Posted by Rajinder Singh
Himachal Pradesh
20-11-2019 12:10 PM
rajinder ji aap iski bijai kar sakte hai yeh aapke ilake ke liye suitable variety hai yeh bijai ke 60-65 din bad fal dena shuru kar deti hai.dhanywad

Posted by Digpal Chauhan
Uttarakhand
20-11-2019 11:41 AM
digpal ji aap kiwi ke paudhe lene ke liye Sadanand Sharma 9418027820 ji se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by Sanjay mukati
Madhya Pradesh
20-11-2019 11:40 AM
sanjay ji yeh keet ka hamla hai iski roktham ke liye quinalphos@4ml ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Devashish Patel
Uttar Pradesh
20-11-2019 11:28 AM
उसे आप सुबह के समय पुदीना 50 ग्राम खिलाएं और शाम के समय जोंखार 50 ग्राम दें जो आपको पंसारी की दुकान से मिल जाएगा ये आप कुछ दिन तक देते रहें और आप उसे मिर्नल मिक्सर्च 50 ग्राम रोजाना देना शुरू करें

Posted by Aman
Punjab
20-11-2019 11:26 AM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo, baki rojana 35-40kg hara chara deo ate mineral mixture bovimin-B powder 50gm rojana de skde ho..
Posted by Pramod Chaudhary
Haryana
20-11-2019 11:24 AM
फसल की बिजाई सिंचाई के बाद करें अच्छी फसल लेने के लिए बिजाई के बाद तीन हफ्तों के फासले पर तीन सिंचाइयों की जरूरत होती है ज़मीन में नमी को बचाने के लिए जैविक खादों का अधिक प्रयोग करें
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
20-11-2019 11:18 AM
vipin ji kanak ug aayegi tuc drill de nal hi bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by sitaram
Rajasthan
20-11-2019 11:18 AM
Sitaram ji agar aap New tractar lena chahte hai to aap Pardhan Mantri Tractor yojna ka labh utha sakte hai, Is yojna ke bare me puri jankari ke lia aap apne nazdiki SBI Bank se samparak kare, Thankyou.

Posted by Daljit singh gill
Punjab
20-11-2019 11:16 AM
Daljit ji tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao ji, usde temp. de hisab nal usda sahi ilag kita ja skda hai..

Posted by Baharul islam
Assam
20-11-2019 11:12 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by HARJINDER SINGH
Punjab
20-11-2019 11:11 AM
harjinder ji jekar beej di jyada varto kiti hai ta jga ghat de karn chkunder sahi tareeke nal size vich nahi aunge . beej di sahi matra di varto karo hamesha nd kosish karo jekar tuc vadhu paudhe jehde k spacing nu ghta rahe han ohna nu put deo.dhanwad
Posted by ritu choudhry
Punjab
20-11-2019 11:11 AM
आप किस्में जैसे PBG 7,CSJ 515,BG 1053,L 550,L 551 की बिजाई कर सकते है।

Posted by HARJINDER SINGH
Punjab
20-11-2019 11:06 AM
harjinder ji jekar beej di jyada varto kiti hai ta jga ghat de karn chkunder sahi tareeke nal size vich nahi aunge . beej di sahi matra di varto karo hamesha nd kosish karo jekar tuc vadhu paudhe jehde k spacing nu ghta rahe han ohna nu put deo.dhanwad

Posted by Varinder
Punjab
20-11-2019 11:00 AM
वरिंदर जी आप किस्में जैसे HD 2967, HD 3086, KRL 210 की बिजाई कर सकते है।
Posted by Arvind
Haryana
20-11-2019 10:51 AM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम उचित खाद देकर मिट्टी में आवश्यक तत्वों कमी कमी को पूरा कर सकते हैं सिंचित क्षेत्रों में N:P:K@60:24:12 किलोग्राम प्रति एकड़ में यूरिया 130 किलोग्राम, एस एस पी 150 किलोग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम उचित खाद देकर मिट्टी में आवश्यक तत्वों कमी कमी को पूरा कर सकते हैं सिंचित क्षेत्रों में N:P:K@60:24:12 किलोग्राम प्रति एकड़ में यूरिया 130 किलोग्राम, एस एस पी 150 किलोग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी मात्रा को पहली सिंचाई के समय डालें असिंचित क्षेत्रों में N:P:K@12:6:0 यूरिया 26 किलो और एस एस पी 40 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें

Posted by dilip yadav
Uttar Pradesh
20-11-2019 10:41 AM
dilip ji aap prali ko mushroom farming ke liye istemal kar sakte hai iske ilava aap khet men ise ikathe karke waste decomposer ki spray karke aap iski khaad bhi bna sakte hai.dhanywad

Posted by nikita
Gujarat
20-11-2019 10:37 AM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, इसके इलावा आप बीटल नस्ल का रख सकते है क्योंकि ये नस्ल मीट और दूध दोंनो कामों के लिए अच्छी रहती है..

Posted by dilip yadav
Uttar Pradesh
20-11-2019 10:28 AM
dilip ji, kele mein flowers spring season se garmiyon ki shuruat mein a jate hain, or yeh fal garmiyon mein banne shuru ho jate hain,dhanywad
Posted by bazad khan
Punjab
20-11-2019 10:27 AM
ਬਜ਼ਦ ਖਾਨ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਖਾਸ ਖ਼ਸ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by vinod v
Karnataka
20-11-2019 10:00 AM
vinod ji it is fungus . to control this do a spray of mancozeb@4 gram per litre of water.thank you

Posted by Naveen
Bihar
20-11-2019 09:41 AM
naveen ji aap DAP ki matra 55 kilo ko prati acre ke hisab se istemal kar sakte hai.dhanywad
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
20-11-2019 09:24 AM
Yadav ji aap chune ki kali pani wali mai krke de skte hai, iske ilawa yaddi aap chunne se pani tyar krte hai to usko v use kr skte hai per usko sahi matra mai tyar kiya hoo aur usme chunne ka koi tukda nahi hona chahiye, fir aap usko use kr skte hai..

Posted by davinder singh
Punjab
20-11-2019 09:19 AM
tuci usde khan de hissab nal leti de skde ho 1-1.5 kg tak rojana de skde ho, baki usde hajam krnn te nirbhar hai..
Posted by satnam singh
Punjab
20-11-2019 09:06 AM
satnam ji tuc drill de nal bijai kar sakde ho.beej di dungayi 4-5cm honi chaidi hai.dhanwad

Posted by Sukhjinder Singh
Punjab
20-11-2019 08:45 AM
ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਭਿੰਡੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Punjab no.13,Punjab Padmini,Punjab 7,Punjab 8 ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਕੋਈ ਭਿੰਡੀ ਸੰਬੰਧੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਐੱਪ ਤੇ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਅਗਾਂਹ ਵਧੂ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਮਾਹਿਰ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਤੁਹਾਡੇ ਹਰ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦੇ ਦੇਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Tanu
Punjab
20-11-2019 08:41 AM
tanu ji 343 nu tuc november de akhirle hafte tak beej sakde ho.dhanwad
Posted by santosh sharma
Madhya Pradesh
20-11-2019 08:35 AM
संतोष धान का भाव 1815-1835 रुपये प्रति क्विंटल कि हिसाब से चल रहा है धन्यवाद

Posted by Rahul Kumar
Uttar Pradesh
20-11-2019 08:23 AM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 03-04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पाल.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 03-04 अगस्त 2019 आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9584120929 (सीट आरक्षित करने के लिए 1000/- एडवांस जमा कराये ) Amit kumar Ac no. 50100079403714 Ifsc HDFC0003695 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर स्टेशन कोड SGP जिला होशंगाबाद HB

Posted by Ajit Yadav
Uttar Pradesh
20-11-2019 08:12 AM
यादव जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by singh dhaliwal
Punjab
20-11-2019 07:58 AM
ਖੇਤ ਵਿਚ 40 ਟਨ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਉ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ 50 ਕਿੱਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, 25 ਕਿੱਲੋ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ 25 ਕਿੱਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (110 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ, 155 ਕਿੱਲੋ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 40 ਕਿੱਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਸਾਰੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ , ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਯੂਰੀਆ ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪਾਉ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਯੂਰੀਆ ਬੀਜਣ ਦੇ ਚਾਰ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਪਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹ.... (Read More)
ਖੇਤ ਵਿਚ 40 ਟਨ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਉ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ 50 ਕਿੱਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, 25 ਕਿੱਲੋ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ 25 ਕਿੱਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (110 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ, 155 ਕਿੱਲੋ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 40 ਕਿੱਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਸਾਰੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ , ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਯੂਰੀਆ ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪਾਉ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਯੂਰੀਆ ਬੀਜਣ ਦੇ ਚਾਰ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਪਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ

Posted by ARUN KUMAR
Punjab
20-11-2019 07:53 AM
पंजाब का नाभा सीमन स्टेशन और गड़वासु जी इसके बारे में पूरी जानकारी आप वहां से ही ले सकते है जी इसके इलावा हम भी पूरी कोशिस करेंगे के इन डिपार्टमेंट की सभी खोजो के बारे में वीडियो के बारे में बताने की कोशिस रहेगी जी
Posted by Satnam Singh
Punjab
20-11-2019 07:49 AM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ
Posted by सरोज यादव
Uttar Pradesh
20-11-2019 07:48 AM
आप गेंहू की किस्मे जैसे PBW 1 Zn, UNNAT PBW 343, WH 542, PBW 725, PBW 677, HD 2851, WHD-912, HD 3043, WH 1105, PBW 660, PBW-502, HD 3086 (PusaGautam), HD 2967, DBW17, PBW 621, UNNAT PBW 550, TL 2908, PBW 175, PBW 527, WHD 943, PDW 291, PDW 233, UP-2328, PBW 590, PBW 509, PBW 373 की बिजाई कर सकते है इनकी औसतन पैदावार 22 -25 क्विंटल होता है और यह 150-157 दिन तक कटाई के लिए तैयार हो जाती है

Posted by Rupinder Singh
Punjab
20-11-2019 07:45 AM
rupinder ji kank nu jekar tuc sirf urea paunde ho ta v isdi vadhia growth ho jandi hai . is to ilava tuhanu isde vich kuch hor paun di lod nahi hai.dhanwad
Posted by Saurabh Kumar
Uttar Pradesh
20-11-2019 07:43 AM
अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उ.... (Read More)
अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद
Posted by banti prajapat
Madhya Pradesh
20-11-2019 07:43 AM
प्रजापति जी उसे आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें क्योंकि उसके घाव की जांच करके ही उसका सही इलाज किया जा सकता है और उसके चारा ना खाने का सही कारण पता लग सकता है

Posted by prirpal Gill
Punjab
20-11-2019 07:42 AM

Posted by Bagga Ram Baroka
Rajasthan
20-11-2019 07:37 AM
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्.... (Read More)
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्धि करती है और जड़ों का विकास कम होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. रखें सिंचित क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 5-7 सैं.मी. का प्रयोग करें और बारानी क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 7-10 सैं.मी. का प्रयोग करें उत्तरी भारत में इसकी बिजाई पोरा या सीड ड्रिल ढंग से की जाती है
Posted by Lalchand Rangotha
Madhya Pradesh
20-11-2019 07:35 AM
सभी नसल की बकरियों को पाला जा सकता है जी

Posted by ravi
Madhya Pradesh
20-11-2019 07:19 AM
ravi ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Amandeep singh
Punjab
20-11-2019 07:18 AM
amandeep ji kirpa karke daso ke kanak de beej bare jankari laina chahunde ho ja risde mandi rate de bare jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
20-11-2019 07:09 AM
Turnip ka udbhav middle aur eastern Asia hai.guava ka udbhav southern Mexico aur Central America hai.peach ka origin china me hai.dhanywad

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
20-11-2019 07:04 AM
Kuldeep ji tuci nazdiki doctor ton usda bhukar check krwao ji jekar uss nu bhukar nahi hai tan tuci uss nu Broton liquid 50-50ml swere sham, Aptifast bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal bhukhh lggan lggegi..

Posted by भोला सिंह
Punjab
20-11-2019 06:59 AM
उसे 250 ग्राम चीनी , 100 ग्राम जीरा उबालकर, 50 ग्राम डालडा घी और 100 ग्राम नींबू डालकर 7—10 दिन दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by राम लोधी
Madhya Pradesh
20-11-2019 06:53 AM
मसूर को बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है जलवायु हालातों के आधार पर सिंचित क्षेत्रों में इसे 2-3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 4 सप्ताह बाद एक सिंचाई जरूर करनी चाहिए और दूसरी फूल निकलने की अवस्था में करनी चाहिए फलियां भरने और फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर अवस्थाएं होती हैं
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