe lagane ke liye november ka mahina ucchit nahi hai, ap isse june- august ke mahine mein lga sakte hain, dhnywad
Posted by sukh Dhillon
Punjab
10-11-2019 12:22 PM
Punjab
11-13-2019 04:25 PM
Sukh Dhillon ji 1121 da rate 2570 to 2750 tak chal reha hai, Thankyou.
Posted by chahal
Punjab
10-11-2019 12:14 PM
Punjab
11-10-2019 02:10 PM
श्रीमान जी जौ की किस्में जैसे RD 2035, BCU 73, DWRUB 64, RD 2503,PL 751, NARENDRA BARLEY 2, GETANJALI (K1149) की बिजाई कर सकते है
Posted by lau Singh
Uttar Pradesh
10-11-2019 12:13 PM
Maharashtra
11-13-2019 04:38 PM
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की.... (Read More)
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं