
Posted by Anjali Joshi
Madhya Pradesh
14-11-2019 05:13 PM
श्रीमान जी इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में .... (Read More)
श्रीमान जी इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें इस फसल की वृद्धि के लिए पी एच 5.0 - 8.5 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में: OD-19 (Sugandhi),Pragathi,Nima,Cauvery लैमन घास की रोपाई के लिए उपजाऊ और सिंचित ज़मीन की आवश्यकता होती है बार बार जोताई और हैरो की मदद से जोताई करें खेत की तैयारी के दौरान दीमक के हमले से फसल को बचाने के लिए लिनडेन पाउडर 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में मिलायें लैमन घास की रोपाई बैडों पर की जानी चाहिए मार्च-अप्रैल के महीने में नर्सरी बैड तैयार करें फासला नए पौधों की वृद्धि के अनुसार 60.X 60 सैं.मी. रखें और ढाल बनाने के लिए फासला 90X60 सैं.मी. रखें 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें खेत में रोपाई के लिए दो महीने पुराने पौधों का प्रयोग किए जाते हैं बीज 1.6-2 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले बीजों को सीरेसन 0.2 % या एमीसान 1 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बिजाई के लिए बीजों का प्रयोग करें लैमन घास के बीजों को आवश्यक लंबाई और 1 -1.5 मीटर की चौड़ाई वाले तैयार बैडों पर बोयें बीजने के बाद बैडों को कट घास सामग्री से ढक दें फिर इसे मिट्टी की पतली परत के साथ ढक दें नए पौधे रोपाई के लिए 2 महीने में तैयार हो जाते हैं, जब पौधा 12-15 सैं.मी. ऊंचाई पर पहुंच जाता है रोपाई से पहले खेत अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए रोपाई 15x19 सैं.मी. के फासले पर की जानी चाहिए नए पौधों को मिट्टी में ज्यादा गहरा ना बोयें इससे बारिश के दिनों में जड़ गलन का खतरा बढ़ जाता है उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो), पोटाश्यिम 14 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 23 किलो) प्रति एकड़ में डालें अन्य हालातों में नाइट्रोजन 40 किलो प्रति एकड़ में डालें यह एरोमैटिक प्लांट रिसर्च स्टेशन, ओडाकली (केरला) द्वारा जारी की गई है खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए हाथों से गोडाई करें मिट्टी के तापमान को कम करने और नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक अच्छा तरीका है जैविक मलच 1200 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें एक वर्ष में 2-3 निराई आवश्य करें जैविक रोकथाम के लिए अल्ट्रा वाइल्ट रेडीएशन या फ्लेम विडिंग का भी प्रयोग किया जा सकता है गर्मियों के मौसम में फरवरी से जून के महीने तक 5-7 अंतराल पर सिंचाइयां करें जब वर्षा नियमित रूप से नहीं होती तो पहले महीने में 3 दिनों के अंतराल पर सिंचाई दें और फिर 7-10 दिनों के अंतराल पर दें गर्मियों के मौसम के दौरान 4-6 सिंचाइयां देनी आवश्यक होती हैं रोपाई के 4-6 महीने बाद पौधा उपज देना शुरू कर देता है कटाई 60-70 दिनों के अंतराल पर करें कटाई के लिए दराती का प्रयोग करें कटाई मई के शुरू में और जनवरी के आखिर में करें कटाई के लिए दराती की सहायता से ज़मीन की सतह से 10-15 सैं.मी. घास की कटाई करें कटाई के बाद तेल निकालने की प्रक्रिया की जाती है तेल निकालने से पहले लैमन घास को सोडियम क्लोराइड के घोल में 24 घंटे के लिए रखें इससे फसल में खट्टेपन की मात्रा बढ़ती है उसके बाद घास को छांव में रखे और बैग में पैक करके स्थानीय बाजारों में भेज दें पकी हुई लैमन घास से कई तरह के उत्पाद जैसे लैमन घास तेल और लैमन घास लोशन बनाए जाते हैं धन्यवाद

Posted by Ravi kumar
Uttar Pradesh
14-11-2019 05:07 PM
यदि आप सुअर पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पाल.... (Read More)
यदि आप सुअर पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by madan Singh
Rajasthan
14-11-2019 05:05 PM
उसे आप Biotrim injection 15ml लगवायें इसके साथ MFL bolus 2-2 गोलियां सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by harman janda
Punjab
14-11-2019 04:56 PM
harman ji yeh fungus hai iske liye aap mancozeb@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Kamal Hassan
Rajasthan
14-11-2019 04:55 PM
iske liye aap unko achi khurak den jisme achi matra mai protin ho, iske sath aap Ostovet calcium 30ml/100birds ke hisab se den aur Broton liquid 20ml/100birds ke hisab se den, isse frak padd jayega.

Posted by shergill
Punjab
14-11-2019 04:41 PM
Shergill ji tuci kirpa krke apne swal de nal dwai di photo v upload kro ji tan jo tuhanu uss vare sahi jankari diti ja skee..
Posted by anil kumar
Uttar Pradesh
14-11-2019 04:34 PM
श्रीमान जी यह फंगस का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Sharry Ahluwalia
Punjab
14-11-2019 04:34 PM
Shrimaan ji tuc kisma jive ke PBW 509. PBW 590 , PBW 658, PBW 752 di bijai kar sakde ho, dhanwad

Posted by shergill
Punjab
14-11-2019 04:24 PM
Shergill ji ehh pashu di khurak , usdi nasal ate sahi time de deworming te nirbhar hai, kujj pashu suun ton 1 month badd v heat vich aa jnde hai kujj pashu 8-10 month v lgga dinde hai, vase pashu nu suun ton 45-50 din badd heat vich aaun te nwe dudh krwana chahida hai, baki hun tuci jhoti nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate Minfa gold powder 100gm rojana deo ate Minotas tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal jldi heat vich aa jawegi..

Posted by tejinder singh
Punjab
14-11-2019 04:23 PM
तजिंदर जी इस बैग के ऊपर एक पर्ची लगी होती है अगर उस पर्ची के ऊपर हस्ताक्षर और मोहर लगी है तो बीज सही है ये मोहर उस कंपनी द्धारा लगायी जाती है जिस कंपनी के नाम पर ये सर्टिफाइड है
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
14-11-2019 04:21 PM
Gurvinder ji usko aap pett ke kiro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur her 3 month ke badd salt change krke goli jrur den, baki usko rojana 35-40kg hara chara den aur achi company ki feed dalen, iske sath sath aap Enerboost powder 50-50gm subah sham de skte hai, isse pashu ki kamjori durr rehti hai..

Posted by Ravinder Singh
Punjab
14-11-2019 04:20 PM
pregstay gold powder Vetland pharma company da product hai ji.

Posted by Parveen Gujjar
Punjab
14-11-2019 04:13 PM
Parveen ji tuhade walo bheji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke tuci audio dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by sanjay Kumar
Madhya Pradesh
14-11-2019 04:05 PM
Sanjay ji, yeh sundi ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap quinalphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se dalein, dhanywad
Posted by sukhchain singh
Punjab
14-11-2019 04:02 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਜਾਨਣ ਲਈ ਨਾਲ ਭੇਜੀ ਫੋਟੋ ਦੇਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harbans singh
Punjab
14-11-2019 03:52 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੁਲੀ ਡੰਡੇ ਲਈ TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@ 200 gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਵਾਈਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harbans singh
Punjab
14-11-2019 03:48 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ isoptoturon (75 WP ) 500 gm ਬਿਜਾਈ ਦੇ 35 ਤੋਂ 40 ਦੀਨਾ ਬਾਅਦ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by keshu Ratiya
Gujarat
14-11-2019 03:43 PM
Vitum-H aap Tineta Pharma company ka ja vitamor-H liquid Provails Health Care company ka paryog kr skte hai..
Posted by Nishan Singh
Punjab
14-11-2019 03:42 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ , ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਜਾਨਣ ਲਈ ਨਾਲ ਭੇਜੀ ਫੋਟੋ ਦੇਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by amarpal singh
Punjab
14-11-2019 03:33 PM
ਅਮਰਪਾਲ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ Isoproturon ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Sanjay thakur
Madhya Pradesh
14-11-2019 03:33 PM
Sanjay ji, kripy ap apna sawal visthar se puche ke ap gehun ke bare mein kya jankari lena chahte hai, taki apko uske bare mein bataya ja sake, dhanywad

Posted by vicky
Haryana
14-11-2019 03:27 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
14-11-2019 03:25 PM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ ਜਾ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਖਾਣ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 3 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਖਲ, ਫੀਡ ਜਾ ਹੋਰ ਦਾਣਾ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by ritik
Madhya Pradesh
14-11-2019 03:24 PM
श्रीमान जी, मक्का की MSP इस समय 1760 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है, धन्यवाद

Posted by ritik
Madhya Pradesh
14-11-2019 03:23 PM
श्रीमान जी,इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसके अलावा उचित देखरेख कर और भी कई तरह की मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है. इलायची की खेती के लिए जमीन का पी.एच. मान 5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त होती है. लेकिन वर्तमान .... (Read More)
श्रीमान जी,इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से लाल दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. इसके अलावा उचित देखरेख कर और भी कई तरह की मिट्टी में इसकी खेती की जा सकती है. इलायची की खेती के लिए जमीन का पी.एच. मान 5 से 7.5 के बीच होना चाहिए.इलायची की खेती के लिए मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त होती है. लेकिन वर्तमान में भारत के कई हिस्सों में इसको उगाया जा रहा है. इलायची की खेती समुद्र ताल से 600 से 1500 मीटर की ऊंचाई वाली जगहों पर भी की जा सकती है. इसकी खेती के लिए 1500 मिलीमीटर बारिश का होना जरूरी है. इलायची की खेती के लिए हवा में नमी और छायादार जगह का होना जरूरी होता है. इलायची की खेती के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती है. लेकिन सर्दियों में न्यूनतम 10 डिग्री और गर्मियों में अधिकतम 35 डिग्री तापमान पर भी पौधा अच्छे से विकास करता है. इलायची की कई तरह की किस्में हैं जिन्हें अलग अलग नामों से जाना जाता है. लेकिन इलायची की मुख्य रूप से दो प्रजाति ही पाई जाती है. जिन्हें छोटी और बड़ी या हरी और काली इलायची के नाम से जाना जाता है.हरी इलायची को छोटी इलायची के नाम से जाना जाता है. इसका इस्तेमाल कई तरह से खाने में किया जाता है. इसका इस्तेमाल मुखशुद्धि, औषधि, मिठाई और पूजा पाठ में किया जाता है. इसके पौधे 10 से 12 साल तक पैदावार देते हैं. लायची की खेती के लिए पहले से की हुई फसल के अवशेष हटाकर और पलाऊ लगाकर गहरी जुताई करें. जुताई करने के बाद खेत में जल संरक्षण के लिए खेत में मेड बना दें. ताकि बारिश के पानी के कारण पौधों की सिंचाई की जरूरत कम हो. जल संरक्षण की जरूरत ढाल वाली भूमि और कम वर्षा वाले भागों में ज्यादा होती है. उसके बाद खेत में फिर से गहरी जुताई कर रोटावेटर चला दें. इससे खेत की मिट्टी समतल हो जायेगी. मिट्टी के समतल हो जाने के बाद उसमें अगर पौधे मेड पर लगाना चाहते हैं तो लगभग डेढ़ से दो फिट की दूरी पर मेड बना दे. और समतल में लगाने के लिए खेत में दो से ढाई फिट की दूरी रखते हुए गड्डे तैयार कर लें. इन गड्डों और मेड पर गोबर की खाद और रासायनिक खाद डालकर मिट्टी में मिला दें. खेत की तैयारी पौधे के लगाने के लगभग एक 15 दिन पहले की जाती है. इलायची की खेती के लिए शुरुआत में नर्सरी में पौधे तैयार किये जाते हैं. पौधों को तैयार करने के लिए नर्सरी में 10 सेंटीमीटर की दूरी पर बीजों को लगाना चाहिए. बीजों को खेत में लगाने से पहले गोमूत्र या ट्राइकोडर्मा की उचित मात्रा से उपचारित कर लगाना चाहिए. एक हेक्टेयर के लिए एक से सवा किलो बीज काफी होता है. बीज लगाने के लिए क्यारियों तैयार करते वक्त प्रत्येक क्यारियों में 20 से 25 किलो खाद डालकर उसे अच्छे से मिट्टी में मिला दें. क्यारियों में बीज लगाने के बाद उनकी सिंचाई हजारे के माध्यम से कर दें. और सिंचाई करने के बाद क्यारियों को बीज अंकुरित होने तक पुलाव या सुखी घास से ढक दें. जब पौधा पूरी तरह तैयार हो जाता है तब उन्हें खेत में लगाया जाता है. इलायची का पौधा जब लगभग एक फिट की लम्बाई का बनकर तैयार हो जाता है तब इसे खेत में लगा देना चाहिए. इलायची की खेती के लिए पौध रोपण का काम एक से दो महीने पहले किया जाता है. उसके बाद इन पौधों को बारिश के मौसम में जुलाई माह के दौरान खेतों में उगाना चाहिए, जिससे पौधों को सिंचाई की भी जरूरत नही होती. और पौधा अच्छे से विकास भी करता है. इलायची के पौधे को छायादार जगह की ज्यादा आवश्यकता होती है. इसके लिए पौधे को छायादार जगह पर ही लगाना चाहिए. इलायची के पौधे को खेत में लगाते वक्त उन्हें तैयार किये गए गड्डों या मेड पर लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाना चाहिए. मेड पर जिगजैग तरीके से पौधे की रोपाई करनी चाहिए. इलायची के पौधे को खेत में लगाने के बाद उनकी पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए. बारिश के मौसम में इसके पौधे को पानी की आवश्यकता नही होती. लेकिन गर्मी के मौसम में इसके पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. इस दौरान नमी बनाए रखने के लिए पौधों में उचित टाइम पर पानी देना चाहिए. और सर्दियों के मौसम में इसके पौधों को 10 से 15 दिन के अन्तराल में पानी देना चाहिए. इलायची के पौधों को खेत में लगाने से पहले गड्डों में या मेड पर प्रत्येक पौधों को 10 किलो के हिसाब से पुरानी गोबर की खाद और एक किली वर्मी कम्पोस्ट देना चाहिए. इसके अलावा इसके पौधों को नीम की खली और मुर्गी की खाद दो से तीन साल तक देनी चाहिए. जिससे पौधा अच्छे से विकास करता है. इलायची के पौधों में खरपतवार नियंत्रण नीलाई गुड़ाई में माध्यम से करनी चाहिए. खरपतवार नियंत्रण करने से पौधे को जमीन से पोषक तत्व भी उचित मात्रा में मिलते हैं. जिससे पौधा अच्छे से विकास करता है. नीलाई गुड़ाई करने से पौधे की जड़ों को हवा की उचित मात्रा भी मिलती रहेगी. और जड़ों की मिट्टी नर्म होने की वजह से पौधा अच्छे से विकास भी करेगा. धन्यवाद
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 03:12 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਲਈ NPK 130045 @ 1 kg ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jarnail Singh Sandhu
Punjab
14-11-2019 03:07 PM
ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਦੀਆਂ BUNTY, SHRIRAM 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. Rasi 773 , US 51 , US 71, BAYER da 7172, 7272 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Javed Qureshi
Madhya Pradesh
14-11-2019 02:59 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है..

Posted by amarpal singh
Punjab
14-11-2019 02:50 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ isoptoturon (75 WP ) 500 gm ਬਿਜਾਈ ਦੇ 35 ਤੋਂ 40 ਦੀਨਾ ਬਾਅਦ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by mohsin
Maharashtra
14-11-2019 02:48 PM
Mohsin ji chicks lene ke liye aap Jogesh hire 9075749975, 9049218008 se sampark kr skte hai.
Posted by ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 02:30 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ

Posted by heerendra
Madhya Pradesh
14-11-2019 02:29 PM
Shrimaan ji, for the treatment of root rot please give application of Z-78 @ 2-2.5 gm per liter of water, thank you
Posted by jaswinder singh Jassa
Punjab
14-11-2019 02:28 PM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਜ਼ੀਰੋ ਡਰਿੱਲ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਕੋਈ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਹੈ, ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਜੋ ਨਿਯੁਕਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਉਸੇ ਸਮਾਂ ਤੇ ਹੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by dinesh patel
Chattisgarh
14-11-2019 02:26 PM
श्रीमान जी, आपका सुझाव देने के लिए धन्यवाद , हमारी टीम इस पर जल्दी ही काम करेगी, तब तक के लिए आप अपना सवाल app पर पूछ सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Gurmeet Singh
Punjab
14-11-2019 02:23 PM
Gurmeet Singh ji is bare visthar vich jankari lai tusi Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Navdeep Singh
Punjab
14-11-2019 02:19 PM
Navdeep ji tuci Buffalo di Murrah nasal rakh skde ho, isda dudh v jyada hunda hai ate fatt v vdia aundi hai..

Posted by Mohammad Bilal khan
Uttar Pradesh
14-11-2019 02:10 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Vipin Kumar
Uttar Pradesh
14-11-2019 01:57 PM
श्रीमान जी, कृपया आप गन्ने की फोटो भेजें तजो आपको देख कर इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by kiranjot
Punjab
14-11-2019 01:53 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਰਪੀਟ ਹੋ ਰਹੇ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਰਪੀਟ ਹੋ ਰਹੇ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by parampreet Singh
Punjab
14-11-2019 01:51 PM
Paramjeet ji, tuc haldi di bijai kar sakde ho, par isda jhaad normal nalo ghat ae ga , dhanwad
Posted by Gauravjit Singh
Punjab
14-11-2019 01:48 PM
श्रीमान जी इसमें का हमला हुआ है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें यदि फल झड़ जाते है तो उसके लिए जब फल छोटे होते है तब आप planofix @ 4 ml
प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और इसकी ग्रोथ के लिए आप वर्मीकंपोस्ट 5—6 किलो के हिसाब से डालें

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
14-11-2019 01:36 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਮਾਈਕੋਰਾਜਾ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜਾ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਖਾਦਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pargat Singh
Punjab
14-11-2019 01:32 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Chandresh
Madhya Pradesh
14-11-2019 01:00 PM
श्रीमान जी, सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई दे.... (Read More)
श्रीमान जी, सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं धन्यवाद
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image











