Posted by sony
Punjab
19-11-2019 11:26 AM
ਸੋਨੀ ਜੀ ਤੁਸੀ 2967 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Harpreet Singh
Punjab
19-11-2019 11:24 AM
ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ. ਇਹਨਾਂ.... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ. ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਇਕ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤੋਂ ਉਸ ਲਈ algrip 10gm ਜਾਂ total16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ.

Posted by chandra prakash
Uttar Pradesh
19-11-2019 11:23 AM
श्रीमान जी केले के लिए 1 बीघा में जमीन की तैयारी का खर्चा : 15000 बिजाई के समय पर खर्चा जैसे के लेबर, बीज, खाद, बिजली : 15625 सिंचाई का खर्चा : 2500 कृषि यंतर : 6875 पूरा खर्चा : 40000 केले की 1 एकड़ की पैदावार 13.75 tonnes है, जो के 89375 की बिक्री होती है, मुनाफा 49375

Posted by laddi narwal
Punjab
19-11-2019 11:05 AM
Laddi ji tuci cow nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate uss nu Ovumin advance bolus rojana 1 goli ate 21 din tak deo, isde nal Nurokind plus vet liquid 50-50ml rojana deo, iss nal kamjori duur rehegi.

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
19-11-2019 11:05 AM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल पर क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख सकते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by kunal
Uttar Pradesh
19-11-2019 10:51 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by B P Patil
Karnataka
19-11-2019 10:37 AM
पटेल जी फल में कीट के हमले की जांच करें उसमें fenvelrate@2ml प्रति लीटर फिर 2—3 दिन बाद mancozeb@4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Shyamu Chandravanshi
Chattisgarh
19-11-2019 10:29 AM
चंद्रवंशी जी यह कीट के हमले के कारण virus हुआ है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by krishan
Haryana
19-11-2019 10:25 AM
Krishan ji photo ke hisab se yeh cow jersey cross nasal ki hai..
Posted by Anil Kumar
Rajasthan
19-11-2019 10:18 AM
anil ji aap nimbu ka paudha lene ke liye Ravi Choudhary 8003892293 se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by amandeepsingh aman
Punjab
19-11-2019 10:14 AM
amandeep ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankarei diti ja sake.dhanwad
Posted by Anil Kumar
Rajasthan
19-11-2019 10:13 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें.
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
19-11-2019 10:11 AM
संदीप जी एक बीघा में 25 किलो बीज का इस्तेमाल किया जाता है धन्यवाद
Posted by Amarjit Singh
Punjab
19-11-2019 10:03 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਵੇਲੇ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਕੇ ਟਮਾਟਰ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਬੈਂਗਣ, ਮਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by SUDHEER KUMAR
Uttar Pradesh
19-11-2019 10:02 AM
Sudheer ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahthe hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by satnam singh
Punjab
19-11-2019 09:53 AM
Satnam ji, PBW 725 di biaji da sahi sama october da akhirla hafte to leke november da akhirla hafte tak hunda hai, tuc is di bijai hun kar sakde ho, dhanwad
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
19-11-2019 09:48 AM
ਨਿਰਪਾਲ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਸਮਾਂ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਓਹੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shubham ramola
Uttarakhand
19-11-2019 09:45 AM
Shubham ji, please ask your question in detail so that we can provide you full information regarding your question, thank you
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
19-11-2019 09:43 AM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 45 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਾਤਰਾ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਸਾਫ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ

Posted by Gurtej Singh
Punjab
19-11-2019 09:39 AM
Gurtej ji tuci iss nu Pregstay gold powder 30gm rojana 20 din tak deo, iss nal pashu de gaban rehn di ass vddh jndi hai, jekar pashu gaban nhi howega tan ohh dubara fir heet vich aa jawegi..

Posted by Jasdeep Singh
Punjab
19-11-2019 09:38 AM
जसदीप जी यदि भैंस 11—12 लीटर दूध देती है तो वो 1 ब्यांत में 3355 लीटर दूध दे सकती है

Posted by D. K. Singh
Uttar Pradesh
19-11-2019 09:38 AM
पहला पानी हल्की ज़मीनों में 3-5 दिनों में और भारी जमीनों में 6-8 दिनों के बाद लगाएं सर्दियों में 10-15 दिनों के फासले पर और गर्मियों में 8-10 दिनों के फासले पर पानी लगाएं

Posted by laddi narwal
Punjab
19-11-2019 09:31 AM
ਲਾਡੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Piperazine ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦਾ ਤੋਰਾ ਫੇਰਾ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਇਕ ਜਗਾਹ ਪਸ਼ੂ ਬੰਨ ਕੇ ਰੱਖਣ ਨਾਲ ਪੇਟ ਫੁੱਲਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵੀ ਇਕ ਵਾਰ ਸਾਰੀ ਨਾ ਪਾਓ, ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਕਰਕੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Cafplan ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਡਿਵਰ.... (Read More)
ਲਾਡੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Piperazine ਦਵਾਈ ਦਿਓ, ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦਾ ਤੋਰਾ ਫੇਰਾ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਇਕ ਜਗਾਹ ਪਸ਼ੂ ਬੰਨ ਕੇ ਰੱਖਣ ਨਾਲ ਪੇਟ ਫੁੱਲਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵੀ ਇਕ ਵਾਰ ਸਾਰੀ ਨਾ ਪਾਓ, ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਕਰਕੇ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ, ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Cafplan ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ..
Posted by PANKAJ KUMAR RAO
Uttar Pradesh
19-11-2019 09:29 AM
पंकज जी अगर आप फूलों की खेती करना चाहते है तो आप सबसे पहले रेतली जमीन में फूलों की खेती करें इसके इलावा आप गेंदे की खेती से शुरुआत करें जिसमे आप french marigold किस्म की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by ਜੋਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-11-2019 09:14 AM
ਜੋਗਿੰਦਰ ਜੀ ਮਟਰ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ PG 3,Punjab 88,Matar Ageta 6,Field Pea 48 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 35-40 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੋ
Posted by satnam singh
Punjab
19-11-2019 09:14 AM
ਸੁਪਰ 272 , 120-125 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ,ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 95 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ,ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 26 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਵਿੱਚ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਬੀਜ 40 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਰੋਧਕ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Sukhmander singh
Punjab
19-11-2019 09:12 AM
Sukhmander ji tuci majh nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate khurak da pura dian rkho, uss nu rojana 35-40kg hara chara deo ate vdia feed deo, baki uss nu suun ton 1 mahina pehla Vitum-h liquid de nal Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, ehna nal duudh ate lewa vdia ho jawega.

Posted by PUNAM CHAND
Rajasthan
19-11-2019 09:07 AM
punam ji aap genhu men jaivik khaad ko bijai se pehle khet ki tyari ke smay istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by Ram Naresh
Rajasthan
19-11-2019 08:57 AM
बिजाई के बाद, पहली सिंचाई करें गर्मियों में मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी की सिंचाईयां 6-7 दिनों में करें और सर्दियों में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें ज्यादा सिंचाइयां देने से परहेज़ करें इससे जड़ों का आकार बेढंगा और जड़ों के ऊपर बालों की वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है गर्मियों के मौसम में, कटाई से पहल.... (Read More)
बिजाई के बाद, पहली सिंचाई करें गर्मियों में मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी की सिंचाईयां 6-7 दिनों में करें और सर्दियों में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें ज्यादा सिंचाइयां देने से परहेज़ करें इससे जड़ों का आकार बेढंगा और जड़ों के ऊपर बालों की वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है गर्मियों के मौसम में, कटाई से पहले हल्की सिंचाई करें इससे फल तजव रहते है और दुर्गंध कम हो जाती है

Posted by HARISH Kumar
Delhi
19-11-2019 08:41 AM
Cost of miyawaki varies project to project as lot of factors are involved in. It costs approx 40 lacs for further information you can contact me 8377866347.

Posted by akadh
Maharashtra
19-11-2019 08:35 AM
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा .... (Read More)
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING ) अगला प्रशिक्षण 23-24 NOV सीट बुक करने के लिए भी उपरोक्त न. पर करे ऑनलाइन ट्रेनिंग फीस 2500/- ( PROTECT PEN DRIVE WITH ALL VIDEO * PEARL FARMING BOOK IN HINDI * SEED AND OTHER* MATERIAL LIFE TIME SUPPORT HOW TO EARN 1 LAKH WITH BAMORIYA FARM CONCEPT ) OFFLINE TRAINING FEE 6000/-

Posted by Harpreet Sandhu
Punjab
19-11-2019 08:33 AM
tuci uss nu Ridema injection 10ml ate Fortivir injection 15-15ml gardan de dona pase lgwao, iss nal frak paa jawega..

Posted by Sukh Deep
Punjab
19-11-2019 08:26 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿआप उसे Lactomood होमियोपैथी दवाई की 10-10 बुँदे दिन में 3 बार दें और leptaden tablet 10-10 सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 1-1 चम्मच सुबह शाम दें, और Anabolite liquid 100ml रोज़ाना दें, इससे फर्क पड़ जाएगा ਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿआप उसे Lactomood होमियोपैथी दवाई की 10-10 बुँदे दिन में 3 बार दें और leptaden tablet 10-10 सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 1-1 चम्मच सुबह शाम दें, और Anabolite liquid 100ml रोज़ाना दें, इससे फर्क पड़ जाएगा ਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by jaswinder singh
Punjab
19-11-2019 08:22 AM
ਉਸਦੀ ਧਾਰ ਪੋਲੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਰਾਵ ਖੰਡ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਬੱਗਾ ਜੀਰਾ ਉਬਾਲ ਕੇ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਬੂ ਪਾ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 7-10 ਦਿਨ ਦਿਉ..
Posted by Manoj Lodhi
Uttar Pradesh
19-11-2019 08:09 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..

Posted by Ramsingh
Madhya Pradesh
19-11-2019 08:00 AM
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें

Posted by Ramsingh
Madhya Pradesh
19-11-2019 07:56 AM
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें

Posted by amit
Haryana
19-11-2019 07:41 AM
अमित जी मक्खन घास बहुत अच्छा चारा है इससे दूध बढ़ता है आप इसका प्रयोग कर सकते है

Posted by Gopi sidhu
Punjab
19-11-2019 07:18 AM
ਗੋਪੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਿਉਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ chlorpyriphos ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਿਉਕ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦਾ ਤਰੀਕਾ:- ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ :8-10 ਮੱਕੀ ਦੀ ਛੱਲੀ ਦੇ ਭੁੱਠੇ ਜਾਂ ਟਾਹਲੀ ਦੀ ਕੱਚੀ ਲੱਕੜ,ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ,ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ
ਵਰਤੋਂ ਦਾ ਢੰਗ :• ਇੱਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਓ, ਉਸ ਤੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਮੋਰੀਆ ਕਰੋ
• ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਗਿੱਲੀਆਂ ਜਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ਮ ਦੀ ਲੱਕੜ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰ.... (Read More)
ਗੋਪੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਿਉਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ chlorpyriphos ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਿਉਕ ਦੇ ਇਲਾਜ ਦਾ ਤਰੀਕਾ:- ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ :8-10 ਮੱਕੀ ਦੀ ਛੱਲੀ ਦੇ ਭੁੱਠੇ ਜਾਂ ਟਾਹਲੀ ਦੀ ਕੱਚੀ ਲੱਕੜ,ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ,ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ
ਵਰਤੋਂ ਦਾ ਢੰਗ :• ਇੱਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਓ, ਉਸ ਤੇ ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਮੋਰੀਆ ਕਰੋ
• ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਗਿੱਲੀਆਂ ਜਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ਮ ਦੀ ਲੱਕੜ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਤੇ ਸੂਤੀ ਕੱਪੜਾ ਬੰਨੋ
• ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤਰਾਂ ਗੱਡੋ ਕਿ ਉਸਦਾ ਮੂੰਹ ਜ਼ਮੀਨ ਤੋਂ 1 ਇੰਚ ਉੱਪਰ ਹੋਵੇ
• ਕੁੱਝ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀ ਸਿਉਂਕ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਇਸ ਨੂੰ ਖੇਤ ਤੋਂ ਦੂਰ ਲਿਜਾ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸਿਉਂਕ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by Jagdish Kumar kol
Madhya Pradesh
19-11-2019 07:17 AM
jagdish ji aap dragon fruit ke paudhe lene ke liye aap mujhse Vijay sharma 7065414241 se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by Narinderpal singh
Punjab
19-11-2019 07:13 AM
Narinder pal ji jekar tel di drops eko jgah te c ate tikki jehi bndi c tan majhh de gaban honn di asss hai, jekar ohh drops alag alag hundia c ate tikki nhi bnndi c tan ohh khali ho skdi hai, baki 3 month hoon te doctor ton jrurr check krwao ji..
Posted by ਰੇਸ਼ਮ ਸਿੰਘ
Punjab
19-11-2019 06:38 AM
ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪੁੰਗਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਫਸਲ ਦਾ ਵਾਧਾ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਫੁੱਲ ਆਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਤੇ ਤੀਸਰਾ ਪਾਣੀ ਫਲੀਆਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਸਮੇਂ ਲਾਓ ਅਗੇਤੀ ਵਰਖਾ ਹੋਣ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਅਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰੋ ਬੇਲੋੜਾ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਸਲ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਫ.... (Read More)
ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਬੀਜ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪੁੰਗਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਫਸਲ ਦਾ ਵਾਧਾ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਫੁੱਲ ਆਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਤੇ ਤੀਸਰਾ ਪਾਣੀ ਫਲੀਆਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਸਮੇਂ ਲਾਓ ਅਗੇਤੀ ਵਰਖਾ ਹੋਣ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਅਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰੋ ਬੇਲੋੜਾ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਸਲ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਦੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖੜੇ ਰਹਿਣ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਸਹਿਣ ਕਰ ਸਕਦੀ, ਇਸ ਲਈ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਦਾ ਵੀ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰੋ

Posted by arvind dhangar
Madhya Pradesh
19-11-2019 06:35 AM
अरविन्द धनगर जी मक्खन ग्रास के सीड लेने के लिए आप bhavesh patel 9825032984 के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद
Posted by jarnail singh
Punjab
19-11-2019 06:15 AM
ਜਰਨੈਲ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ .... (Read More)
ਜਰਨੈਲ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦਿਓ ਇਸ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੇ ਨਾਲ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਣਕ ਦੇ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਅਤੇ ਐੱਸ ਐੱਸ ਪੀ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੋਟਾਸ਼@20kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Anil gocher
Rajasthan
19-11-2019 06:03 AM
Wheat must be sown at the optimum time. For rainfed areas, complete sowing from November first to third week whereas under irrigated conditions complete sowing from October end to 15 November.For normal sown crop a spacing of 20cm between rows is recommended. When sowing is delayed a closer spacing of 18 cm should be adopted.The sowing depth should be 4-5 cm.

Posted by राम अवतार सिंह,रा ज पूत
Uttar Pradesh
19-11-2019 03:48 AM
सिंचित हालातों में बिजाई से पहले एक बार पानी दें इससे बीज अच्छे ढंग से अंकुरित होते हैं और फसल की वृद्धि भी अच्छी होती है दूसरी बार पानी फूल आने से पहले और तीसरा पानी फलियों के विकास के समय डालें अगेती वर्षा होने पर सिंचाई देरी से और आवश्यकतानुसार करें अनआवश्यक पानी देने से फसल का विकास और पैदावार कम हो जा.... (Read More)
सिंचित हालातों में बिजाई से पहले एक बार पानी दें इससे बीज अच्छे ढंग से अंकुरित होते हैं और फसल की वृद्धि भी अच्छी होती है दूसरी बार पानी फूल आने से पहले और तीसरा पानी फलियों के विकास के समय डालें अगेती वर्षा होने पर सिंचाई देरी से और आवश्यकतानुसार करें अनआवश्यक पानी देने से फसल का विकास और पैदावार कम हो जाती है यह फसल पानी के ज्यादा खड़े रहने को सहन नहीं कर सकती, इसके लिए अच्छे निकास का भी प्रबंध करें
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image
















