Experts Q&A Search

Posted by Puransingh
Punjab
18-11-2019 08:16 AM
Punjab
11-18-2019 01:39 PM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Parminder Singh
Punjab
18-11-2019 08:13 AM
Punjab
11-18-2019 11:19 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105 , HD 2967 , PBW 621 , DBW 17 , PBW 502 , WH 542 ,TL 2908 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by annu raghuwanshi
Madhya Pradesh
18-11-2019 08:01 AM
Punjab
11-18-2019 11:20 AM
Shri maan g gehu ki buwai 25 October to 30 November tk sath mein DAP@55 kg per acre ke hisab se kr skte ho.....
Posted by Karn Brar
Punjab
18-11-2019 07:04 AM
Punjab
11-19-2019 03:30 PM
आप भैंस को Anabolite liquid 100-100ml सुबह शाम, Gouge powder 50gm रोजाना दें और उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और हर तीन महीने के बाद पेट के कीड़ों की गोली दें बाकि आप बच्चे को पेट के कीड़ों के लिए Albomar liquid 30ml, 10—10 मि.ली. करके तीन दिन दें और उसे 2 महीने तक मां का दूध पिलाएं
Posted by Manpreet singh
Punjab
18-11-2019 06:52 AM
Punjab
11-18-2019 09:54 PM
Tuci uss nu UTI care homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ehh dr. jhon da product hai, iss nal frak paa jawega, tuci eh photo dekh skde ho..
Posted by amandeep singh
Punjab
18-11-2019 06:42 AM
Punjab
11-18-2019 11:43 AM
amandeep ji basmati da rate 2400 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by ਕਮਲ ਸੰਧੂ
Punjab
18-11-2019 06:33 AM
Haryana
11-19-2019 05:51 PM
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਸ਼ਾਖਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਤੀਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60-65 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੰਜਵੀਂ ਸਿੰਚਾ.... (Read More)
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਸ਼ਾਖਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਤੀਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60-65 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੰਜਵੀਂ ਸਿੰਚਾਈ ਦਾਣੇ ਪੱਕਣ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 100-105 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਕਰੋ
Posted by Raeesh Ali
Uttar Pradesh
18-11-2019 05:17 AM
Punjab
11-18-2019 11:22 AM
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मा.... (Read More)
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें
Posted by shiv
Uttar Pradesh
17-11-2019 11:42 PM
Madhya Pradesh
11-18-2019 01:45 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 03-04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पाल.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 03-04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HB
Posted by shiv
Uttar Pradesh
17-11-2019 11:40 PM
Punjab
11-20-2019 04:10 PM
शिव जी, उत्तर प्रदेश में फारूखाबाद, कौसंबी, अलीगढ़, अलाहबाद, बदायुं, कानपुर, उन्नाओ, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी और फैज़ाबाद अमरूद के मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बी.... (Read More)
शिव जी, उत्तर प्रदेश में फारूखाबाद, कौसंबी, अलीगढ़, अलाहबाद, बदायुं, कानपुर, उन्नाओ, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी और फैज़ाबाद अमरूद के मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है अच्छी पैदावार के लिए इसे गहरे तल, अच्छे निकास वाली रेतली चिकनी मिट्टी से लेकर चिकनी मिट्टी में बीजना चाहिए Lucknow Safeda, Red Fleshed, Mirzapuri Seedless, CISH–G–1, CISH-G-2, CISH-G-3, Lalit,Shweta यू पी में उगाई जाने वाली अमरूद की प्रमुख किस्में हैं खेत की जोताई करके क्रॉस जोताई करें और उसके बाद खेत को समतल करें खेत को इस तरह से तैयार करें कि खेत में पानी ना खड़ा रहे फरवरी मार्च या अगस्त सितंबर का महीना अमरूद के पौधे लगाने के लिए सही माना जाता है अधिक घनता में रोपाई करना लखनऊ द्वारा विकसित किया गया था इसमें पौधों को 1 मीटर x 2 मीटर फासले पर लगाया जाता है लगभग 2000 पौधे प्रति एकड़ में लगाए जाते हैं जड़ों को 25 सैं.मी. की गहराई पर बीजना चाहिए इसके पौधे बीज लगाके या कलम विधि के द्वारा तैयार किए जाते हैं यूरिया, एस एस पी और म्युरेट ऑफ पोटाश की आधी मात्रा और गाय के गोबर की पूरी मात्रा मई जून के महीने में डालें नाइट्रोजन, फासफोरस, पोटाश की बाकी बची मात्रा को सितंबर-अक्तूबर महीने में डालें यदि अमरूद के पौधों में जिंक की कमी दिखाई दे तो जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 1 किलो + चूना मिश्रण 1/2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार स्प्रे करें बोरोन की कमी को पूरा करने के लिए बोरेक्स 2 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर जुलाई और सितंबर के महीने में दो बार स्प्रे करें अमरूद के बूटे के सही विकास और अच्छी पैदावार के लिए नदीनों की रोकथाम की जरूरत पड़ती है नदीनों की वृद्धि पर नज़र रखें मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीनों की वृद्धि को रोकने के लिए गलाईफोसेट 1.6 लीटर पानी में डालकर (नदीनों को फूल पड़ने और उनकी उंचाई 15 से 20 सैं.मी. तक हो जाने से पहले) प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें पहली सिंचाई पौधे लगाने के तुरंत बाद और दूसरी सिंचाई तीसरे दिन करें इसके बाद मौसम और मिट्टी की किस्म के हिसाब से सिंचाई की जरूरत पड़ती है अच्छे और तंदरूस्त बागों में सिंचाई की ज्यादा जरूरत नहीं होती नए लगाए पौधों को गर्मियों में सप्ताह बाद और सर्दियों के महीने में 2 से 3 बार सिंचाई की जरूरत होती है पौधे को फूल लगने के समय ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती क्योंकि ज्यादा सिंचाई से फूल गिरने का खतरा बढ़ जाता है बिजाई के 2-3 साल बाद अमरूद के बूटों को फल लगने शुरू हो जाते हैं फलों के पूरी तरह पकने के बाद इनकी तुड़ाई करनी चाहिए पूरी तरह पकने के बाद फलों का रंग हरे से पीला होना शुरू हो जाता है फलों की तुड़ाई सही समय पर कर लेनी चाहिए फलों को ज्यादा पकने नहीं देना चाहिए, क्योंकि ज्यादा पकने से फलों के स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है इसके पौध आपको लोकल नर्सरी से मिल जायेगे एक एकड़ में दो साल के बाद लगभग 2 लाख 70 हजार होती है जिस में से खर्च निकल कर 70 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से बचत हो जाती है धन्यवाद
Posted by RAJ kumar upadhyay
West Bengal
17-11-2019 11:34 PM
Punjab
11-18-2019 01:46 PM
Raj kumar ji kripya aap yeh btayen ki aap konsi nasal ki cow rakhna chathe hai tan jo apko uske vare mai sahi jankari di jaa skee.
Posted by Neetesh Rawat
Madhya Pradesh
17-11-2019 10:08 PM
Punjab
11-20-2019 04:15 PM
Neetesh ji, ap mirch ki kisme jaise ke 1701 (Naamdhari), V.N.R.-32, V.N.R. 305, Agni Rekha, Pusa Jwala, Jawahar Mirch 218, Super Hot (Seminins) ki buvai karein, dhanywad
Posted by Manpreet warval
Punjab
17-11-2019 10:05 PM
Punjab
11-18-2019 11:23 AM
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मा.... (Read More)
श्री मान अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें
Posted by murleedhar nagar
Rajasthan
17-11-2019 09:55 PM
Punjab
11-18-2019 11:24 AM
श्री मान गेहूं की बिजाई 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक कर सकते हो
Posted by dharmendra Yadav
Madhya Pradesh
17-11-2019 09:50 PM
Punjab
11-18-2019 05:52 PM
Dharmendra Yadav ji pipe line ki subsidy ke bare me puri jankari ke lia aap Vivek Dhangrikar 9406802800 se samparak kare, Thankyou.
Posted by Manpreet warval
Punjab
17-11-2019 09:49 PM
Punjab
11-18-2019 01:47 PM
Manpreet ji tuci ehna di nazdiki doctor ton janch krwao jiss nal ehna di janch krke he sahi bimari da ptaa lgg skda hai ate sahi ilagg ho skda hai.
Posted by punmaram
Rajasthan
17-11-2019 09:41 PM
Punjab
11-18-2019 03:40 PM
Punmaram ji kirpya aap ye btae ke aap kis fasal ke rate ke bare me jankari lena chahte hai ta jo aap ko puri jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by pradeep Singh
Haryana
17-11-2019 09:38 PM
Punjab
11-18-2019 03:34 PM
Ganne ki fasal me NPK khaad ki spray fasal ki growth ke time ki jati hai.
Posted by राकेश विश्नोई
Rajasthan
17-11-2019 09:27 PM
Punjab
11-18-2019 03:39 PM
एक तो इसमें तत्वों की कमी है, इसके लिए NPK 19 19 19 @10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें दूसरा इसमें मच्छर के हमले की जांच करें, अगर हमला दिखे तो imidacloprid @1.5ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by pradeep Singh
Haryana
17-11-2019 09:26 PM
Punjab
03-16-2020 04:18 PM
Pradeep Singh ji Rotavator lene ke liye aap Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by pradeep Singh
Haryana
17-11-2019 09:24 PM
Punjab
11-18-2019 11:25 AM
श्री मान गेहूं की बिजाई 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक कर सकते हो
Posted by Jaspreet Bhullar
Punjab
17-11-2019 09:19 PM
Punjab
11-18-2019 01:49 PM
Posted by Ranjit Singh
Punjab
17-11-2019 09:17 PM
Punjab
11-18-2019 02:12 PM
ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਜਿਲੇ ਦੇ KVK ਵਿਚ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਚ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਯੀ ਫਾਰਮ ਜਮਾਂ ਕਰਵਾ ਦਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਅਲਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ , ਤੁਹਾਡੇ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਬਣਿਆ ਹੈ ਜੀ
Posted by lilaram Patel
Rajasthan
17-11-2019 09:04 PM
Punjab
11-18-2019 03:44 PM
garmi ke mausam ke liye nursery February-March mahine me lgayi jati hai. nursery lgane ke 20-25 din baad iski ropayi ki jaati hai.
Posted by Sukhi Dhillon
Punjab
17-11-2019 09:03 PM
Punjab
11-19-2019 09:18 PM
Sukhi Dhillon ji tusi apna detailed resume sadi email id info@apnikheti.com te send karo ji. tohade profile de according jekar koe job hoe ta tohanu call kar diti javegi ji.
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
17-11-2019 09:01 PM
Punjab
11-20-2019 05:31 PM
ਜਮੀਂਨ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ਜੀ ਇਹ ਨਹੀ ਦੱਸਿਆ ਤੇ , ਜੇ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ 5 ਏਕੜ ਤੋਂ ਘੱਟ ਹੈ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਪੈਸੇ ਨਾ ਖਰਚ ਕਰੋ , ਕਿਉਕੀ ਛੇਤੀ ਲੋਨ ਵੀ ਨਹੀ ਹੋਣ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਅਜੇੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਨਹੀ ਜੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by Gurdeep Kasana
Haryana
17-11-2019 08:53 PM
Punjab
11-18-2019 06:11 AM
buffalo ko HITEK bollas de Jo calf hai use IZA_ZOLE de deworming knre sye phle tohra Gur de 3 month bad bdlni chahiy
Posted by Monu Singh
Uttar Pradesh
17-11-2019 08:46 PM
Maharashtra
02-22-2020 01:27 PM
Monu Singh ji, kripya ap bataye ke ap dhan ko kis kehndr mein dhaan ko bechne ki bat kar rahe hain, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Jyoti Malik
Haryana
17-11-2019 08:45 PM
Punjab
12-06-2019 02:57 PM
Jyoti Malik ji yeh fix nahi hota ji alag alag feed par depend karta hai ji. baki aap 9464369413 number par mujeh call kar sakte ho ji.
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
17-11-2019 08:45 PM
Punjab
11-18-2019 11:28 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ,ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 156 ਦਿਨ ਅਤੇ ਕੱਦ 96 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੈ
Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
17-11-2019 08:45 PM
Punjab
11-18-2019 06:16 AM
mestitass Di bimari a 3 ,4 din da course hunda Apne local dr.toh krwo Dr,jone Di homeopathic Thana lai medicine 10_10 drops deo g
Posted by Pardeep Kumar Kumar Pardeep
Punjab
17-11-2019 08:34 PM
Punjab
11-18-2019 01:59 PM
Dicalcium Phosphate (DCP)ek aahar purak hai jisdi varto animals vich calcium ate phosphorse di kami nu pura krn lai kiti jndi hai, kyuki iss nal calcium ate phosphorse sahi anupat vich rehnde hai, ehh murgi, suar ate dairy pashua lai fyademand hai.
Posted by Karanveer
Punjab
17-11-2019 08:23 PM
Punjab
11-18-2019 02:04 PM
ਇਹ ਟੀਕਾ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਹ ਮੱਝਾਂ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 1ml/50kg ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ 7 day ਦਾ ਮਤਲਵ ਹੈ ਕਿ ਦੁੱਧ ਵਾਲੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਨਾਲ 7 ਦਿਨ ਤਕ ਦੁੱਧ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਮੀਟ ਵਾਲੇ ਜਾਨਵਰ ਤੇ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੇ 28 day ਤਕ ਮੀਟ ਨਾ ਖਾਓ.
Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
17-11-2019 08:18 PM
Punjab
11-17-2019 08:23 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai bhains ko 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
17-11-2019 08:16 PM
Punjab
11-17-2019 08:25 PM
BhaaG aap GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA or krishi vigyan kendar Booh TARNTARAN ton kitab kharid lao
Posted by Sonu Patidar
Rajasthan
17-11-2019 08:16 PM
Punjab
03-16-2020 04:19 PM
Sonu Patidar ji is ke bare me visthar me jankari ke liye aap Parbhat Shirvastav 9414055432 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
17-11-2019 08:10 PM
Punjab
11-18-2019 06:18 AM
buff ko HITEK bollas deo
Posted by Kuldeep Mann
Haryana
17-11-2019 08:10 PM
Punjab
11-18-2019 04:16 PM
यदि बिजाई से पहले सिंचाई की गई हो तो पहली सिंचाई 8-10 दिनों के अंदर करें नहीं तो बिजाई के तुरंत बाद या 1-2 दिन बाद सिंचाई करें
Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
17-11-2019 08:09 PM
Maharashtra
11-18-2019 03:51 PM
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की.... (Read More)
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं
Posted by Pardeep Kumar Kumar Pardeep
Punjab
17-11-2019 08:07 PM
Punjab
11-17-2019 08:26 PM
BhaaG krishi vigyan kendar Handiya barnala ton kitab kharid lao
Posted by khushvendr raghu
Madhya Pradesh
17-11-2019 07:52 PM
Punjab
11-18-2019 02:07 PM
Raghu ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by girraj jat
Rajasthan
17-11-2019 07:36 PM
Punjab
11-18-2019 02:08 PM
यदि आपकी गाय/भैंस को खुर पका की ​बीमारी हो गई है तो आप उसे Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 ग्राम, Nonavet injection 15ml लगवाएं, ये आप तीन दिन तक लगवायें
Posted by shrikant
Chattisgarh
17-11-2019 07:34 PM
Punjab
11-18-2019 12:45 PM
app kolkata marigold plants lagao . plants app ko kolkata sa mil jaea gay.
Posted by Nitesh Kumawat
Madhya Pradesh
17-11-2019 07:28 PM
Punjab
11-18-2019 04:17 PM
Is kisam ka beej lene ke liye Dr. T. Y. Mirja 8999542709 ji se sampark karen. yeh kisam 130 din men pakk jati hai aur 30-35 quintal prati acre ke hisab se hota hai.dhanywad
Posted by lilaram Patel
Rajasthan
17-11-2019 07:18 PM
Punjab
11-18-2019 04:19 PM
Kripya apna swal vistar se puchhe.
Posted by lilaram Patel
Rajasthan
17-11-2019 07:15 PM
Punjab
11-18-2019 04:21 PM
virus ka attack machhar ki vajah se hota hai. iski roktham ke liye imidacloprid @1.5ml prti litre pani ke hisab se spray kre.
Posted by जितेंद्र कुशवाहा
Uttar Pradesh
17-11-2019 07:13 PM
Punjab
11-20-2019 04:20 PM
श्रीमान जी आप मेथा की किस्मे जैसे के Pusa Kasuri, Kasuri Methi, IC-74, Hissar Sonali, Hisar Suvarna, Hisar Madhavi, Hisar Mukta, Pant Ragini की बिजाई करें, धन्यवाद
Posted by j.p.singh
Madhya Pradesh
17-11-2019 07:07 PM
Punjab
11-18-2019 02:10 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
17-11-2019 07:03 PM
Punjab
11-17-2019 07:47 PM
shrimaan g kirpa krke apna swaal visthaar nal pucho g ta jo tuhanu poori jaankari mil ske g..