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Posted by Kulwant Randhawa
Punjab
22-11-2019 09:58 PM
Rajasthan
11-25-2019 03:34 PM
उसकी धार नर्म करने के लिए आप उसे 250 ग्राम चीनी, 100 ग्राम जीरा उबाल कर, 250 ग्राम डालडा घी और 100 ग्राम निम्बू डालकर ठंडा कर 7-10 दिन दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Gurpartap singh
Punjab
22-11-2019 09:47 PM
Punjab
11-23-2019 09:58 AM
Shri maan g Aaam taur te kanak de vich gulli danda 35-40 dina de vich hi baahr nikalda hai. jdo tuc pehla paani lgaa dinde ho tan ihh gulli danda kanak de nal nal vadhna shuru ho janda hai. iss sme kanak 40 dina de ass paas ho jandi hai. iss sme tuc TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho. ihna de vicho koi v ikk spray vart skde ho. topik di jgah tuc ihh spreha vart skde ho. jekar bathoo hai tan uss de lyi algrip@10gm ja total@16gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho .
Posted by chitrbhanprajapati
Madhya Pradesh
22-11-2019 09:27 PM
Punjab
11-23-2019 10:29 AM
chitrbhanprajapati ji kripya aap btaye ke aap konse keet ki roktham ke bare men jankari lena chahte hai .dhanywad
Posted by Asswin Chouhan
Madhya Pradesh
22-11-2019 09:24 PM
Punjab
11-23-2019 09:58 AM
श्री मान WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कट.... (Read More)
श्री मान WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है Prasad (K-8434): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर और नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने अर्द्ध सख्त, सुनहरी होते हैं यह किस्म पत्ता झुलस रोग, करनाल बंट और झूठी कांगियारी को सहनेयोग्य किस्म है Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है Naina (K-9533): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने सुनहरी रंग के और अर्द्ध सख्त होते हैं यह सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2338: यह पिछेती बिजाई और समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने मोटे और सख्त होते हैं इसकी औसतन पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है दूसरे राज्यों की किस्में PDW314: यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है WHD943(Durum): यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है HI 1563(Pusa Prachi): यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है MPO-1225: यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है
Posted by ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
22-11-2019 09:24 PM
Punjab
11-23-2019 02:20 PM
mandeep ji kanak nu dhup lva ke changi tra saaf karlo fer usde vich tuc Aluminium phosphide 56% di goliyan rakh deo.dhanwad
Posted by Gurmail Singh
Punjab
22-11-2019 09:01 PM
Punjab
03-16-2020 02:30 PM
Gurmail Singh ji planr len lai tusi Dr Balwinder Singh Lakhewali 9814239041 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Paramjit Attri
Punjab
22-11-2019 08:50 PM
Punjab
11-23-2019 11:24 AM
Paramjit kumar ji same same te kisana di mang de mutabik training chaldia hi rehdi han, training len lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Address: BSF Rd, Civil Lines, Gurdaspur, Punjab 143521, Phone: 0187 422 0743 se samparak kare, Thankyou.
Posted by maroti khandate
Madhya Pradesh
22-11-2019 08:47 PM
Maharashtra
11-23-2019 02:23 PM
मारुती जी आप फलों के ऊपर plastic की थैलियां चड़ा सकते है इस से पक्षियों से इसका बचाव हो जायेगा धन्यवाद
Posted by Sanjay Saharan
Rajasthan
22-11-2019 08:27 PM
Punjab
03-16-2020 07:23 PM
Sanjay Saharan ji till ka bhav 9500 - 13500 chal raha hai, Thankyou.
Posted by
--
22-11-2019 08:19 PM
Punjab
11-23-2019 06:03 PM
CIRG में 7 दिन की ट्रेनिंग फीस 8000/- है, धन्यवाद
Posted by Raju.
Bihar
22-11-2019 08:19 PM
Punjab
11-25-2019 03:35 PM
उसे आप Lactomood होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदें दिन में तीन बार दें और Leptaden गोलियां जो Alarsin कंपनी का प्रोडक्ट है इसकी 10—10 गोलियां सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा.
Posted by Amarjit
Punjab
22-11-2019 08:17 PM
Punjab
11-25-2019 03:37 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Metra liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by
--
22-11-2019 08:15 PM
Punjab
11-23-2019 06:06 PM
CIRG में बकरी पालन के लिए आप CIRG, Makhdoom, Farah, Mathura, UP 0565-2763320, के साथ संम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Husan Cheema
Punjab
22-11-2019 08:09 PM
Punjab
11-23-2019 02:15 PM
Husan ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by rohit yadav
Uttar Pradesh
22-11-2019 08:00 PM
Punjab
11-23-2019 02:27 PM
rohit ji aap kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
22-11-2019 07:56 PM
Punjab
11-25-2019 03:45 PM
Pawar ji iske liye aap unki khurak ka purra dian rakhen aur unko sardi se bacha kr rakhen, baki aap achi khurak ke sath sath Broton liquid 20ml/100birds ke hisab se den, isse sarir ki achi growth hoti hai aur hajma v sahi rehta hai.
Posted by pardeep
Haryana
22-11-2019 07:52 PM
Punjab
11-23-2019 02:38 PM
Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है
Posted by Sukh Deep
Punjab
22-11-2019 07:51 PM
Punjab
11-23-2019 03:05 PM
sukhdeep ji tuc isdi varto kar sakde ho. isdi matra 2 kilo nu prati acre de hisab nal spray karo. is nal growth ho jayegi.dhanwad
Posted by Pavan Kumar
Uttar Pradesh
22-11-2019 07:45 PM
Maharashtra
11-23-2019 03:12 PM
पवन जी आप गेंहू की किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त .... (Read More)
पवन जी आप गेंहू की किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है
Posted by Deepak Kapse
Madhya Pradesh
22-11-2019 07:42 PM
Punjab
11-23-2019 05:00 PM
आप उसेMilkout पाउडर 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को देने शुरू करें और पंजीरी पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें इससे दूध भी बढ़ेगा और कमजोरी भी दूर होगी
Posted by ਗੁਰਦੇਵ ਸਿੰਘ
Punjab
22-11-2019 07:40 PM
Punjab
11-22-2019 08:49 PM
BhaaG pashu nu malap rehat karn nu deworming kehnde ne har 3 mahine baad malap rehat karn di dawaee dyo
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
22-11-2019 07:37 PM
Punjab
11-23-2019 04:01 PM
ਇਹ ਫਸਲ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Local: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ 150 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਉੱਚੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਫਸਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 185-190 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਧਾਰੀਆਂ ਵਾਲੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਹਰੇ-ਸਲੇਟੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੰਗਾ ਬੈੱਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਦਰ.... (Read More)
ਇਹ ਫਸਲ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾ ਕਰੋ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Local: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ 150 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਉੱਚੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਫਸਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 185-190 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਧਾਰੀਆਂ ਵਾਲੇ ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਹਰੇ-ਸਲੇਟੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੰਗਾ ਬੈੱਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ 2-3 ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਭਾਰੀ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ 3-4 ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਹਰੇਕ ਵਹਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਇਹ ਫਸਲ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦੂਸਰੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾ ਕਰੋ ਬਾਰਾਨੀ ਹਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਦੋ ਫਸਲਾਂ ਵਿੱਚ 10 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਗਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਸੋਧੋ ਸੌਂਫ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿੱਧੇ ਤੋਰ ਛਿੱਟੇ ਨਾਲ ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਕਈ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੇ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by amarpal singh
Punjab
22-11-2019 07:35 PM
Punjab
11-23-2019 04:14 PM
amarpal ji sulphur jehdi jameen di pH jyada hundi hai usde layi varto kiti jandi hai eh mitti test de adhar te hi varto karo.dhanwad
Posted by Dharam singh Yadav
Uttar Pradesh
22-11-2019 07:32 PM
Punjab
11-25-2019 03:47 PM
Inko aap Gocold bolus rojana 1 goli aur Ciprofloxacin bolus rojana 1 goli den, iske sath aap Broton liquid 10ml rojana dena suru kren, isse frak padd jayega, aap inka bhukar jrur janch krwayen.
Posted by Navi
Punjab
22-11-2019 07:14 PM
Maharashtra
11-23-2019 04:18 PM
navi ji aap genhu ki is kisam 725 ki bijai november ke chauthe hafte tak kar sakte hai.dhanywad
Posted by pardeep
Haryana
22-11-2019 07:09 PM
Punjab
11-23-2019 04:46 PM
प्रदीप जी यह कई कंपनियों की तरफ से त्यार किया जाता है आप अपने budget के हिसाब से किसी भी कंपनी का खरीद सकते है धन्यवाद
Posted by Arun Yadav
Madhya Pradesh
22-11-2019 07:05 PM
Maharashtra
11-23-2019 04:41 PM
arun ji aap iske gadde men daal kar usme gobar daal kar dhakk de iske uper aap waste decomposer ka spray karen aur ise dhakk de lagbhag 6 mahine ke bad iski khaad tyar ho jati hai.dhanywad
Posted by prakash yadav
Madhya Pradesh
22-11-2019 06:59 PM
Punjab
11-23-2019 04:43 PM
prakash ji kripya aap swal vistar se pooche ke fasl men kya dikkat aa rahi hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Chuni Bisht
Himachal Pradesh
22-11-2019 06:51 PM
Maharashtra
02-22-2020 03:28 PM
श्री मान फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्हो ने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by Saudagar Singh
Punjab
22-11-2019 06:46 PM
Punjab
04-09-2020 10:05 AM
Saudagar Singh ji is ke bare me visthar me jakarari ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Address: Post Box No.-22, Rauni, Punjab 147001, Phone: 09464210460 nal sampaarak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Pushpendra singh
Uttar Pradesh
22-11-2019 06:46 PM
Punjab
11-23-2019 04:33 PM
भारत में आसाम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम, पश्चिमी बंगाल, केरला, कर्नाटक और गोवा मुख्य अनानास उगाने वाले राज्य हैं गुजरात, महाराष्ट्र, तामिलनाडू, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी खेती छोटे स्तर पर की जाती है इसे भारी चिकनी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है लेकिन यह रेत.... (Read More)
भारत में आसाम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम, पश्चिमी बंगाल, केरला, कर्नाटक और गोवा मुख्य अनानास उगाने वाले राज्य हैं गुजरात, महाराष्ट्र, तामिलनाडू, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी खेती छोटे स्तर पर की जाती है इसे भारी चिकनी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है लेकिन यह रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है 45-60 सैं.मी. की गहराई वाली मिट्टी की परत के नीचे पत्थर वाली ज़मीन पर इसकी खेती ना करें मिट्टी की पी एच 5-6 होनी चाहिए जब इसे भारी मिट्टी में उगाया जाता है तब फल का आकार बड़ा होता है लेकिन हल्की मिट्टी में उगाने पर फल का स्वाद उत्तम होता है Kew: यह व्यापारिक किस्म है और डिब्बों में पैक करने के लिए उत्तम है इस किस्म के फल का आकार बड़ा 1.5-2.5 किलो और अंडाकार होता है फल रसदार, हल्के पीले रंग का और लगभग फाइबर रहित होता है Giant Kew: इस किस्म के सभी गुण Kew किस्म के समान होते हैं सिर्फ इसके फल का आकार Kew किस्म के फल से बड़ा होता है Queen: इस किस्म के फल उच्च पीले रंग के होते हैं जिनका गद्दा सुनहरी पीले रंग का होता है फल Kew किस्म से कम रसदार, कुरकुरे और स्वाद होते हैं इनकी आंखे छोटी और गहरी होती हैं Mauritious: यह मध्य मौसम की किस्म है, जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसके फल गहरे पीले और लाल रंग के होते हैं फल पीले रंग के मध्यम, अंडाकार, रेशेदार और लाल फल से मीठे होते हैं Jaldhup and Lakhat: इस किस्म के फलों का नाम इसके मूल स्थान पर रखा गया है इसके फल Queen किस्म से छोटे होते हैं Lakhat: इस किस्म के फल स्वाद में खट्टे होते हैं जबकि Jaldhup किस्म के फल Lakhat किस्म से अम्ल के अच्छे मिश्रण के साथ मीठे होते हैं खेत की जोताई करके खेत को समतल करें ज़मीन की प्रकृति के आधार पर आवश्यक लंबाई के साथ 90 सैं.मी. चौड़ी और 15-30 सैं.मी. गहरी खालियां तैयार करें अनानास की खेती के लिए उपयुक्त समय खरीफ का मौसम या मॉनसून के शुरू होने पर है अनानास की रोपाई का समय स्थान के अनुसार विभिन्न होता है फूल निकलने से 12-15 महीने पहले रोपाई की जानी चाहिए जो कि विभिन्न क्षेत्रों में दिसंबर से मार्च तक विभिन्न होता है उपउष्णकटिबंधीय और अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में पौधे से पौधे में 22.5 सैं.मी.x कतार से कतार में 60 सैं.मी. x खालियों से खालियों में 75 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि गर्म और नमी वाले हालातों मं 25x60x90 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारानी और पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए कम फासले का प्रयोग करें पौधे की महीन जड़ को 10-15 सैं.मी. गहरे खड्ढे में बोयें मुख्य खेत में पौधे की महीन जड़ की रोपाई की जाती हैं भूमि और बारिश के पैटर्न के अनुसार रोपाई के विभिन्न ढंगों जैसे समतल बैड, खालियों, कोंटूर और मुख्य खेत में जड़ की रोपाई के लिए गड्ढों का प्रयोग आदि प्रयोग किए जाते हैं ढलानों में मिट्टी के अपरदन की जांच के लिए कोंटूर ढंग रोपाई के लिए प्रयोग किए जाते हैं राजस्थान में इसकी खेती नहीं होती है इसके पौधे लेने के लिए Moh. Arif Khan 9415794844 Khadim Ali Nursery से संपर्क कर सकते है
Posted by balwinder sidhu
Punjab
22-11-2019 06:42 PM
Punjab
11-22-2019 07:13 PM
Shrimaan g eh kisam pakkan de lyi 126-134 din laindi hai. iss di height shotti hundi hai. iss di toodi bhut ghat bndi hai. iss di height 80-90cm hi hundi hai. iss da jhaad change vaahna de vich 23 qtl chla janda hai. par jo iss da jhaad sifarish kita janda hai ohh 18 qtl prati acre hi hai. iss da jhaad iss de mote daanya kr ke vadh hunda hai. iss di roti v wdia bndi hai,tuc isdi bijai lyi beej 40 to 45 kg/acre hisab naal pao...ihh narme wale vaahn de vich kaamjab hai..
Posted by Manjeet Singh
Punjab
22-11-2019 06:24 PM
Punjab
11-23-2019 05:01 PM
Manjeet Singh punjab vich rotavator te subsidy nai aa rahi ji.
Posted by vikas patidar
Rajasthan
22-11-2019 06:17 PM
Maharashtra
11-23-2019 03:57 PM
vikas ji bina khaad ke aap iske uper aap vermicompost ka istemal kar sakte hai. iske ilava aap iske uper fungus ka hamla hone par khatti lassi ki spray kar sakte hai agar keet ka hamla hota hai to aap neem ke tel ki spray kar sakte hai.dhanywad
Posted by ਬਹਾਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਓ
Punjab
22-11-2019 06:08 PM
Punjab
11-23-2019 03:02 PM
ਬਹਾਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਚਕੁੰਦਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਆਲੂ, ਸਰ੍ਹੋਂ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ, ਲਣ, ਪਿਆਜ, ਮਟਰ, ਧਨੀਆ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gurpal singh
Punjab
22-11-2019 06:00 PM
Punjab
12-20-2019 09:29 AM
Gurpal singh ji is Sall (2019-20) narme ka MSP 5255/q hai, Thankyou.
Posted by Vishnu Lodha
Rajasthan
22-11-2019 05:54 PM
Maharashtra
11-23-2019 02:50 PM
विष्णु जी आप इसके ऊपर मछर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by prabhjot singh
Punjab
22-11-2019 05:50 PM
Punjab
11-25-2019 09:33 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, CRB injection 20ml, Megludyne injection 20ml, vitum-H 5ml injection ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਸਿਰਫ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਹੀ Isoflud ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Rakesh Kumar
Uttar Pradesh
22-11-2019 05:30 PM
Punjab
11-23-2019 02:16 PM
Rakesh ji yeh tatv ki kami ke karn ho rahe hai iske liye aap NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by dheeraj
Madhya Pradesh
22-11-2019 05:19 PM
Maharashtra
11-23-2019 02:00 PM
चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की पी एच 9.5 होनी चाहिए इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें आखिरी जोताई से पहले, ज़मीन को कुतरा सुंडी, दीमक और अन्य कीटों से बचा.... (Read More)
चुकंदर के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है मिट्टी की पी एच 9.5 होनी चाहिए इस फसल को सामान्य मिट्टी में भी उगाया जा सकता है खेत में 3-4 बार हैरो से जोताई करें बीज के अच्छे उत्पादन के लिए, ज़मीन को अच्छे से तैयार करें और उसमें उपयुक्त नमी बनाये रखें आखिरी जोताई से पहले, ज़मीन को कुतरा सुंडी, दीमक और अन्य कीटों से बचाने के लिए क्विनलफॉस 250 मि.ली. प्रति एकड़ से ज़मीन का उपचार करें मैदानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए सितंबर से नवंबर का समय उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, फरवरी से अप्रैल और जून से सितंबर का महीना चुकंदर की खेती के लिए उपयुक्त होता है जब बिजाई मेंड़ों पर की जाती है तो कतारों में 35-45 सैं.मी. और समतल बैड के लिए 30-40 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 3 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई सीड ड्रिल से की जाती है 3-3.5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले, कार्बेनडाज़िम 50 डब्लयू पी या थीरम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें खेत की तैयारी के समय 40 क्विंटल प्रति एकड़ में गाय का गोबर प्रयोग करें खादों की मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाशियम 28 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 50 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें चुकंदर को 6-7 सिंचाइयों द्वारा 80-100 सैं.मी. पानी की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के 25 दिन बाद और अगली 4 सिंचाइयां 25 दिनों के अंतराल पर करें और बाकी की सिंचाइयां 20 दिनों के अंतराल पर करें अंकुरण के 25-30 दिनों के बाद पहली गोडाई करें दूसरी गोडाई, पहली गोडाई के 15-20 दिनों के बाद करें खरपतवार नियंत्रण के लिए, 2-3 गोडाइयों की आवश्यकता होती है धन्यवाद
Posted by Harvinder singh
Punjab
22-11-2019 05:16 PM
Punjab
11-23-2019 01:45 PM
ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਵਾਰ ਗੋਡੀ ਕਰਨਾ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਫਸਲ ਬੀਜ਼ਣ ਤੋ 3-4 ਹਫਤਿਆ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਫਸਲ 2 ਜਾਂ 3 ਪੱਤੇ ਕੱਢ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਫੁੱਲ ਨਿੱਕਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਕਰੋ ਮਟਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਬਸਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋ ਫਸਲ.... (Read More)
ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਵਾਰ ਗੋਡੀ ਕਰਨਾ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਫਸਲ ਬੀਜ਼ਣ ਤੋ 3-4 ਹਫਤਿਆ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਫਸਲ 2 ਜਾਂ 3 ਪੱਤੇ ਕੱਢ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਫੁੱਲ ਨਿੱਕਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਕਰੋ ਮਟਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਬਸਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋ ਫਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋ 48 ਘੰਟਿਆ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਕਰੋ
Posted by Jagjeet Singh Sidhu
Punjab
22-11-2019 05:05 PM
Punjab
11-22-2019 05:09 PM
ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਮੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦੇ ਅੱਧ-ਦਸੰਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਰੋਪਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਰੋਪਣ ਲਈ 10-15 ਸੈ.ਮੀ. ਕੱਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਚੁਣੋ
Posted by sony
Punjab
22-11-2019 05:05 PM
Punjab
11-22-2019 05:10 PM
3086 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by prakash yadav
Madhya Pradesh
22-11-2019 05:05 PM
Punjab
11-22-2019 05:08 PM
prakash ji aap kripya patton ki najdik ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by ajay meena
Rajasthan
22-11-2019 05:03 PM
Punjab
12-05-2019 02:54 PM
ajay meena ji gir cow ka milk bechne ki liye aap apne nazdiki kishi bhi dairy se baat kare ya fir sweets bnane wali shop se contact kare woh kharid lete hai i. aap directly bhi sale kar sakte ho ji.
Posted by ravi
Madhya Pradesh
22-11-2019 04:55 PM
Maharashtra
11-22-2019 05:03 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें