Posted by ਹੈਪੀ ਸਿੰਘ
Punjab
02-12-2019 11:55 AM
Happy singh ji weste decomposer len lia tusi 9815171525 (Call/WhatsApp) te samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Mohan kumar
Uttar Pradesh
02-12-2019 11:53 AM
बिजाई के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से मध्य अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है
खेत की तैयारी के समय 5 टन गाय का गोबर प्रयोग करें खादों की मात्रा नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 25 किलो), फासफोरस 5 किलो (एस एस पी 12 किलो) और पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें
फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और .... (Read More)
बिजाई के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से मध्य अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है
खेत की तैयारी के समय 5 टन गाय का गोबर प्रयोग करें खादों की मात्रा नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 25 किलो), फासफोरस 5 किलो (एस एस पी 12 किलो) और पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें
फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय मिट्टी में मिलायें इसी समय बोरैक्स पाउडर 2 किलो प्रति एकड़ में मिलायें बिजाई के दो महीने बाद नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा डालें

Posted by kamaljit singh
Punjab
02-12-2019 11:49 AM
kamaljit ji tuc kisman jive PBW590,PBW509,PBW658 di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Parshsnt Kumar
Uttarakhand
02-12-2019 11:49 AM
गाय का दूध इसलिए पीला होता है क्योंकि उसमें कैरोटीन नामक तत्त होता है जिससे उसका रंग पीला होता है
Posted by Ritesh Soni
Madhya Pradesh
02-12-2019 11:43 AM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो

Posted by charanjit singh
Punjab
02-12-2019 11:28 AM
चरणजीत सिंह जी वेस्ट डीकंपोजर लेने के लिए इस नंबर पर 9815171525 संपर्क कर सकते है

Posted by nishan singh
Punjab
02-12-2019 11:27 AM
Nishan ji tuhade swal da jwab de ditta hai tuci App vich apne swal da jwab dekh skde ho.

Posted by ओमपाल सिंह चंदेल
Uttar Pradesh
02-12-2019 11:24 AM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by छगन सैनी
Rajasthan
02-12-2019 11:19 AM
छगन सैनी जी आप इसकी सुखी हुई टहनी को तोड़ कर इसके ऊपर आप copper oxychloride @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा आप इसकी जड़ों में दीमक का हमला भी चेक करें धन्यवाद
Posted by Rinku kumar
Rajasthan
02-12-2019 11:18 AM
रिंकू जी कृपया कीड़े की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Mandeep Vicky
Uttar Pradesh
02-12-2019 11:03 AM
mandeep ji dheemak ki roktham ke liye aap chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Jeevan Kumar mallick
Odisha
02-12-2019 10:58 AM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Jeevan Kumar mallick
Odisha
02-12-2019 10:45 AM
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां प.... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी,
ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाति की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है , 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है श्रीनिधि प्रजाति की मुर्गी – यह प्रजाति ग्रामीण प्रजाति की मुर्गी के अपेक्षा में 230-250 अंडे तक देती है , श्रीनिधि मुर्गियों का वजन 2.5kg से लेकर 5 kg तक का होता है जो की ग्रामीण प्रजाति के मुर्गियों से बहुत ज्यादा है इसीलिए यह दोहरी उपयोगिता प्रजाति में गिनी जाती है इसके मांस और अंडे दोनों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है ,इन प्रजातियों की मुर्गियां तेजी से बढ़ती हैं वनराजा – वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए यह 3 विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है.
Posted by Jay Rao
Rajasthan
02-12-2019 10:42 AM
Jay ji usko aap Bovimin-B powder 100gm rojana, Minotas tablet rojana 1 goli 21 din tak den fir jabb woh heat mai aaye too usko Lixin-iu dwai 3 din bachedani mai bharwyane aur usse agli varr heat mai aane per tika bhrwayen, isse gabhin ho jayegai aur infection v khtm ho jayega.

Posted by singh dhaliwal
Punjab
02-12-2019 10:36 AM
ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ NPK 191919 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by manoj
Madhya Pradesh
02-12-2019 10:32 AM
Manoj ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Harpinder sidhu
Haryana
02-12-2019 10:31 AM
harpinder ji isnu 5-7 din da sma lagda hai ugan de layi.dhanwad

Posted by krishn pal
Madhya Pradesh
02-12-2019 10:21 AM
कृष्ण पाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके कि यह तत्व की कमी है या बीमारी है धन्यवाद
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
02-12-2019 10:16 AM
केशव जी यह आपको पंसारी की दुकान से मिल जायेगा धन्यवाद

Posted by Ashish
Haryana
02-12-2019 10:09 AM
ashish ji yeh aapko pesticide vali dukaan par aam mil jate hai aur yeh kayi companiyon ki mil jate hai . aap iske 5ml ke hisab se istemal kar sakte hai.dhanywad

Posted by krishan
Haryana
02-12-2019 10:08 AM
ये भैंस जाफराबादी नसल की है यदि ये हीट में नहीं आ रही है तो आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी, लेकिन यदि आप ये पूछ रहे है कि ये दो महीने की गाभिन है तो इसे आप Enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें और रोजाना 35—40 .... (Read More)
ये भैंस जाफराबादी नसल की है यदि ये हीट में नहीं आ रही है तो आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी, लेकिन यदि आप ये पूछ रहे है कि ये दो महीने की गाभिन है तो इसे आप Enerboost पाउडर 50—50 ग्राम सुबह शाम दें और रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और अच्छी फीड डालें इससे अच्छी ग्रोथ होगी यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप विस्तार से दोबारा सवाल पूछ सकते है
Posted by satnam singh
Punjab
02-12-2019 10:07 AM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਇਹ ਫਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਲੱਗਣ ਵਾਲਾ ਖਤਰਨਾਕ ਕੀੜਾ ਹੈ ਮਾਦਾ ਮੱਖੀ ਨਵੇਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰਲੇ ਪਾਸੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਕੀੜੇ ਇਸ ਦਾ ਗੁੱਦਾ ਖਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਫ਼ਲ ਗਲ ਕੇ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਉਤੇ ਮੱਖੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਰਸਾਤੀ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦ.... (Read More)
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਇਹ ਫਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਲੱਗਣ ਵਾਲਾ ਖਤਰਨਾਕ ਕੀੜਾ ਹੈ ਮਾਦਾ ਮੱਖੀ ਨਵੇਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰਲੇ ਪਾਸੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਕੀੜੇ ਇਸ ਦਾ ਗੁੱਦਾ ਖਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਫ਼ਲ ਗਲ ਕੇ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਉਤੇ ਮੱਖੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਰਸਾਤੀ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੁੜਾਈ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਟਾਹਣੀਆਂ ਅਤੇ ਫ਼ਲਾਂ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫ਼ਲਾਂ ਦੇ ਪੱਕਣ ਵੇਲੇ 80 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਵਕਫ਼ੇ ਬਾਅਦ ਬੂਟਿਆਂ ਉਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਦੇ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਤੀਸਰੇ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫ਼ਲਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ

Posted by nishan singh
Punjab
02-12-2019 10:03 AM
Nishan ji tuhade swal da jwab de ditta hai tuci App vich apne swal da jwab dekh skde ho.
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
02-12-2019 10:02 AM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਸਦੀ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by jaihind
Uttar Pradesh
02-12-2019 10:02 AM
पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की .... (Read More)
पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें

Posted by lovepreet Singh
Punjab
02-12-2019 10:01 AM
lovepreet ji sundi di roktham de layi quinalphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Abhay
Punjab
02-12-2019 10:00 AM
Jab hum Sukhe mein kanak ki bijayi karte hain or woh kanak adhi nikle or adhi nahi, toh kya karein ?
abhay ji aap ise halki sinchai karen. us se genhu nikl aayegi.dhanywad
Posted by ranjeet sandhu
Punjab
02-12-2019 09:59 AM
ranjeet ji isdi bijai da sma hun nikal geya hai isda beej lain layi tuc Brar Seed store :- Ludhiana Road Opp. Punjab Agricultural University Gate No.1, Punjab 141003 phone number :- 098140 97127 nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
02-12-2019 09:52 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦਾ ਦਲੀਆ 1 ਕਿਲੋ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਵਿਚ ਰਿਨ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Simalge tablet 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by संजय कुमार माली
Rajasthan
02-12-2019 09:50 AM
संजय जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Koushal Bhoi
Chattisgarh
02-12-2019 09:44 AM
बिजाई के लिए फरवरी-मार्च और जून-जुलाई का समय उचित है प्रत्येक जगह में दो बीज बोयें और 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें हाइब्रिड किस्मों के लिए, बीजों को बैड के दोनों तरफ 45 सैं.मी. के फासले पर बोयें मिट्टी में बीजों को 1 इंच की गहराई में बोयें सीधे खेत में बिजाई करें

Posted by sandesh sharma
Delhi
02-12-2019 09:43 AM
Sandesh sharma ji Desi Chicks lene ke lia aap Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 (Sumit Kumar Poultry Farm) se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Vicky
Punjab
02-12-2019 09:38 AM
vicky ji tuc ehna dona vicho kise ik di varto karo dona da kam same hi hai.urea di varto 7 k din bad karo jekar pehlan urea pa diti hai ta 45 din tak doosri urea di varto karo.dhanwad

Posted by Vicky
Punjab
02-12-2019 09:36 AM
vicky ji ehna dona vicho kise ik di spray karo dono da kam same hi hai ta ehna di alag vareto karo.dhanwad

Posted by Dildarsingh
Rajasthan
02-12-2019 09:36 AM
Dildar ji aap iske bare men poori jankari ke liye Mr dhananjay 9416400207 se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by Dharminder Dharm
Punjab
02-12-2019 09:33 AM
Dharminder ji tuci isdi varto kr skde ho, ehh tuci 50gm rojana pashua nu de skde ho, iss nal pashua di vdia growth hundi hai.

Posted by रवि प्रकाश
Uttar Pradesh
02-12-2019 09:28 AM
यू पी में गन्ने की खेती का उपयुक्त समय बसंत का मौसम है फरवरी से मार्च गन्ने की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है

Posted by रवि प्रकाश
Uttar Pradesh
02-12-2019 09:19 AM
यू पी में गन्ने की खेती का उपयुक्त समय बसंत का मौसम है फरवरी से मार्च गन्ने की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है

Posted by jassa
Punjab
02-12-2019 09:13 AM
Jassa ji isde semen 75 rs. to 350 rs. tak mill skda hai baki usde milk record te nirbhar krda hai..

Posted by gurwinder singh
Punjab
02-12-2019 09:10 AM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਵੀਡੀਓ ਭੇਜੋ ਤੁਹਾਡੇ ਵਲੋਂ ਭੇਜੀ ਗਈ ਵੀਡੀਓ ਅੱਪਲੋਡ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by roshan sharma
Rajasthan
02-12-2019 08:59 AM
पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की .... (Read More)
पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें
Posted by Rohit Choubey
Madhya Pradesh
02-12-2019 08:54 AM
usko aap Fortivir injection 30ml ko 15-15ml krke gardan ke dono tarf lgayen aur Avil injection 10ml lgwayen, isse frak padd jayega.
Posted by JASPREET SINGH
Punjab
02-12-2019 08:52 AM
JASPREET SINGH ji heifer dry cow feed len lai tusi Dinesh Sharma 9780622305 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Surendra Jitarwal
Rajasthan
02-12-2019 08:46 AM
Surendra ji thank you for sharing the information wth us we will update it in very short period of time.

Posted by priyanshu saini
Uttar Pradesh
02-12-2019 08:37 AM
priyanshu ji aap ise vermicompost @3-4 kilo prati paudhe daale.dhanywad

Posted by Umesh Kumar
Bihar
02-12-2019 08:35 AM
For optimum yield apply Nitrogen@50kg, Phosphorus@24kg and Potash@18kg/acre in form of Urea@110kg. Super phosphate@150kg and 30kg of Potash per acre.
Apply 1/4th of Nitrogen fertilizer and whole dose of Potash and Phosphorus fertilizer at time of sowing. Apply remaining quantity of Urea in two equal dose first at knee height stage and second dose at emergence of flag leaf.
Zinc and magnesium deficiency are common in maize crop. To overcome this deficiency, apply Znso4@10kg/acre as basal dose. Along with zinc and magnesium defficiency, iron defficiency is also observed. Due to this whole plant gives yellow appearance. To overcome this defficiency, apply micro-nutrients mixture@25kg/acre mixed with 18kg of sand after sowing the maize seed.
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