
Posted by govind patidar
Madhya Pradesh
17-11-2019 07:02 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
17-11-2019 07:02 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105 , HD 2967 , PBW 621 , DBW 17 , PBW 502 , WH 542 ,TL 2908 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Harpreet singh
Punjab
17-11-2019 06:59 PM
Shri maan g Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.

Posted by Arjun Choudhary
Madhya Pradesh
17-11-2019 06:58 PM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते है मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें

Posted by Karan
Punjab
17-11-2019 06:54 PM
tuci uss nu Gardplus injection 4.5gm ate isoflud injection 5ml ek din lgwao ate Neoprofin injection 10ml krke 3 din lgwao, baki uss nu Vitol liquid 10-10ml swere sham ate Glactogouge powder 1-1 pouch rojana deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Amrinder Singh
Punjab
17-11-2019 06:42 PM
Amrinder Singh ji rate bare daso te photo v send karo ji.
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
17-11-2019 06:39 PM
Ashish ji, aap urea ki marta 110 kh prati acre ke hisaab se dalein, SSP 155 kg prati care or MoP 20 kg prati acre ke hisaab se paryog karein, 1/3rd marta urea ki or puri marta potash or SSP ki bijai ke samay par dalein or baki bachi urea ko ap bijai ke 35-40 din ke baad dalein, dhanywad
Posted by Surendra singh Chauhan
Uttarakhand
17-11-2019 06:30 PM
सुरेंद्र सिंह चौहान जी वर्मीकम्पोस्ट लेने के लिए आप yashica ahuja 9467623848 के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद
Posted by rajeev kumar
Bihar
17-11-2019 06:23 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है

Posted by sanjeev
Madhya Pradesh
17-11-2019 06:23 PM
Sanjeev ji, JG 315 chane ki variety ko lagane ka sahi samay ashinchit kshetron mein october ka tisre hafta hai or sinchit kshetron mein iski buvai novmber ke dusre hafte ki ja sakti hai, iske ilawa ap sabjiya jaise ke piyaj , mirch , tamatar ki bijai kar sakte hain dhanywad

Posted by Shakeer
Madhya Pradesh
17-11-2019 06:22 PM
श्रीमान जी, गाजर की बुवाई अक्तूबर महीने तक ही की जा सकती है, धन्यवाद

Posted by sanjeev
Madhya Pradesh
17-11-2019 06:20 PM
pet de keria Di medisan fantas 3 deo phir 50_50 ovumin gold, totawait bollas 10 1 roj deni, heat vich Aya u gi

Posted by Udham Singh
Haryana
17-11-2019 06:13 PM
श्रीमान जी, बाजरा नेपियर हाइब्रिड की बिजाई मार्च से सितंबर में की जा सकती है पर अच्छी उपज के लिए मॉनसून के शुरू होने पर और मार्च का महीना बिजाई के लिए अनुकूल होता है धन्यवाद
Posted by Rajat kumar
Punjab
17-11-2019 05:56 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, chlorpyriphos ੨੦% ਸਿਓਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਿਓਂਕ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ 1 ਲਿਟਰ ਨੂੰ 60 kg ਮਿੱਟੀ ਚ ਮਿਲੀ ਕੇ ਛਿੱਟਾ ਦੋ, ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧ ਵੀ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀ chlorpyriphos 4ml ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੋਧ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhchain singh
Punjab
17-11-2019 05:54 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਖਾਦ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਦਿਨ ਦੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਮੇ ਸੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by vivek sharma
Madhya Pradesh
17-11-2019 05:49 PM
श्रीमान जी , कृपया आप बताये के आप ने इसमें कोनसी खाद या दवाई का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by harpreet singh kaler
Punjab
17-11-2019 05:45 PM
Harpreet ji, kirpa kar ke apna sawal visthar nal pucho taki tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by vivek sharma
Madhya Pradesh
17-11-2019 05:36 PM
श्रीमान जी , कृपया आप बताये के आप ने इसमें कोनसी खाद या दवाई का इस्तेमाल किया है, ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Gurtej Singh
Punjab
17-11-2019 05:33 PM
ਉਸਦੀ ਧਾਰ ਪੋਲੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਬੱਗਾ ਜੀਰਾ ਉਬਾਲ ਕੇ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦਿਉ..
Posted by Charanjit Singh Jhajj
Punjab
17-11-2019 05:32 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ ਫਿਰ NPK 191919 ਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਆਲੂਆਂ ਵਿਚ NPK 191919 ਦੀ ਜਗਾਹ NPK 130045 ਦੀ 2 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhchain singh
Punjab
17-11-2019 05:31 PM
ਹਾਜੀ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਬੇਫਿਕਰ ਹੋ ਕੇ ਪਾਓ ਜੀ

Posted by Jasdeep Singh
Punjab
17-11-2019 05:17 PM
2 var j taji sohyi ta 3 time 35 to 40kg hara chara,7,8 kg turi ,1kg milk pesay 400 GM feed 3 month bnd pet de keria Di medisan,50 GM minralmix ovumin gold

Posted by Ankur Goyat
Uttar Pradesh
17-11-2019 05:11 PM
इसे आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें इसकी जांच करके ही सही इलाज हो सकता है
Posted by Neeraj Verma
Madhya Pradesh
17-11-2019 05:10 PM
श्रीमान जी कृपया आप इसमें दीमक का हमला चेक करें, अगर मौजूद हो तो आप इसमें chlorpyriphos @ 1 लीटर को 60 kg मिटी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से डालें, धन्यवाद

Posted by jayendra
Gujarat
17-11-2019 04:54 PM
Jayendra ji is ke bare me visthar me jankari ke lia aap Wasif Malik 9548535104 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by विद्या प्रसाद
Madhya Pradesh
17-11-2019 04:38 PM
आप Taktic स्प्रे का प्रयोग करें, यह 2ml/1liter पानी में मिलाकर स्प्रे करें आप पशुओं के आस पास और पशुओं के ऊपर भी करें बाकि आप साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें..

Posted by Pardeep Kumar Kumar Pardeep
Punjab
17-11-2019 04:37 PM
ardeep Kumar ji feed supplement bohat companiya de hune hun ji tusi thoda detail nal daso ke kis tarah de feed supplement te kis pashu bare puch rahe ho ji.

Posted by vikas singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 04:35 PM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है
Posted by balwinder sidhu
Punjab
17-11-2019 04:33 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਉਗ ਗਈ ਹੈ, ਇਸਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਬਿਜਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰ ਦੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amit Panwar
Rajasthan
17-11-2019 04:18 PM
amit ji aap iski jad men dheemak check karen agar maujood hai to aap iske uper chlorpyriphos @1 litre ko 60 kilo ret men mila kar chita de.dhanywad

Posted by nikku
Rajasthan
17-11-2019 04:18 PM
श्रीमान जी, यह दीमक का हमला है है, आप इसमें chlorpyriphos @ 1 लीटर को 60 kg मिटी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by sandeep Kumar
Uttar Pradesh
17-11-2019 04:10 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
17-11-2019 04:02 PM
पहले 7 दिन peparageen 30ml 15 दिन बाद elbomar 30ml 21 दिन बाद fantasplus 3 महीने hitek 20 से 50ml livetonik brotow 30gm calfplan
Posted by SHIV SINGH
Uttar Pradesh
17-11-2019 03:59 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by Balwinder Singh
Punjab
17-11-2019 03:56 PM
Balwinder ji, tuc khaad nu pani de nal hi pa sakde ho, pani bijai to 25-30 din baad pai da hai, jekar mitti ch pani nahi jeerda te 3 kg sulphur di vi varton karo, dhanwad
Posted by Keet Gujjar
Punjab
17-11-2019 03:51 PM
keet ji sundi di roktham de layi tuc quinalphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
17-11-2019 03:48 PM
bhai sahib 30 din ki umar pe khaega abhi narm hara chaara aage rakh dein or dudh pilaein
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
17-11-2019 03:37 PM
उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें, आप उसे 250 ग्राम गुड, 250 ग्राम गुलकंद, 100 ग्राम सौंफ, 100 ग्राम सूखे आवले और 50 ग्राम अज्वाइण उबालकर फिर ठंडा करके 5 दिन दें बाकि आप उसे anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Lactomax tablet 10-10 गोलियां सुबह शाम रोजाना दें..
Posted by Deepak Kannojiya
Uttar Pradesh
17-11-2019 03:35 PM
Deepak Kannojiya ji, dhaan ka MSP 1815 se 1835 rupay prati quintal ke hisaab se raha hai, dhanywad
Posted by pardeep singh rana
Punjab
17-11-2019 03:16 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ. ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-11-2019 03:10 PM
HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ,ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 156 ਦਿਨ ਅਤੇ ਕੱਦ 96 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੈ

Posted by Chetak Dubey
Uttar Pradesh
17-11-2019 03:04 PM
श्रीमान जी अच्छा होगा कि मनी प्लांट को सबसे पहले किसी बोतल में लगाया जाए जब उसकी जड़े निकल आएंगी तब उसे किसी गमले में लगा दिया जाए इससे वे जल्दी उगेगें मनी प्लांट में ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिये इन्हें उगने के लिये ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती सर्दियों में हफ्ते में 2-3 दिन बार गमले में पान.... (Read More)
श्रीमान जी अच्छा होगा कि मनी प्लांट को सबसे पहले किसी बोतल में लगाया जाए जब उसकी जड़े निकल आएंगी तब उसे किसी गमले में लगा दिया जाए इससे वे जल्दी उगेगें मनी प्लांट में ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिये इन्हें उगने के लिये ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती सर्दियों में हफ्ते में 2-3 दिन बार गमले में पानी डालें और गर्मियों में हफ्ते में 7-8 दिन मनी प्लांट को सूरज की धूप बहुत पसंद है आप उसे खुली खिड़की पर रखेगें तो आप पाएंगे कि वह सूरज की ही ओर ग्रो कर रहा होगा इसलिये मनी प्लांट को रोज तो नहीं पर फिर भी एक-एक दिन छोड़ कर धूप दिखाएं इसमें आप किसी भी प्रकार की खाद प्रयोग कर सकते हैं प्लांट के तने को किसी लकड़ी या प्लास्टिक के खंबे के साथ बांध दें तो यह जल्द बढे़गा प्लांट की सूखी पत्तियां और लतों को काट कर आप उनकी ग्रोथ को बढा सकते हैं धन्यवाद

Posted by Sunny Jassi
Punjab
17-11-2019 02:51 PM
December vich tusi tmaatr, full gobhi, shkrkndi, beej skde ho..
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image


















