Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
12-11-2019 09:38 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਦਾ ਉਪਚਾਰ ਲਈ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਰੈਕਸਿਲ@1ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 1 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨੂੰ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ...
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
12-11-2019 09:37 PM
hanji hanji kr sakde o ji
pr is ton wadia je tusi Sirf Bavistin naal kro tan bhut wadia rhega ji
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
12-11-2019 09:31 PM
श्रीमान जी, इसकी बिजाई के लिए मध्य अगस्त से मध्य सितंबर तक का समय ठीक होता है आप अम्म्ब में इसे लगा सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Sourav Jaiswal
Jharkhand
12-11-2019 09:17 PM
Sourav Jaiswal ji egg lene ke lia aap Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Mandeep Singh
Punjab
12-11-2019 08:54 PM
BhaaG vachhi 9-18 mahine di umar te aas ho sakdi ae par uss da bhaar 250-275 kg de aas paas howe tuci rajwa hara chaara te har din 1-2kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo

Posted by Gurjeet Singh Gill
Punjab
12-11-2019 08:53 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Mpatidar Patidar
Madhya Pradesh
12-11-2019 08:48 PM
आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बड़ेवो की खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Rahul Jaggi
Himachal Pradesh
12-11-2019 08:47 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo

Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
12-11-2019 08:46 PM
tuci uss nu Bloatosil liquid 100ml rojana 3 din tak deo ate Buffzon powder 50gm rojana deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by Amritpal singh
Punjab
12-11-2019 08:46 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਖੇਤ ਦਾ ਪਾਣੀ ਬਾਹਰ ਕਢ ਦਿਓ ਜੀ ਕਿਉਂ ਕਿ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਬੀਜ ਪੂਰਾ ਨਹੀਂ ਉਗਦਾ
Posted by Shery
Punjab
12-11-2019 08:22 PM
shrimaan g 25 November tkk tuc knak di beejayi kr skde ho g tuc HD-3086 HD-2967 PBW-343 PBW 677 di beejayi kr skde ho g..
Posted by Narendra Meena
Rajasthan
12-11-2019 08:14 PM
Narender ji, yeh macchar ka hamla hua hai, kripya is par ap imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by lovepreet singh
Punjab
12-11-2019 08:10 PM
Lovepreet ji, Kanak da beej KRL 210 di bijayi 25 october to november de chauthe hafte tak kar sakde ho. kirpa kar ke eh daso ke tuc parali khet vich vah diti ea ya hale nahi tajo tuhnu isda sahi jawab dita ja sake, dhanwad
Posted by Radhe Yadav
Madhya Pradesh
12-11-2019 08:09 PM
श्रीमान जी, सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं ह.... (Read More)
श्रीमान जी, सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता हैं फसल की अच्छी वृद्धि के लिए,यूरिया 55 किलो एस एस पी 125 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को फूल निकलने के समय डालें धन्यवाद

Posted by arashdeep singh
Punjab
12-11-2019 08:08 PM
shrimaan g HD-2967 di beejayi 25 November tkk kr skde ho g..

Posted by keshu Ratiya
Gujarat
12-11-2019 08:06 PM
इससे पशु की कमज़ोरी दूर रहती है और दूध बढ़ता है पशु का शरीर तंदरूस्त रहता है क्योंकि ये Energy booster के तौर पर काम करता है जिससे शरीर की अच्छी ग्रोथ होती है

Posted by vishnu
Rajasthan
12-11-2019 08:01 PM
विष्णु जी, दोनों ही पौधों पर आप फूल आने के समय पर NPK 130045 @ 10gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by विजय सिंह
Uttar Pradesh
12-11-2019 07:54 PM
श्री मान WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कट.... (Read More)
श्री मान WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है
PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है
Posted by Shubham Chaudhary
Uttar Pradesh
12-11-2019 07:51 PM
गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे .... (Read More)
गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे लगा सकते हैं. मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता हैबैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं
Posted by Anupam Kumar R
Uttar Pradesh
12-11-2019 07:44 PM
Anupam ki kripya ap variety ka pura nam bataye taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Priyabandhu Rout
Odisha
12-11-2019 07:42 PM
प्रियाबंधू जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Priyabandhu Rout
Odisha
12-11-2019 07:39 PM
प्रियाबंधू जी आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृपया आप दोबारा साफ आवाज में ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Amarjeet singh
Punjab
12-11-2019 07:35 PM
Shri maan g sowing time of HD-3086 is the last week of October to last week of November.....

Posted by Gurkirpal singh
Punjab
12-11-2019 07:29 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਰਾਈ ਘਾਹ ਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ NPK 191919 @ 1kg ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by tejram
Madhya Pradesh
12-11-2019 07:27 PM
चना :- बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें, चने की खेती के लिए आप सभी किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 9 किलो (यूरिया 20 किलो), फासफोरस 24 किल.... (Read More)
चना :- बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें, चने की खेती के लिए आप सभी किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 9 किलो (यूरिया 20 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 9 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) और सल्फर 8 किलो प्रति एकड़ में डालें बारानी क्षेत्रों के लिए यूरिया 200 ग्राम को 10 लीटर पानी में मिलाकर फूल बनने के समय डालें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के 4-5 सप्ताह बाद डालें धन्यवाद
Posted by suraj bhan meena
Rajasthan
12-11-2019 07:22 PM
Shri maan g 1 acre mein gehu ka beej is time 40-45 kg dall skte ho...

Posted by Palwinder singh
Punjab
12-11-2019 07:22 PM
श्रीमान जी पानी लगाने से गेहूं निकल आएगी आप पानी लगाते समय गेहूं के बीज का छिड़काव कर सकते है पर अभी पानी ना लगाएं

Posted by Chandra singh
Rajasthan
12-11-2019 07:21 PM
Facebook te pasu palan te nasal sudar page bne hoye a us te poto te price pya de g
Posted by suraj bhan meena
Rajasthan
12-11-2019 07:20 PM
shrimaan g 1 acre vich knak da 40-45 kg per acre pao g..

Posted by rajdev singh
Uttarakhand
12-11-2019 07:15 PM
बरसीम की बिजाई का सही समय ,अक्तूबर के पहले सप्ताह से आखिरी सप्ताह तक की जा सकती है अच्छी उपज के लिए बिजाई मध्य अक्तूबर में करते है, यह समय बरसीम की बिजाई के लिए उच्चित नहीं है, धन्यवाद
Posted by ramanjit singh
Punjab
12-11-2019 07:12 PM
रमनजीत जी इसके लिए आप एनपीके 191919 एक किलो 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते है

Posted by Jagdeep Sidhu
Punjab
12-11-2019 07:11 PM
Jagdeep ji, is lai tuc NPK 130045 @ 1kg nu 150 liter pani ch ghol ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by keshu Ratiya
Gujarat
12-11-2019 07:01 PM
a medisan pashu Di weeknas dur krda A milk nu bdan de lai v tkih a g
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
12-11-2019 06:59 PM
Jitendra ji Oyster mushroom ke spawn lene ke lia aap Mr. jai bhadouriya 8882876224 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by pardeep jarwal
Haryana
12-11-2019 06:31 PM
श्री मान आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद

Posted by Gurmeet Singh
Punjab
12-11-2019 06:22 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ, 1121 ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਇਸ ਵੇਲੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਵੱਡੀ ਗਈ ਫ਼ਸਲ ਦਾ 2650 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਵੱਡੀ ਗਈ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਰੇਟ 2570 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Raj
Uttar Pradesh
12-11-2019 06:19 PM
श्री मान आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद

Posted by umed Singh kanwari
Haryana
12-11-2019 06:01 PM
isme aap gobar ke uplon ke pani ki spray kr skte hai. iske ilava agar fasal me koi smsya nhi aati to koi aur product ka upyog krne ki jrurat nhi hai.

Posted by prabhjot singh
Punjab
12-11-2019 05:54 PM
Prabhjot ji pashu suun ton 1-1.5 month pehla dudh utarn lgg jnda hai ji..

Posted by Shankar parmar
Gujarat
12-11-2019 05:45 PM
आप उसे 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम सूखे आवले और 50 ग्राम अज्वाइण उबालकर फिर ठंडा करके 5 दिन दें बाकि आप उसे anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Lactomax tablet 10-10 गोलियां सुबह शाम रोजाना दें

Posted by Harmanpreet Singh
Punjab
12-11-2019 05:42 PM
tikkil 1 Lt vich 2 ml mala k sapre kro ale duwale saff rakho hafte vich 2,3 var farnail serko
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
12-11-2019 05:29 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਐਪ ਦੀ ਹੋਮ ਸਕਰੀਨ ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੀ ਹੈ , ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅੱਗਲੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ੳਥੋ ਚੈਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਕੁੱਝ ਸਮਝ ਨਹੀ ਆਉਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by ravinder kumar
Haryana
12-11-2019 05:16 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
12-11-2019 05:11 PM
संदीप जी, नवम्बर महीने में सब्जिया जैसे के फूलगोभी, पियाज, टमाटर, मिर्च, मटर, बैंगन की बिजाई कर सकते हैं , धन्यवाद

Posted by Shankar parmar
Gujarat
12-11-2019 04:57 PM
uchit jaankari ke liye kripya yeh btaye k ab tak aapne is fasal me kya-kya or kb daala hai.
Posted by Arun Sharma
Himachal Pradesh
12-11-2019 04:49 PM
श्रीमान जी आप जनवरी में फसलें जैसे के टिंडा, अंजीर, अखरोट, सेब, खुमानी, अनार, आलूबुखारा , कीवी, नाशपाती की खेती कर सकते है, धन्यवाद
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