Posted by baljit Singh
Punjab
02-12-2019 03:35 PM
बलजीत जी आप उनकी फीड का पूरा ध्यान रखें क्योंकि फीड ठीक होने से अंडे का उत्पादन और उनकी अच्छी ग्रोथ होगी बाकि आप जो भी प्रोडक्ट प्रयोग कर रहे है वो देते रहें इससे धीरे धीरे फर्क पड़ जाएगा
Posted by om Kumar
Rajasthan
02-12-2019 03:32 PM
ओम जी यह कीट के हमले के कारण हो रहा है इसके लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by sandeep
Punjab
02-12-2019 03:26 PM
Sandeep ji fish farming training PFDB Doordarshan enclave Gali No. 4, Kothi No. 92, Near Wadala Chowk Jalandhar vich 09 Dec 2019 to shuru ho rahi hai ji. baki tusi Sh Sandeep Vashist Adf Jal PFDB Mobile 09815131924(Timing 10am to 5pm) nal sampark kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Bhajan Singh
Punjab
02-12-2019 03:20 PM
ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੋਸਮ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਕਰੋਂ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਸੰਤਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਕਰ ਲਓ ਫਾਸਲਾ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ 3x1 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋਂ ਗਾਂ ਦਾ ਗੋਬਰ ਮਿਲਾਓ ਬੈੱਡਾ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਏ ਰੱਖੋ ਸੁੱਕੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਤਾਰਾਂ ਅਤੇ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਛਿੱੜਕ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਕੱਦ 10-1.... (Read More)
ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੋਸਮ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਕਰੋਂ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਸੰਤਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਕਰ ਲਓ ਫਾਸਲਾ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ 3x1 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋਂ ਗਾਂ ਦਾ ਗੋਬਰ ਮਿਲਾਓ ਬੈੱਡਾ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਏ ਰੱਖੋ ਸੁੱਕੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਤਾਰਾਂ ਅਤੇ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਛਿੱੜਕ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਕੱਦ 10-15 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋ ਜਾਵੇਂ ਤਾਂ ਇਹ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਰੈਂਚ ਕਿਸਮ ਨੂੰ 35x35 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਅਫਰੀਕੀ ਕਿਸਮ ਨੂੰ 45x45 ਸੈ.ਮੀ, ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਬੀਜਾਂ ਦਾ ਛਿੱੜਕਾਅ ਕਰੋਂ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਢੰਗ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 600 ਗ੍ਰਾਮ ਤੋਂ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਲੌੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by Kharodiya Sikandar
Gujarat
02-12-2019 03:17 PM
Kharodiya Sikandar ji ABS ka semen lene ke lia aap Genus Breeding India Private Limited (ABS India) 406, Amar Neptune, 4th Floor,
Plot # 45A & 46, Baner Road Baner, Pune – 411 045 Maharashtra, Phone number: 090201 31111, 91-20-2729-3445 Email: abs.india@genusplc.com se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sukhman Sandhu
Punjab
02-12-2019 03:17 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ..

Posted by Amarnath
Chattisgarh
02-12-2019 03:14 PM
अधिक पैदावार लेने के लिए स्त्रोतों का सही प्रयोग और पौधों में सही फासला होना आवश्यक है
सर्दियों और बसंत की मक्की के लिए फासला 60x20 सैं.मी. होना चहिए बीज 3-4 सैं.मी. गहरे बोने चाहिए मेंड़ पर बिजाई के लिए 5-6 सैं.मी. गहराई का प्रयोग करना चाहिए बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और बिजाई वाली मशीन क.... (Read More)
अधिक पैदावार लेने के लिए स्त्रोतों का सही प्रयोग और पौधों में सही फासला होना आवश्यक है
सर्दियों और बसंत की मक्की के लिए फासला 60x20 सैं.मी. होना चहिए बीज 3-4 सैं.मी. गहरे बोने चाहिए मेंड़ पर बिजाई के लिए 5-6 सैं.मी. गहराई का प्रयोग करना चाहिए बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और बिजाई वाली मशीन की मदद से मेंड़ बनाकर की जा सकती है

Posted by दिनेश कुमार सैनी
Rajasthan
02-12-2019 03:09 PM
श्रीमान जी, मटर की फसल को सर्दी से बचाने के लिए इसमें हलकी सिंचाई करें, धन्यवाद
Posted by Jay Rao
Rajasthan
02-12-2019 03:03 PM
यदि आपकी भैंस गाभिन नहीं है तो आप उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवा दें और Bovimin-B powder 100gm रोजाना दे सकते है इसके इलावा यदि वो गाभिन है या ब्यायी है या रिपीट हो रही है तो कृपया आप विस्तार से अपना सवाल पूछें ताकि आपको उसके बारे में सही जानकारी दी जा सके
Posted by Vivek Singh
Uttar Pradesh
02-12-2019 02:31 PM
vivek ji yeh virus lag raha hai jo keet ke karn ho raha hai iske liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
02-12-2019 02:08 PM
Yadav g, Mkki ka Silage k liye aap Mkki ki ktaai tn kro jb Mkki ka fruit doodh mey ho
Posted by मोहन लाल चौधरी
Rajasthan
02-12-2019 02:07 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by surajpal suresh Chandra
Uttarakhand
02-12-2019 02:02 PM
पतझड़ के मौसम में 25 सितंबर से 20 अक्तूबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी से 15 मार्च तक और गर्मियों के मौसम में 15 अप्रैल से 15 मई तक बिजाई की जाती है

Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
02-12-2019 01:58 PM
ਇਸ ਵਿਚ ਵਿਟਾਮਿਨ ਅਤੇ ਮਿਨਰਲ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਲੇਵਾ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ ਦੇਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਵਧਿਆ ਲੇਵਾ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜੇਕਰ ਬਹੁਤ ਛੋਟਾ ਬੱਚਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ 2 ਮਿਲੀ ਤੋਂ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ..

Posted by gurpreet.singh.maan
Punjab
02-12-2019 01:52 PM
gurpreet.singh ji ik knal vich 3-3.5 kilo beej vartya janda hai.dhanwad

Posted by prabhjot singh
Punjab
02-12-2019 01:52 PM
Hnji thik haa ji tuci iss hisab nal varto kr skde ho.

Posted by prabhjot singh
Punjab
02-12-2019 01:50 PM
uss nu tuci Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate Cargill di Transition mix feed deni suru kro, ehna nal usda lewa ate dudh vdhh jawega.

Posted by shubham jat
Madhya Pradesh
02-12-2019 01:44 PM
shubham ji genhu bone ka sahi smay november mahine tak ka hota hai.dhanywad

Posted by Sanjay Pandey
Uttar Pradesh
02-12-2019 01:43 PM
ककड़ी:- बीजों की बिजाई के लिए फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है
खीरा :- इसकी बिजाई फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है
नेनुआ :- वर्ष में दो बार इसके बीजों को बोया जाता है बिजाई के लिए उपयुक्त समय मध्यम फरवरी से मार्च का महीना है और दूसरी बार बिजाई के लिए मध्य मई से जुलाई का समय उपयुक्त है

Posted by jitendra panwar
Madhya Pradesh
02-12-2019 01:43 PM
सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़.... (Read More)
सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं
कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है

Posted by Sanjay Pandey
Uttar Pradesh
02-12-2019 01:38 PM
लौकी :-इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है
ककड़ी:- बीजों की बिजाई के लिए फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है
खीरा :- इसकी बिजाई फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है
नेनुआ :- वर्ष में दो बार इसके बीजों को बोया जाता है बिजाई के लिए उपयुक्त समय मध्यम फरवरी से मार्.... (Read More)
लौकी :-इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है
ककड़ी:- बीजों की बिजाई के लिए फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है
खीरा :- इसकी बिजाई फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है
नेनुआ :- वर्ष में दो बार इसके बीजों को बोया जाता है बिजाई के लिए उपयुक्त समय मध्यम फरवरी से मार्च का महीना है और दूसरी बार बिजाई के लिए मध्य मई से जुलाई का समय उपयुक्त है
Posted by harender Kumar sharm
Uttar Pradesh
02-12-2019 01:37 PM
हरेन्दर जी गेंहू में यूरिया पहले और दुसरे पानी के साथ दे इसकी मात्रा 110 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल की जाती है धन्यवाद
Posted by Karan Deep
Punjab
02-12-2019 01:36 PM
Karan deep ji iske liye aap Involon liquid 30ml krke din mai 4 varr den yeh Natural remedies company ka product hai, isse frak paad jayega aur safai v ho jayegi.

Posted by Gurdeep singh
Punjab
02-12-2019 01:30 PM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Gurdeep singh
Punjab
02-12-2019 01:29 PM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Gurdeep singh
Punjab
02-12-2019 01:27 PM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Gurdeep singh
Punjab
02-12-2019 01:26 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by virendra kumar yadav
Bihar
02-12-2019 01:20 PM
Shrimaan ji, Sarson or chne ki ik sath buvai ho sakti hai, iske liye ik katar chane ki or ik katar sarson ki beejein, chane ki buvai ka sahi samay october se madhy november tak ka hota hai, or sarson ki buvai ka samay october tak tk ka hota hai, dhanywad

Posted by Satrughan Dhruv
Chattisgarh
02-12-2019 01:14 PM
Shrimaan ji, kripya kism ka pura nam bataye tajo apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
02-12-2019 01:06 PM
आप इन दवाईयों का प्रयोग करते रहें और सुबह के समय भी दूध निकालने की कोशिश करें इनसे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Harpreet Singh
Punjab
02-12-2019 01:03 PM
हरप्रीत जी गेहूं की बिजाई के समय डीएपी ड्रिल करें। यूरिया का पहला छींटा पानी लगाने के पांच सात दिन पहले एक साथ डाल सकते है। इसी प्रकार दूूसरा पानी नमी सही होने पर लगाएं। पहला पानी लगाने से दो दिन पहले आप एक किलो मैगनीज की स्प्रे भी कर सकते है।
Posted by Harpreet Singh
Punjab
02-12-2019 12:56 PM
ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ .... (Read More)
ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦਿਓ ਇਸ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੇ ਨਾਲ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਣਕ ਦੇ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਅਤੇ ਐੱਸ ਐੱਸ ਪੀ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੋਟਾਸ਼@20kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by charnpreet singh
Punjab
02-12-2019 12:50 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ copper oxychloride @ 3gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurwinder singh
Punjab
02-12-2019 12:49 PM
गुरविंदर जी गोबर की पुरानी रूडी प्रयोग करें जो पूरी तरह गली सड़ी हो।

Posted by गोपाल
Madhya Pradesh
02-12-2019 12:43 PM
श्रीमान जी, यह फंगस का हमला हुआ है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4gm या mancozeb @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Jitesh Verma
Chattisgarh
02-12-2019 12:38 PM
श्रीमान जी, बथुआ, सेंजी, क्रुशन निल, हिंरनखुरी, चटरी मटरी, गाजरी, अकारा अकारी, जंगली गाजर आदि चने के खेत में पाये जाने वाले मुख्य नदीन हैं नदीनों की जांच के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें धन्यवाद
Posted by sunil
Haryana
02-12-2019 12:37 PM
Shrimaan ji, boron ka paryog fasal mein us samay karo, jab fasal katai ke najdeek hoti hai, iski dose boron @ 100 gm prarti acre ke hisaab se dali jati hai, dhnaywad
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-12-2019 12:37 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਉਰਿਆ 110 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪੈਂਦੀ ਹੈ, ਜਿਸਨੂੰ ਤੁਸੀ 40 ਦੀਨਾ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਪੂਰੀ ਕਰਦੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Parmod Bishnoi
Haryana
02-12-2019 12:33 PM
श्रीमान जी, fungicide की स्प्रे तब ही करें, जब फसल पर फंगस का हमला दिखाई देता है, और कृपया आप बताये के अपने कोनसी खाद का इस्तेमाल किया है पहले ताकि आपको इसके बारे में जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Svatantra Pal
Uttar Pradesh
02-12-2019 12:27 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्च.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.
Posted by Anuj kumar
Uttar Pradesh
02-12-2019 12:26 PM
Shrimaan ji, pyaj ke podhe tiyar karna ka sahi samay October se November tak ka hota hai, or yeh december se janvary mein ropai ke liye tiyar ho jati hai, ropai ke samay podhe se podhe ka fasla 15 cm tak ka hona chahiye , nursery min beej ko 1 se 2 cm tak dubngai mein beeja jata hai, Seed treatment Thiram@2gm/kg of seed + Benomyl 50WP@1gm/liter water ke sath kiya jata hai, dhanywad

Posted by krishan
Haryana
02-12-2019 12:17 PM
ये भैंस जाफराबादी नसल की है यदि ये हीट में नहीं आ रही है तो आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप विस्तार से दोबारा सवाल पूछ सकते है

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-12-2019 12:07 PM
Shrimaan ji, dr. dalal vich DAP vich zinc 21% nahi fate ga, dhanwad
Posted by ਹੈਪੀ ਸਿੰਘ
Punjab
02-12-2019 11:59 AM
Happy singh ji weste decomposer len lia tusi 9815171525 (Call/WhatsApp) te samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Parminder singh
Punjab
02-12-2019 11:56 AM
ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ .... (Read More)
ਕਣਕ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 110kg ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀਂ 2-3 ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP@55kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਡੀ ਏ ਪੀ ਦਾ ਇੱਕ ਗੱਟਾ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ SSP@150kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਨੂੰ ਕਣਕ ਦੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਦਿਓ ਇਸ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬੀਜ ਦੇ ਨਾਲ SSP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਣਕ ਦੇ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਅਤੇ ਐੱਸ ਐੱਸ ਪੀ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਪੋਟਾਸ਼ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੋਟਾਸ਼@20kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Bhanuchandra
Andhra Pradesh
02-12-2019 11:56 AM
आप इसे रोकने के लिए imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें।
Posted by jitendra yadav
Madhya Pradesh
02-12-2019 11:55 AM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जाए
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image












