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Posted by Ramlal Beniwal Beniwal
Rajasthan
16-11-2019 10:19 PM
Punjab
11-18-2019 10:02 AM
श्रीमान जी, कीटनाशक के लिए आप, हरी मिर्च 5 kg , लहसुन 5 kg , आक दे पत्ते 5 kg , सुखचैन के पत्ते 5 kg , धतूरा 5 kg , अरंडी के पत्ते 5 kg को 10 लीटर गौ मूत्र में मिला कर 4 दिन के लिए भिगो कर रखो, 4 दिन बाद इसे गौ मूत्र में मसलें और 1 दिन के लिए फिर इससे छाया में रखे, इस धक् के छाया में रखना आवश्यक है, इस घोल को किसी पतले कपड़े से पूण लें और 100 लीटर .... (Read More)
श्रीमान जी, कीटनाशक के लिए आप, हरी मिर्च 5 kg , लहसुन 5 kg , आक दे पत्ते 5 kg , सुखचैन के पत्ते 5 kg , धतूरा 5 kg , अरंडी के पत्ते 5 kg को 10 लीटर गौ मूत्र में मिला कर 4 दिन के लिए भिगो कर रखो, 4 दिन बाद इसे गौ मूत्र में मसलें और 1 दिन के लिए फिर इससे छाया में रखे, इस धक् के छाया में रखना आवश्यक है, इस घोल को किसी पतले कपड़े से पूण लें और 100 लीटर पानी के हिस्सा से 1 एकड़ में स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by कमल सिंह राजपूत
Uttar Pradesh
16-11-2019 10:06 PM
Punjab
11-18-2019 11:53 AM
श्रीमान जी, इसके लिए आप mencozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by ravi baghel
Madhya Pradesh
16-11-2019 10:00 PM
Punjab
11-18-2019 06:17 PM
Ravi ji yadi aap cage system se shuru krte hai to lagbhag 25-30 lakh tak kharch aa skta hai.
Posted by Deepak kumar
Haryana
16-11-2019 09:59 PM
Punjab
11-17-2019 06:58 AM
shri maan g Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.
Posted by kaluram godara
Rajasthan
16-11-2019 09:58 PM
Chandigarh
11-17-2019 03:59 PM
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें
Posted by pradeep
Uttar Pradesh
16-11-2019 09:44 PM
Punjab
11-18-2019 03:03 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है
Posted by kailash mali
Madhya Pradesh
16-11-2019 09:37 PM
Punjab
11-18-2019 03:33 PM
Kailash ji, phulgobhi ki ropai june -july mein ki jati hai, jise ke liye early kunwari pusa kaktki or pusa deepali kismon ki ropai ki jati jati, september mein iski kisme jaise ke pusa synthetic variety ki bijai ki jati hai, or picheti buvai jo ke october november mein hoti hai uske ke liye ap snow ball kism ki buyai karein, dhanywad
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
16-11-2019 09:23 PM
Punjab
11-18-2019 12:03 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਕਮੀ ਨਾਲ ਕਣਕ ਦੇ ਪੱਤੇ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੋਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤੁਸੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਲੱਛਣ ਦਿਖਣ ਤੇ ਵੀ ਪਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jyoti Malik
Haryana
16-11-2019 09:05 PM
Punjab
11-18-2019 03:09 PM
Jyoti ji suar farm room ke vare mai jankari ke liye aap yeh video dekh skte hai.. https://www.youtube.com/watch v=8cgdL5pou9Y
Posted by Jyoti Malik
Haryana
16-11-2019 09:04 PM
Punjab
11-18-2019 03:08 PM
Jyoti ji suar farm room ke vare mai jankari ke liye aap yeh video dekh skte hai.. https://www.youtube.com/watch v=8cgdL5pou9Y
Posted by vikram singh
Rajasthan
16-11-2019 08:58 PM
Punjab
11-18-2019 11:53 AM
Vikram ji, kripya ap bataye ke apke podhe ki umar kya hai or apne isse konse tareeke se lagay hai, dhanywad
Posted by amritpal singh
Punjab
16-11-2019 08:30 PM
Punjab
11-18-2019 03:11 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Fulmani Barla
Andaman & Nicobar Islands
16-11-2019 08:29 PM
Rajasthan
11-18-2019 01:04 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lakhbeer singh
Punjab
16-11-2019 08:28 PM
Punjab
11-18-2019 11:56 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਕੱਟਣ ਮਗਰੋਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਬੀਜ ਬੀਜਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਪੱਧਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਟਰੈਕਟਰ ਨਾਲ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਕੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰੀ ਹਲ਼ ਨਾਲ ਵਾਹ ਕੇ ਪੱਧਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਖੇਤ ਦੀ ਵਾਹੀ ਸ਼ਾਮ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਰੌਣੀ ਕੀਤੀ ਜਮੀਨ ਨੂ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਕੱਟਣ ਮਗਰੋਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਟਰੈਕਟਰ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਬੀਜ ਬੀਜਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਪੱਧਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਟਰੈਕਟਰ ਨਾਲ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਕੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੋ-ਤਿੰਨ ਵਾਰੀ ਹਲ਼ ਨਾਲ ਵਾਹ ਕੇ ਪੱਧਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ I ਖੇਤ ਦੀ ਵਾਹੀ ਸ਼ਾਮ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਰੌਣੀ ਕੀਤੀ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਰਾਤ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਛੱਡ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਤਰੇਲ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਤੋਂ ਨਮੀ ਸੋਖ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
16-11-2019 08:24 PM
Punjab
11-18-2019 03:37 PM
Rahul ji unko aap pett ke kirro ke liye Bendikind plus tablet den, iske sath aap Sharkoferol liquid 30-50ml rojana dena suru kren, isse frak padd jayega..
Posted by Rajwinder singh
Punjab
16-11-2019 08:20 PM
Punjab
11-16-2019 09:13 PM
shrimaan g makki di growth lyi NPK 19.19.19 @1 kg per acre da spray kr skde ho g..
Posted by Kuldeep Singh
Punjab
16-11-2019 08:17 PM
Punjab
11-18-2019 09:46 PM
tuci usdi chuaai 3 time kr deo, jiwe swere 4-4.30 bjee kro fir 8 hours badd dubara kro ate fir 8 hours badd kro, iss trah tuci 8-8 hours badd chuai krr skde ho baki uss nu vitol liquid 10-10ml swere sham deo ,ehh gohealthy company da product hai, iss nal frak paa jawega.
Posted by arpit patidar
Madhya Pradesh
16-11-2019 08:14 PM
Punjab
11-18-2019 11:58 AM
श्रीमान जी, इसक लिए आप NPK 130045 @ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by tahseeldar
Rajasthan
16-11-2019 08:07 PM
Punjab
11-18-2019 12:06 PM
Shrimaan ji, kripya ap makadi ki photo bejein taki apko uska sahi samadhan diya ja sake kyu ki kai keet podhe ke liye hanikarak nahi hote, dhanywad
Posted by anutag
Uttar Pradesh
16-11-2019 07:55 PM
Chandigarh
11-17-2019 04:05 PM
इसकी खेती बहुत किस्म की मिट्टी में की जा सकती है, पर रेतली दोमट मिट्टी में यह बढ़िया पैदावार देती है मिट्टी का उचित pH 6-6.5 होना चाहिये Kashi Ujawal किस्म उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं इस किस्म के फल गोल और बीज रहित होते हैं यह 130-140 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240-244 क्विंटल प्रति एकड़.... (Read More)
इसकी खेती बहुत किस्म की मिट्टी में की जा सकती है, पर रेतली दोमट मिट्टी में यह बढ़िया पैदावार देती है मिट्टी का उचित pH 6-6.5 होना चाहिये Kashi Ujawal किस्म उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं इस किस्म के फल गोल और बीज रहित होते हैं यह 130-140 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240-244 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा करने के लिए 3-4 बार जोताई करें अंत में, जोताई करने से पहले 20 किलो गली-सड़ी रूडी की खाद, 40 किलो नीम केक के साथ मिलाकर प्रति एकड़ में डालें उत्तरी भारत में इसकी खेती दो बार की जाती है इसकी बिजाई फरवरी-मार्च में और जून जुलाई में भी की जाती हैं कतारों में 1.5-2.5 मीटर फासले का प्रयोग करें और पौधे से पौधे में 60-120 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बैड के दोनों ओर प्रति क्यारी पर 2 बीज बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2-2.5 किलो बीज पर्याप्त होते हैं संपूर्ण रूप से फसल को गाय का गला हुआ गोबर 8-10 टन, नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फास्फेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ में जरूरत होती है गाय का गला हुआ गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा बिजाई से 2-3 सप्ताह पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो हिस्सों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 25-30 दिन बाद और दूसरे भाग को बिजाई के 40-50 दिन बाद डालें बिजाई के बाद तीन से चार दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें वानस्पतिक अवस्था में, जलवायु और मिट्टी की किस्म के आधार पर, गर्मियों के मौसम में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें बारिश के मौसम में, बारिश की तीव्रता के आधार पर सिंचाई करें फूल और फल निकलने की अवस्थाएं सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इन अवस्थाओं में पानी की कमी ना होने दें नदीनों की तीव्रता के अनुसार, हाथों या कसी के साथ गोडाई करें मलचिंग के साथ भी नदीनों को रोका जा सकता है और पानी की बचत भी की जा सकती है किस्म के आधार पर फसल 90-100 दिनों में तैयार हो जाती है मांग के मुताबिक फलों की तुड़ाई पकने के समय या उससे पहले की जा सकती है पके हुए फलों को ज्यादातर बीज उत्पादन के लिए प्रयोग किया जाता है फलों को तेज़ चाकू के साथ बेल के पास से काटें
Posted by Sewak .lSingh
Punjab
16-11-2019 07:32 PM
Punjab
11-18-2019 03:43 PM
ਮੱਝ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾ.... (Read More)
ਮੱਝ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
16-11-2019 07:14 PM
Punjab
11-18-2019 12:11 PM
Kirandeep ji, Adrak di kheti Punjab vich nahi kiti jandi hai, ate isdi sifarish university valo vi nahi kiti jandi, dhanwad
Posted by Butta Dhindsa
Punjab
16-11-2019 07:06 PM
Rajasthan
11-18-2019 03:46 PM
Butta ji tuci pehla 3-4 pashu rakh skde ho fir jiwe jiwe tuhanu iss kam di jankari hundi rehegi fir tuci iss kam nu vdha skde ho fir tuci 2-2 month badd 1-2 pashu khrid skde ho, jiss nal pashu di khurak v vdia rehegi ate dudh di kami v nhi aawegi, iss trike nal tuci holi holi farm nu vddha skde ho..
Posted by lovepreet Singh
Punjab
16-11-2019 06:57 PM
Punjab
11-18-2019 03:49 PM
ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ ਰਿਨ ਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨ ਬਾਦ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ..
Posted by Rajesh nigam
Uttar Pradesh
16-11-2019 06:56 PM
Punjab
11-18-2019 03:51 PM
राजेश जी आप गाय को गेहूं का दलिया अच्छी तरह से उबाल कर उसमें गुड मिलाकर 5—7 दिन खिला सकते है और उसे अच्छी मात्रा में हरा चारा डालें और 5—7 दिनों के बाद अच्छी फीड देनी शुरू करें इसके साथ साथ आप उसे anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Lactomax tablet 10-10 गोलियां सुबह शाम रोजाना दें इससे दूध बढ़ेगा और पशु की कमज़ोरी भी दूर रहेगी
Posted by yash patel
Uttar Pradesh
16-11-2019 06:54 PM
Punjab
11-18-2019 12:31 PM
Yash ji, kripya ap apna sawal visthar se puche taki apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Ajay Jhinjer
Haryana
16-11-2019 06:50 PM
Punjab
11-16-2019 07:16 PM
Shri maan g Aaam taur te kanak de vich gulli danda 35-40 dina de vich hi baahr nikalda hai. jdo tuc pehla paani lgaa dinde ho tan ihh gulli danda kanak de nal nal vadhna shuru ho janda hai. iss sme kanak 40 dina de ass paas ho jandi hai. iss sme tuc TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho. ihna de vicho koi v ikk spray vart skde ho. topik di jgah tuc ihh spreha vart skde ho. jekar bathoo hai tan uss de lyi algrip@10gm ja total@16gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho .
Posted by harshit
Madhya Pradesh
16-11-2019 06:39 PM
Maharashtra
11-18-2019 02:17 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
16-11-2019 06:20 PM
Punjab
11-18-2019 03:55 PM
Hanji eh sara tuci ek varr pila skde ho..
Posted by अमित चौधरी
Uttar Pradesh
16-11-2019 06:16 PM
Rajasthan
11-18-2019 03:16 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
16-11-2019 06:13 PM
Punjab
11-18-2019 03:55 PM
Hanji Kuldeep ji ehh tuci ek varr de skde ho.
Posted by Naunihal sethi
Punjab
16-11-2019 06:08 PM
Punjab
11-19-2019 12:14 PM
Naunihal sethi ji Vetoquinol di Supercox len lai tusi Amit kumar nain 9812342850 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
16-11-2019 05:50 PM
Punjab
11-18-2019 09:44 PM
Ravinder ji usko aap Vitol liquid 10-10ml subah sham yeh Gohealthy company ka product hai aur Sarso ka tel 200ml rojana den aur iske lewe aur thno per coconut oil ki malish kren, isse frak padd jayega.
Posted by satyam shakya
Uttar Pradesh
16-11-2019 05:39 PM
Punjab
11-18-2019 11:50 AM
श्रीमान जी, इसके लिए आप mencozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Rajesh chouhan
Uttar Pradesh
16-11-2019 05:31 PM
Punjab
11-17-2019 04:07 PM
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने .... (Read More)
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam
Posted by vamsi
Andhra Pradesh
16-11-2019 05:25 PM
Punjab
11-18-2019 12:07 PM
Posted by Harpreet Randhawa
Punjab
16-11-2019 05:21 PM
Punjab
11-16-2019 06:05 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮਾਂ PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, PBW 590, PBW 509, PBW 373 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22 -25ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨਿਕਲ ਸਕਦਾ ਹੈਅਤੇ ਇਹ 150-157 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ
Posted by Mahaveer Yadav
Rajasthan
16-11-2019 05:12 PM
Punjab
11-18-2019 12:28 PM
श्रीमान जी, बिजाई से अकुंरण के बाद निराई करके खरपतवार निकाल देना चाहिये खरपतवारों पर नियन्त्रण पाने के लिये पहली एक दो कटाई जल्दी करें लेकिन पहली कटाई 50 दिन से पहले न करें कतारों में बोई गई बहुवर्षीय फसल में वर्षा ऋतु एवं इसके बाद 2 से 3 निराई गुड़ाई करना लाभदायक है धन्यवाद
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
16-11-2019 05:07 PM
Rajasthan
11-18-2019 01:12 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Naveen Kumar Singh
Uttar Pradesh
16-11-2019 04:47 PM
Punjab
11-18-2019 05:18 PM
नहीं जी आप इन्हें एक साथ नहीं रख सकते क्योंकि बत्तख मछलियों को खाती है
Posted by sanjay
Rajasthan
16-11-2019 04:46 PM
Punjab
11-18-2019 12:34 PM
श्रीमान जी, आप इसमें planofix @ 4ml प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Amit Dwivedi
Uttar Pradesh
16-11-2019 04:41 PM
Punjab
11-18-2019 01:15 PM
इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित है उसकी लगभग 150 प्रजाति.... (Read More)
इस पौधे को मिट्टी की कई किस्मों जैसे रेतली तटवर्ती से मैदानों की दोमट मिट्टी में उगाया जा सकता है यह पौधा जल जमाव हालातों मे खड़ा नहीं रह सकता जब इसे अच्छे जल निकास वाली दोमट से रेतली दोमट और 8.5 पी एच वाली ज़मीन में उगाया जाये तो यह अच्छे परिणाम देती है एलोए जो कि लिलीकाए परिवार से संबंधित है उसकी लगभग 150 प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें से barbedensis, A. chinensis, A. perfoliata, A. vulgaris, A indica, A. littoralis और A abyssinica हैं ये आमतौर पर उगायी जाती हैं और इनका औषधीय मूल्य होता है नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280, IC111273, IC111279 और IC111267 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में एलोइन तत्व पाया जाता है नैशनल बौटैनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर, दिल्ली द्वारा जारी की गई किस्में IC111267, IC1112666, IC111280, IC111280, IC111272 और IC111277 आदि इस किस्म में उच्च मात्रा में जैल तत्व पाया जाता है AL-1:- यह किस्म सैंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल एंड एरोमैटिक प्लांट्स, लखनऊ द्वारा जारी की गई है घीकवार की जड़ें 20-30 सैं.मी. तक ही जाती हैं इसके लिए खेत को जोत कर नर्म करें आखिरी जोताई के बाद 6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें मेंड़ और खालियां बना कर 45-60 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करें और अगर जरूरत पड़े तो सिंचाई करें गांठों को 40 या 30 सैं.मी. के फासले पर लगाएं गांठों के विकास के लिए इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त महीने में करनी चाहिए सिंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी बिजाई सर्दियों के महीने में भी की जाती है आमतौर पर फासला 45 सैं.मी.x40 सैं.मी. या 60 सैं.मी.x30 सैं.मी. रखा जाता है ये गांठें चार से पांच महीने पुरानी और 15 सैं.मी. की गहराई पर गड्ढों में लगानी चाहिए बिजाई के लिए आम तौर पर एक एकड़ के लिए 22000 गांठों की जरूरत होती है बिजाई के लिए सेहतमंद गांठों का ही प्रयोग करें बिजाई के लिए 3-4 महीने पुरानी गांठो का प्रयोग करें, जिसके चार से पांच पत्ते हों ज़मीन की तैयारी के समय 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 20 किलो (44 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो एस.एस. पी.) और पोटाश 20 किलो (34 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें खेत को साफ सुथरा और नदीन रहित रखें उचित अंतराल पर गोडाई करें एक वर्ष में मुख्यत: दो बार गोडाई करें गर्मियों और शुष्क हालातों में 2 सप्ताह के अंतराल पर सिंचाई करें बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती और सर्दियों के मौसम में पौधा ज्यादा पानी नहीं लेता इसलिए कम सिंचाई करनी चाहिए पौधे के गांठे बनने के बाद तुरंत पहली सिंचाई करें खेत में ज्यादा पानी ना लगाएं इससे फसल को नुकसान होता है याद रखें कि फसल को दोबारा पानी लगाने से पहले, खेत को सूखने दें सिंचाई खेत में अच्छी तरह दे देनी चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाये धन्यवाद