
Posted by ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
19-11-2019 04:36 PM
HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by saurabh kumar
Uttar Pradesh
19-11-2019 04:34 PM
saurabh ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by lilaram Patel
Rajasthan
19-11-2019 04:34 PM
lilaram yeh tatv ki kami hai iske liye aap NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by nirmal Kumar
Haryana
19-11-2019 04:31 PM
आप चूहो की रोकथाम के लिए नीचे लिखे नुसके अपना सकते हैं :
सोटियो से मारना- फसल की कटाई के बाद जब पानी लगाते है तो पानी खुडों में चला जाता है जिससे चूहे बाहर आ जाते है इन बाहर आये चूहो को सोटियों से मारा जा सकता है पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करन.... (Read More)
आप चूहो की रोकथाम के लिए नीचे लिखे नुसके अपना सकते हैं :
सोटियो से मारना- फसल की कटाई के बाद जब पानी लगाते है तो पानी खुडों में चला जाता है जिससे चूहे बाहर आ जाते है इन बाहर आये चूहो को सोटियों से मारा जा सकता है पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है

Posted by Chainaram Sankhla
Rajasthan
19-11-2019 04:20 PM
Chainaram ji isme aap keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Chainaram Sankhla
Rajasthan
19-11-2019 04:12 PM
Chainaram ji aap isme keet ka hamla check kare agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen iske ilava aap 2-3 din ke bad aap iske uper mancozeb@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Dhillon g
Punjab
19-11-2019 04:11 PM
dhillon ji tuc kanak diyan kisman jive PBW 725, PBW 677, HD 3086, WH 1105, HD 2967 di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Abhishek Singh
Uttar Pradesh
19-11-2019 04:05 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है..
Posted by gurlal singh
Punjab
19-11-2019 04:01 PM
ਬਰਾਨੀ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੇ ਜੂਨ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਜਾਂ ਜੁਲਾਈ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਕਰੋ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਹੋ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਦਿਓ, ਕਿਉਂਕਿ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਚ ਕਮੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਜਦਕਿ ਸਿੰਚਿਤ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅੰਤ ਤੋਂ ਮਈ-ਅੰਤ ਤੱਕ ਕਰੋ ਫਾਸਲਾ ਫਸਲ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਰੱਖੋ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਦ.... (Read More)
ਬਰਾਨੀ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੇ ਜੂਨ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫ਼ਤੇ ਜਾਂ ਜੁਲਾਈ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਕਰੋ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਹੋ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਦਿਓ, ਕਿਉਂਕਿ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਚ ਕਮੀ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਜਦਕਿ ਸਿੰਚਿਤ ਹਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅੰਤ ਤੋਂ ਮਈ-ਅੰਤ ਤੱਕ ਕਰੋ ਫਾਸਲਾ ਫਸਲ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਰੱਖੋ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਦਰਮਿਆਨੀ ਫੈਲਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ(M 522) ਲਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 22.5 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਗੁੱਛੇਦਾਰ ਕਿਸਮਾਂ(SG 99, SG84) ਫਾਸਲਾ 30x15 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤਕਰੀਬਨ 15 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਿਕਸਿਤ ਅਤੇ ਤੰਦਰੁਸਤ ਫਲੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਗਿਰੀਆਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੱਢੋ ਸੀਡ ਡਰਿੱਲ ਨਾਲ 8-10 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ 38-40 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਈ ਵਰਤੋ

Posted by Rahul choudhary
Rajasthan
19-11-2019 03:53 PM
राहुल जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप कौन सी फसल का वैज्ञानिक नाम के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Narinderpal singh
Punjab
19-11-2019 03:45 PM
Narinderpal ji jekar usdi tikki bndi c tan ohh gaban ho skdi hai..

Posted by Narinderpal singh
Punjab
19-11-2019 03:44 PM
Hanji jekar usdi tikia bndia c tan ohh gaban hoo skdi hai, baki tuci 3 month purre honn ton badd doctor ton v janch krwa skde ho..
Posted by satwantbrar
Punjab
19-11-2019 03:30 PM
Isde lai tuci Butalex injection di varto kr skde ho, ehh tuci 2ml tak lgga skde ho..

Posted by Alakh Niranjan Yadav
Bihar
19-11-2019 03:23 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Pravesh Yadav
Uttar Pradesh
19-11-2019 03:21 PM
pravesh ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by sachin
Uttar Pradesh
19-11-2019 03:17 PM
Sachin ji yeh cross nasal ki cow hai, iska dudh iss batt per nirbhar krta hai ki yeh kiss nasal se cross huii hai, baki photo ke hisab se yeh 7-8 litre tak dudh de skti hai baki khurak per nirbhar hai.

Posted by sumit
Maharashtra
19-11-2019 02:55 PM
Sumit ji is ke bare mein puran jankari ke liye aap Jain Irrigation Systems Ltd. Phone: 01141748412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by sumit
Maharashtra
19-11-2019 02:52 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है आप इसके बीज लेने के लिए Mr. jai bhadouriya 8882876224 से संपर्क कर सकते है

Posted by Gurlal Sandhu
Punjab
19-11-2019 02:50 PM
gurlal ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Gurlal Sandhu
Punjab
19-11-2019 02:45 PM
gurlal ji kirpa karke swal vistar nal pucho ke tuc strawberry de bare ki jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by sumit
Maharashtra
19-11-2019 02:33 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by jasvir singh
Punjab
19-11-2019 02:25 PM
Jasvir ji isda sahi pta usdi janch krke he pta lgg skda hai, kai varr pashu de gaban hoon di trikk sahi note naa honn krke v farmer bhulekhe vich rehnda hai ate ohh apne hisab nal pashu di delivery trikk note krda hai ate pashu pehla suu jnda hai ja badd ch suu jnda hai, baki tuci usdi doctor ton janch krwao jiss nal uss vare sahi jankari mill skee..
Posted by अंशू तिवारी
Uttar Pradesh
19-11-2019 02:24 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein training lao te loan milega

Posted by Nishant
Gujarat
19-11-2019 02:19 PM
nishant ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.thank you

Posted by ar
--
19-11-2019 02:08 PM
kripya aap swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke mandi rate ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rajpatil
Madhya Pradesh
19-11-2019 02:07 PM
rajpatil ji kripya swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Arvind singh Kuntal
Rajasthan
19-11-2019 02:07 PM
Arvind ji aap bhains ko pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den, usko rojana 35-40kg hara chara den aur sahi feed den, khurak ke sath sath aap usko Anabolite liquid 100ml rojana, Gouge powder 50gm rojana aur Simlage bolus 1-1 goli subah sham den, isse frak padd jayega..
Posted by Baljinder Singh Chahal
Punjab
19-11-2019 01:49 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ mammidium ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by ravneet maan
Punjab
19-11-2019 01:37 PM
ਰਵਨੀਤ ਜੀ ਕੁੱਜ ਪਸ਼ੂ ਸੂਣ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਿਨ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਜਾ ਕੁੱਜ ਪਹਿਲਾ ਵੀ ਬੱਚਾ ਦੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਇਸ ਵਿਚ ਡਰਨ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਤ੍ਰਾਹ ਦੀ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ, ਜਾ ਦਰਦ ਮਹਿਸੂਸ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ ਜੀ

Posted by gurshwinder
Punjab
19-11-2019 01:31 PM
ਗੁਰਸ਼ਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ zinc sulphate @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by lakhwinder Singh
Punjab
19-11-2019 01:19 PM
ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sudarshan ghongade
Maharashtra
19-11-2019 01:10 PM
लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है

Posted by Deepak
Haryana
19-11-2019 01:09 PM
गेहूं की डब्ल्यूएच 1184 किस्म की सिफारिश समय की बिजाई, अधिक उपजाऊ व सिंचित दशा के लिए वर्ष 2019 के लिए की गई है यह किस्म हरियाणा राज्य के लिए अनुमोदित की गई है इस किस्म की औसत पैदावार 24.5 क्विंटल प्रति एकड़ और अधिकतम उपज 28.1 क्विंटल प्रति एकड़ है धन्यवाद
Posted by PANKAJ KUMAR RAO
Uttar Pradesh
19-11-2019 12:55 PM
पंकज जी स्प्रे रोग के हिसाब से की जाती है कृपया आप बताये आप कौन से रोग की रोकथाम के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको उसके हिसाब से स्प्रे की जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by kalwinder sekhon
Punjab
19-11-2019 12:43 PM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 45 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਾਤਰਾ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਸਾਫ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ

Posted by Indian farmer
Uttar Pradesh
19-11-2019 12:42 PM
Kripya aap apna swal vistar se pushen aur swal ke sath bhains ki photo ja video v upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee..

Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
19-11-2019 12:38 PM
ਆਪਣੇ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਕਿ ਖਰਚਾ ਕੱਢ ਕੇ ਕਿਸ ਰੇਟ ਸੇਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਬਾਕੀ ਤੁਹਾਡਾ ਨੈਟਵਰਕ ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਹੈ ਇਸ ਤੇ ਵੀ ਨਿਰਭਰ ਹੈ

Posted by Indian farmer
Uttar Pradesh
19-11-2019 12:38 PM
आप भैंस को Metricef-iu 2 दिन बच्चेदानी में दवाई भरवा दें, दवाई भरवाने के बाद भैंस को Agrimin super powder देना शुरू कर दें इसे 100 ग्राम रोज़ाना दें, और लगभग 2 किलो तक दें, इसके साथ आप Concimax गोलियां रोज़ाना एक गोली दें, और 14 दिन तक देते रहें, फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवाकर ये गोलियां 14 दिन देते रहें, इस तरह ये गाभिन रह जाएगी..
Posted by Harvir singh garcha
Punjab
19-11-2019 12:27 PM
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ

Posted by sumit anand
Bihar
19-11-2019 12:20 PM
सुमित जी ऐसे किसी भी पशु को देखकर उसके गाभिन होने या ना होने के बारे में नहीं बताया जा सकता आप इसे नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवा सकते है जिससे आपको इसके गाभिन होने या ना होने का सही पता लग जाएगा

Posted by ran singh
Punjab
19-11-2019 12:19 PM
ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ. ਇਹਨਾਂ .... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ. ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਇਕ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤੋਂ ਉਸ ਲਈ algrip 10gm ਜਾਂ total16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ.

Posted by AMITKUMAR
Bihar
19-11-2019 12:18 PM
amit ji kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske baree men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by arvind dhangar
Madhya Pradesh
19-11-2019 11:53 AM
आप मक्खन घास अक्तूबर दिसंबर के महीने में बोया जाता है एक एकड़ में 1.25—1.5 किलो बीज की आवश्यकता होती है यदि आप मक्खन घास को किसी और फसल के साथ बिजाई करते हैं तो 0.50—0.75 किलो बीज की आवश्यकता होती हैं और इन्हें कतारों में बायें इसकी बिजाई बुरकाव विधि द्वारा या मशीन द्वारा की जा सकती है खेती की तैयारी के समय 15—20 टन रू.... (Read More)
आप मक्खन घास अक्तूबर दिसंबर के महीने में बोया जाता है एक एकड़ में 1.25—1.5 किलो बीज की आवश्यकता होती है यदि आप मक्खन घास को किसी और फसल के साथ बिजाई करते हैं तो 0.50—0.75 किलो बीज की आवश्यकता होती हैं और इन्हें कतारों में बायें इसकी बिजाई बुरकाव विधि द्वारा या मशीन द्वारा की जा सकती है खेती की तैयारी के समय 15—20 टन रूड़ी की खाद डालें और बाकी की खादों को बिजाई से पहले डालें जैसे 30 किलो नाइट्रोजन, फासफोरस 20 किलो और प्रत्येक कटिंग के बाद 30 किलो नाइट्रोजन डालें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई 5—6 दिनों के अंतराल पर की जानी चाहिए इसका बीज लेने के लिए आप Bharat Bhushan 9412568747 जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by jass
Haryana
19-11-2019 11:51 AM
जस जी आप सब्जियां जैसे चुकन्दर, शलगम, फूलगोभी, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, मटर, धनिया की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Khan Faizan Khan
Uttar Pradesh
19-11-2019 11:45 AM
Faizan ji kripya btaye ke aam ke ped ki umar kitni hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by anil
Madhya Pradesh
19-11-2019 11:43 AM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे स.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा. बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें..

Posted by krishn pal
Madhya Pradesh
19-11-2019 11:32 AM
कृष्णपाल जी आप इसकी हलकी सिंचाई कर सकते है ज्यादा भारी पानी न लगाए
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