Posted by Deepak kumar
Haryana
04-12-2019 09:27 PM
Deepak ji Thai guava ke plant lene ke lia aap Pawan Kumar 9878726420 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Gurmeet Singh
Punjab
04-12-2019 09:16 PM
ਗੁਰਮੀਤ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਜੇਕਰ ਹੱਥੀਂ ਵੱਢੀ ਹੈ ਤਾ 2800 -3013 ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ combine ਨਾਲ ਵਢਾਈ ਹੈ 2690 -2890 ਰੁਪਏ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by राणा राजीव शिशौदिया
Uttar Pradesh
04-12-2019 09:07 PM
श्री मान पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल .... (Read More)
श्री मान पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by DK Bishnoi Joliyali
Rajasthan
04-12-2019 08:56 PM
इसके लिए आप Hitek इंजेक्शन 1 मि.ली. को 33 किलो शरीर के भार के हिसाब से चमड़ी में लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Karan Deep
Punjab
04-12-2019 08:51 PM
tuci uss nu milkout powder 1-1 chamch swere sham ate calcimust bolus 1-1 goli rojana deo, tuci isdi varto krke dekho iss nal frak paa jawega.

Posted by amol kale
Maharashtra
04-12-2019 08:45 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी..
Posted by mk.bharti
Madhya Pradesh
04-12-2019 08:43 PM
भारती जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे कि आप कोनसी खेती करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Gursewak singh
Punjab
04-12-2019 08:37 PM
shrimaan g NPK 19.19.19 nu fasal di growth and health lyi germination de 15-20 din baad kr skde ho g ..
Posted by mk.bharti
Madhya Pradesh
04-12-2019 08:35 PM
उसे आप Intacef injection 3gm, Avil injection 10ml, Nimesulide injection 10ml लगवायें ये आप तीन दिन लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Gursewak singh
Punjab
04-12-2019 08:23 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਇਹ ਇੱਕ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਮਟਰਾਂ ਤੇ ਲੱਗੇ ਉੱਲੀ ਦੇ ਰੋਗਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰੇਗਾ

Posted by Lala Ram
Uttar Pradesh
04-12-2019 08:19 PM
उसे आप Enrocin injection 15ml, Nimovet injection 15ml और Avil injection 10ml लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by krishan
Haryana
04-12-2019 08:18 PM
आप गाय लेने के लिए KUMAR DAIRY FARM 9671123815 से संपर्क कर सकते है

Posted by Sunil Chauhan
Uttarakhand
04-12-2019 08:10 PM
turmeric processing machine, turmeric boiling machine चाहिए, यदि कोई manufacturer है तो संपर्क करे ?
Yes we are available, You can contact 9478810324

Posted by Suhail Khan
Uttar Pradesh
04-12-2019 08:08 PM
Suhail ji iske liye aap Bighead carp aur Sliver carp nasal ki machlio ko rkhh skte hai yeh dono bhut tezi se growth krti hai..
Posted by dinesh yadwanshi
Madhya Pradesh
04-12-2019 08:01 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे स.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा. बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें..
Posted by dinesh yadwanshi
Madhya Pradesh
04-12-2019 07:58 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे स.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा. बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें..

Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 07:58 PM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ-: •ਮਸਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ •ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦੀ ਫਸਲ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸੇ ਤਰਾਂ ਹਾਲੋਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਵੀ ਅਕਤੂਬਰ ਨਵੰਬਰ ਚ ਹੁੰਦੀ ਜੇਕਰ ਹਾਲੋਂ ਦੀ ਘਰ ਵਿੱਚ ਸਬਜ਼ੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Harman singh
Punjab
04-12-2019 07:56 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ large white yorkshire ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ large white yorkshire ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ. ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by yogesh
Uttar Pradesh
04-12-2019 07:54 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
04-12-2019 07:52 PM
Bhupinder ji ek kanal vich fish palan lai koi subsidy ja loan nhi dita jnda hai, yaddi aap apne level per suru krna chahte hai too aap suru kr skte hai..
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
04-12-2019 07:51 PM
उसे 250 ग्राम जों-खार, 250 ग्राम कलमीशोरा, 250 ग्राम मीठा सोडा और 250 ग्राम फटकड़ी को गर्म करके रगड़कर पाउडर बनाएं और मिलाकर 50gm रोज़ाना खाली पेट दें, इससे जल्दी ठीक हो जाएगी और उसे Gestaprogen पाउडर 25 ग्राम रोज़ाना दें, यह आप 20 दिन तक देते रहें, इससे फर्क पड़ जायेगा
Posted by kartik thakur
Madhya Pradesh
04-12-2019 07:50 PM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते हो अच्छी पैदावार के लिए:-मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by Parwinder Singh
Punjab
04-12-2019 07:47 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तूडाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by mk.bharti
Madhya Pradesh
04-12-2019 07:39 PM
श्रीमान जी अरहर की फूल गिरने से रोकने के लिए 13.0.45 एक किलो प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में स्प्रे कर सकते है

Posted by pramod
Rajasthan
04-12-2019 07:31 PM
Shrimaan ji, jo kisme ham batate hain yeh local market mein mil jati hai, agar apko kisi fasal ki koi kism leni hai to ap kripya us kism ka nam bataye taki apko uske bare mei ucchit jankari di ja sake, dhnaywad
Posted by jass sidhu
Punjab
04-12-2019 07:30 PM
Jass sidhu ji iss App vich tuci pashu ate khetibadi se saband vich koi v jankari lena chahunde ho tan App vich swal push skde ho tuhanu App vich jankari mill jawegi dhnwad..
Posted by kamal. parmar
Madhya Pradesh
04-12-2019 07:29 PM
सर मटर की फसल 20 दिन की हुई है उसमें कुछ-कुछ पौधे सूखने लगे हैं और पीले पड़ गए हैं, इसकी दवाई बताएं ?
kamal ji aap iske uper carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by RAVI RAJPUT
Uttar Pradesh
04-12-2019 07:26 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by Raj Thakur
Himachal Pradesh
04-12-2019 07:23 PM
सेब के पौधों की कटाई छटाई करना आवश्यक है. क्योंकि पौधे की कटाई छटाई कर उसकी पैदावार को बढ़ाया जा सकता हैं. सेब के पौधे पर शुरुआत में तीन से चार फिट की ऊंचाई तक कोई शाखा ना बनने दें. जब पौधे पर फल लगने शुरू हो जाए तब पौधे की हर शाखा को आगे से काट देना चाहिए. इससे पौधे से नई शाखाएं जन्म लेती हैं. जिससे पौधे पर लगने वाल.... (Read More)
सेब के पौधों की कटाई छटाई करना आवश्यक है. क्योंकि पौधे की कटाई छटाई कर उसकी पैदावार को बढ़ाया जा सकता हैं. सेब के पौधे पर शुरुआत में तीन से चार फिट की ऊंचाई तक कोई शाखा ना बनने दें. जब पौधे पर फल लगने शुरू हो जाए तब पौधे की हर शाखा को आगे से काट देना चाहिए. इससे पौधे से नई शाखाएं जन्म लेती हैं. जिससे पौधे पर लगने वाले फलों में वृद्धि होती है. पौधों की कटाई छटाई ज्यादातर दिसम्बर माह में करनी चाहिए. इस दौरान पौधा सुषुप्त अवस्था में होता है. पौधे की कटाई के बाद कटी हुई शखाओं पर बोर्डो पोस्ट लगा देना चाहिए.

Posted by umeshkumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 07:22 PM
shrimaan g bhindi ki beejayi February-March mein kr skte ho g...
Posted by Dharmendra mukesh choudhary
Madhya Pradesh
04-12-2019 07:18 PM
श्री मान गेहूं में कुल यूरिया 110 किलो 2-3 बार में डाल सकते हो
Posted by Raj Thakur
Himachal Pradesh
04-12-2019 07:16 PM
सेब के पौधों की कटाई छटाई करना आवश्यक है. क्योंकि पौधे की कटाई छटाई कर उसकी पैदावार को बढ़ाया जा सकता हैं. सेब के पौधे पर शुरुआत में तीन से चार फिट की ऊंचाई तक कोई शाखा ना बनने दें. जब पौधे पर फल लगने शुरू हो जाए तब पौधे की हर शाखा को आगे से काट देना चाहिए. इससे पौधे से नई शाखाएं जन्म लेती हैं. जिससे पौधे पर लगने वाल.... (Read More)
सेब के पौधों की कटाई छटाई करना आवश्यक है. क्योंकि पौधे की कटाई छटाई कर उसकी पैदावार को बढ़ाया जा सकता हैं. सेब के पौधे पर शुरुआत में तीन से चार फिट की ऊंचाई तक कोई शाखा ना बनने दें. जब पौधे पर फल लगने शुरू हो जाए तब पौधे की हर शाखा को आगे से काट देना चाहिए. इससे पौधे से नई शाखाएं जन्म लेती हैं. जिससे पौधे पर लगने वाले फलों में वृद्धि होती है. पौधों की कटाई छटाई ज्यादातर दिसम्बर माह में करनी चाहिए. इस दौरान पौधा सुषुप्त अवस्था में होता है. पौधे की कटाई के बाद कटी हुई शखाओं पर बोर्डो पोस्ट लगा देना चाहिए.
Posted by ਰਾਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂ
Punjab
04-12-2019 07:16 PM
श्रीमान जी एनपीके 19.19.19, Atlantis के साथ मिक्स नहीं हो सकती इनकी स्प्रे अलग अलग ही करें

Posted by Karan
Punjab
04-12-2019 07:11 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖਲ 1kg ਅਤੇ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 1kg ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ, Gouge powder 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Kirandeep Singh
Punjab
04-12-2019 07:08 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ ਕਣਕ ਨੂੰ ਦੂਜਾ ਪਾਣੀ 40-45ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by SANJEEV KUMAR
Punjab
04-12-2019 07:05 PM
Hanji Sanjeev ji tuci uss nu pett de kiria di goli de skde ho, isde lai tuci Bendykind plus bolus vart skde ho..

Posted by Amanpreet Singh
Punjab
04-12-2019 06:56 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by SANJEEV KUMAR
Punjab
04-12-2019 06:51 PM
Hanji tuci iss nu Liquid ate powder dinde rho, isde nal tuci rojana 35-40kg hara chara ate vdia company di feed v deo, baki uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds goli deo ate uss nu kanak da dalia 1kg, gurr 250gm nu changi trah riin ke bnnao fir uss nu thnda krke 100ml saro da tel mix krke 5-7 din khann lai v deo, iss nal v frak paa jawega..

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
04-12-2019 06:45 PM
गेहूं का अंकुरण पानी से हो जाना चाहिए यदि फिर भी ना हो तो नमी होने पर गेहूं का बीज गुड़ाई करके लगा सकते है।
Posted by sukh
Punjab
04-12-2019 06:38 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by Assa singh
Punjab
04-12-2019 06:37 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by sukh
Punjab
04-12-2019 06:36 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ
*ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
04-12-2019 06:35 PM
श्री मान एक तो इसमें तत्वों की कमी है, इसके लिए NPK 19 19 19 @10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें दूसरा इसमें मच्छर के हमले की जांच करें, अगर हमला दिखे तो imidacloprid @1.5ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by gurmej singh
Punjab
04-12-2019 06:35 PM
श्रीमान जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
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