
Posted by Mukesh kumar
Bihar
27-11-2019 06:48 AM
Shri maan brinjal mein fruit and flower girne se rokne ke liye 13:0:45@1kg per acre 120ltr pani mein spray kr skte ho....
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
27-11-2019 06:35 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by sukhdeep nehal
Punjab
27-11-2019 06:33 AM
ਘਰ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਜਾਂ ਤਾ RIR ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕੜਕਨਾਥ ਰੱਖੋ ਜੀ , ਇਹ ਠੀਕ ਰਹਿਣਗੀਆ ਜੀ

Posted by Harsh Sahu
Chattisgarh
27-11-2019 06:21 AM
Harsh ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap bakri ke bache ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by krishan dhaliwal
Punjab
27-11-2019 06:15 AM
Krishan ji tuci uss nu Potasium iodied dwai 7 gm rojana ate Zinc oxide 7gm rojana ate Fibrocin homeopathic dwai di 1-1 goli din vich 4 varr deo, ehh dwai Dr. john di hai, iss nal frak paa jawega..

Posted by Gurnoor Chahal Noor G
Punjab
27-11-2019 05:22 AM
yadi apne commercial level par kaam shuru karna hai to venkeys ki BV300 nasal rakh skte hai..
Posted by Abheet tyagi arya ji
Uttarakhand
27-11-2019 05:20 AM
abheet ji kripya aap btaye ke aap 10×10sq fit ke distance par chana lgana chahte hai ya itne area ke andr chane ki bijai karna chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by yogeshpandey
Uttar Pradesh
27-11-2019 12:05 AM
yogesh ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by yogeshpandey
Uttar Pradesh
27-11-2019 12:02 AM
yogesh ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by रामस्वरूप अजमेरा
Rajasthan
26-11-2019 11:30 PM
नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्स.... (Read More)
नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें आप किस्मे जैसे African Marigold ,French Marigold की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by gurpreet singh
Punjab
26-11-2019 11:10 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by neeraj
Madhya Pradesh
26-11-2019 11:05 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Shri Ram Dhakad
Madhya Pradesh
26-11-2019 11:04 PM
अगर आप तरबूज जी खेती में मक्का की बिजाई करना चाहते है तो आप फरवरी के आखिर में कर सकते है

Posted by Abhishek Gupta
Chattisgarh
26-11-2019 10:35 PM
अभिषेक जी कृपया बताये के आप कोनसी फसल की बिजाई करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by jaswinder singh
Punjab
26-11-2019 10:32 PM
ਉੱਤਰੀ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ, ਬਸੰਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੱਤਝੜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਪਨੀਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਹਾੜੀ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਪ੍.... (Read More)
ਉੱਤਰੀ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ, ਬਸੰਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੱਤਝੜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਪਨੀਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਹਾੜੀ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਵਿੱਚ ਇਹ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
26-11-2019 10:04 PM
यदि आपने अभी गाय को टीका भरवा दिया है तो अब आप उसे Gestaprogen पाउडर 25 ग्राम रोजाना 20 दिन तक देते रहें इससे पशु के गाभिन रहने की आस बढ़ जाती है ये पाउडर Animax pharma कंपनी का प्रोडक्ट है
Posted by Devendra Gurjar
Uttar Pradesh
26-11-2019 09:54 PM
देवेंद्र जी, बहुत से कृषि यंत्रों पर शूट मिलती हिअ, कृपया आप बताये के आप किस यंत्र की बात कर रहे हैं, ताकि आपको विस्तार पूर्वक जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by atik khan
Uttar Pradesh
26-11-2019 09:53 PM
Khan ji unko aap turant nazdiki doctor se janch krwayen kyuki unki janch krke he sahi bimari ka ptaa lgg skta hai aur unka sahi ilag ho skta ha.
Posted by krunal Patel
Gujarat
26-11-2019 09:49 PM
Patel ji ABS ka semen lene ke liye Genus Breeding India Pvt. Ltd..(ABS India), Pune Contact No.: +91-20-2729-3445 se sampark kr skte hai..
Posted by sachin Yadav
Uttar Pradesh
26-11-2019 09:44 PM
सचिन जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे के आपने लहसुन की बिजाई कर दी है या आपने इसके बिजाई करनी है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Sandeep
Punjab
26-11-2019 09:43 PM
shri maan g Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.
Posted by satinderbir singh
Punjab
26-11-2019 09:38 PM
Satinderbir ji fish palan de course vare jankari lenn lai tuci Sh. Jasbir Singh, 98143-32088 nal sampark kr skde ho.

Posted by Karan
Punjab
26-11-2019 09:30 PM
karan ji you can go for maize cultivation. it is best crop you can grow between wheat and paddy crop.thank you
Posted by Govardhan Netam
Chattisgarh
26-11-2019 09:15 PM
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे फिर उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आप सब्सिड़ी और लोन प्राप्त कर सकते है

Posted by satbir bhallra
Haryana
26-11-2019 09:11 PM
satbir ji aap kisme jaise Hisar Shakti,Hisar Vijay,NP-46A,Pusa Jwala,Pusa Sadabahar ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by suraj
Haryana
26-11-2019 09:11 PM
सूरज जी कृपया बताये कि आप बताये कि आपने गेंहू की बिजाई कब की थी और बारिश कब आयी ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by harpreet Singh
Rajasthan
26-11-2019 09:02 PM
हरप्रीत जी बत्तख मछली को खा जाती है इसलिए इस काम को एक साथ ना करें

Posted by sohan lal
Punjab
26-11-2019 09:02 PM
ਸਰੋਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਹੈ ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
ਅਫਰੀਕਨ ਸਰੋਂ ਅਤੇ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦੀ ਫਸਲ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਰਾਇਆ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹ.... (Read More)
ਸਰੋਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਹੈ ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
ਅਫਰੀਕਨ ਸਰੋਂ ਅਤੇ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦੀ ਫਸਲ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਰਾਇਆ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ਰਾਇਆ ਸਰੋਂ ਦੇ ਬੀਜ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Posted by Bhagwanaram Songra
Rajasthan
26-11-2019 08:57 PM
भगवानाराम जी आप जीरे की खेती के लिए खादों की मात्रा सही तरीके में इस्तेमाल करें खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ प.... (Read More)
भगवानाराम जी आप जीरे की खेती के लिए खादों की मात्रा सही तरीके में इस्तेमाल करें खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें

Posted by Kundan Yadav
Bihar
26-11-2019 08:46 PM
पशु पालन ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र सकते है जी नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र का पता आप नोट कर सकते है जीKrishi Vigyan Kendra, Saran
At Village:- Manjhi, Post:- - Manjhi,
Dist. - Saran - 841313 (Bihar) India Mob. 09198985483

Posted by Ujjaval Singh Chandel
Madhya Pradesh
26-11-2019 08:39 PM
उसे आप Lactomood होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदें दिन में तीन बार दें और Leptaden गोलियां जो Alarsin कंपनी का प्रोडक्ट है इसकी 10—10 गोलियां सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा.
Posted by Surender
Haryana
26-11-2019 08:38 PM
surendra ji agar fal gir raha hai to yeh fungus ki wjah se hota hai iske liye aap planofix@4ml ko prati 15 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਪਵਿੱਤਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋ
Punjab
26-11-2019 08:32 PM
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ..

Posted by harmandeep singh
Punjab
26-11-2019 08:29 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਤੇ ਅਜੇ ਕੋਈ ਸਬਸਿਡੀ ਨਹੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਜੀ

Posted by Praful Thakare
Maharashtra
26-11-2019 08:27 PM
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे पर.... (Read More)
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है आप इसके पौधे नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको पौधे वह न मिले तो आप दुबारा सवाल दाल कर हमें बता सकते है आप इसके बीज लेने के लिए वासिफ मालिक 9548535104 जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Bhagwanaram Songra
Rajasthan
26-11-2019 08:18 PM
भगवानाराम जी आप जीरे की खेती के लिए खादों की मात्रा सही तरीके में इस्तेमाल करें खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ प.... (Read More)
भगवानाराम जी आप जीरे की खेती के लिए खादों की मात्रा सही तरीके में इस्तेमाल करें खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें
Posted by Sagar Gsp
Punjab
26-11-2019 08:09 PM
tuci iss nu hafte vich 1 varr nihlaya kro, baki iss nu Liquid Ezistromicin 1-1ml krke din vich 3 varr deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by sunil Kumar
Uttar Pradesh
26-11-2019 08:02 PM
Sunil kumar g, Apni cow ko Veterinary Doctor sey check krwaao.

Posted by Narinderpal singh
Punjab
26-11-2019 08:02 PM
narinderpal ji jekar tuc kheti shuru karna chahunde ho ta tuc sabjiyan di kheti to shuru kar sakde ho jisde vich tuc sauni diyan sabjiyan di bijai kar sakde ho isde vich tuhanu daily income vi mildi rahegi.dhanwad
Posted by Ishwar Sharma
Madhya Pradesh
26-11-2019 07:57 PM
Ishwar ji aap ise vermicompost@4 kilo prati ped ke hisab se daale.is se paudhe ki vridhi hona shuru ho jayegi.dhanywad

Posted by Yash Vardhan Sharma
Rajasthan
26-11-2019 07:40 PM
Yash Vardhan Sharma ji red lady papya seed lene ke lia aap Ram Swaroop 7737827974 Pawan Plant nursery se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by ishwar
Madhya Pradesh
26-11-2019 07:34 PM
ishwar ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ishwar
Madhya Pradesh
26-11-2019 07:33 PM
ishwar ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by jaswinder singh
Punjab
26-11-2019 07:27 PM
Jaswinder g, Mirch di pneeri Transplant krn da time chl Riha g.

Posted by VISHAL
Uttar Pradesh
26-11-2019 07:17 PM
vishal ji flower ki kheti retli jameen men tyar ki jati hai iske liye aap sardi ke mausam me jab shadi ka season hota hai tab aap gende ki kheti kar sakte hai aur gende ke liye french marigold ki bijai kar sakte hai. iske liye aap sabse pehle najdiki market doondhe kyuki market ke bina iski kheti ka koi fayda nahi hoga . aur jaise jaise aapka is kheti men anubhav badta jayega fir aap contract farming kar sakte hai jisme beej utpadan ke liye flower ki cultivation ki jati hai.dhanywad
Posted by akash singh
Punjab
26-11-2019 07:15 PM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ ਇਹ ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਨਰਮੇ ਉਪਰ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਪਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by akash singh
Punjab
26-11-2019 07:13 PM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਵੀ ਇਕ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੇ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਰਮੇ ਤੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by patel
Uttar Pradesh
26-11-2019 07:11 PM
फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्.... (Read More)
फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं धन्यवाद
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