
Posted by Deepak Sharma
Uttar Pradesh
16-11-2019 04:34 PM
Deepak ji, eh fungus da hamla hoea hai, tuc is lai mencozeb @ 4gm ya carbendazim @ 4gm prati liter pani de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by HARMANJIT SINGH DHILLON
Punjab
16-11-2019 04:28 PM
गेहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई से फसल की पैदावार पर बुरा असर होता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है

Posted by shamsher singh
Punjab
16-11-2019 04:24 PM
BhaaG tuci veterinary university GADVASU Ludhiana aa k kitaban lao jad Gurdaspur kisan mela lagdautho v le sakde o

Posted by nikku
Rajasthan
16-11-2019 04:12 PM
इस आम के पेड़ का जैविक तरीके से कोई उपचार बताइए।es पेड़ में कौन सी बीमारी लगी है पत्ते सूख रहे हैं ?
श्रीमान जी, यह फंगस का हमला हुआ है, इसकी जैविक तरीके से रोकथाम के लिए आप खट्टी लस्सी 3 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और vermicompost 6 -7 kg के हिसाब से डालें, धन्यवाद

Posted by gurbaj singh
Punjab
16-11-2019 04:12 PM
Es nu Liquid Broton 120ml, 10ml rojana deo ate Liquid Microtone 500ml, 10ml rojana deo ji.
Posted by Amit Panwar
Rajasthan
16-11-2019 04:10 PM
Amit ji, yeh tatvon ki kami ki vajah se hua hai, ap isme vermicompost @ 5-6 kg ke hisaab se dalein, dhanywad

Posted by manzoor alam
Bihar
16-11-2019 04:09 PM
श्रीमान जी, आलू की खेती के लिए तापमान 14-25* C होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव .... (Read More)
श्रीमान जी, आलू की खेती के लिए तापमान 14-25* C होना चाहिए यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती इसकी किस्मे जैसे के Kufri Bahar, Kufri Badshah, Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Pukhraj, Kufri Chipsona 2, Kufri Chipsona 1, Kufri Chandramukhi, Kufri Jyoti, Kufri Ashoka, Kufri Lalima की बुवाई कर सकते है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें बिजाई के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली सेमी ऑटोमेटिक या ऑटोमैटिक प्लांटर का प्रयोग करें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं बिजाई के लिए सेहतमंद आलू ही चुने बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंटे के लिए उपचार करें फिर छांव में सुखाएं और 10 दिनों के लिए हवादार कमरे में रखें फिर काटकर आलुओं को मैनकोजेब 0.5 प्रतिशत घोल (5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में 10 मिनट के लिए भिगो दें इससे आलुओं को शुरूआती समय में गलने से बचाया जा सकता है आलुओं को गलने और जड़ों में कालापन रोग से बचाने के लिए साबुत और काटे हुए आलुओं को 6 प्रतिशत मरकरी के घोल (टैफासन) 0.25 प्रतिशत (2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में डालें यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें धन्यवाद

Posted by Parveen Gujjar
Punjab
16-11-2019 03:56 PM
ਮੱਝਾਂ ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ calfs ਲਈ ਫੀਡ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
ਮੱਕੀ,ਕਣਕ, ਜ਼ੌ 50 ਕਿਲੋ
ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਲ 30 ਕਿਲੋ
ਸਕਿਮਡ ਮਿਲਕ ਪਾਊਡਰ 07 ਕਿਲੋ
ਚੌਲਾ ਦਾ ਛਿਲਕਾ 10 ਕਿਲੋ
ਧਾਤਾ ਦਾ ਚੂਰਾ 02 ਕਿਲੋ
ਨਮਕ 01 ਕਿਲੋ
ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਅਤੇ ਡੀ ਪੂਰਕ(ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਆਂਟਲ) 10 ਕਿਲੋ
ਫਾਸਫੋਰਸ 0.5 ਕਿਲੋ
ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ, ਉਮਰ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
ਉਮਰ 1 ਤੋ 3 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3 ਕਿਲੋ
ਉਮ.... (Read More)
ਮੱਝਾਂ ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ calfs ਲਈ ਫੀਡ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
ਮੱਕੀ,ਕਣਕ, ਜ਼ੌ 50 ਕਿਲੋ
ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਲ 30 ਕਿਲੋ
ਸਕਿਮਡ ਮਿਲਕ ਪਾਊਡਰ 07 ਕਿਲੋ
ਚੌਲਾ ਦਾ ਛਿਲਕਾ 10 ਕਿਲੋ
ਧਾਤਾ ਦਾ ਚੂਰਾ 02 ਕਿਲੋ
ਨਮਕ 01 ਕਿਲੋ
ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਅਤੇ ਡੀ ਪੂਰਕ(ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਆਂਟਲ) 10 ਕਿਲੋ
ਫਾਸਫੋਰਸ 0.5 ਕਿਲੋ
ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ, ਉਮਰ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
ਉਮਰ 1 ਤੋ 3 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3 ਕਿਲੋ
ਉਮਰ 4 ਤੋ 15 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3 ਕਿਲੋ
ਉਮਰ 16 ਤੋ 30 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3.5 ਕਿਲੋ
ਉਮਰ 1 ਤੋ 2 ਮਹੀਨੇ ਲਈ ਮਿਲਕ 2.5 ਕਿਲੋ ਫੀਡ
250 ਗ੍ਰਾਮ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਿਨਾ ਖਾ ਸਕੇ..

Posted by Sandeep Singh
Rajasthan
16-11-2019 03:50 PM
Sandeep Singh ji Mushroom ki training ke lia aap Mota ram Sharma 9413647325 Mushroom Farm se samparak kar sakte hai. Thankyou.

Posted by parth
Gujarat
16-11-2019 03:49 PM
Shrimaan ji, kharbuje ke liye tapmaan 18*C se 30* C ka hona chahiye, dhnaywad

Posted by Manjeet Sharma
Haryana
16-11-2019 03:31 PM
Uchit jaankari ke liye kirpya iski photo bheje.
Posted by bazad khan
Punjab
16-11-2019 03:27 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਪਿਆਜ਼ ਦੀਆ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ PRO 6, Punjab Naroya, Punjab White ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, , ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harjeet Grewal
Punjab
16-11-2019 03:23 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਇਸ ਵੇਲੇ 1815 ਤੋਂ 1835 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shekh saleem
Madhya Pradesh
16-11-2019 03:09 PM
Shrimaan ji, HI 8713 pusa mangal ik wheat ki bahut achi variety hai, iski paidawar 20-21 quintal prati acre batai ja rahi hia, iski bijai ka samay 10 nov se 25 nov tak ka hai, yeh kareeb 115 se 120 din mein pak jati hai or ise 4-5 pani ki jarurat hoti hai, dhanywad

Posted by harpeet
Punjab
16-11-2019 02:59 PM
Harpreet ji, sulphur di varton os khet vich kiti jandi hai jithe pani nahi jeera , je kar tuhade khet ch eh dikat hai tan tuc sulphur 80% da istemal karo, dhanwad

Posted by lakhbir singh
Haryana
16-11-2019 02:53 PM
Lakbir ji tuci uss nu Pregstay gold powder 30gm rojana 20 din tak deo, iss nal jekar ohh gaban hoi tan rukk jawegi jekar naa hoi tan heet vich aa jawegi, jekar ehh hun v heat de lashan dsdi hai tan tika bhrwa deo ate ehh powder 20 din tak dinde rho.

Posted by Sunil dhaker
Rajasthan
16-11-2019 02:46 PM
यदि आप सुअर पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पाल.... (Read More)
यदि आप सुअर पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by lakhbir singh
Haryana
16-11-2019 02:44 PM
Lakbir ji tuci uss nu Pregstay gold powder 30gm rojana 20 din tak deo, iss nal jekar ohh gaban hoi tan rukk jawegi jekar naa hoi tan heet vich aa jawegi, jekar ehh hun v heat de lashan dsdi hai tan tika bhrwa deo ate ehh powder 20 din tak dinde rho.
Posted by Javed Qureshi
Madhya Pradesh
16-11-2019 02:37 PM
आप तालाब के इलावा सीमेंट के टैंक में भी मछली पालन कर सकते है यदि आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें तो आपको इस काम की पूरी जानकारी मिलेगी और सही तरीके से काम करने और लाभ कमाने की जानकारी भी प्राप्त हो जाएगी
Posted by murleedhar nagar
Rajasthan
16-11-2019 02:34 PM
श्रीमान जी अब आप किस्म जैसे कि PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105, HD 2967, PBW 621, DBW 17, PBW 502, WH 542, TL 2908 बिजाई कर सकते हैं

Posted by Surinder Kaur
Punjab
16-11-2019 02:12 PM
Surinder kaur ji tuci uss nu Powder Bufzone 200gm lao ate 50gm rojana deo ji, iss nal farak paa jawega.
Posted by Gurpreet Singh
Rajasthan
16-11-2019 02:12 PM
Gurpreet ji, ap jau ki kisme jaise ke RS 6, RBD 1, Kedar, RD 2552, RD 2592, RD 2503, RD 2508, RD 2660, RD 2035, RD 2668, RD 2052, RD 2715, NP-13, NP 103, RS-17, RD 31, RD 57, Bilara 2, RD 2035, BCU 73 or Rekha, DWRUB 64, RD 2503, DWRB 73, PL 751, NARENDRA BARLEY 2, GETANJALI (K1149), Jyoti, Karan 201, 264, RD 2786, RD 2794 ki bijai kar sakte ho, dhanywad
Posted by HARMANJIT SINGH DHILLON
Punjab
16-11-2019 02:07 PM
tusi HD3086, PBW621, PBW 1 Zinc, Unnat PBW 343, Unnat PBW 550, PBW 725 vicho koi v kism lga skde ho.
Posted by Bhagwant singh
Punjab
16-11-2019 01:58 PM
November mahine de 4th hafte pichho tusi PBW509, PBW658, PBW590, PBW 752 vicho koi v kisam lga skde ho ji.

Posted by sidhu
Punjab
16-11-2019 01:46 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮ HD-3086 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by harry
Punjab
16-11-2019 01:35 PM
harry ji jekar tuc DAP di varto nahi karna chahunde ta tuc SSPdi varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by Nishan Singh
Punjab
16-11-2019 01:34 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਦੇ ਸਮੇ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਨਾਲ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਨੂੰ ਦੇਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by jodhraj
Rajasthan
16-11-2019 01:10 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आप कौन सी फसल का मंडी भाव जानना चाहते है, ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by harry
Punjab
16-11-2019 12:57 PM
harry ji jekar jaivik kheti karna chahunde ho ta tuc fasl de vadhe de layi tuc pathiyan de pani di spray karo. jekar fungus da hamla hunda hai ta tuckhatti lassi si spray kar sakde ho.isdi matra 3litre nu prati acre de hisab nal spray kar sakde ho.dhanwad
Posted by Neeraj Verma
Madhya Pradesh
16-11-2019 12:46 PM
यदि आपकी भैंस बार बार रिपीट हो रही है तो उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जा.... (Read More)
यदि आपकी भैंस बार बार रिपीट हो रही है तो उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं..
Posted by Neeraj Verma
Madhya Pradesh
16-11-2019 12:44 PM
नीरज जी, जैसे कि आप बता रहे हैं कि पानी की कमी के कारण चने की फसल सूख रही है, आप कृपया चने की फसल को सिंचाई दें ताकि वे अच्छे विकास कर सके, यह भी बताएं कि अपने इसमें कौन सी खाद का प्रयोग किया है ताकि आपको सही समाधान दिया जा सके धन्यवाद
Posted by BAGA RAM
Rajasthan
16-11-2019 12:32 PM
श्रीमान जी, अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो निम्नलिखित किस्में राजस्थान में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: RZ 19: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125 .... (Read More)
श्रीमान जी, अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो निम्नलिखित किस्में राजस्थान में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: RZ 19: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसका पौधा लंबा, फूल गुलाबी रंग के, और दाने बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 4.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RZ 209: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने स्वाह जैसे भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4-2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पत्तों के ऊपरी धब्बा रोगों की प्रतिरोधक है Gujarat Jeera 2: यह किस्म गुजरात कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 100 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है RZ 223: यह मध्यम समय की किस्म है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है GC 4: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने स्वाह जैसे भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 2.4-2.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें धन्यवाद

Posted by sandeep singh
Punjab
16-11-2019 12:31 PM
Sandeep ji, tuc urea 110 kg prati acre de hisaab nal kanak vich paya janda hia, is di 1/3 marta bijai de sama te pai jandi hai, baki bachi urea bijai to 35-40 dina baad pai jandi hai , dhanwad
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
16-11-2019 12:28 PM
Shrimaan ji, yeh Phosphorus tatv ki kami ke karan hua hai, aap iske liye NPK 005234 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanwad

Posted by jitendra Kumar giri
Bihar
16-11-2019 12:15 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाक.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं
Posted by krishan dhaliwal
Punjab
16-11-2019 12:14 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲੱਗਭੱਗ 2 ਘੰਟੇ ਅੰਦਰ ਕਾੜਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਾੜਾ ਦੇਣ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਲਵੇਰੀ ਦੀ ਜੇਰ ਜਲਦੀ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਉਸਨੂੰ ਬਦਹਜ਼ਮੀ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਕਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸੌਂਫ , ਅਜਵੈਣ ,ਮੇਥੇ , ਸੋਏ, ਕੜੂ, ਕਾਲੀ ਜੀਰੀ, ਧੌਲੀ ਜੀਰੀ , ਵੱਡੀ ਇਲੈਚੀ, ਸੁੰਢ ਅਤੇ ਭੂਰੀਆਂ ਮਿਰਚਾਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ ਹਰ ਇੱਕ ਚੀਜ ਇੱਕ ਤੋਲਾ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਕਾੜਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਲੱਗਭੱਗ 3 ਕਿੱਲ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲੱਗਭੱਗ 2 ਘੰਟੇ ਅੰਦਰ ਕਾੜਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਾੜਾ ਦੇਣ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਲਵੇਰੀ ਦੀ ਜੇਰ ਜਲਦੀ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਉਸਨੂੰ ਬਦਹਜ਼ਮੀ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਕਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸੌਂਫ , ਅਜਵੈਣ ,ਮੇਥੇ , ਸੋਏ, ਕੜੂ, ਕਾਲੀ ਜੀਰੀ, ਧੌਲੀ ਜੀਰੀ , ਵੱਡੀ ਇਲੈਚੀ, ਸੁੰਢ ਅਤੇ ਭੂਰੀਆਂ ਮਿਰਚਾਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ ਹਰ ਇੱਕ ਚੀਜ ਇੱਕ ਤੋਲਾ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਕਾੜਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਲੱਗਭੱਗ 3 ਕਿੱਲੋ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਉਬਾਲੋ ਸਾਰੀਆਂ ਚੀਜਾਂ ਨੂੰ ਪੀਸ ਕੇ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਅਤੇ ਅੱਗ ਨੂੰ ਮੱਠੀ ਕਰ ਲਵੋ ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਅੱਧਾ ਰਹਿ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪਾਅ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਗੁੜ ਜਾਂ ਸ਼ੱਕਰ ਪਾਓ ਤੇ ਕੜਛੀ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਦੇ ਰਹੋ ਥੋੜੀ ਦੇਰ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਅੱਗ ਤੋਂ ਲਾਹ ਲਵੋ ਅਤੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਪਿਆਉ ਇਹ ਕਾੜਾ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਦਿਓ..

Posted by daljinder singh
Punjab
16-11-2019 12:12 PM
Daljinder ji, kide di roktham lai tuc fenvalrate @ 2gm prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by gurpreet
Punjab
16-11-2019 11:55 AM
gurpreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poorijankari diti ja sake,dhanwad

Posted by gurpreet
Punjab
16-11-2019 11:46 AM
श्रीमान जी, बीज की उत्पादन के लिए, 50 सैं.मी.x 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पालक की खेती के लिए लगभग 1000 मीटर का फासला होना चाहिए प्रत्येक पांच पंक्तियों के बाद एक पंक्ति छोड़नी चाहिए, जो कि खेत के परीक्षण के लिए जरूरी है बीमार पौधों को हटा दें, पत्तों में विभिन्नता दिखाने वाले पौधों को हटा दें जब बीज भूरे रंग के ह.... (Read More)
श्रीमान जी, बीज की उत्पादन के लिए, 50 सैं.मी.x 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पालक की खेती के लिए लगभग 1000 मीटर का फासला होना चाहिए प्रत्येक पांच पंक्तियों के बाद एक पंक्ति छोड़नी चाहिए, जो कि खेत के परीक्षण के लिए जरूरी है बीमार पौधों को हटा दें, पत्तों में विभिन्नता दिखाने वाले पौधों को हटा दें जब बीज भूरे रंग के हो जाएं तब फसल की कटाई करें कटाई के बाद पौधों को सुखने के लिए एक सप्ताह के लिए खेत में ही रहने दें अच्छी तरह से सूखने के बाद, बीज लेने के लिए, फसल की छंटाई करें धन्यवाद
Posted by shubham
Maharashtra
16-11-2019 11:39 AM
Shubham ji, kripya aap apna sawal visthar se puchein taki apko iski sahi jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Jarnail Singh Sandhu
Punjab
16-11-2019 11:35 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਮਿਹਨਤ ਅਤੇ ਹੱਥੀਂ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਪੁੱਟਣ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਹਾਨੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਹੀ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਪਿੱਛੇ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 0-3 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Vikas
Maharashtra
16-11-2019 11:28 AM
श्रीमान जी, कृपया आप इसमें carbendazim @ 4gm या mencozeb @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Anuj Kumar
Uttar Pradesh
16-11-2019 11:25 AM
bhai sahib Butox 2 ml 1litre paani ch ghol ke wallan de ulte rukh lagao Pashu rajya howe Piasa na hove te har 10 din k baad 3 waar dubara dwaee lagao

Posted by gurpreet
Punjab
16-11-2019 11:16 AM
Gurpreet ji Vermi Compost len lai tusi Gurpreet Shergill 9872624253 ate Angrej Singh Bhullar 9417613396 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
16-11-2019 11:10 AM
Gurpreet ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci App vich apne sare swala de jwab dekh skde ho.
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