Posted by ashok tiwari
Madhya Pradesh
14-11-2019 12:53 PM
Ashok ji, kripya ap apna sawal visthar se puche ke ap is podhe ke bare mein kya jankari lena chahte hai, tajo apko iski puri jankari di ja sake,dhanywad
Posted by ashok tiwari
Madhya Pradesh
14-11-2019 12:50 PM
Ashok ji , ap iski jad mein dheemak ka hamla check karein, agar mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 1 liter ko 60 kg mitti mein mila kar prati acre ke hisaab se dalein, dhanywad

Posted by sunny singh
Punjab
14-11-2019 12:41 PM
आप अपने खेत में गेहूं की बिजाई से पहले जिपसम 1 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से डालें और इसमें किस्में जैसे कि PBW 175, PBW 527, PBW 644, HD 2967 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by आशीष चौधरी
Rajasthan
14-11-2019 12:39 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..

Posted by shivam singh
Bihar
14-11-2019 12:39 PM
Shivam ji chicks lene ke liye aap Jitendra Kumar 7250555572 Poultry Farm se sampark kr skte hai..

Posted by vallabh patidar
Madhya Pradesh
14-11-2019 12:38 PM
vallabh ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by आशीष चौधरी
Rajasthan
14-11-2019 12:38 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..
Posted by आशीष चौधरी
Rajasthan
14-11-2019 12:36 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें..

Posted by sunny singh
Punjab
14-11-2019 12:26 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮਾਂ PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105 , HD 2967 , PBW 621 , DBW 17 , PBW 502 , WH 542 ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by sobhit maurya
Uttar Pradesh
14-11-2019 12:22 PM
Sobhit maurya ji kirpya aap visthar me btae ke aap konsi fasal bechna chahte hai or ho sake to sath me photo bhi bheje ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.

Posted by sobhit maurya
Uttar Pradesh
14-11-2019 12:20 PM
श्रीमान जी, करेले का गर्मियों के मौसम में, बिजाई के लिए फरवरी से मार्च और खरीफ के मौसम के लिए, जून से जुलाई का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च से अप्रैल में बिजाई पूरी कर लें धन्यवाद
Posted by Vishal Soam
Uttar Pradesh
14-11-2019 12:14 PM
Vishal Soam ji jhatka machine lene ke bare me puri jankari ke lia aap Moh. Imran 9812786229 Hindustan Seedlings se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Parveen Gujjar
Punjab
14-11-2019 12:14 PM
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤ.... (Read More)
ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ..

Posted by makwana Vinod
Gujarat
14-11-2019 11:41 AM
आप उसे Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम और Enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें, आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बड़ेवो की खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Vishal Soam
Uttar Pradesh
14-11-2019 11:31 AM
इसके लिए आप National Bee Board में संपर्क करे यहाँ पार आपको पूरी जानकारी मिलेगी जी इस ऑफिस का पता आप नोट कर सकते है जी National Bee Board
Department of Agriculture, Cooperation & Farmers Welfare
Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, Govt. of India
“B” Wing, IInd Floor, Janpath Bhawan, Janpath, New Delhi-110001.
Phone- 011-23325265, 23719025

Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 11:30 AM
ਇਕ ਸਾਲ ਦੀ ਕੱਟੀ, ਵੱਛੀ ਲਈ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਤਰੀਕਾ: 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ
• 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ
• 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ
• 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ
• 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ
• 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ
• 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ
• 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ
ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਿਸਾ ਲਵੋ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 1-1.5 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਤੱਕ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by Ajay chandravanshi
Chattisgarh
14-11-2019 11:28 AM
श्रीमान जी चने के लिए किस्मे जैसे केवैभव, जेजी-74, उज्जैन 21, राधे, जे. जी. 315, जे. जी. 11, जे. जी. 130, बीजी-391, जेएकेआई-9218, विशाल, काबुली चना: काक-2, श्वेता (आई.सी.सी.व्ही.- 2), जेजीके-2, मेक्सीकन बोल्ड, हरा चना : जे.जी.जी.1, हिमा की बिजाई आप कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Gopal Kumar Maurya
Uttar Pradesh
14-11-2019 11:10 AM
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां प.... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी, ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने Krishi Vigyan Kendra, Bharsar
Kallipur, P.O. - Sohna, Distt.- Siddhartnagar - (U.P.), INDIA, PIN - 272 193
Tel. No.: 9415155518 से संपर्क कर सकते है वहां आप अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by ਅਰਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 11:01 AM
Arshdeep ji semen len lai tusi Balwinder Singh 9814799714, 9915046958 Genex international nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by vicky
Haryana
14-11-2019 10:30 AM
Vicy ji, Potassium gehun ki paidawaar badane mein madad karta hai, uski quality ko sahi rakhta hai, usme boht si bimariyon ko rokne ki kshamta pardan karta hai, dhanywad
Posted by Randeep singh
Punjab
14-11-2019 10:22 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, 1121 ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਇਸ ਵੇਲੇ ਹੱਥ ਨਾਲ ਵੱਡੀ ਗਈ ਫ਼ਸਲ ਦਾ 2650 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਵੱਡੀ ਗਈ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਰੇਟ 2570 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by manoj kumar
Bihar
14-11-2019 10:14 AM
श्रीमान जी, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.म.... (Read More)
श्रीमान जी, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें बिजाई की विधि : बीज ड्रिल, बुरकाव विधि के साथ बिजाई करें, धन्यवाद

Posted by Premsing Jakhar9660
Rajasthan
14-11-2019 10:09 AM
श्रीमान जी, कृपया आप फोटो भेजें तजो आपको देख कर इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by prabhu ram dewasi
Rajasthan
14-11-2019 10:05 AM
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की पी एच 6-7 अनुकूल है pusa jawala: इ.... (Read More)
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की पी एच 6-7 अनुकूल है pusa jawala: इस किस्म के पौधे छोटे कद के, झाड़ियों वाले और हल्के हरे रंग के होते हैं इसके फल 9-10 सैं.मी. लंबे, हल्के हरे और बहुत तीखी होती है यह किस्म थ्रिप और मकौड़ा जुंओं की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 85 क्विंटल (हरी मिर्चें) और 18 क्विंटल (सूखी मिर्चें) प्रति एकड़ होती है Pant C-1: यह किस्म अन्य किस्मों से आसानी से अलग है क्योंकि इसके फल की फलियां सीधी होती हैं इसके फल अत्याधिक तीखे, आकार में छोटे, आधार चौड़ा और सिरा पतला होता है यह किस्म चितकबरा और पत्ता मरोड़ रोग की कुछ हद तक प्रतिरोधक है इस किस्म की हरी फलियों की औसतन पैदावार 110 क्विंटल प्रति एकड़ होती है सूखी फलियों की पैदावार 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Sadabahar: इसके पौधे सीधे, सदाबहार (2-3 वर्ष), 60-80 सैं.मी. कद के होते हैं इसके फल 6-8 सैं.मी. लंबे होते हैं फल गुच्छों में लगते हैं और प्रत्येक गुच्छे में 6-14 फल होते हैं पकने के समय फल गहरे लाल रंग के और कड़वे होते हैं यह किस्म CMV, TMV और पत्ता मरोड़ की रोधक है इसकी पहली तुड़ाई पनीरी लगाने के 75-80 दिन बाद की जा सकती है इसकी औसतन पैदावार 95 क्विंटल (हरी मिर्चें) और 20 क्विंटल (सूखी मिर्चें) प्रति एकड़ है NP-46A: यह उच्च उपज वाली किस्म है इसके मध्यम आकार के फल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है G 5 : मिर्च मोटी, चमकदार और गहरे लाल रंग की होती है इसकी औसतन पैदावार 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है G 3 : यह बारानी और सिंचित हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इस किस्म की मिर्च अत्याधिक तीखी होती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है बिजाई का उच्चित समय अक्टूबर से नवंबर तक का होता है फसल के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें, नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें मिर्च की बिजाई पनीरी लगाकर की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 400-600 ग्राम बीजों का प्रयोग करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए बीज का उपचार करना बहुत जरूरी है बिजाई से पहले बीज को 3 ग्राम थीरम या 2 ग्राम कार्बेनडाज़िम प्रति किलो बीज से उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को 5 ग्राम ट्राइकोडरमा या 10 ग्राम सीडियूमोनस फ्लोरीसैन्स प्रति किलो बीज से उपचार करें और छांव में रखें फिर यह बीज, बिजाई के लिए प्रयोग करें फूलों को पानी देने वाले बर्तन से पानी दें कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी नर्सरी में 15 दिनों के फासले पर डालें इससे मुरझाना रोग से पौधों को बचाया जा सकता है फसल को उखेड़ा रोग और रस चूसने वाले कीड़ों से बचाने के लिए बिजाई से पहले जड़ों को 15 मिनट के लिए ट्राइकोर्डमा हर्जीनम 20 ग्राम प्रति लीटर+0.5 मि.ली. प्रति लीटर इमीडाक्लोप्रिड में डुबोयें पौधों को तंदरूस्त रखने के लिए वी ए एम के साथ नाइट्रोजन फिक्सिंग बैक्टीरिया डालें इस तरह करने से हम 50 प्रतिशत सुपर फासफेट और 25 प्रतिशत नाइट्रोजन बचा सकते हैं नाइट्रोजन 30 किलो (65 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सैंकोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें धन्यवाद

Posted by Rupinder Cheema
Punjab
14-11-2019 10:03 AM
ਰੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਐਪ ਦੀ ਹੋਮ ਸਕਰੀਨ ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੀ ਹੈ , ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅੱਗਲੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ੳਥੋ ਚੈਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਕੁੱਝ ਸਮਝ ਨਹੀ ਆਉਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by nishan singh
Punjab
14-11-2019 10:03 AM
Nishan ji tuhade sare swala de jwab ditte gye hai tuci App vich meri profile vich jaa ke apne swala de jwab dekh skde ho..
Posted by ravinkumar
Uttar Pradesh
14-11-2019 10:02 AM
श्री मान आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है धन्यवाद

Posted by sunny singh
Punjab
14-11-2019 09:48 AM
Sunny ji, HD 2967 di bijai da sahi sama october de chothe hafte to november de chothe hafte tak da hai, dhanwad

Posted by kamaldeep
Punjab
14-11-2019 09:38 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ , ਨਦੀਨ ਦੇ ਨਿਕਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਉਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ Isoproturon @ 400gm/200Ltr ਦੀ ਸਪਰੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 2 ਦਿਨ ਦੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਕਰ ਦਿਓ, ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਨਦੀਨ ਦੇ ਨਿਕਲਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Sanjay Patel
Madhya Pradesh
14-11-2019 09:31 AM
Sanjay Patel, wheat ke liye MP mein 41.08 lakh hectares land thi utilize ki gayi , dhanywad

Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 09:24 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੀ ਵੀ ਬੀਜ ਨੂੰ ਰਲਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸਿਹ ਨਹੀ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਕਈ ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੇ ਤਜੁਰਬੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹਨ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦੇਂਦੇ ਹਨ ,ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਜਾਈ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੋਥੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਧੰਨਵ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੀ ਵੀ ਬੀਜ ਨੂੰ ਰਲਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫ਼ਾਰਸਿਹ ਨਹੀ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਕਈ ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੇ ਤਜੁਰਬੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹਨ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦੇਂਦੇ ਹਨ ,ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਜਾਈ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੋਥੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kuldeep
Haryana
14-11-2019 09:12 AM
श्रीमान जी, पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बन.... (Read More)
श्रीमान जी, पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें धन्यवाद
Posted by Rajesh Bishnoi
Haryana
14-11-2019 09:07 AM
श्रीमान जी, कलमी पौधे तैयार करने हैं तो मूलवृंत रोजा इंडिका, वर्षोनिया, ओडारोटा या रोजा मल्टीफ्लोरा से कलम लेकर 10 से 1 सेमी फासले पर मध्यम सितंबर से मध्य अक्तूबर तक लगा दें धन्यवाद

Posted by vishnu
Rajasthan
14-11-2019 08:56 AM
श्रीमान जी, इसमें आप NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, आपके निम्बू के पौधे पर फंगस का हमला बी दिखाई दे रहा है, इसकी रोकथाम के लिए आप mencozeb @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, और इन दोनों की स्प्रे 2 से 3 के फासले पर करें धन्यवाद

Posted by vishnu
Rajasthan
14-11-2019 08:52 AM
श्रीमान जी, इसमें आप NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Govind Yadav
Madhya Pradesh
14-11-2019 08:22 AM
कृपया आप गेहूं की फोटो भेजें ताकि देख कर आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Vikas Thory
Haryana
14-11-2019 08:20 AM
यदि वो तारा बिल्कुल साफ कर रही है और पूरी तरह हीट में है तो आप उसे टीका भरवा सकते है और टीका भरवाकर पाउडर 30 ग्राम रोजाना 20 दिनों तक दें यदि तारा साफ नहीं है तो आप पहले उसकी बच्चेदानी की सफाई करवायें फिर अगली हीट में टीका भरवायें
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
14-11-2019 08:15 AM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦਿਓ ਜਾ ਫਿਰ ਘਰ ਵਿਚ ਵੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਬਾ.... (Read More)
ਇਸਦੇ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦਿਓ ਜਾ ਫਿਰ ਘਰ ਵਿਚ ਵੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by lovepreet singh
Punjab
14-11-2019 08:15 AM
Lovepreet ji yaddi aap dudh aur meat dono kamo ke liye bakri rakhna chahte hai too aap Beetal nasal ki goat rakh skte hai, yeh nasal dono kamo ke liye achi rehti hai..

Posted by Vikas Thory
Haryana
14-11-2019 08:11 AM
हरे का अचार मोल मिल जाता है किस रेट तक मिलेगा सिरसा, रानियां और ऐलनाबाद में कहाँ मिलेगा पूरा बताएं ?

Posted by krishn pal
Madhya Pradesh
14-11-2019 08:11 AM
श्रीमान जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी .... (Read More)
श्रीमान जी, बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद

Posted by rajveer
Punjab
14-11-2019 08:09 AM
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਫ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 6 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਾਦ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 2-2 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ 7 ਟੀਕੇ ਲਗਵਾਓ
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
14-11-2019 08:08 AM
Shrimaan ji, garlic ka udbhav central asia se hua hai, dhanywad

Posted by rajveer
Punjab
14-11-2019 08:05 AM
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਫ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 6 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਾਦ Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ

Posted by Karmvir Singh
Punjab
14-11-2019 07:58 AM
Unnat PBW 550 ਦਾ ਕੱਦ 85 ਤੋਂ 95 cm ਹੈ. ਇਸਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ 17 ਤੋਂ 18 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by yadram singh
Uttar Pradesh
14-11-2019 07:55 AM
श्रीमान जी, अगर आप फूलों की खेती करना चाहते हैं तो आप गेंदे की खेती करें फिर बाद में जैसे जैसे आपका अनुभव बनता जाये गए आप और भी फूलों की खेती कर सकते हैं, और फूलों की खेती के लिए मार्किट का ख़ास खियाल रखें, फूलों की खेती करने से पहले उनकी मार्किट के बारे में जरूर धियान रखें, धन्यवाद

Posted by sandeep singh
Punjab
14-11-2019 07:24 AM
Sandeep ji ehh pashu di heat khatam hoon krke , egg tutan krke blood aunda hai, tuci uss nu usde blood sutan de hisab nal tika bhrwa skde ho, jiwe ek tika usde blood sutan ton pehla bhrwao ate duuja tika ussde blood sutan ton badd bhrwa skde ho ate uss nu pregstay gold powder 30gm rojana 20din tak deo..
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