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Posted by REBU KUMAR YADAV
Bihar
26-11-2019 12:21 PM
Punjab
11-26-2019 01:15 PM
श्रीमान जी, प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली म.... (Read More)
श्रीमान जी, प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by hardeep singh
Punjab
26-11-2019 12:16 PM
Punjab
11-26-2019 03:15 PM
Hardeep ji tuci Training vare jankari lenn lai Harmanpreet kaur , DC office, 2nd flour Room no. 84 , 62392-64849, Harwinder singh 62846-57868 nal sampark kr skde ho..
Posted by Rajnesh
Haryana
26-11-2019 12:13 PM
Punjab
11-26-2019 09:43 PM
Rajensh ji iska record semen straw per likha hota hai, yeh karnal walo ka murrah nasal ka semen hai, vase iska milk record 22.500 litre tak hota hai.
Posted by kailash Chand meena
Rajasthan
26-11-2019 12:12 PM
Punjab
11-26-2019 01:19 PM
श्रीमान जी, PBW 343 किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद
Posted by gurjant bal
Punjab
26-11-2019 12:09 PM
Punjab
11-26-2019 01:21 PM
Shrimaan ji, HD 2967 di biaji da sahi sama october de chothe hafte to leke november de chothe hafte tak da hunda hai, tuc is di biaji kar sakde ho, dhanwad
Posted by Sharry Johal
Punjab
26-11-2019 12:08 PM
Punjab
11-26-2019 01:24 PM
Shrimaan ji, HD 2967 ate PBW 343 da sahi sama october de chothe hafte toh november de chothe hafte tak da hunda hai, ate PBW 550 di bijai da sahi sama november de pehle hafte toh november da chotha hafta hai, is lai tuc ehna di bijai hun kar sakde ho, dhanwad
Posted by ਬਾਬਾ ਸੋਹਨ ਦਾਸ ਡੇਰਾ ਉਦਾਸੀਨ ਹਥਨ
Punjab
26-11-2019 12:04 PM
Punjab
11-26-2019 12:09 PM
ਉਮੀਦ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਜੀ ਜੋ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਚਾਹਵਾਨ ਹੋਵੇਗਾ ਉਹ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸਾਡੀ ਦੂਸਰੀ ਐਪ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਵੇਚੋ ਅਤੇ ਖਰੀਦੋ ਤੇ ਵੀ ਮੁਫਤ ਐਡ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Ak
Uttar Pradesh
26-11-2019 11:50 AM
Punjab
11-26-2019 02:39 PM
Aap Binola ko achi trah ubal ker de skte hai, isme koi smasia wali batt nahi hai, yeh aap uske byane ke badd v usme gurr mix krke khila skte hai..
Posted by Ak
Uttar Pradesh
26-11-2019 11:45 AM
Punjab
11-26-2019 02:39 PM
Aap Binola ko achi trah ubal ker de skte hai, isme koi smasia wali batt nahi hai, yeh aap uske byane ke badd v usme gurr mix krke khila skte hai..
Posted by Maneesh Sab
Uttar Pradesh
26-11-2019 11:44 AM
Punjab
11-26-2019 01:25 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal vishtar se puchein ke ap konsi fasal ki kheti ki jankari lena chahte hai, tajo apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by hardeep singh
Punjab
26-11-2019 11:40 AM
Punjab
11-26-2019 03:15 PM
Hardeep ji tuci Training vare jankari lenn lai Harmanpreet kaur , DC office, 2nd flour Room no. 84 , 62392-64849, Harwinder singh 62846-57868 nal sampark kr skde ho..
Posted by Dharminder singh
Punjab
26-11-2019 11:40 AM
Rajasthan
11-26-2019 02:40 PM
ehh HF cross nasal di cow hai.
Posted by harjap singh
Punjab
26-11-2019 11:30 AM
Punjab
11-27-2019 11:44 AM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ.... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by jassa
Punjab
26-11-2019 11:23 AM
Punjab
11-26-2019 02:44 PM
Jassa ji kirpa krke tuci apne swal de nal semen straw di photo upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by Dharminder singh
Punjab
26-11-2019 11:22 AM
Punjab
11-26-2019 02:47 PM
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਓਹੀ ਫੀਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜੋ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦੇ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ stimmilk-tr ਦਵਾਈ ਦੀਆ ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤ.... (Read More)
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਓਹੀ ਫੀਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਜੋ ਤੁਹਾਡੇ ਪਸ਼ੂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾ ਜਾਂਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦੇ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ stimmilk-tr ਦਵਾਈ ਦੀਆ ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤੁਸੀ milkomilk powder , milkout powder , Milko more powder ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਪਾਊਡਰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਨੂੰ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by suresh
Uttar Pradesh
26-11-2019 11:18 AM
Punjab
11-26-2019 11:38 AM
श्रीमान जी, इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजा.... (Read More)
श्रीमान जी, इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं धन्यवाद
Posted by Pankaj Yadav
Uttar Pradesh
26-11-2019 11:05 AM
Punjab
11-26-2019 11:40 AM
श्रीमान जी, यह फंगस का हमल हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप mencozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Shishupal Kaiwart
Chattisgarh
26-11-2019 10:57 AM
Punjab
11-26-2019 11:16 AM
श्रीमान जी, यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महा.... (Read More)
श्रीमान जी, यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by Espaq Khan
Rajasthan
26-11-2019 10:49 AM
Punjab
11-26-2019 11:41 AM
श्रीमान जी, कृपया अपने बैंगन के पौधे की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
26-11-2019 10:42 AM
Punjab
11-28-2019 06:16 PM
बलवीर सिंह जी यदि आप पीएम ट्रैक्टर योजना के तहत लोन लेते है तो ट्रैक्टर की कीमत 15-20% आपको खुद देना होगा बाकि 80-85% का बैंक लोन हो जाता है इसके बारे में विस्तार से जानकारी लेने के लिए नज़दीकी स्टेट बैंक आफ इंडिया बैंक से संपर्क कर सकते है।
Posted by kawaljit singh
Punjab
26-11-2019 10:39 AM
Punjab
11-26-2019 02:56 PM
Kawaljit ji tuci uss nu Clifemin gold powder 25-30gm rojana dena suru kro, iss nal sarir di kami purri howegi ate ohh jldi heat vich aa jawegi.
Posted by sanjay kumar singh
Bihar
26-11-2019 10:21 AM
Punjab
11-26-2019 02:57 PM
Sanjay ji Vanraja chicks lene ke liye aap Sunil Singh 9905384910, 9102737967 se sampark kr skte hai.
Posted by barinderpal singh
Punjab
26-11-2019 10:20 AM
Punjab
11-26-2019 09:42 PM
tuci iss nu Xnel injection 1gm, CRB(Ascrobic acid) injection 20ml, Vitum-H injection 5ml, Megludyne injection 20ml ehh sare tuci 3 din lgwao ate Isoflud injection 5ml, 1-1 din de frak nal 2 injection lgwao, iss nal frak paa jawega.
Posted by sukhraj singh
Punjab
26-11-2019 10:16 AM
Punjab
11-26-2019 11:17 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ .... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ \'ਤੇ, ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਬਾਹਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋ, ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਲਗਭਗ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀਹੈ. ਇਸ ਵੇਲੇ ਅਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ. ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਇਕ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤੋਂ ਉਸ ਲਈ algrip 10gm ਜਾਂ total16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ.
Posted by charnjit
Punjab
26-11-2019 10:15 AM
Punjab
11-26-2019 09:56 PM
tuci uss nu Xnil injection 1gm, Fortivir injection 30ml nu 15-15ml krke gardan de dona pase lgwao ate Neoprofin injection 15ml, Isoflud injection 10ml lgwao, iss nal frak paa jawega.
Posted by raman
Punjab
26-11-2019 09:57 AM
Punjab
11-26-2019 04:20 PM
Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
26-11-2019 09:56 AM
Punjab
11-26-2019 03:02 PM
Bhupinder ji tuci uss nu vdia khurak deni suru kro kyuki khurak de nal vdia growth howegi baki uss nu khurak de nal nal Broton liquid 20ml/100birds de hisab nal deo, iss nal vdia growth hundi hai..
Posted by mamu
Uttar Pradesh
26-11-2019 09:52 AM
Punjab
11-26-2019 11:19 AM
Shrimaan ji, isme dheemak ka hamla check karein, agar dheemak mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by dhanraj kumawat
Madhya Pradesh
26-11-2019 09:44 AM
Maharashtra
11-27-2019 11:41 AM
धनराज जी यह फंगस के कारण हो रहे है इसके लिए आप mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by jatinder singh
Punjab
26-11-2019 09:36 AM
Punjab
11-26-2019 03:51 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਈ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਸਰੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸ ਵਿਚ ਤੁਸੀ NPK 191919 @ 10 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jagjeet Singh
Punjab
26-11-2019 09:35 AM
Rajasthan
11-26-2019 03:16 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ..
Posted by SANJEEV KUMAR
Punjab
26-11-2019 09:26 AM
Punjab
11-26-2019 03:18 PM
Sanjeev ji tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus goli deo ate Bovimin-B powder 50gm rojana, Sharkoferol liquid 50ml rojana deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by nishan singh
Punjab
26-11-2019 09:19 AM
Punjab
11-26-2019 11:33 AM
shrimaan ji, PBW 550 isdi bijai november dusre hafte to november de chothe hafte tak kiti jandi hai , isda 45 beej prati acre de hisab nal painda hai, isda jhaad 20-22 quintal prati acre hai, ate eh 145 din vich pak ke tiya ho jandi hai, isda kad 100 cm tak hunda hai, dhanwad
Posted by विवेक
Chattisgarh
26-11-2019 09:15 AM
Punjab
11-26-2019 03:19 PM
देसी मुर्गी पालन को हम कम पूँजी थोड़ी जमीन और थोड़ी सी मेहनत से आसानी से किया जा सकता है , मुर्गी पालन का चलन भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है चीन और अमेरिका के बाद भारत अंडा उत्पादन में तीसरे स्थान पर और मांस उत्पादन में 5 स्थान पर है यह 3 देसी मुर्गी की प्रजातियां ज्यादा प्रचलित हैं ग्रामप्रिया श्रीनिधि वनराजा कुक्क.... (Read More)
देसी मुर्गी पालन को हम कम पूँजी थोड़ी जमीन और थोड़ी सी मेहनत से आसानी से किया जा सकता है , मुर्गी पालन का चलन भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है चीन और अमेरिका के बाद भारत अंडा उत्पादन में तीसरे स्थान पर और मांस उत्पादन में 5 स्थान पर है यह 3 देसी मुर्गी की प्रजातियां ज्यादा प्रचलित हैं ग्रामप्रिया श्रीनिधि वनराजा कुक्कुट पालन परियोजना हैदराबाद के द्वारा यह तीनो प्रजातियां विकसित की गयीं हैं यह मुर्गियां अण्डों और मांस दोनों के लिए बहुत लाभदायक हैं देखा जाता है के जो हमारे किसान भाई ग्रामीण प्रजाति के मुर्गी पालन करते हैं उसके अपेक्षा में यह संकर नस्ल की प्रजाति अंडे और मांस में ज्यादा मुनाफा देता हैं आइये हम विस्तार से इन तीन प्रजाति के बारे में बात करें ग्रामप्रिया – ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाति की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है , 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है श्रीनिधि प्रजाति की मुर्गी – यह प्रजाति ग्रामीण प्रजाति की मुर्गी के अपेक्षा में 230-250 अंडे तक देती है , श्रीनिधि मुर्गियों का वजन 2.5kg से लेकर 5 kg तक का होता है जो की ग्रामीण प्रजाति के मुर्गियों से बहुत ज्यादा है इसीलिए यह दोहरी उपयोगिता प्रजाति में गिनी जाती है इसके मांस और अंडे दोनों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है ,इन प्रजातियों की मुर्गियां तेजी से बढ़ती हैं वनराजा – वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए यह 3 विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है.
Posted by prabhu
Uttar Pradesh
26-11-2019 09:13 AM
Rajasthan
11-26-2019 11:22 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Rajesh Kumar
Bihar
26-11-2019 09:03 AM
Punjab
11-26-2019 11:35 AM
श्रीमान जी, उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बेनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो-एजेंट ट्राईकोडरमा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है ऐसा करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाल.... (Read More)
श्रीमान जी, उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बेनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो-एजेंट ट्राईकोडरमा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है ऐसा करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते हैं धन्यवाद
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਧੂ
Punjab
26-11-2019 08:45 AM
Punjab
11-27-2019 11:16 AM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿਚ ਅੱਜ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਤਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੀਹ ਦੀ wait ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੀਹ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਪਾਣੀ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਤਾ ਮੀਹ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦੋਨੋ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਗਰੋਥ ਨੂੰ ਰੋਕ ਦੇਣਗੇ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Thakurdas Thakurdas
Uttar Pradesh
26-11-2019 08:45 AM
Punjab
11-26-2019 11:37 AM
Shrimaan ji, yeh macchar ke hmale ki vajah se hua hai, iski roktham ke liye ap imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by sumit jakhar
Rajasthan
26-11-2019 08:43 AM
Punjab
11-26-2019 03:56 PM
Shrimaan ji , rajasthan mein kapas ka rate is samay 5675 to 5700 rupay prati quintal de hisaab nal chal reha hai, dhanywad
Posted by amit kumar
Bihar
26-11-2019 08:19 AM
Punjab
11-27-2019 11:39 AM
amit ji aap ise local market men hi kharid sakte hai aur aap ise kisi bhi mausam men istemal kar sakte hai bus barish ke dino men iska istemal na karen.dhanywad
Posted by Balwinder Singh
Punjab
26-11-2019 08:08 AM
Punjab
11-26-2019 05:50 PM
ये ठीक नहीं रहेगा इसकी स्प्रे की सिफारिश नहीं की जाती
Posted by aashish
Rajasthan
26-11-2019 08:02 AM
Punjab
11-26-2019 11:44 AM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke ap kis sabji ki kheti ke bare mein jankari lena chahte hain, taji apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by राजेश सिंह
Uttar Pradesh
26-11-2019 08:01 AM
Punjab
11-26-2019 11:51 AM
श्रीमान जी अगर आप गेहूं की बात कर रहे हैं तो गेहूं की सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती है.... (Read More)
श्रीमान जी अगर आप गेहूं की बात कर रहे हैं तो गेहूं की सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें धन्यवाद
Posted by Janta Brar
Punjab
26-11-2019 07:54 AM
Punjab
11-26-2019 11:52 AM
Shrimaan ji, je kar amrud da fal pak nahi reha hai tan is vich NPK 130045 @ 10 gm prati liter pani de hisaab se spray karo, dhanwad
Posted by MR.PAPPU KUMAR RAJA
Bihar
26-11-2019 07:53 AM
Punjab
11-26-2019 09:09 AM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते है मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें
Posted by MR.PAPPU KUMAR RAJA
Bihar
26-11-2019 07:49 AM
Punjab
11-26-2019 11:52 AM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते है मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें
Posted by Omprakash Bagda
Rajasthan
26-11-2019 07:31 AM
Punjab
11-26-2019 04:14 PM
श्रीमान जी, आप इसमें आप manganese suplhate @ 1 kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
26-11-2019 07:24 AM
Punjab
11-27-2019 01:33 PM
Sir, All your questions have been answered. You can see the answers by clicking my question option in the app.if you any problem in app you can contact on our helpline number 9779977641
Posted by manoj
Madhya Pradesh
26-11-2019 07:11 AM
Punjab
11-26-2019 04:22 PM
Shirmaan ji, amle mein jab full ae ho us samay mein ap isme 130045 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad