
Posted by ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ
Punjab
05-12-2019 07:24 AM
gurdas ji gypsum khet di pH nu maintain karda hai ate isde nal kalar v thk hunda hai isdi matra 1 quinatl prati acre de hisab nal varti jandi hai. isda asar isnu paun to 8-10 din tak poora mila janda hai.dhanwad

Posted by gurpreet
Punjab
05-12-2019 07:23 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ quinalphos@4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Rachhpal Brar
Punjab
05-12-2019 07:17 AM
Rachhpal ji tuc KVK diyan training de layi nal diti hoyi photo check karo ji.

Posted by Naresh Yogi
Rajasthan
05-12-2019 07:12 AM
Shri maan g zinc@25 kg per hectare dall skte ho.....
Posted by buta Singh
Punjab
05-12-2019 07:10 AM
Buta ji sme sme te kisana di manng de anusar training lgai jndi hai tuci murgi palan di training apne nazdiki kvk to laa skde ho, isde lai tuci KRISHI VIGYAN KENDRA, VILLAGE- HANDIAYA, DISTRICT- BARNALA (PUNJAB) Contact:- +91 81960-80643 nal sampark kr skde ho.

Posted by lavkush
Uttar Pradesh
05-12-2019 07:06 AM
lavkush ji iske patton ke neeche machar ka hamla check karen. isk roktham ke liye aap imidacloprid @1.5 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by ram baskey
Jharkhand
05-12-2019 07:05 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ram baskey
Jharkhand
05-12-2019 07:04 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by yOgesh
Maharashtra
05-12-2019 07:03 AM
योगेश जी आप अपना सवाल हिंदी या english भाषा में पूछ सकते है धन्यवाद
Posted by md. Shekhar Patel
Madhya Pradesh
05-12-2019 07:01 AM
Patel ji Grampriya chuje lene ke liye aap Kamlesh Kushwaha 9229881876 Bhumika ANIMAL Breeder farm se sampar kr skte hai.

Posted by harmanpreet singh
Punjab
05-12-2019 06:58 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮ HD-3086 ਦੀ ਬਿਜਾਈ 30 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਪਿਛੇਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW-752,PBW-590,PBW343, PBW-509,HD-2851, PBW-658 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Nepal Singh
Madhya Pradesh
05-12-2019 06:36 AM
नेपाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे और बताये कि इसमें क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by R amchander shringi
Rajasthan
05-12-2019 06:27 AM
Posted by krishan dhaliwal
Punjab
05-12-2019 06:25 AM
Krishan ji uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Mammidium powder 50gm rojana ate Potasium iodied powder 7gm rojana deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by R amchander shringi
Rajasthan
05-12-2019 06:24 AM
श्री मान इसमें तत्वों की कमीके कार्न हो रहा है इसके लिए NPK 19:19:19 @10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से सप्रे करें
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
05-12-2019 06:20 AM
श्री मान चने में M-45@500 gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो और चने को यूरिया 10 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से डाले

Posted by Umaram Amethi Umaramamethi
Uttar Pradesh
05-12-2019 06:14 AM
यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो ऐसी मिट्टी में जिंक सल्फेट 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें या जिंक सल्फेट 3 ग्राम + यूरिया 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 45 और 60 दिनों के बाद फोलियर स्प्रे करें
बोरोन की कमी होने पर गुच्छों के भार और आकार प्रभावित होते हैं और इस तरह गुच्छे अच्छे तरीके से नहीं बनते ब.... (Read More)
यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो ऐसी मिट्टी में जिंक सल्फेट 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें या जिंक सल्फेट 3 ग्राम + यूरिया 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 45 और 60 दिनों के बाद फोलियर स्प्रे करें
बोरोन की कमी होने पर गुच्छों के भार और आकार प्रभावित होते हैं और इस तरह गुच्छे अच्छे तरीके से नहीं बनते बोरोन की कमी होने पर बोरोन एसिड 2 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के बाद चौथे या पांचवे महीने में स्प्रे करें
Posted by ram prasad
Uttar Pradesh
05-12-2019 06:12 AM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते अच्छी पैदावार के लिए:-मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 घुलनशील खादें 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद स्प्रे करें

Posted by Rajesh kumar
Bihar
05-12-2019 06:01 AM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी .
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
05-12-2019 05:58 AM
पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें
खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (.... (Read More)
पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें
खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें कुंगी: यह बीमारी प्यूचीनिया एस्पारगी के कारण होती है इस बीमारी से पत्तों पर भूरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं जिसके परिणाम स्वरूप पत्ते सूख जाते हैं इस बीमारी की रोकथाम के लिए बॉर्डीऑक्स घोल को 1% डालें

Posted by Rajesh kumar
Bihar
05-12-2019 05:55 AM
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां प.... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे और ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी

Posted by Manpreet singh
Punjab
05-12-2019 05:53 AM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendykind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ Enerboost powder 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ ਬਾਕੀ ਹਾਥੀ ਦੰਦ ਦਾ ਬੂਰਾ ਦੇਣ ਨਾਲ ਹੱਡੀਆਂ ਮਜਬੂਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ..
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
05-12-2019 05:51 AM
श्री मान फसलों के लिए मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन की ऊपरी सहत से घास फूस एक आर करके खुरपे से 6 इंच गहरा गड्ढा खोदकर एक ओर एक इंच की मिट्टी की सतह ऊपर से नीचे तक एकसमान करें इस मिट्टी को साफ कपड़े या बर्तन में डालेंं इस तरह 7—8 अन्य स्थानों से मिट्टी लें इस मिट्टी को आपस में अच्छी तरह से मिलाकर उसमें से आधा क.... (Read More)
श्री मान फसलों के लिए मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन की ऊपरी सहत से घास फूस एक आर करके खुरपे से 6 इंच गहरा गड्ढा खोदकर एक ओर एक इंच की मिट्टी की सतह ऊपर से नीचे तक एकसमान करें इस मिट्टी को साफ कपड़े या बर्तन में डालेंं इस तरह 7—8 अन्य स्थानों से मिट्टी लें इस मिट्टी को आपस में अच्छी तरह से मिलाकर उसमें से आधा किलो मिट्टी लें यदि मिट्टी गीली हो तो छांव में सुखाएं इस नमूने को कपड़े की थैली में डालकर किसान का नाम, पता और खेत नंबर लिखकर एक पर्ची उस पर रख दें इस तरीके से खेत में मिला हुआ नमूना लेना चाहिए यदि किसी खेत के कुछ हिस्से में ज़मीन की किस्म और उपजाऊ शक्ति अलग हो उस हिस्से की मिट्टी का अलग नमूना लें कल्लर वाली ज़मीन मेंसे मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन में 3 फुट गहरा गड्ढा खोदकर सीधी ओर ऊपर से शुरू करके नीचे 6 इंच तक 1 फुट और 2 फुट की गहराई पर निशानलगाएं हर गहराई से खुरपे की मदद से तकरीबन 1 इंच मोटी सतह उतारकर आधा ग्राम मिट्टी लें इस तरह कुल 4 नमूने लें हर गहराई से नमूने लेकर विधि 1 तरह संभालें पर्ची पर नमूने की गहराई भी लिखें बाग लगाने के लिए मिट्टी की जांच के लिए नमूना लेने के लिए खेत में 6 फुट गहरा गड्ढा खोदकर सीधी ओर से ऊपर से नीचे की तरफ निशान लाकर निशान 6 इंच से 2 निशान 1 फुट पर लाकर हर फुट पर निशान लगाए खुरपे से 6 इंच के निशान तक 1 इंच मोटी तह एक समान लगाएं जिसका भार लगभग आधा किलोग्राम हो इस तरह 6 नमूने 1—1 फुट दूरी पर लें और अलग अलग थैलियों में डालें जिसकी गिनती 7 हो जायेगी थैली के किसान और खेतों की पूरी जानकारी लिखकर डाली जाये यदि किसी गहराई पर कोई रोड़ियों की तह हो उसका नमूना अलग लेकर अलग थैली में डालना चाहिए जिसमें एक पर्ची पर तह की गहराई लिखी जाये कल्लर वाली ज़मीन और बागों के लिए मिट्टी का नमूना बरमे की मदद से भी लिया जा सकता है और इसकी जांच आप मिट्टी जांच केंद्र से या के वी के से करवा सकते हो
Posted by buta Singh
Punjab
05-12-2019 05:46 AM
Buta Singh ji desi chicks len lai tusi Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University nal samparak kar sakde ho, chicks book karvon lai tusi 7889239583 te call kar sakde ho, Thankyou.
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
05-12-2019 05:45 AM
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे प.... (Read More)
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें
मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके पुटाई के बाद जड़ों को उबाल के इनका छिलका उतारा जाता है छिल्का उतारने के बाद जड़ों को हवा में सुखाया जाता है सूखी जड़ों का भंडारण और ज्यादा दूरी वाले स्थानों पर ले जाने के लिए हवा रहित बैग में रखें पकी जड़ों का प्रयोग विभिन्न उत्पाद जैसे पाउडर, गुलाम और घृतम बनाने के लिए किया जाता है
Posted by ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
05-12-2019 04:40 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Simlage bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
05-12-2019 02:30 AM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by Syed Imran Ali
Telangana
05-12-2019 01:49 AM
Syed Imran Ali ji for poultry farm training you can contact to nearest KVK . your nearest KVK address : Dr. V.Maruthi
Head, KVK & Principal Scientist (Agronomy)
Division of Crop Sciences
Central Research Institute for Dryland Agriculture
Santoshnagar, Hyderabad - 500059, India.
Phone: (Off.) 91-40-24530161 Ext- 315, Fax: 91-40-24531802
Posted by Ranjeet eknath patil
Maharashtra
05-12-2019 01:14 AM
आप उसे अच्छी मात्रा में चारा दें और अच्छी फीड डालें क्योंकि अच्छी खुराक से जानवर का अच्छा विकास होता है उसे आप Nilzan liquid 1ml/3kg शरीर के भार के हिसाब से दें और Groviplex liquid 15-20ml रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Shubham patel
Madhya Pradesh
05-12-2019 01:04 AM
श्री मान बैंगन की ग्रोथ और फल के लिए आप NPK 19:19:19@1kg 150ltr पानी में प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by davinder mahey
Punjab
05-12-2019 12:57 AM
shrimaan g kirpa krke apna swaal visthaar nal pucho g ta jo tuhanu poori jaankari mil ske g.

Posted by Mehtab khan
Uttar Pradesh
05-12-2019 12:32 AM
Mehtab khan ji Ghazipur me Feed lene ke lia aap De Heus helpline no. 9872444999 par samparaka kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Rupesh Birla
Madhya Pradesh
04-12-2019 11:52 PM
Rupesh Birla ji ABS ka semen lene ke lia aap Genus Breeding India Private Limited (ABS India) 406, Amar Neptune, 4th Floor, Plot # 45A & 46, Baner Road Baner, Pune – 411 045, Maharashtra, Phone number: 090201 31111, 91-20-2729-3445 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sachin kumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 11:42 PM
श्री मान सूंडी रोकथाम के लिए quinalphos@4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by satish chandra
Bihar
04-12-2019 11:35 PM
मछली पालन के कई तरह की बीमारियां होती है जिनका इस प्रकार पता नहीं लगाया जा सकता इसके लिए पहले आप मछली पालन की ट्रेनिंग लें जिससे आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त होगी और आपको उनकी खुराक, उनकी सही देखभाल का पता लगेगा
Posted by satish chandra
Bihar
04-12-2019 11:32 PM
श्री मान बैंगन के फूल के लिए आप 13:00:45@1किलो 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो

Posted by ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
04-12-2019 10:47 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਸਮ HD-3086 ਦੀ ਬਿਜਾਈ 30 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਪਿਛੇਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW-752,PBW-590,PBW343, PBW-509,HD-2851, PBW-658 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Uttam Singh
Uttar Pradesh
04-12-2019 10:41 PM
उत्तम जी धान का रेट 1815 -1835 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है धन्यवाद
Posted by Mukesh Jat
Rajasthan
04-12-2019 10:33 PM
पपीते की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए ज़मीन को समतल करना ज़रूरी है आखिरी जोताई के समय, गली हुई रूड़ी की खाद डालें नए पौधों को 25x10 सैं.मी. लंबाई, चौड़ाई वाले पॉलीथीन के बैगों में तैयार किया जाता है इन पॉलीथीन बैगों में पानी के उचित निकास के लिए निचले हिस्से मे.... (Read More)
पपीते की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए ज़मीन को समतल करना ज़रूरी है आखिरी जोताई के समय, गली हुई रूड़ी की खाद डालें नए पौधों को 25x10 सैं.मी. लंबाई, चौड़ाई वाले पॉलीथीन के बैगों में तैयार किया जाता है इन पॉलीथीन बैगों में पानी के उचित निकास के लिए निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्ध व्यास के 8-10 छेद करें रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत के समान अनुपात से पॉलीथीन बैगों को भरें मुख्य तौर पर पॉलीथीन बैग में जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह तक बीज को बोया जाता है बिजाई से पहले, कप्तान 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें नये निकले पौधों को उखेड़ा रोग से बचाने के लिए कप्तान 0.2 प्रतिशत का मिट्टी में छिड़काव करें नए पौधों की रोपाई सितंबर-अक्तूबर महीने में की जाती है रोपाई के समय कोई भी खाद ना डालें उसके बाद फरवरी महीने में N:P:K(19:19:19) 1 किलो दो बार डालें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें मौसम, फसल की वृद्धि और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं

Posted by ਸਤਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
04-12-2019 10:29 PM
ਸਤਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਲਰ ਵਾਲੀ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਜਿਪਸਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਨੀਂਬੂ ਦਾ ਬਾਗ਼ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Hariom
Uttar Pradesh
04-12-2019 10:21 PM
Hariom ji aap kisme jaise PBW 373,PBW 343,UP 2425,PBW-443,PBW-524 ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by y k mishra
Uttar Pradesh
04-12-2019 10:19 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्च.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.
Posted by AKSHAY Kumar
Uttar Pradesh
04-12-2019 10:19 PM
श्रीमान जी, गेहूं के इलावा आप चिक्त्सिक पौधे जैसे के कलिहारी, लस्सान घास, पुदीना , मुलेठी, शंखपुष्पी, शतावरी, सदाबहार, सफ़ेद मूसली, स्वीट फ्लैग की खेती कर सकते है और सब्जिया जैसे के टमाटर, मूली, चप्पन कद्दू , शिमला मिर्च, बैंगन की कहती कर सजकत हैं, धन्यवाद
Posted by jaswinder singh
Punjab
04-12-2019 10:17 PM
Sir ji hun kehri sabji la skde aa ki mooli la skde aa ya phir koi hor te ohna bare vistar nal dseo ?
Jaswinder g,December ch Tusi open field ch Mtr, Gobhi,Mooli laa skde o, Low tunnel krke Kheera, Petha, Kddu, Lauki beej skde o

Posted by Pitambar Patel
Chattisgarh
04-12-2019 10:03 PM
pitamber ji kripya aap btaye ke aap karele ki paniri ko ugane ke bare men jankari lena chahte hai ya aapne iski paniri ki bijai kar di hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Neeraj Prajapati
Uttar Pradesh
04-12-2019 09:58 PM
Neeraj Prajapati ji mirchi ka seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by kiranpal singh
Punjab
04-12-2019 09:57 PM
Kiranpal ji isde vare puuri jankari len lai tuci jaswinder singh ji nal iss no. 09888664632 te sampark kr skde ho..
Posted by pandit inderdev
Uttar Pradesh
04-12-2019 09:56 PM
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ि.... (Read More)
गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है
पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है
Posted by Neeraj Prajapati
Uttar Pradesh
04-12-2019 09:55 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे स.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रहने की जगह , समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 1 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं इस तरह आप 5—7 दिन दें, इससे दूध बढ़ जाएगा. बाकि आप Anabolite liquid 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें..
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