Posted by Md. Akbar
Bihar
25-11-2019 07:00 PM
Akbar ji aap dog per nazar rakhen yadi woh usme Rabies ke lakshan nahi hai too 3 injection lgane se thik ho jayegi yadi usme Rabies ki smasia thi aur woh marr jatta hai tab aap injection jyada lgwa skte hai, yeh doctor janch krke lgga denge..

Posted by Manthan
Punjab
25-11-2019 06:59 PM
श्रीमान जी, इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की पैदावार के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली ज़मीने ठीक नहीं होती मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए cotton की आप किस्मे जैसे के .... (Read More)
श्रीमान जी, इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की पैदावार के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली ज़मीने ठीक नहीं होती मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए cotton की आप किस्मे जैसे के RCH 317Bt ,MRC 6301Bt ,MRC 6304BT ,Ankur 651 ,Whitegold ,LHH 144 ,F1861 ,F1378 , F846 , LHH 1556 ,Moti , LD 694 ,LD 327 ,देसी किस्में ,LD 1019 ,FMDH 9 ,FDK 124 ,प्रसिद्ध किस्में: BCHH 6488 BG II ,BCHH 6588 BG II ,कपास की अमेरिकन किस्में : PAU Bt 1 ,RCH 650 BG II ,NCS 855 BG II , ANKUR 3028 BG II ,MRC 7017 BG II ,MRC 7031 BG II की बिजाई कर सकते हैं फसल की अच्छी पैदावार और विकास के लिए ज़मीन को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है रबी की फसल को काटने के बाद तुरंत खेत को पानी लगाना चाहिए इसके बाद खेत की हल से अच्छी तरह जोताई करें और फिर सुहागा फेर दें ज़मीन को तीन वर्षों में एक बार गहराई तक जोतें, इससे सदाबहार नदीनों की रोकथाम में मदद मिलती है और इससे मिट्टी में पैदा होने वाले कीड़ों और बीमारियों को भी रोका जा सकता है बिजाई का उचित समय अप्रैल महीने में होता है मिली बग से बचाव के लिए कपास की फसल के आस-पास बाजरा, अरहर, मक्की और जवार की फसल उगाएं कपास की फसल के आस-पास अरहर, मूंग और भिंडी को ना बोयें क्योंकि यह कीड़ों का स्थान बनाने के लिए सहायक फसलें हैं पंजाब में आमतौर पर कपास-गेहूं का फसली चक्र अपनाया जाता है परंतु यदि कपास की फसल से बरसीम और गवारे की फसल के फसली चक्र को अपनाया जाये तो यह कपास की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध होगी अमेरिकन कपास के लिए सिंचित स्थिति में 75x15 सैं.मी. और बारानी स्थिति में 60x30 सैं.मी. का फासला रखें देसी कपास के लिए सिंचित और बारानी स्थिति में 60x30 का फासला रखें बीजों को 5 सैं.मी. की गहराई पर बोना चाहिए देसी कपास की बिजाई के लिए बिजाई वाली मशीन का प्रयोग करें और हाइब्रिड या बी टी किस्मों के लिए गड्ढे खोदकर बिजाई करें आयताकार के मुकाबले वर्गाकार बिजाई लाभदायक होती है कुछ बीजों के अंकुरन ना होने के कारण और नष्ट होने के कारण कईं जगहों पर फासला बढ़ जाता है इस फासले को खत्म करना जरूरी है बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार और प्रभावित पौधों को नष्ट कर दें बीज की मात्रा बीजों की किस्म, उगाये जाने वाले इलाके, सिंचाई आदि पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है अमेरिकन हाइब्रिड कपास के लिए 1.5 किलो प्रति एकड़ जबकि अमेरिकन कपास के लिए बीज की मात्रा 3.5 किलो प्रति एकड़ होनी चाहिए देसी कपास की हाइब्रिड किस्म के लिए बीज की मात्रा 1.25 किलो प्रति एकड़ और कपास की देसी किस्मों के लिए 3 किलो प्रति एकड़ होनी चाहिए खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और साफ सुथरी खेती से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें आखिरी बार हल से जोतते समय बारानी क्षेत्रों में 5-10 टन रूड़ी और सिंचित क्षेत्रों में 10-20 टन रूड़ी का प्रति एकड़ के हिसाब से डालें यह मिट्टी की नमी को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी कपास की विभिन्न-विभिन्न किस्मों के लिए खादों की मात्रा, 65 किलो यूरिया और 27 किलो डी.ए.पी. या 75 किलो सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ के हिसाब से डालें हाइब्रिड किसमों के लिए, 130 किलो यूरिया और 27 किलो डी.ए.पी. या 75 किलो सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ के हिसाब से डालें यदि 27 किलो डी.ए.पी. के स्थान पर सिंगल सुपर फासफेट का उपयोग किया जाता है तो यूरिया की मात्रा 10 किलो कम कर दें बिजाई के बाद नदीनों के पैदा होने से पहले ही पैंडीमैथालीन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (गरामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाहिए जब टिंडे 33 प्रतिशत खिल जायें उस समय आखिरी सिंचाई करें और इसके बाद फसल को सिंचाई के द्वारा पानी ना दें धन्यवाद

Posted by sujit Kumar Singh
Bihar
25-11-2019 06:57 PM
श्रीमान जी, यह फंगस का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें पर आप इसके विकास के लिए vermicompost @ 5-6 kg प्रति पौधे के हिसाब से डालें, धन्यवाद

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
25-11-2019 06:56 PM
Shrimaan ji, ap december mein faslein faslein jaise ke adu, kalihari, lssan ghaas, pudhina, muklethi, shankhpushpi, shatavari, sadabhar, safed musli, sweet flag or tamatar ki kheti karein or January mein ap faslein jaise ke alucha, strawberry, amla ki kheti kar sakte hain, dhanywad
Posted by Md. Akbar
Bihar
25-11-2019 06:52 PM
Akbar ji uski sme sme per deworming krte rehen, usko ek jgha bannd kr naa rakhen aur jyada sme khula choden aur khurak jrurat ke anusar dalen.
Posted by Sandeep
Haryana
25-11-2019 06:50 PM
Shri maan gKanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.
Posted by ਹਰਜੀਤ ਗਿੱਲ
Punjab
25-11-2019 06:35 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋ ਦੋ ਹਫਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 200 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਫਸਲ ਦੇ ਉਚਿੱਤ ਵਾਧੇ ਲਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 75 ਕਿਲੋ (165 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ (155 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 25 ਕਿਲੋ (40 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦਾ 3/4 ਹਿੱਸਾ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਪੂ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋ ਦੋ ਹਫਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 200 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਫਸਲ ਦੇ ਉਚਿੱਤ ਵਾਧੇ ਲਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 75 ਕਿਲੋ (165 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ (155 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 25 ਕਿਲੋ (40 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦਾ 3/4 ਹਿੱਸਾ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦਾ 1/4 ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30-40 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਜੜ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਲਾਉਣ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਹਲਕੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਦੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੋ ਹਿੱਸਿਆ ਵਿੱਚ ਜੜਾਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਲਾਉਣ ਸਮੇਂ ਦੋ ਵਾਰ ਕਰਕੇ ਪਾਓ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jagdeep singh Khalsa
Punjab
25-11-2019 06:30 PM
जगदीप सिंह जी आप मटरों की नामधारी किस्म बोय सकते है इन किस्मों की बिजाई बैड बनाकर लेबर से हाथों से लगवा कर करें। 15—16 किलो बीज एक एकड़ में आसानी से लग जाएगा।

Posted by Ashok Gulia
Haryana
25-11-2019 06:27 PM
Ashok Gulia ji same same pe sarkar ki taraf se Subsidy scheme chalti hi rehti hai, jese ke dairy ke lia pashu khridne par lone pe subsidy, shed loan pe subsidy, agri machinery loan pe subsidy, pipe line pe subsidy, in sabhi lone par mil rahi subsidy ki Terms & Conditions bhi alag alag hoti hai, Thankyou.
Posted by VIKAS YADAV
Uttar Pradesh
25-11-2019 06:08 PM
श्रीमान जी, आप गेहूं की किस्मे जैसे के MACS 6145 , HI-8627 की बुवाई करें, धन्यवाद

Posted by Sunil Bishnoi Rar
Rajasthan
25-11-2019 05:55 PM
श्रीमान जी कृपया आप इसकी फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
25-11-2019 05:54 PM
c flack tz 2 _2 bollas deo sath mai 2 chamach chaepatti ubal k deo
Posted by GAJENDRA KUMAR
Uttar Pradesh
25-11-2019 05:54 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके

Posted by Sudhir Malik
Haryana
25-11-2019 05:38 PM
Shrimaan ji, jiyan ik organic insecticide hai, yeh kisi bhi khet mein pryog kiya jata hai, or iska result kaffi acha hota hai, dhanywad

Posted by hardeep singh
Punjab
25-11-2019 05:37 PM
हरदीप जी मछली पालन की ट्रेनिंग के लिए आप अपने जिले के मछली पालन विभाग से संपर्क कर सकते है आप अपनी खेती के हैल्पलाइन नंबर 97799—77641 पर भी संपर्क कर सकते है।

Posted by kaluram
Madhya Pradesh
25-11-2019 05:21 PM
श्रीमान जी गेहूं में कुल 110 किलो यूरिया डाला जाता है इसे आप 2—3 भागो में बांट कर डाल सकते है गेहूं में डीएपी 55 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डालें आप एक एकड़ के हिसाब से डीएपी की एक बोरी डाल सकते है यदि एसएसपी का प्रयोग कर रहे है तो एस एस पी 150 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग करें डीएपी को गेहूं के बीज के साथ मिक्स.... (Read More)
श्रीमान जी गेहूं में कुल 110 किलो यूरिया डाला जाता है इसे आप 2—3 भागो में बांट कर डाल सकते है गेहूं में डीएपी 55 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डालें आप एक एकड़ के हिसाब से डीएपी की एक बोरी डाल सकते है यदि एसएसपी का प्रयोग कर रहे है तो एस एस पी 150 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग करें डीएपी को गेहूं के बीज के साथ मिक्स करके बिजाई कर सकते है इसके तरीके से बीज के साथ एसएसपी का प्रयोग कर सकते है नहीं तो गेहूं के लिए खेत तैयार करते समय खेत में छिड़काव कर सकते है डीएपी और एसएसपी में से किसी एक का प्रयोग कर सकते है यदि खेत में पोटाश की कमी है तो पोटाश 20 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते है

Posted by ratanveer singh
Punjab
25-11-2019 05:16 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by jasveer singh
Punjab
25-11-2019 05:06 PM
tuci uss nu Masticin homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate Fibrocin homeopathic dwai di 1-1 goli swere sham deo ate potasium iodied dwai 7 gram rojana deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Gurdeep singh
Punjab
25-11-2019 05:02 PM
Shrimaan ji, mausam vibhag de anusar aj barish pen di sambhavana hegi hai, aun vale agle kuch din tak mausam saaf rahe ga, dhanwad

Posted by guri singh
Punjab
25-11-2019 04:59 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ 45-50 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਦਾ ਬੀਜ ਅਤੇ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by brajmohan karma
Madhya Pradesh
25-11-2019 04:50 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap iske bare mein kya janakri lena chahte hain tajo apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad

Posted by Durgesh Kumar Durgesh Kumar
Uttar Pradesh
25-11-2019 04:44 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by Vishal Prajapati
Uttar Pradesh
25-11-2019 04:38 PM
श्रीमान जी, गुलाब की फसल का का प्रजनन बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी मैदानों में दिसंबर-फरवरी बडिंग के लिए उचित समय होता है इसके लिए आप इक पौधे से बंद कली लें, और दूसरे पौधे पर इक T आकर का कट लगये और उसमे में कली को लगा दें और ऊपर से बंद दें, कुछ समय के बाद यह उग जाए गी , धन्यवाद
Posted by Anand shukla
Uttar Pradesh
25-11-2019 04:32 PM
yaddi apko gaye heat mai nahi aa rehi hai tan to app usko pett ke kirro ke liye Bendikind plus bolus den aur Minfa gold powder 100gm rojana, Ovumin advance tablet rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi fir aap usko gabhin krwa skte hai, yaddi aap koi aur jankari lena chahte hai too aap dubara apna swal push skte hai..
Posted by Anand shukla
Uttar Pradesh
25-11-2019 04:31 PM
Gaye ko heat mai lane k lai bandykind plus , ovumin gold 100 GM, totavit bollas 10 1 roj deni heat vich Aya u gi
Posted by vinay
Punjab
25-11-2019 04:30 PM
Viney ji mat lene ke lia aap Manny/ Shubam 9803581500, 9803488072 Garg Trading Company se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Raju.
Bihar
25-11-2019 04:17 PM
योजना का पूरा नाम Dairy Entrepreneurship Development Scheme है इसमें किसानों को डेयरी के काम के लिए ट्रेनिंग दी जाती है और सरकार द्वारा लोन और सब्सिड़ी भी मिलती है इसमें किसानों को साफ दूध उत्पादन, नसलों में सुधार करना और बीमारियों से बचाव के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है
Posted by utkarsh
Uttar Pradesh
25-11-2019 04:13 PM
Shrimaan ji, apke dawara bheji gai audio chal nahi rahi hai, kripya ap isse dubara record kar ke bhejein, tajo apko sun ke uski puri janakri di ja sake, dhanywad

Posted by Bilaljeet singh
Punjab
25-11-2019 04:05 PM
Bilaljeet singh ji jekar tusi puriya term and conditions puriya karde ho ta tusi online apply kar sakde ho. tohade nede de kise v cyber cafe to v pata kar sakde ho ji.
Posted by Gurpartap singh
Punjab
25-11-2019 03:57 PM
Aaam taur te kanak de vich gulli danda 35-40 dina de vich hi baahr nikalda hai. jdo tuc pehla paani lgaa dinde ho tan ihh gulli danda kanak de nal nal vadhna shuru ho janda hai. iss sme kanak 40 dina de ass paas ho jandi hai. iss sme tuc TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho. ihna de vicho koi v ikk spray vart skde ho. topik di jgah tuc ihh spreha vart skde ho. jekar bathoo hai tan uss de lyi algrip@10gm ja total@16gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho .
Posted by utkarsh
Uttar Pradesh
25-11-2019 03:54 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आपके खेत में किस कीट का हमला हुआ है, ताकि आपको उसके हिसाब से इलाज बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by utkarsh
Uttar Pradesh
25-11-2019 03:47 PM
Utkarsh ji, soil health card banwane ke liye ap apne dist, ke Agriculture officer se sdamparak kar sakte hain, iske ilawa ap KVK se ja kar bna sakte hain, dhanywad

Posted by arashdeep singh
Punjab
25-11-2019 03:46 PM
Shrimaan ji, tuc kanak diyan kisma jive ke PBW 590, PBW 509, PBW 658, PBW 752 di bijai kar sakte hain, dhanywad

Posted by ਅਰਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
25-11-2019 03:23 PM
ਇਸਦੇ ਮੁਖ ਕਾਰਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਜਰੂਰਤ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣਾ, ਸਮੇ ਤੇ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਕਰਨਾ, ਲੀਵਰ ਦਾ ਸਹੀ ਕੰਮ ਨਾ ਕਰਨਾ, ਉਸ ਨੂੰ ਉਲੀ ਵਾਲੀ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣਾ, ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਬੰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Nitesh Ahari
Rajasthan
25-11-2019 03:22 PM
श्रीमान जी, कृपया आप मक्के की फोटो भेजें ताकि आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by jassa
Punjab
25-11-2019 03:21 PM
Jassa ji jekar tuci uss nu 26 litre wala heera da tika bhrwande ho tan jhoti da pehle suue milk 24 litre tak jaa skda hai..

Posted by arashdeep singh
Punjab
25-11-2019 03:19 PM
Arashdeep singh ji Amritsar vich Fishery di training lai tusi Sh. Raj Kumar ADF 9464059252 (Timing 10am to 5pm) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
25-11-2019 03:03 PM
Harsh ji iss nal pashu di calcium di kami purri hundi hai, usda dudh vdhh jnda hai, ehh tuci 50-100ml rojana de skde ho, ehh tuci dudh wale pashu nu deo ate suun ton badd v de skde ho..

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
25-11-2019 02:57 PM
Harsh ji iss nal pashu di calcium di kami purri hundi hai, usda dudh vdhh jnda hai, ehh tuci 50-100ml rojana de skde ho, ehh tuci dudh wale pashu nu deo ate suun ton badd v de skde ho..

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
25-11-2019 02:56 PM
Bivnesh kumar ji seed lene ke liye aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by अंजुल सैनी
Uttar Pradesh
25-11-2019 02:51 PM
श्रीमान जी, कृपय आप गन्ने की फोटो भेजें ताजो आपको इसकी पूरी जानकरी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Sudhir Malik
Haryana
25-11-2019 02:50 PM
Sudhir Malik ji Haryana me Decomposer lene ke lia aap Assistant Director, Regional Centre of Organic Farming, Kisan Bhawan, Sector 14, Panchkula-134 109 (Haryana). 0172=2564460, Email: biofhr05@nic.in se samparak kare, Thankyou.

Posted by lovepreet singh
Punjab
25-11-2019 02:42 PM
lovepreet singh ji bakri lagpah 155 days tak soundi hai te baki es da gaban hon ta aap dheyan rakhna penda hai jive ke jekar bakri gaban hove ta oh holi holi dud ghaton lag jandi hai ji. baki ultrasound karva ke pata kita ja sakda hai ji.
Posted by BANWARI LAL GURJAR
Rajasthan
25-11-2019 02:29 PM
BANWARI LAL GURJAR ji Rajasthan me mungfali ka bhav 3600 - 4500 tak chal rahahai, Thankyou.
Posted by लोकेशकुशवाह
Rajasthan
25-11-2019 02:19 PM
Shrimaan ji isme ap NPK 130045 @ 10 gm prati liter panu ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Rmn Cheema
Punjab
25-11-2019 02:09 PM
Shrimaan ji , HD 2967 di biajai da sahi sama october de chothe hafte to November de chothe hafte tak da hunda hai, tuc is di biaji kar sakde ho, dhanwad

Posted by Aman
Punjab
25-11-2019 02:08 PM
ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਬਰੂਸੈਲਾ ਨਾਂ ਦੇ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੂਸੀਲੋਸਿਸ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਬਿਮਾਰ ਜਾਨਵਰਾਂ ਤੋਂ ਆਦਮੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਜਰਾਸੀਮ ਮਰੇ ਹੋਏ ਬੱਚੇ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪਿਛਲੇ ਹਿੱਸੇ ਅਤੇ ਪੂੰਛ ਨਾਲ ਲੱਗੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਜਦੋਂ ਪਸ਼ੂ ਪੂਛ ਹਿਲਾਉਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜਰਾਸੀਮ ਕੋਲ ਖੜੇ ਪਸੂਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਚਲੇ ਜਾਂਦ.... (Read More)
ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਬਰੂਸੈਲਾ ਨਾਂ ਦੇ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੂਸੀਲੋਸਿਸ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਬਿਮਾਰ ਜਾਨਵਰਾਂ ਤੋਂ ਆਦਮੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਜਰਾਸੀਮ ਮਰੇ ਹੋਏ ਬੱਚੇ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਪਿਛਲੇ ਹਿੱਸੇ ਅਤੇ ਪੂੰਛ ਨਾਲ ਲੱਗੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਜਦੋਂ ਪਸ਼ੂ ਪੂਛ ਹਿਲਾਉਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜਰਾਸੀਮ ਕੋਲ ਖੜੇ ਪਸੂਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਾਰੇ ਪਸ਼ੂ ਬਿਮਾਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਬਾਕੀ ਇਸ ਬਿਮਾਰੀ ਵਾਲੇ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਮੀਟ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਪਕਾਇਆ ਨਾ ਹੋਣ ਜਾਂ ਕੱਚਾ ਹੋਣ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਬਿਮਾਰੀ ਬੱਕਰੀਆ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਦੀ ਅੱਗੇ ਫੈਲਣ ਵਾਲੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਜੀ
ਇਸ ਦੇ ਮੁੱਖ ਲੱਛਣ ਹਨ ਕਿ ਜਿਵੇਂ ਲਵੇਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸੂਣ ਦੇ ਆਖਰੀ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਤੂਅ ਜਾਣਾ ਅਤੇ ਫਿਰ ਜੇਰ ਨਾ ਪੈਣਾ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਸੁੱਜ ਜਾਣਾ ਆਦਿ ਕਈ ਵਾਰ ਮੱਝਾਂ/ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਲੱਤਾਂ ਦੇ ਜੋੜ ਵੀ ਸੁੱਜ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਰਗਾ ਤਰਲ ਪਦਾਰਥ ਭਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
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