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Posted by abhay thakur
Uttar Pradesh
04-12-2019 06:17 PM
Maharashtra
12-05-2019 12:12 PM
abhay ji sundi ki roktham ke liye aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by jagpreet sandhu
Punjab
04-12-2019 06:09 PM
Punjab
12-04-2019 07:13 PM
श्रीमान जी इसका बीज आपको पंजाब खेतीबाड़ी यूनिर्वसिटी लुधियाना से मिल सकता है
Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 06:09 PM
Punjab
12-05-2019 04:20 PM
पशुओं को बड़ेवें डालने से भी फैट बढ़ेगी पर आप रोजाना 250 ग्राम से अधिक ना डालें नहीं तो चर्बी ज्यादा चढ़ने लग जाती है और बड़ेवें सूखे ही हों तो ठीक है यदि देसी कपास के बड़ेवें हों तो बढ़िया है इसके अलावा आप फैट बढ़ाने के लिए गाय को fatmax पाउडर दें ये पाउडर आप 50 ग्राम रोजाना दे सकते है
Posted by DIPANKAR
West Bengal
04-12-2019 06:09 PM
Rajasthan
12-05-2019 10:04 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lovepreet Singh
Punjab
04-12-2019 06:07 PM
Punjab
12-04-2019 06:35 PM
श्री मान पहली यूरिया के साथ जिंक नहीं डाला तो जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डाल सकते हो और जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें
Posted by gurdeep singh
Punjab
04-12-2019 06:01 PM
Punjab
12-04-2019 06:05 PM
shriram di 152 kisam di roti wdia bndi hai.isto ilava kanak di kisam 272 kisam di v roti vadia bandi hai.dhanwad
Posted by kartik thakur
Madhya Pradesh
04-12-2019 05:56 PM

?

Punjab
12-04-2019 06:03 PM
kartik ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad
Posted by kartik thakur
Madhya Pradesh
04-12-2019 05:55 PM

?

Punjab
12-04-2019 06:02 PM
kartik ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad
Posted by amit kumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 05:50 PM
Maharashtra
12-05-2019 09:31 AM
अमित जी आप सब्जियां जैसे राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप मक्की की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Lakhwinder Singh Lucky
Punjab
04-12-2019 05:36 PM
Punjab
12-04-2019 05:50 PM
Lakhwinder ji bajre da rate 2000 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai isnu tuc local mandi vich vech sakde ho.dhanwad
Posted by ਨਵਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 05:35 PM
Punjab
12-04-2019 10:00 PM
Navdeep ji tuci uss nu Intacef injection 4gm, Avil injection 10ml, Nimovet injection 15ml lgwao ate Mammidium powder 50gm rojana deo. iss nal frak paa jawega..
Posted by Lakhwinder Singh Lucky
Punjab
04-12-2019 05:35 PM
Punjab
12-04-2019 05:49 PM
Lakhwinder ji bajre da rate 2000 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai isnu tuc local mandi vich vech sakde ho.dhanwad
Posted by amrit jat
Madhya Pradesh
04-12-2019 05:34 PM
Maharashtra
12-04-2019 05:45 PM
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाक.... (Read More)
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं
Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
04-12-2019 05:26 PM
Punjab
12-05-2019 05:37 PM
Bhupinder ji usko weight vdhane ke liyee aap uski khurak ka purra dian rakhe, iske ilawa aap achi company ki feed de skte hai jisse achi growth hogi, iske sath sath aap achi company ka calcium v de skte hai..
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 05:23 PM
Punjab
12-05-2019 06:15 PM
isde lai tuci Ostovet calcium 30ml/100birds de hisab nal de skde ho, iss nal frak paa jawega..
Posted by saroj
Odisha
04-12-2019 05:13 PM

?

Punjab
12-04-2019 05:15 PM
कृपया आप ओडियो दोबारा भेजे क्योंकि द्धारा भेजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है धन्यवाद
Posted by saroj
Odisha
04-12-2019 05:10 PM
Rajasthan
12-04-2019 05:14 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lovepreet Singh
Punjab
04-12-2019 05:03 PM
Punjab
12-04-2019 05:08 PM
lovepreet ji tuhad jo v swal hai oh app te hi pucho jekar app chalun vich koi dikkat aundi hai ta tuc 9779977641 te sampark akr sakde ho.dhanwad
Posted by Rajinder Dhaliwal
Punjab
04-12-2019 04:59 PM
Punjab
12-04-2019 05:07 PM
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ .... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by karanveer
Haryana
04-12-2019 04:36 PM
Maharashtra
12-04-2019 04:55 PM
दरमियाने समय की किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश को 60:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 130 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें कम समय वाली किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश को 48:24:24 कि.... (Read More)
दरमियाने समय की किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश को 60:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 130 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें कम समय वाली किस्मों के लिए नाइट्रोजन: फासफोरस: पोटाश को 48:24:24 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालने के लिए 105 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में डालें खादों को डालने से पहले मिट्टी की जांच करवा लें और मिट्टी की जांच के अनुसार खेत में खादों का उपयोग करना चाहिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन का 1/3 हिस्सा और फासफोरस , पोटाश और जिंक की पूरी मात्रा आखिरी कद्दू करने के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा रोपाई के बाद तीसरे और 6वें सप्ताह में समान मात्रा में डालें नीम की परत चढ़े यूरिया का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इससे नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है पानी की कमी के कारण पनीरी लगाने के तीन सप्ताह बाद पत्तों का रंग पीला पड़ना शुरू हो जाता है पानी लगाने के तुरंत बाद एक किलोग्राम फैरस सल्फेट का 100 लीटर पानी में घोल तैयार करके प्रति एकड़ के हिसाब से प्रत्येक सप्ताह दो या तीन बार इसका छिड़काव करना चाहिए
Posted by rajinder singh
Punjab
04-12-2019 04:33 PM
Punjab
12-04-2019 04:59 PM
Rajinder please tell us in detail which nutrients you have provided to crop so that we can guide you accordingly.thank you
Posted by gaurav rana
Haryana
04-12-2019 04:23 PM
Punjab
12-05-2019 04:22 PM
Gaurav ji usko aap pett ke kirro ke liye Bendykind plus bolus den aur Bovimin-B powder 100gm rojana aur Totavit bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen isse heat mai aa jayegi fir aap usko AI krwa skte hai aur AI krwa ker Gestaprogen powder 25gm rojana 20 din tak de skte hai..
Posted by Gursewak singh
Punjab
04-12-2019 04:20 PM
Punjab
12-04-2019 04:46 PM
श्रीमान जी मैगनीज की स्प्रे पानी लगाने से 1—2 दिन पहले कर सकते है
Posted by Vishnu Kumar koli
Rajasthan
04-12-2019 04:16 PM
Rajasthan
12-04-2019 05:01 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Kamal Hassan
Rajasthan
04-12-2019 04:15 PM
Punjab
12-05-2019 04:25 PM
कमल जी इसके लिए आप अपनी ज़मीन को छोटे छोटे भागो में बांटकर उसमें एक भाग में ज्वार दूसरे भाग में गेहूं तीसरे भाग में बाजरा ऐसे आप अलग अलग फसलें उगा सकते है और उनके पकने के बाद फीड के लिए प्रयोग भी कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 03:58 PM
Punjab
12-05-2019 05:14 PM
ਉਸ ਨੂੰ Gynarich 5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 7ਵੇ ਦਿਨ Pragma 2ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 9ਵੇ ਦਿਨ Gynarich 2.5ml ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ ਅਤੇ 10ਵੇ ਦਿਨ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ ਅਤੇ Gestaprogen powder 25gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ..
Posted by ranjee singh
Uttar Pradesh
04-12-2019 03:58 PM
Punjab
12-05-2019 05:19 PM
मुर्गी पालन का काम करने के लिए आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम की जानकारी और इसमें कितना खर्चा आएगा और कितने पंक्षियों से शुरूआत कर सकते है इसके बारे सही जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब .... (Read More)
मुर्गी पालन का काम करने के लिए आप इस काम की ट्रेनिंग जरूर लें जिसमें आपको इस काम की जानकारी और इसमें कितना खर्चा आएगा और कितने पंक्षियों से शुरूआत कर सकते है इसके बारे सही जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी, ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाति की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है , 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है श्रीनिधि प्रजाति की मुर्गी – यह प्रजाति ग्रामीण प्रजाति की मुर्गी के अपेक्षा में 230-250 अंडे तक देती है , श्रीनिधि मुर्गियों का वजन 2.5kg से लेकर 5 kg तक का होता है जो की ग्रामीण प्रजाति के मुर्गियों से बहुत ज्यादा है इसीलिए यह दोहरी उपयोगिता प्रजाति में गिनी जाती है इसके मांस और अंडे दोनों से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है ,इन प्रजातियों की मुर्गियां तेजी से बढ़ती हैं वनराजा – वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए यह 3 विकसित प्रजातियां बहुत ही लाभदायक साबित हुई है.
Posted by ਵਿਕਰਮ ਚਾਹਲ
Punjab
04-12-2019 03:44 PM
Punjab
12-04-2019 03:48 PM
ਵਿਕਰਮ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਤੋਂ ਬਾਦ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Love Bhullar
Punjab
04-12-2019 03:40 PM
Punjab
12-04-2019 03:47 PM
ਲਵ ਜੀ ਤੁਸੀ ਖੇਤ ਦੀ ਵਾੜ ਕਰੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ prem raj saini 9719432296 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਖਾਦ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਬਦਬੂ ਨਾਲ ਜਾਨਵਰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 03:36 PM
Punjab
12-05-2019 05:27 PM
Sir, for the milk production the most important thing is thier proper balanced diet as well as thier proper feed, if you want to ask anything else please ask your question in detail so that we can provide you full information regarding that.
Posted by Love Bhullar
Punjab
04-12-2019 03:35 PM
Punjab
03-16-2020 01:16 PM
Love Bhullar ji visthar vich jankari lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra, Ferozepur, Phone: 084376 90361 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Mo Hasan
Uttar Pradesh
04-12-2019 03:20 PM
Maharashtra
12-04-2019 03:25 PM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्हो ने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते धन्यवाद
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 03:20 PM
Punjab
12-04-2019 03:29 PM
ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ਼ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪੋਰ ਦਿਓ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇ ਬਾਰਿਸ਼ਾਂ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਦੂਜੀ ਕਿਸ਼ਤ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੋ.... (Read More)
ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ਼ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪੋਰ ਦਿਓ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇ ਬਾਰਿਸ਼ਾਂ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਦੂਜੀ ਕਿਸ਼ਤ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੋਟਾਸ਼ ਤੱਤ ਦੀ ਘਾਟ ਵਾਲੀਆ ਜਮੀਨਾ ਵਿੱਚ 12 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (20 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ
Posted by Dharminder singh
Punjab
04-12-2019 03:17 PM
Punjab
12-04-2019 03:19 PM
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ 20 -25 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਣਕ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Dharminder singh
Punjab
04-12-2019 03:15 PM
Punjab
12-04-2019 03:18 PM
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿਚ ਯੂਰੀਆ 40 -45 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਪੂਰੀ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿਓ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 03:06 PM

?

Punjab
12-04-2019 03:13 PM
amandeep ji tuhade valo bheji gayi audio upload nahi hoyi hai kirpa karke audio dubara bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 03:03 PM
Punjab
12-04-2019 03:21 PM
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਸ਼ਾਖਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਤੀਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60-65 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੰਜਵੀਂ ਸਿੰਚਾ.... (Read More)
ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਇਹ ਸਮਾਂ ਸਹਾਇਕ ਜੜ੍ਹਾਂ ਬਣਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਮੀ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਸ਼ਾਖਾਂ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਤੀਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਜੋੜ(ਪੋਟੇ) ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 60-65 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 80-85 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੰਜਵੀਂ ਸਿੰਚਾਈ ਦਾਣੇ ਪੱਕਣ ਸਮੇਂ (ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 100-105 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ) ਕਰੋ
Posted by ਸੁਖਚੈਨ िਸੰਘ
Punjab
04-12-2019 02:47 PM
Punjab
12-05-2019 05:31 PM
ਮੁਰਗੀਆਂ 6 ਮਹੀਨੇ ਦੀਆ ਹੋਣ ਤੇ ਸਹੀ ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by Kushal Janwa
Rajasthan
04-12-2019 02:46 PM
Maharashtra
12-04-2019 03:31 PM
कुशल जी कृपया बताएं कि आपने इसमें कोई खाद का इस्तेमाल किया है अभी तक ताकि उसके हिसाब से आपको जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Sanjeet Banjare
Chattisgarh
04-12-2019 02:44 PM
Maharashtra
12-04-2019 03:34 PM
sanjeet ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap kiski kheti ke bare men jankari lena chahte hai aap karayat kise kehte hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Samsher singh
Punjab
04-12-2019 02:42 PM
Punjab
12-04-2019 03:32 PM
ਜਿਹੜੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ ਪਿਛਲੇ 5-6 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਝੋਨਾ ਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੈਂਗਨੀਜ਼ ਤੱਤ ਦੀ ਘਾਟ ਆ ਸਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਣਕ ਪੀਲੀ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਜੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚ ਉਪਲੱਬਧ ਮੈਗਨੀਜ਼ ਤੱਤ 3.5 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋਂ ਘੱਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਅਜਿਹੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਕਣਕ, ਜੌਂਅ, ਜਵੀਂ, ਬਰਸੀਮ ਆਦਿ ਫਸਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੈਗ.... (Read More)
ਜਿਹੜੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ ਪਿਛਲੇ 5-6 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਝੋਨਾ ਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੈਂਗਨੀਜ਼ ਤੱਤ ਦੀ ਘਾਟ ਆ ਸਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਣਕ ਪੀਲੀ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਜੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚ ਉਪਲੱਬਧ ਮੈਗਨੀਜ਼ ਤੱਤ 3.5 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੋਂ ਘੱਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਅਜਿਹੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਕਣਕ, ਜੌਂਅ, ਜਵੀਂ, ਬਰਸੀਮ ਆਦਿ ਫਸਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੈਗਨੀਜ਼ ਦੀ ਘਾਟ ਆਵੇਗੀ ਇਸ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ 0.5% ਮੈਗਨੀਜ਼ ਸਲਫੇਟ (1 ਕਿਲੋ ਮੈਗਨੀਜ਼ ਸਲਫੇਟ 200 ਕਿਲੋ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ) ਦੇ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਿਹੜੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਇਹ ਘਾਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਲਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਫ਼ਤੇ ਦੀ ਵਿੱਥ ’ਤੇ 3 ਸਪਰੇਅ ਹੋਰ ਕਰੋ
Posted by sanjay kumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 02:32 PM
Punjab
12-05-2019 05:33 PM
Sanjay ji yeh apke uppar nirbhar krta hai yadi apka iss kam mai interest hai too aap iss kam ko suru kr skte hai, aap suruat kam pashuo se kr skte hai fir jaise jaise apko iss kam ki jankari hoti rehegi fir aap iss kam ko vdhha skte hai, aap iss kam ki training lekar v suru kr skte hai jisse apko iss kam ki puuri jankari milegi aur iss kam ko krne mai asani hogi..
Posted by shrawan ram
Rajasthan
04-12-2019 02:28 PM
Maharashtra
12-04-2019 02:36 PM
श्रवण जी आप इसके ऊपर carbendazim @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ranjit Singh
Punjab
04-12-2019 02:19 PM
Punjab
12-04-2019 08:54 PM
Ranjit ji yeh Hisar ka murrah nasal ka semen hai..
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
04-12-2019 02:05 PM
Punjab
12-11-2019 04:08 PM
Sir, name of plant is Cistanche tubulosaalso known as Desert hyacinth, it is a parasitic plant, thank you