
Posted by Manjinder Bal
Punjab
17-11-2019 02:38 PM
Hanji tusi is di varto kanak di growth lyi kr skde ho. is di varto ikalle ya khaada nal mila ke kiti ja skdi hai.

Posted by lakhwinder singh brar
Punjab
17-11-2019 02:31 PM
Lakhwinder ji, 1121 da taja rate is vele 2200 - 2725 rupay prati quintal de hisaab nal chal reha hai, dhanwad

Posted by Bharatsinh Zala
Gujarat
17-11-2019 02:07 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by Jitendra Singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 02:05 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है
Posted by AbhishekYadav
Uttar Pradesh
17-11-2019 02:01 PM
10 bigha khet mein aap 250kg beej ka upyog kre.
Posted by ganesh bhise
Maharashtra
17-11-2019 01:56 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Sandip Chavhan
Maharashtra
17-11-2019 01:48 PM
Sandip ji, karpa og ke liye ap carbendazim @ 4gm ya mencozeb @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Abhishek Kohli
Uttar Pradesh
17-11-2019 01:41 PM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं इस प्रकार आप अपने बजट के हिसाब से बच्चों को रख सकते है और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है.
Posted by Jitendra Singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 01:38 PM
श्रीमान जी आप आलू की किस्में जैसे के Kufri Bahar, Kufri Badshah, Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Pukhraj, Kufri Chipsona 2, Kufri Chipsona 1, Kufri Chandramukhi, Kufri Jyoti, Kufri Ashoka, Kufri Lalima की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Jasveer singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 01:33 PM
Jasveer singh ji HD3226 ka seed lene ke liye aap Dr Dalip Gosain 9215757800 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Jitendra Singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 01:31 PM
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित न.... (Read More)
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती Kufri Bahar, Kufri Badshah Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Chipsona 2, Kufri Chandramukhi, किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें
बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें डंठलों की कटाई : आलुओं को विषाणु से बचाने के लिए यह क्रिया बहुत जरूरी है और इससे आलुओं का आकार और गिणती भी बढ़ जाती है इस क्रिया में सही समय पर पौधे को ज़मीन के नज़दीक से काट दिया जाता है इसका समय अलग अलग स्थानों पर अलग है और चेपे की जनसंख्या पर निर्भर करता है उत्तरी भारत में यह क्रिया दिसंबर महीने में की जाती है
पत्तों के पीले होने और ज़मीन पर गिरने से फसल की पुटाई की जा सकती है फसल को डंठलों की कटाई के 15-20 दिन बाद ज़मीन की नमी सही होने से उखाड़ लें पुटाई ट्रैक्टर और आलू उखाड़ने वाली मशीन से या कही से की जा सकती है पुटाई के बाद आलुओं को सुखाने के लिए ज़मीन पर बिछा दें और 10-15 दिनों तक रखें ताकि उनपर छिल्का आ सके खराब और सड़े हुए आलुओं को बाहर निकाल दें
Posted by Rakesh kumar
Rajasthan
17-11-2019 01:31 PM
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट.... (Read More)
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते है..

Posted by Amrit chahal
Punjab
17-11-2019 01:30 PM
nasal de depend krda milk ta g tci 3,4 kg Cargill feed,100 GM desi gi 4,5 rotia vich Tori khnd pya leo,10 din ,2 Lt calcium 50 ml roj, 35 40 kg haracharA milk bnd u ga
Posted by Yogendra Yadav
Uttar Pradesh
17-11-2019 01:25 PM
इसके बारे में उचित जानकारी के लिए कृपया यह बताएं कि अब तक आपने इसमें कौन सी स्प्रे और कब की है
Posted by Uddhav Amol Kirange
Maharashtra
17-11-2019 01:24 PM
Uddhav ji yaddi aap dudh aur meat dono kamo ke liye bakri rakhna chahte hai too aap Beetal nasal ki goat rakh skte hai, yeh nasal dono kamo ke liye achi hai aur iski market v achi hai.

Posted by Rakesh Nayak
Chattisgarh
17-11-2019 01:20 PM
app Apne nare de Dr NL saparik kro ja abs hisar jakar Lanya sakte hai
Posted by akash singh
Punjab
17-11-2019 01:17 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਕਾਂਗਿਆਰੀ, ਸਫੇਦ ਜੰਗ, ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ , ਪੀਲੀ ਧਾਰੀਦਾਰ ਕੁੰਗੀ, karnal bunt ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਨ ਤੇ ਆਉਣ ਦਾ ਕੋਈ ਸਮਾਂ ਨਿਸ਼ਿਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ , ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Anil dhangar
Madhya Pradesh
17-11-2019 01:08 PM
Anil ji, apka sujhaw dene ke liye shukriya, hamari team jald hi is par kam kare gi, tab tak iske bare mein koi bhi jankari lene ke liye ap sawal jawab section mein apna sawal puch sakte hain, dhanywad

Posted by आशुतोष
Madhya Pradesh
17-11-2019 01:08 PM
Shrimaan ji, aap dono mein se kisi ki bhi buvai kar sakte hain dhanywad

Posted by Jagjeet Grewal
Punjab
17-11-2019 01:07 PM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ, ਪਹਪੋਤੋਂ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਹ ਅਨੁਮਾਨ ਲੱਗ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕੇ ਇਹ ਅੰਬ ਦਾ ਬੂਟਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rajat Choudhary
Uttar Pradesh
17-11-2019 12:57 PM
bassi di age 3 year body wait 250 to 300kg hone pr gaban krwa sakte hai g pet de keria Di medisan hitek,min21 powder 30 GM 21din,ovared 5 peck 1 roj ,nutrisecc advance 21 din heat mai Aya j gi
Posted by VIKAS Mishra
Uttar Pradesh
17-11-2019 12:46 PM
एक एकड़ क्षेत्र में लगभग 8-10 स्थानों से ‘V’ आकार के 6 इंच गहरे गहरे गढ्ढे बनायें एक खेत के सभी स्थानों से प्राप्त मिट्टी को एक साथ मिलाकर ½ किलोग्राम का एक सन्युक्त नमूना बनायें नमूने की मिट्टी से कंकड़, घास इत्यादि अलग करें सूखे हुए नमूने को कपड़े की थैली में भरकर कृषक का नाम, पता, खसरा संख्या, मोबाइल नम्बर, आधार सं.... (Read More)
एक एकड़ क्षेत्र में लगभग 8-10 स्थानों से ‘V’ आकार के 6 इंच गहरे गहरे गढ्ढे बनायें एक खेत के सभी स्थानों से प्राप्त मिट्टी को एक साथ मिलाकर ½ किलोग्राम का एक सन्युक्त नमूना बनायें नमूने की मिट्टी से कंकड़, घास इत्यादि अलग करें सूखे हुए नमूने को कपड़े की थैली में भरकर कृषक का नाम, पता, खसरा संख्या, मोबाइल नम्बर, आधार संख्या, उगाई जाने वाली फसलों आदि का ब्यौरा दें नमूना प्रयोगशाला को प्रेषित करें अथवा’ ‘परख’ मृदा परीक्षण किट द्वारा स्वयं परीक्षण करें
Posted by pradum mewada
Madhya Pradesh
17-11-2019 12:38 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by sandesh sharma
Delhi
17-11-2019 12:29 PM
Sandesh ji aap murgio ke liye kisi v achi company ki feed le skte hai jaise Godrej, Cargill kisi v company ki feed de skte hai, yeh aap apni nazdiki market mai pta kr skte hai..

Posted by Niraj kalkhar
Rajasthan
17-11-2019 12:25 PM
Niraj ji, litchi ki kheti Rajasthan mein nahi ki jati hai, rajastahn mein fal jaise ke anar, amrood, khajoor, kharbooja, dragon fal, tarbooj, ber ki kheti kar sakte hain, dhanywad

Posted by deep
Punjab
17-11-2019 11:52 AM
Deep ji , tuc guli dande di roktham lai TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, ate agar tuhadi kanak mud gai hai tan keht vich halki sinchai deo, dhanwad

Posted by Dapinder Sandhu
Punjab
17-11-2019 11:46 AM
Dapinder ji, 1718 da ajj da rate 2650 rupay prati quintal hathi vadi fasal da hai ate 2575 rupay prati quintal machine nal vaddi fasal da hai, dhanwad

Posted by mayank
Uttar Pradesh
17-11-2019 11:40 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Harmeet
Punjab
17-11-2019 11:31 AM
Harmeet ji is bare puri jankari lai tusi mere nal Birbal Ram Sharma 7009579091 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Satinder Singh Goraya
Punjab
17-11-2019 11:26 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹੁਣ Nutrich tablet ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Vitum-H liquid 5ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਜਦੋ ਉਹ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਭਣ ਹੋਵੇਗੀ ਤਾਂ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਤੋਂ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਬਾਦ progesterone injection 250 mg ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ Suspension liquid 10-10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Rahul choudhary
Rajasthan
17-11-2019 11:23 AM
श्रीमान जी, इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी .... (Read More)
श्रीमान जी, इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है बारानी क्षेत्रों में खेत इस तरह से तैयार करना चाहिए कि वह नमी को सोख सके खेत की एक बार आयरन के हल से गहरी जोताई या सामान्य हल से दो या तीन बार जोताई करें और सुहागा फेरें खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए आखिरी जोताई के समय यूरिया 35-40 किलो प्रति एकड़ में डालें इससे गेहूं की अंकुरन प्रतिशतता में वृद्धि होती है अज़ोटोबैक्टर 2.5 किलो + फास्फेटिक 2.5 किलो + ट्राइकोडरमा 2.5 किलो को 100 किलो-125 किलो रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर में मिलाकर आखिरी जोताई के समय खिलार दें गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बिजाई का ढंग: बीज ड्रिल, बुरकाव विधि , जीरो टिलेज़ ड्रिल, रोटावेटर बिजाई के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें धन्यवाद

Posted by sukhjinder singh
Punjab
17-11-2019 11:20 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105 , HD 2967 , PBW 621 , DBW 17 , PBW 502 , WH 542 ,TL 2908 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Vijay
Rajasthan
17-11-2019 11:17 AM
Vijay ji ap isme NPK 191919 @ 1 kg ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by harishjoshi
Uttarakhand
17-11-2019 11:13 AM
enroboost 50 GM,digamax 25 GM 3 din 50 GM live52, 2 bollas mekodiar tiak ho j gi
Posted by Gurpreet Singh
Rajasthan
17-11-2019 11:07 AM
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित.... (Read More)
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित हालातों में खेती करने पर यह अधिक उपज देती है यह किस्म चारे और दाने लेने के लिए उपयुक्त किस्म है यह 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है सिंचित हालातों में, इसकी औसतन पैदावार 14-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vijaya: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Dolama: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Himani: यह किस्म शिमला में विकसित की गई है यह यू पी के मध्यम और निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12.8-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है LSB 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Amber: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 130-133 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म यू पी के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसका प्रयोग बीयर बनाने के लिए किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jyoti: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म उत्तर प्रदेश के सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 164: यह लंबी प्रकार की किस्म है, इसकी बालियां सघन होती है इसके दाने मोटे और सुनहरी होते हैं यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है यह सिंचित क्षेत्रों में खेती करने के लिए उपयुक्त किस्म है अच्छी उपज के लिए, 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सिंचित क्षेत्रों के लिए, 15 से 25 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें बारानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 10 नवंबर का समय उपयुक्त होता है यदि बिजाई देरी से की जाए तो दानों की उपज और गुणवत्ता कम हो जाती है और उपज बीयर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-11-2019 11:02 AM
Shri maan g Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.

Posted by harishjoshi
Uttarakhand
17-11-2019 11:01 AM
biotrim ds bollas 2 _2 ,3 din , enroboost 50 GM, live52 50 ml dast mook nu pharik pay u ga

Posted by dhanraj kumawat
Madhya Pradesh
17-11-2019 11:00 AM
श्रीमान जी कृपया आप बताये के अपने कोनसी खादों का उपयोग किस किस मात्रा में किया है, ताजो आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by harishjoshi
Uttarakhand
17-11-2019 10:59 AM
उसे आप Biotrim injection 15ml लगवायें इसके साथ Halotas bolus 2-2 गोलियां सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा..

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-11-2019 10:56 AM
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ
Posted by NITENDRA KUMAR
Uttar Pradesh
17-11-2019 10:46 AM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by NITENDRA KUMAR
Uttar Pradesh
17-11-2019 10:45 AM
उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds गोली भी दें और Enerdyna liquid 100ml रोजाना, Simlage bolus 1-1 सुबह शाम और Gouge पाउडर 50gm रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा, बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करें.
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image
















