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Posted by Rahman Raeen
Uttar Pradesh
29-11-2019 09:15 AM

?

Punjab
11-29-2019 02:22 PM
Rahman ji kirpa karke audio dubara bhejo tuhade valo bheji gayi audio vich kuch vi saaf sunayi nahi de reha hai.dhanwad
Posted by Sanjeet Banjare
Chattisgarh
29-11-2019 09:01 AM
Maharashtra
11-29-2019 03:54 PM
तिल का बिजाई का उचित समय जुलाई का दूसरा पखवाड़ा होता है
Posted by rajwant
Punjab
29-11-2019 08:55 AM
Punjab
11-29-2019 10:15 AM
गेहूं की फसल को नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए यूरिया का छिड़काव करें जब ज़मीन में पैर रख होने लगे तब आप नदीननाशक स्प्रे कर सकते है
Posted by saurabh
Madhya Pradesh
29-11-2019 08:54 AM
Maharashtra
11-29-2019 03:48 PM
सिंचित हालातों में बिजाई से पहले एक बार पानी दें इससे बीज अच्छे ढंग से अंकुरित होते हैं और फसल की वृद्धि भी अच्छी होती है दूसरी बार पानी फूल आने से पहले और तीसरा पानी फलियों के विकास के समय डालें अगेती वर्षा होने पर सिंचाई देरी से और आवश्यकतानुसार करें अनआवश्यक पानी देने से फसल का विकास और पैदावार कम हो जा.... (Read More)
सिंचित हालातों में बिजाई से पहले एक बार पानी दें इससे बीज अच्छे ढंग से अंकुरित होते हैं और फसल की वृद्धि भी अच्छी होती है दूसरी बार पानी फूल आने से पहले और तीसरा पानी फलियों के विकास के समय डालें अगेती वर्षा होने पर सिंचाई देरी से और आवश्यकतानुसार करें अनआवश्यक पानी देने से फसल का विकास और पैदावार कम हो जाती है यह फसल पानी के ज्यादा खड़े रहने को सहन नहीं कर सकती, इसके लिए अच्छे निकास का भी प्रबंध करें
Posted by jassa
Punjab
29-11-2019 08:47 AM
Punjab
11-29-2019 10:16 AM
Jassa veer, ਨੀਲੀ ਰਾਵੀ ਦੇ ਨਸਲ ਦੇ ਚੰਗੇ ਸੀਮਨ ਤੁਸੀਂ C.I.R.B ਨਾਭਾ ਤੋਂ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਝੋਟਿਆਂ ਦਾ ਵੀ ਚੰਗਾ ਰਿਕਾਰਡ ਹੈ
Posted by Abhishek Ojha
Madhya Pradesh
29-11-2019 08:47 AM
Punjab
12-04-2019 02:39 PM
इसके लिए आप इस ऑनलाइन वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हो जी. वेबसाइट का लिंक आपको बता दिया गया है : https://www.pmkisan.gov.in इसके बिना आप नज़दीकी किसी csc सेण्टर से भी करवा सकते हो जी
Posted by Harpreet Singh
Punjab
29-11-2019 08:47 AM
Punjab
11-29-2019 10:17 AM
Harpreet g, ਨਹੀਂ ਵੀਰ ਜੀ 725 ਦੀ ਜਗਾਹ ਤੁਸੀਂ 2851 ਬੀਜਣ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦਿਓ
Posted by Suresh Rajput
Uttar Pradesh
29-11-2019 08:45 AM
Punjab
11-29-2019 03:45 PM
सुरेश जी यह कीट का हमला है इसके ऊपर आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Sewak .lSingh
Punjab
29-11-2019 08:41 AM
Punjab
11-29-2019 02:26 PM
ਸੇਵਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-Ds ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Agrimin powder 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਉਸ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਤੁਸੀ ਫਟਕੜੀ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਾਫ ਕਰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Nathu Rawat
Rajasthan
29-11-2019 08:32 AM
Punjab
11-29-2019 03:48 PM
नथू जी आप इसके पत्तों के नीचे मछर का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Vinodkushvaha Vinodkushvaha
Uttar Pradesh
29-11-2019 08:32 AM
Maharashtra
11-29-2019 03:39 PM
विनोदकुषवाहा जी आप मटर की किस्मे जैसे Rachna: यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है KPM: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार ह.... (Read More)
विनोदकुषवाहा जी आप मटर की किस्मे जैसे Rachna: यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है KPM: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-13 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Shikha: यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Malviya Matar 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Malviya Matar 15: यह किस्म उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है JP 885: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है DDR 23 (Pusa Prabhat): यह किस्म उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 6-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Matar 5: यह किस्म उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Adarsh: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vikas: यह छोटे कद की किस्म है यह 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jay: यह किस्म उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Sapna: यह किस्म उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-13 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by pargat singh
Punjab
29-11-2019 08:31 AM
Punjab
11-29-2019 02:30 PM
Posted by Dheeraj kamboj
Punjab
29-11-2019 08:30 AM
Punjab
11-29-2019 12:29 PM
dheeraj ji isnu pani tuc 20-25 dina tak la dena chaida hai ate urea de nal growth promotor paun di lod nahi hai kyuki kank di growth urea de nal hi ho jandi hai.dhanwad
Posted by Vinodkushvaha Vinodkushvaha
Uttar Pradesh
29-11-2019 08:30 AM
Maharashtra
11-29-2019 01:17 PM
विनोदकुषवाहा जी आप किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्.... (Read More)
विनोदकुषवाहा जी आप किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
Posted by Amien
Madhya Pradesh
29-11-2019 08:29 AM
Maharashtra
11-29-2019 12:28 PM
Amien ji photo men dekh kar isme koi bhi kami nahi lag rahi baki aap iska lgatar sarvekshan karte rahe.dhanywad
Posted by ravi
Madhya Pradesh
29-11-2019 08:24 AM
Punjab
11-29-2019 03:36 PM
ravi ji iske uper carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Subhash Bishnoi
Rajasthan
29-11-2019 08:22 AM
Punjab
11-29-2019 03:25 PM
सुभाष जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Jaidev Thakur
Himachal Pradesh
29-11-2019 08:19 AM
Punjab
12-03-2019 07:00 PM
Jaidev Thakur ji aap iski ad hamri dusri app apni kheti buy and sell par free post kar sakte hai ji. iske elava aap online social media ki help se plant sale kare. farmers ko strawberry ki farming ke bare me btaye or fir customer se link bnaye ji.
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
29-11-2019 08:18 AM
Punjab
11-29-2019 03:30 PM
ਗਗਨਦੀਪ ਜੀ ਸਪ੍ਰੇਹ ਤੁਸੀ ਪਾਣੀ ਤੋਂ 2 -3 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਮੀਹ ਪੈ ਗਿਆ ਹੈ ਤਾ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਹਲਕੀ ਨਮੀ ਹੀ ਮੌਜੂਦ ਹੋਏ ਜਦੋ ਸਪ੍ਰੇਹ ਕਰਨੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jaidev Thakur
Himachal Pradesh
29-11-2019 08:10 AM
Punjab
12-03-2019 07:00 PM
Jaidev Thakur ji aap iski ad hamri dusri app apni kheti buy and sell par free post kar sakte hai ji. iske elava aap online social media ki help se plant sale kare. farmers ko strawberry ki farming ke bare me btaye or fir customer se link bnaye ji.
Posted by sunil pandre
Madhya Pradesh
29-11-2019 08:08 AM
Maharashtra
11-29-2019 12:01 PM
sunil ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by deepak
Uttar Pradesh
29-11-2019 08:06 AM
Maharashtra
11-29-2019 12:15 PM
बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 क.... (Read More)
बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें
Posted by ਸਰਦਾਰ ਤਰਨਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
29-11-2019 07:59 AM
Punjab
11-29-2019 02:32 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus bolus ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Cafplan ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਇਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by PAMUL KUMAR
Rajasthan
29-11-2019 07:56 AM
Maharashtra
11-29-2019 03:14 PM
कम पानी और जंगली जानवरों से परेशान परंपरागत खेती करने वाले किसानों के लिए जिरेनियम की खेती राहत देने वाली साबित हो सकती है जिरेनियम कम पानी में आसानी से हो जाता है और इसे जंगली जानवरों से भी कोई नुकसान नहीं है इसके साथ ही नए तरीके की खेती ‘जिरेनियम’ से उन्हें परंपरागत फसलों की अपेक्षा ज्यादा फायदा भी मिल स.... (Read More)
कम पानी और जंगली जानवरों से परेशान परंपरागत खेती करने वाले किसानों के लिए जिरेनियम की खेती राहत देने वाली साबित हो सकती है जिरेनियम कम पानी में आसानी से हो जाता है और इसे जंगली जानवरों से भी कोई नुकसान नहीं है इसके साथ ही नए तरीके की खेती ‘जिरेनियम’ से उन्हें परंपरागत फसलों की अपेक्षा ज्यादा फायदा भी मिल सकता है खासकर पहाड़ का मौसम इसकी खेती के लिए बेहद अनुकूल है यह छोटी जोतों में भी हो जाती है जिरेनियम पौधे की पत्तियों और तने से सुगंधित तेल निकलता है जलवायु उपोष्ण, ठंड एवं शुष्क जलवायु 25-30 डिग्री से तापक्रम एवं आर्द्रता 60% से कम अच्छी बढ़वार के लिये उपयुक्त दोमट भूमि, पी.एच.-5.5-8.0, जीवांश पदार्थ की अधिकता एवं समुचित जल निकास की व्यवस्था वाली मृदा उपयुक्त रहती है प्रवर्धन 12-15 सेमी. लम्बी, रोग मुक्त 3-4 गांठों वाली शाकीय कटिंग से पौधें तैयार किये जाते है पौध रोपण एवं भूमि खेत की अच्छी जुताई करने के पश्चात् उसमें सड़ी हुई 10-15 टन गोबर की खाद मिलाकर सुविधाजनक आकार की क्यारियों में रोपाई 50ग50 सेमी. की दूरी पर करनी चाहिए जिरेनियम उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में नवम्बर से जनवरी के मध्य लगाते है फसल को 5-6 सिंचाई की आवष्कता पड़ती है
Posted by कृष्णा कुमार
Bihar
29-11-2019 07:50 AM
Maharashtra
11-29-2019 03:03 PM
कृष्णा जी एक बीघा के लिए गेंहू का बीज 30 -35 किलो प्रति बीघा डाला जाता है यूरिया 81.25 किलो,एस एस पी 93 किलो,म्यूरेट ऑफ पोटाश 12.5 किलो,की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें
Posted by Balwinder Singh
Punjab
29-11-2019 07:43 AM
Punjab
12-03-2019 05:20 PM
बलविंदर सिंह जी यह अलग अलग बनते है जैसे बच्चों को लिए या बड़े सुअरों के लिए बनता है आप मेरे साथ इस 94643 69413 नंबर पर संपर्क कर सकते है।
Posted by guri singh
Punjab
29-11-2019 07:35 AM
Punjab
11-29-2019 08:09 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੌਥੇ ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ PBW 550 , unnat pbw 550 ,unnat pbw 343 , PBW 1 zn , PBW 725 , PBW 677 , HD 3086 , WH 1105 , HD 2967 , PBW 621 , DBW 17 , PBW 502 , WH 542 ,TL 2908 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਵਿਚ HD-2851,super 252,super 272 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by jagraj singh
Punjab
29-11-2019 07:30 AM
Punjab
11-29-2019 02:48 PM
jagraj ji kirpa karke daso ke kehde fruit plant di grafting karni hai tajo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by om prakash
Bihar
29-11-2019 07:25 AM
Maharashtra
11-29-2019 11:41 AM
ओम प्रकाश जी आप इसकी जड़ों में दीमक चेक करें दूसरा आप इसके ऊपर फंगसनाशी जैसे carbendazim @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Jat Bhambhu
Rajasthan
29-11-2019 07:22 AM
Punjab
11-29-2019 10:30 AM
Jat Bhambhu ji kisano ke sath jankari sanjhi karne ke liye bhut bhut dhanywad
Posted by Sagar Bhati
Rajasthan
29-11-2019 07:18 AM
Rajasthan
11-29-2019 10:32 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Akash kumar
Uttar Pradesh
29-11-2019 07:13 AM
Maharashtra
11-29-2019 10:29 AM
अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उ.... (Read More)
अगर आप निम्बू की खेती करने का सोच रहे है तो यह इक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद
Posted by Akash kumar
Uttar Pradesh
29-11-2019 07:08 AM
Maharashtra
11-29-2019 10:28 AM
अगर आप निम्बू की खेती करनी की सोच रहे है तो यह एक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उ.... (Read More)
अगर आप निम्बू की खेती करनी की सोच रहे है तो यह एक बहुत ही उच्चित विचार है , निम्बू की खेती के लिए तापमान 20-25*C का होना चाहिए नींबू को मिट्टी की सभी किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त होती है मिट्टी की पी एच 5.5-7.5 होनी चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और अम्लीय मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी लैमन की खेती के लिए अच्छी होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Galgal: यह किस्म निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके फलों का आकार बड़ा, अंडाकार होता है पकने पर इसके फल पीले रंग के हो जाते हैं यह सख्त किस्म है जो कि ठंडे और गर्म को सहनेयोग्य है इसकी उपज अच्छी होती है यह किस्म आचार, कैंडी और स्क्वैश बनाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म दिसंबर के महीने में पक जाती है , Eureka: यह किस्म अर्द्ध बढ़ने वाली होती है इसके छिल्के का रंग लैमन पीला होता है इसका रस स्वाद में बढ़िया और ज्यादा खट्टा होता है इसके फल अंत अगस्त महीने में पक जाते हैं, की बिजाई कर सकते है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है बिजाई बसंत के मौसम में, फरवरी से मार्च महीने में की जाती है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलियों या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में, यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन बचाव सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है धन्यवाद
Posted by भोला सिंह
Punjab
29-11-2019 07:04 AM
Punjab
12-01-2019 08:30 AM
Nhi ji tuci isdi varto naa kro jekar tuci uss nu kamjori ate sokde lai tuci uss nu Micovet injection 15ml, Metphos injection 20ml, Tinacal injection 20ml lgwao, iss nal frak paa jawega.
Posted by jatinder singh
Punjab
29-11-2019 06:52 AM
Punjab
11-29-2019 02:39 PM
ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ.
Posted by rv Mehta
Uttarakhand
29-11-2019 06:51 AM
Punjab
11-29-2019 02:40 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
29-11-2019 06:42 AM
Punjab
11-29-2019 02:41 PM
Gagandeep ji aap cow ko Cargill ki Transition mix feed de skte hai yeh aap 1.5-2kg tak rojana de skte hai.
Posted by Dharminder Dharm
Punjab
29-11-2019 06:41 AM
Punjab
11-29-2019 02:43 PM
Nhi ji isda koi nuksan nahi hai ehh tuhade pashu de khan te ate asani nal hajam krnn te nirbhar krda hai jo powder pashu assani nal khaa lende hai tuci usdi vrto kr skde ho.
Posted by Hemant Bhoir
Maharashtra
29-11-2019 06:37 AM
Punjab
11-29-2019 02:45 PM
नहीं जी ऐसे किसी भी पशु को देखकर नहीं बताया जा सकता है कि वो कितनी बार ब्याय चुकी है इसकी सही जानकारी उसका मालिक ही बता सकता है क्योंकि खुराक और देखभाल के हिसाब से पशुओं के शरीर की ग्रोथ भी अलग अलग होती है
Posted by Sher Bhadur
Uttar Pradesh
29-11-2019 06:32 AM
Punjab
11-29-2019 02:47 PM
Sher ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap Black Bangal Bakre ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by gurpal singh
Punjab
29-11-2019 06:31 AM
Punjab
11-29-2019 02:49 PM
ਗੁਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਜੋ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਇਸ ਐੱਪ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਹਾਨੂੰ ਐੱਪ ਵਿਚ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ..
Posted by pradeep kewat
Uttar Pradesh
29-11-2019 06:27 AM
Maharashtra
11-29-2019 10:26 AM
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्ट.... (Read More)
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्टी का pH 6.5-8.5 होना चाहिए आप इसकी किस्मे जैसे RC-2, RC-16, RC-36, RC-20, RC-23, RC-37 and CT-1,MDB-13 and MDB-14 की बिजाई कर सकते है सफेद मूसली के लिए अच्छी तरह से तैयार बैडों की जरूरत होती है बिजाई से पहले ज़मीन की तैयारी के लिए एक बार 2-3 गहरी जोताई करें ज़मीन की तैयारी आम-तौर पर अप्रैल-मई के महीने में की जाती है सफेद मूसली की बिजाई के लिए उचित समय जून से अगस्त तक का होता है पौधे के विकास के अनुसार पौधों के बीच 10x12 इंच का फासला रखें इसकी बिजाई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है इसकी बिजाइसके प्रजनन के लिए आम-तौर पर गांठों या बीजों का प्रयोग करें इसके उचित विकास के लिए 450 किलो बीजों का प्रयोग करें ई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है सफेद मूसली की बिजाई 1.2 मीटर चौड़े और आवश्यकता अनुसार लम्बे बैडों पर करें नए पौधे तैयार करने वाले बैड अच्छी तरह से तैयार करें इसकी बिजाई छिड़काव के द्वारा की जाती है बिजाई के बाद बैडों को हल्की मिट्टी से ढक दें बढ़िया विकास के लिए मलचिंग भी की जा सकती है बीज 5-6 दिनों में अंकुरण होना शुरू होना कर देते है और पौधे बिजाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई से 24 घंटे पहले बैडों को पानी दें, ताकि नए पौधों को आसानी के साथ उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी समय, रूड़ी की खाद 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ गोबर डालें और मिट्टी में मिलाये जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ डालर मिट्टी में मिलाये सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो, मिउरेट ऑफ़ पोटाश 50 किलो और हड्डियों का चूरा 100 किलो प्रति एकड़ डालें 3 महीने तक कसी की सहायता के साथ गोड़ाई करें और मेंड़ के साथ मिट्टी लगाएं अंकुरण के बाद 2-3 बार करें अगर पौधे के विकास में कोई कमी दिखाई दें, तो तुरंत आवश्यक स्प्रे करें बढ़िया विकास के लिए 20-22 दिनों के फासले पर सिंचाई करें बारिश की ऋतु में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर बारिश ना होने पर सिंचाई सही फासले पर करें सिंचाई जलवायु और मिट्टी पर भी निर्भर करती है इस फसल के पौधे बिजाई से लगभग 90 दिन के बाद फल देना शुरू कर देती है इसकी कटाई सितम्बर-अक्तूबर महीने में की जाती है कटाई पत्ते पीले पड़ने और सूखने पर की जाती है इसका बीज आपको लोकल मार्किट में मिल जायेगा इसका बीज लेने के लिए आप Vivesh Sharma 9826556880 Grow Further से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Lakhbir sohi Golu
Punjab
29-11-2019 06:08 AM
Punjab
11-29-2019 09:50 AM
Lakhbir ji eh sundi di roktham de layi quinalphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Digamber Chaudhary
Uttar Pradesh
29-11-2019 05:44 AM
Maharashtra
11-30-2019 03:36 PM
Non Pareil, Claifornia paper Shell, Merced, IXL, Shalimar, Makhdoom, Waris, Pranyaj, किस्में उपयुक्त हैं इसके अलावा आप Ne Plus Ultra, Primorskij, Peerless, Carmel, Thompson, Price, Butter, Monterey, Ruby, Fritz, Sonora, Padre और Le Grand किस्में बीज सकते हो
Posted by Maninder Singh Shahi
Punjab
29-11-2019 04:09 AM
Punjab
11-29-2019 02:53 PM
Maninder ji sahiwal cow lenn lai tuci Sarb Cheema 7508023218 Sarb Cheema dairy Farm nal sampark kr skde ho.
Posted by कृष्णा कुमार
Bihar
29-11-2019 04:00 AM
Maharashtra
11-29-2019 10:07 AM
कृष्णा जी आप एक बीघा के लिए आप 30 किलो बीज का इस्तेमाल करें धन्यवाद
Posted by Tinku Parmar
Rajasthan
29-11-2019 02:00 AM
Maharashtra
11-29-2019 09:40 AM
टिंकू जी दीमक की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @1 लीटर को 60 किलो मिटटी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद