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Posted by Jagbir Sandhu
Punjab
25-11-2019 09:08 AM
Punjab
11-27-2019 03:11 PM
श्रीमान जी जब फसल 1—3 साल की हो, 80—200 ग्राम डीएपी प्रति पौधा डालें 4—6 साल की फसल के लिए 250—400 ग्राम डीएपी प्रति पौधा डालें 7—9 साल की फसल के लिए 450—600 ग्राम डीएपी प्रति पौधा डालें 10 साल और इससे ज्यादा वाली फसल के लिए 650—700 ग्राम डीएपी प्रति पौधा डालें धन्यवाद
Posted by vinay
Punjab
25-11-2019 09:06 AM
Punjab
11-26-2019 06:04 PM
Viney ji mat lene ke lia aap Manny/ Shubam 9803581500, 9803488072 Garg Trading Company se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by nikku
Rajasthan
25-11-2019 09:03 AM
Punjab
11-27-2019 03:02 PM
Shrimaan ji dheemak ki roktham ke liye ap chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywd
Posted by sunil Choudhary
Rajasthan
25-11-2019 08:59 AM
Punjab
11-25-2019 01:10 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by nikku
Rajasthan
25-11-2019 08:58 AM

Punjab
11-27-2019 03:00 PM
Shrimaan ji, ap isme keet ka hamla check karein, agar keet mojood ho to ap isme quinalphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Govind Singh panwar
Madhya Pradesh
25-11-2019 08:51 AM
Punjab
11-27-2019 02:59 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by manoj
Rajasthan
25-11-2019 08:33 AM
Punjab
11-27-2019 02:57 PM
Shrimaan ji, fungus ki roktham ke liye ap isme carbendazim @ 4 gm ya mencozeb @ 4 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Jasvir singh
Punjab
25-11-2019 08:32 AM
Punjab
11-25-2019 11:14 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ .... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਟੇਰ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰੰਮ ਜਿੰਨੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਇਸ ਦਾ ਮੰਡੀਕਰਨ ਸਿਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਾ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਲਿਂਕ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਚੰਗੇ ਲਿੰਕ ਹਨ ਤਾਂ 35-40 ਦਿਨ ਦਾ ਬਟੇਰ 60-70 ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਿਆਦਾਤਾਰ ਲੋਕ ਮੀਟ ਲਈ ਹੀ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ , ਇਸਦਾ ਅੰਡਾ 4-5 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਹੋਟਲਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Baljinder Singh
Punjab
25-11-2019 08:08 AM
Punjab
11-25-2019 11:25 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੇ ਚੰਗੇ ਫੁਟਾਰੇ ਲਈ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਹੀ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਕਣਕ ਦਾ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਅਲੱਗ ਤੋਂ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ
Posted by Gokhul Singh
Bihar
25-11-2019 08:08 AM

?

Punjab
11-27-2019 02:56 PM
Shrimaan ji, kripy apa apna sawal vishtahr se puchein ke ap iske bare mein kya jankari lena chahte hai, or ap patte ki photo najdeek de bejein taki dekh kar apko iski jankari di ja sake, dhanywad
Posted by bana
Rajasthan
25-11-2019 08:06 AM
Punjab
11-27-2019 02:54 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें किस फसल की बिजाई की है , ताजो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by jitendra kumar
Bihar
25-11-2019 08:05 AM
Punjab
11-27-2019 02:52 PM
श्रीमान जी, कीट की रोकथाम के लिए आप quinalphos @ 400 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
25-11-2019 08:05 AM
Punjab
11-27-2019 02:50 PM
Shrimaan ji, barseem vich magnesium di spray di jarurt nai hundi hai, dhanwad
Posted by krishna
Madhya Pradesh
25-11-2019 08:05 AM
Punjab
11-27-2019 02:48 PM
shimaan ki kripya ap bataye ke apko gehun ki bijai kiye kitna samay hua hai, or apne konsi khadoon ka istemal kiya hai, tajo apko iski puri jankri di ja sak, dhanywad
Posted by gagan sidhu
Punjab
25-11-2019 07:52 AM
Punjab
11-25-2019 11:28 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ HD 3226 ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ ਜਿਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22-30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 30ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ 40-45ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਸਦਾ ਨਾੜ ਮੋਟਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਨਹੀ ਡਿਗਦੀ,ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 105 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by sumit sorout
Haryana
25-11-2019 07:28 AM
Punjab
11-27-2019 02:46 PM
Shrimaan ji, khare pani ke liye koi bhi alag se kisi kisam ki sifarish nahi hai, ap gehun ki bijai ke varities jaise ke PBW 343, UP 2338, WH 711, WH 416, WH147 ki bijai kar sakte hain, or ap iske liye nehar ka pani ka upyog karin, dhanywad
Posted by sandeep singh brar
Punjab
25-11-2019 07:23 AM
Punjab
11-27-2019 02:38 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਸਪ੍ਰੇਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ mix ਕਰਕੇ ਨਾ ਕਰੋ, ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਨਦੀਨ ਨਾਸਕ ਸ਼ਕਤੀ ਘੱਟ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by सरोज यादव
Uttar Pradesh
25-11-2019 07:19 AM
Punjab
11-25-2019 05:01 PM
Sir wheat ki puri jankari app ki home screen par krishi par click kare read kar sakte hai ji. waha par har wheat ke elava ha crop ki jankari di gayi hai ji.
Posted by ashvih tiwari
Madhya Pradesh
25-11-2019 07:10 AM
Punjab
11-27-2019 02:34 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आपके गेहूं में कोई दिकत आ रही है, या कोई बीमारी का हमला है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकरी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by chanan
Punjab
25-11-2019 06:38 AM
Punjab
11-26-2019 05:48 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ, ਕਿਉਕਿ ਉਸਦੇ ਥਨ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਥਨ ਬੰਦ ਹੋਣ ਵਾਰੇ ਪਤਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by भोला सिंह
Punjab
25-11-2019 06:31 AM
Punjab
11-26-2019 05:49 PM
भोला सिंह जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by भोला सिंह
Punjab
25-11-2019 06:23 AM
Punjab
11-25-2019 06:37 AM
bhola ji tusi apne area de ADO nu mil sakde ho ja block officer nu eh tuhanu agriculture department vich milnge jo tuhade sehar vich hove ga
Posted by manvir singh
Punjab
25-11-2019 06:21 AM
Punjab
11-25-2019 05:44 PM
ਚੌੜੀ ਪੱਤੀ ਨੂੰ ਮਾਰਣ ਵਾਲੇ ਗਰੁਪ ਚੋਂ ਕਿਸੇ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੀ,ਜਾਂ ਇਕ ਵਾਰ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ ਕੱਢ ਦਿਓ
Posted by ਦੀਪ ਉਟਾਲ
Punjab
25-11-2019 05:52 AM
Punjab
11-26-2019 05:53 PM
ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ/ ਬੱਕਰੇ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ/ ਬੱਕਰੇ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ 300-400 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਫੀਡ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਫੰਡਰ ਬੱਕਰੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਠੰਡ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ..
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
25-11-2019 05:30 AM
Punjab
11-25-2019 11:32 AM
गेहूं को सिफारिश मात्रा में खादों का प्रयोग ही करें इसके साथ ही गेहूं का फुटाव बढ़िया हो जाता है, आपको को अलग स्प्रे करने की जरुरत नहीं है
Posted by ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
25-11-2019 04:30 AM
Punjab
11-25-2019 01:40 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਜੇਕਰ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧ ਕੇ ਵਰਤਣ ਨੂੰ ਹੀ ਤੂੜੀ ਦਾ ਅਚਾਰ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਸੁੱਕੇ ਤੌਰ ਤੇ ਵਰਤ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਦੂਰ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧਣ ਲਈ 4 ਕੁਇੰਟਲ ਤੂੜੀ ਜਾਂ ਕੁਤਰੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਜਮੀਨ ਤੇ ਵਿਛਾ ਲਵੋ ਫਿਰ 14 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਏ ਨੂੰ 200 ਲੀਟ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਜੇਕਰ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧ ਕੇ ਵਰਤਣ ਨੂੰ ਹੀ ਤੂੜੀ ਦਾ ਅਚਾਰ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਸੁੱਕੇ ਤੌਰ ਤੇ ਵਰਤ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਦੂਰ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧਣ ਲਈ 4 ਕੁਇੰਟਲ ਤੂੜੀ ਜਾਂ ਕੁਤਰੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਜਮੀਨ ਤੇ ਵਿਛਾ ਲਵੋ ਫਿਰ 14 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਏ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਵੋ ਤੇ ਤੂੜੀ ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਤਾਂ ਕਿ ਸਾਰੀ ਤੂੜੀ ਗਿੱਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਰਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਦਬਾ ਕੇ 9 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਲਈ ਢੱਕ ਕੇ ਰੱਖੋ 9 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਤੂੜੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਗੁਣਕਾਰੀ ਤੇ ਨਰਮ ਹੋਂ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਖੁਆਉਣ ਲੱਗਿਆਂ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਤੋਂ ਹੀ ਖੋਲੋ ਤੇ ਕੁੱਝ ਦੇਰ ਹਵਾ ਲੱਗਣ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਹਵਾ ਨਹੀ ਲਗਾਉਦੇ ਤਾਂ ਅਮੋਨੀਆਂ ਗੈਸ ਜੋ ਬਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਹ ਪਸ਼ੂ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਚੁੱਬਣ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਗਿਝਾਓ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 4 ਕਿੱਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖੁਆਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਨੋਟ - ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਘੋੜੇ , ਸੂਰਾਂ ਤੇ 6 ਮਹੀਂਨੇ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ
Posted by ravi
Madhya Pradesh
25-11-2019 04:07 AM
Punjab
11-27-2019 02:32 PM
Shrimaan ji, lehsun ki achi apaidawaar ke liye ap 005234 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by SHUYASH SHUKLA
Uttar Pradesh
25-11-2019 12:31 AM
Punjab
11-26-2019 05:57 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by SHUYASH SHUKLA
Uttar Pradesh
25-11-2019 12:29 AM
Punjab
11-26-2019 07:06 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
Posted by Juned
Gujarat
25-11-2019 12:18 AM
Punjab
11-26-2019 05:41 PM
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकू.... (Read More)
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें धन्यवाद
Posted by ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-11-2019 11:39 PM
Punjab
11-25-2019 01:49 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ, ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by Arun Yadav
Madhya Pradesh
24-11-2019 11:26 PM
Punjab
11-26-2019 04:01 PM
आप वेस्ट डिकम्पोज़र को किसी भी फसल में इस्तेमाल कर सकते है और आप इसकी स्प्रे कभी भी कर सकते है यह एक जैविक पदार्थ है जिस से फसल की ग्रोथ होती है Waste decomposer एक अच्छा प्रोडक्ट हैं जिसकी 20 रूप्ये की शीशी आ जाती हैं जो किसी कीटनाशी की दुकान से मिल सकती हैंं Waste decomposer एक जैविक प्रोडक्ट है इसमें बैक्टीरियां हैं जोकि मिट्टी .... (Read More)
आप वेस्ट डिकम्पोज़र को किसी भी फसल में इस्तेमाल कर सकते है और आप इसकी स्प्रे कभी भी कर सकते है यह एक जैविक पदार्थ है जिस से फसल की ग्रोथ होती है Waste decomposer एक अच्छा प्रोडक्ट हैं जिसकी 20 रूप्ये की शीशी आ जाती हैं जो किसी कीटनाशी की दुकान से मिल सकती हैंं Waste decomposer एक जैविक प्रोडक्ट है इसमें बैक्टीरियां हैं जोकि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढाता हैं और फालतू चीजों जैसे पत्ते, पराली को गालता हैं और उसे खाद के रूप में बदल देता हैं इसको तैयार करने केे लिए 200 लीटर पानी में 2 किलो गुड और एक शीशी Waste decomposer की डालें यह फंगीनाशी का काम करता हैं इससे जल्दी जल्दी बीमारियां नजदीक नहीं आती यह लगभग 7 दिनो में तैयार हो जाता हैं यह एक एकड की मात्रा होती है धन्यवाद
Posted by Ronak Sharma
Madhya Pradesh
24-11-2019 11:13 PM
Punjab
11-25-2019 01:50 PM
यदि आपकी भैंस समय पर हीट में नहीं आती है तो आप उसे पेट के कीड़ों के लिए Bendikind plus bolus दें और Agrimin powder 100gm रोज़ाना दें और Ovumin advance bolus रोज़ाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहे, इससे हीट में आ जाएगी.
Posted by ajit
Bihar
24-11-2019 10:56 PM
Punjab
11-27-2019 09:42 AM
Arize 6444 के पौधे की लम्बाई 80 से 100 cm तक की होती है, धन्यवाद
Posted by ajit
Bihar
24-11-2019 10:54 PM
Punjab
11-27-2019 09:42 AM
Sir, plant height of aize 6444 is around 80 to 100 cm , thank you
Posted by ajit
Bihar
24-11-2019 10:52 PM
Punjab
11-27-2019 09:43 AM
Shrimaan ji, arize 6444 ke podhe ki lambhai lagbhag 80- 100 cm tak hoti hai, dhanywad
Posted by Gajendrasingh Parmar
Madhya Pradesh
24-11-2019 10:39 PM
Punjab
11-27-2019 09:11 AM
Shirman ji, bataye ke apke gehu mein kisi bimari yan keet ka hamla hua hai, taki apko iske bare mein jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Arvind Kumar sharma
Jharkhand
24-11-2019 10:04 PM
Punjab
11-27-2019 09:46 AM
Shrimaan ji, ap mushroom farming kr sakte hai, yeh ik kamre mein hi ki ja sakti hai, ise ilawa ap food proccesing bhi kar sakte hai, dhanywad
Posted by Surender
Haryana
24-11-2019 09:50 PM
Punjab
11-25-2019 01:54 PM
उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds गोली भी दें और Enerdyna liquid 100ml रोजाना, Simlage bolus 1-1 सुबह शाम और Gouge पाउडर 50gm रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा, बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करें.
Posted by Banarsi Kr Ray
Bihar
24-11-2019 09:35 PM
Punjab
11-25-2019 01:59 PM
For proper information related to this, please click on the link given below : https://www.tankonyvtar.hu/en/tartalom/tamop425/0010_1A_Book_angol_05_termeleselettan/ch14s06.html
Posted by Siddhartha
West Bengal
24-11-2019 09:32 PM
Punjab
11-27-2019 12:08 PM
amistar top एक फंगीनाशी है इसका आनलाइन रेट 4,375/Litre है पर ये मार्किट के हिसाब से अलग होता है आप अपने नज़दीकी मार्किट में इसका रेट पता कर सकते है
Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
24-11-2019 09:31 PM
Punjab
02-22-2020 04:14 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਆਈ ਵੀ ਐੱਫ ਇਕ ਨਵੀ ਤਕਨੀਕ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਗਾਂ ਜਾ ਮੱਝ ਦੇ ਅੰਡੇਦਾਨੀ ਵਿੱਚੋ ਅੰਡੇ ਲੈ ਕੇ ਅਤੇ ਨਰ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੀਮਨ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਲੈਬੋਰਟਰੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾਪ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
24-11-2019 09:27 PM
Punjab
11-25-2019 02:01 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate uss nu Cargill di Transition mix feed v de skde ho, baki uss nu rojana 35-40kg hara chara deo, iss nal usdi vdia growth howegi..
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-11-2019 09:24 PM
Punjab
11-25-2019 02:06 PM
ਇਹ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਛੋਰੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਪਿਲਾਉਣ ਕਰਕੇ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਜਦੋ ਪਸ਼ੂ ਪਿਸ਼ਾਬ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਵੀ ਨਿਸ਼ਾਨ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਲੇਵੇ ਤੇ ਵੀ ਨਿਸ਼ਾਨ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਜੋਖ਼ਾਰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਕਲਮੀਸੋਰਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਲਓ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵੀ ਬਦਲ ਤੇ ਪਿਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by Vaidzfarm
Maharashtra
24-11-2019 09:24 PM
Punjab
11-24-2019 10:28 PM
इसे रोकने के लिए आप quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें।
Posted by munna kumar
Bihar
24-11-2019 09:11 PM
Punjab
11-27-2019 09:41 AM
श्रीमान जी, श्रीराम सुपर 404 की बुवाई 30 नवम्बर तक की जा सकती है, इसकी लम्बाई 102 cm तक की होती है, इसका 40 kg -45 kg बीज लगता है, यह 130 से 135 दिन में पक कर तैयार हो जाती यही, यह भूरा रतुआ रोग की प्रतिरोधी है, और यह गिरती भी नहीं है, इसकी पैदावार लगभग 22 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से बताई जा रही है, धन्यवाद
Posted by harpal
Punjab
24-11-2019 09:11 PM
Punjab
11-25-2019 02:07 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate Anabolite liquid 100-100ml swere sham, livoferol liquid 100ml rojana deo, baki tuci usda bhukar jrur check krwao ji..