Experts Q&A Search

Posted by Maneesh Kumar
Uttar Pradesh
05-12-2019 11:31 AM
Punjab
12-05-2019 02:05 PM
Maneesh ji suar ke bache ko piglet bolte hai.
Posted by Anuj Kumar
Haryana
05-12-2019 11:28 AM
Maharashtra
12-05-2019 12:05 PM
अनुज जी लहसुन का production उसकी किसम के हिसाब से होता है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से निकलता है धन्यवाद
Posted by Gaurav yadav
Uttar Pradesh
05-12-2019 11:27 AM
Punjab
12-05-2019 02:09 PM
इसे आप Injection Amxirum Fort 4.5gm, Injection Megludyne 20ml, Injection Isoflud 5ml और Avil 10ml लगवयें ये आप तीन​ दिन लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Parvesh Parjapati
Uttar Pradesh
05-12-2019 11:26 AM
Punjab
12-05-2019 12:26 PM
मी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र.... (Read More)
मी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है
Posted by khushbu
Chattisgarh
05-12-2019 11:22 AM
Maharashtra
12-05-2019 12:29 PM
khushbu ji aapke dwar abheji gayi photo adhi upload hui hai kripya poori photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by मंटू कुशवाहा
Uttar Pradesh
05-12-2019 11:18 AM
Punjab
12-05-2019 12:06 PM
फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्हो ने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by savan
Madhya Pradesh
05-12-2019 11:16 AM
Punjab
12-05-2019 02:31 PM
कालमेघ की खेती :- इसको गर्म नम तथा पर्याप्त सूर्य प्रकाश की आवश्यकता होती है मानसून आने के बाद इसकी काफी वृद्धि होती है और सितम्बर के मध्य जबकि तापक्रम न ज्यादा गर्म और न ज्यादा ठंडा होता है तब फूल आने लगते हैं फूल तथा फलियों का बनना दिसम्बर के मध्य तक होता है इस समय उत्तरी भारत में तापक्रम कम हो जाता है दक्ष.... (Read More)
कालमेघ की खेती :- इसको गर्म नम तथा पर्याप्त सूर्य प्रकाश की आवश्यकता होती है मानसून आने के बाद इसकी काफी वृद्धि होती है और सितम्बर के मध्य जबकि तापक्रम न ज्यादा गर्म और न ज्यादा ठंडा होता है तब फूल आने लगते हैं फूल तथा फलियों का बनना दिसम्बर के मध्य तक होता है इस समय उत्तरी भारत में तापक्रम कम हो जाता है दक्षिण भारत क्षेत्र में इस तरह की जलवायु अवस्था मध्य अक्टुबर से अन्त फरवरी या मार्च के प्रथम सप्ताह तक होती है
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
05-12-2019 11:10 AM
Punjab
12-05-2019 01:50 PM
Harshdeep ji eh ik nadeennashak hai jo khet vich fasl di bijai to pehlan vartya janda hai. isdi matra 1 litre nu prati acre de hisab nal bijai to 2 din pehlan spray kiti jandi hai.dhanwad
Posted by jatinder singh
Punjab
05-12-2019 10:57 AM
Punjab
12-05-2019 02:10 PM
Jatinder ji tuci usda bhukar check krwao ji jekar bhukar sahi hai tan tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate Livoferol liquid 100ml rojana ate Aptifast 1-1 goli swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Vishnu Kumar koli
Rajasthan
05-12-2019 10:51 AM
Rajasthan
12-05-2019 11:04 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Raju Mallah
Uttar Pradesh
05-12-2019 10:49 AM
Punjab
12-05-2019 12:07 PM
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में .... (Read More)
श्री मान पहले पानी के साथ यूरिया 50 किलो और जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें
Posted by ਬਲਕਰਨ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ
Punjab
05-12-2019 10:42 AM
Punjab
12-05-2019 11:24 AM
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 40 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਚੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੁੱਟ ਦਿਉ
Posted by Amritpal singh
Punjab
05-12-2019 10:34 AM
Punjab
12-05-2019 02:12 PM
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਫੀਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਤੁਸੀ ਇਕ ਦਮ ਉਸਦੀ ਫੀਡ ਨਾ ਚੰਗੇ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਘਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੁਰਾਣੀ ਫੀਡ ਵਿਚ ਨਵੀਂ ਫੀਡ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਵੇਂ ਜਿਵੇਂ ਪਸ਼ੂ ਉਸ ਨੂੰ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਘਟ ਕਰਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਮਾਤਰਾ ਵਧਾ ਕੇ ਸਾਰੀ ਫੀਡ ਬਦਲ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦ.... (Read More)
ਅਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਫੀਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਤੁਸੀ ਇਕ ਦਮ ਉਸਦੀ ਫੀਡ ਨਾ ਚੰਗੇ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਘਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੁਰਾਣੀ ਫੀਡ ਵਿਚ ਨਵੀਂ ਫੀਡ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਵੇਂ ਜਿਵੇਂ ਪਸ਼ੂ ਉਸ ਨੂੰ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਘਟ ਕਰਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਮਾਤਰਾ ਵਧਾ ਕੇ ਸਾਰੀ ਫੀਡ ਬਦਲ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਨਹੀਂ ਘਟਦਾ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨਵੀਂ ਫੀਡ ਵੀ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਖਾ ਵੀ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ..
Posted by gurpreet
Punjab
05-12-2019 10:30 AM
Punjab
12-05-2019 10:41 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ quinalphos@4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Balwinder Singh
Punjab
05-12-2019 10:30 AM
Punjab
12-05-2019 10:39 AM
श्रीमान जी गेहूं में यूरिया 50 किलो और जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ डाल सकते है जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत द्धारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल से 2—3 स्प्रेओं का प्रयोग करें ज्यादा पैदावार और ग्रोथ बढ़ाने के लिए 19.19.19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खाद, स्टीकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाक.... (Read More)
श्रीमान जी गेहूं में यूरिया 50 किलो और जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ डाल सकते है जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत द्धारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल से 2—3 स्प्रेओं का प्रयोग करें ज्यादा पैदावार और ग्रोथ बढ़ाने के लिए 19.19.19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खाद, स्टीकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई से 30 दिनों के बाद डालें
Posted by Jagtar Kler
Punjab
05-12-2019 10:29 AM
Punjab
12-05-2019 03:28 PM
जगतार जी बायॉफ्लोक मछली फार्म का पंजाब में कोई सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है आपको अपने स्तर पर इसकी फार्मिंग करनी होगी यदि आप बायॉफ्लोक फार्म देखना चाहते है तो आप जसविंदर सिंह का फार्म देख सकते है आप इस नंबर पर इनके साथ संपर्क 98886 69632 कर सकते है
Posted by ਬਲਕਰਨ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ
Punjab
05-12-2019 10:25 AM
Punjab
12-05-2019 10:35 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Raju Mallah
Uttar Pradesh
05-12-2019 10:23 AM
Punjab
12-05-2019 10:34 AM
Shri maan g urea@50kg per acre and sulphur@3kg per acre dall skte ho....
Posted by khuspal
Punjab
05-12-2019 10:20 AM
Punjab
12-05-2019 02:20 PM
khuspal ji gobh di sundi di roktham de layi tuc quinalphos@800ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
05-12-2019 10:19 AM
Punjab
12-05-2019 09:13 PM
Harshdeep ji tuci iss nu Liquid Actinovet 15ml nu 10-10 drops din vich 3 varr deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by karnjot singh
Punjab
05-12-2019 10:18 AM
Punjab
12-05-2019 02:29 PM
Karnjot ji chicks lenn lai tuci Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal sampark kr skde ho..
Posted by Jay Rao
Rajasthan
05-12-2019 10:13 AM
Rajasthan
12-05-2019 02:35 PM
ये मुर्रा नसल की भैंस है
Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
05-12-2019 09:59 AM
Maharashtra
12-06-2019 11:11 AM
अमरजीत जी अगर तापमान कम होती है तो आप इसे हलकी सिंचाई करें
Posted by MANAV
Maharashtra
05-12-2019 09:50 AM
Maharashtra
12-05-2019 10:01 AM
मानव जी यह तत्व की कमी के कारण हो रहा है इसके लिए आप वर्मीकम्पोस्ट@4 किलो को प्रति पौधे के हिसाब से डाले धन्यवाद
Posted by Espaq Khan
Rajasthan
05-12-2019 09:50 AM
Punjab
12-05-2019 09:53 AM
श्री मान बैंगन की ग्रोथ के लिए NPK 19 19 19 @10 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by jaskirat singh
Punjab
05-12-2019 09:43 AM
Punjab
12-05-2019 09:53 AM
ਜਸਕੀਰਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ, ਪਿਆਜ, ਮਟਰ, ਧਨੀਆ,ਚਕੁੰਦਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਆਲੂ, ਸਰ੍ਹੋਂ, ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by husanpreet singh
Punjab
05-12-2019 09:31 AM
Punjab
12-05-2019 09:45 AM
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ .... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Harpreet Singh
Punjab
05-12-2019 09:07 AM
Punjab
12-05-2019 02:05 PM
ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ਼ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪੋਰ ਦਿਓ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇ ਬਾਰਿਸ਼ਾਂ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਦੂਜੀ ਕਿਸ਼ਤ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by Bittu
Punjab
05-12-2019 09:04 AM
Punjab
12-05-2019 10:20 AM
bittu ji 7 month dia egg valia Karaknath murgia tuhanu 450/- tak mil jangia, hor jeada jankari lai tusi Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Jaspreet Ghuman
Punjab
05-12-2019 09:03 AM

?

Punjab
12-05-2019 10:04 AM
jaspreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Devendra
Madhya Pradesh
05-12-2019 08:55 AM
Maharashtra
12-05-2019 01:45 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे लाल रेतली मिट्टी से तटीय रेतली और लेटराइट मिट्टी में उगाया जाता है यह अच्छे निकास वाली गहरी रेतली दोमट और हल्की तेजाबी मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी चिकनी और अत्याधिक खारी और क्षारीय मिट्टी में काजू की खेती ना करें मिट्टी की पी एच 8.0 से अधिक नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे लाल रेतली मिट्टी से तटीय रेतली और लेटराइट मिट्टी में उगाया जाता है यह अच्छे निकास वाली गहरी रेतली दोमट और हल्की तेजाबी मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी चिकनी और अत्याधिक खारी और क्षारीय मिट्टी में काजू की खेती ना करें मिट्टी की पी एच 8.0 से अधिक नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Selection 1,Selection 2,Ullal 1,Ullal 2 काजू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है खेत की तैयारी मॉनसून का मौसम शुरू होने से पहले करें बिजाई मई महीने में की जाती है अनउपजाऊ मिट्टी में 7.5मीटर x 7.5 मीटर और गहरी उपजाऊ मिट्टी में 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें बीज की मात्रा:-प्रति एकड़ भूमि में बिजाई के लिए 250 ग्राफ्ट किए पौधों का प्रयोग करें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 750 ग्राम, फास्फोरस 325 ग्राम और पोटाश 750 ग्राम प्रति एकड़ में डाली जानी चाहिए नदीनों की बढ़ती संख्या के अनुसार, जून - जुलाई और सितंबर - अक्तूबर महीने में हाथों से या रासायनिक तरीके से गोडाई करें जुलाई के शुरू में और फिर 2 महीने के अंतराल पर पैराकुएट 160 ग्राम प्रति एकड़ में डालें या जून - जुलाई महीने में ग्लाईफोसेट 350 ग्राम प्रति एकड़ में डालें बिजाई के 3 वर्ष बाद तुड़ाई करनी शुरू करें और 10 वर्ष के वृक्ष में पूरी उपज प्राप्त की जा सकती है यह फसल अगले 20 वर्षों तक नियमित उपज देती है फलों की हाथों से तुड़ाई की जाती है और फिर छिल्के से अलग किया जाता है और फिर 2-3 दिनों के लिए धूप में सुखाया जाता है सुखाने के बाद इन्हें स्टोर किया जाता है इसकी औसतन उपज 3 किलो प्रति वृक्ष प्रति वर्ष होती है
Posted by Jaspreet Ghuman
Punjab
05-12-2019 08:49 AM

?

Punjab
12-05-2019 10:05 AM
jaspreet ji kirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Devendra
Madhya Pradesh
05-12-2019 08:49 AM
Maharashtra
12-05-2019 01:02 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे लाल रेतली मिट्टी से तटीय रेतली और लेटराइट मिट्टी में उगाया जाता है यह अच्छे निकास वाली गहरी रेतली दोमट और हल्की तेजाबी मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी चिकनी और अत्याधिक खारी और क्षारीय मिट्टी में काजू की खेती ना करें मिट्टी की पी एच 8.0 से अधिक नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे लाल रेतली मिट्टी से तटीय रेतली और लेटराइट मिट्टी में उगाया जाता है यह अच्छे निकास वाली गहरी रेतली दोमट और हल्की तेजाबी मिट्टी में अच्छे परिणाम देती है भारी चिकनी और अत्याधिक खारी और क्षारीय मिट्टी में काजू की खेती ना करें मिट्टी की पी एच 8.0 से अधिक नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Selection 1,Selection 2,Ullal 1,Ullal 2 काजू की खेती के लिए अच्छी तरह से तैयार और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है खेत की तैयारी मॉनसून का मौसम शुरू होने से पहले करें बिजाई मई महीने में की जाती है अनउपजाऊ मिट्टी में 7.5मीटर x 7.5 मीटर और गहरी उपजाऊ मिट्टी में 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें बीज की मात्रा:-प्रति एकड़ भूमि में बिजाई के लिए 250 ग्राफ्ट किए पौधों का प्रयोग करें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 750 ग्राम, फास्फोरस 325 ग्राम और पोटाश 750 ग्राम प्रति एकड़ में डाली जानी चाहिए नदीनों की बढ़ती संख्या के अनुसार, जून - जुलाई और सितंबर - अक्तूबर महीने में हाथों से या रासायनिक तरीके से गोडाई करें जुलाई के शुरू में और फिर 2 महीने के अंतराल पर पैराकुएट 160 ग्राम प्रति एकड़ में डालें या जून - जुलाई महीने में ग्लाईफोसेट 350 ग्राम प्रति एकड़ में डालें बिजाई के 3 वर्ष बाद तुड़ाई करनी शुरू करें और 10 वर्ष के वृक्ष में पूरी उपज प्राप्त की जा सकती है यह फसल अगले 20 वर्षों तक नियमित उपज देती है फलों की हाथों से तुड़ाई की जाती है और फिर छिल्के से अलग किया जाता है और फिर 2-3 दिनों के लिए धूप में सुखाया जाता है सुखाने के बाद इन्हें स्टोर किया जाता है इसकी औसतन उपज 3 किलो प्रति वृक्ष प्रति वर्ष होती है
Posted by gurdeep singh
Punjab
05-12-2019 08:41 AM
Maharashtra
12-05-2019 12:22 PM
gurdeep ji eh tat di kami hai isde uper zinc sulphate@3 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo. isto ilava tuc isde boote nu vermicompost@4 kilo nu prati paudha pao.dhanwad
Posted by Amandeep singh
Punjab
05-12-2019 08:23 AM
Punjab
12-05-2019 02:59 PM
ਇਸ ਪਾਊਡਰ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Satwant Singh
Punjab
05-12-2019 08:22 AM
Punjab
12-05-2019 09:20 AM
Satwant Singh G, Tusi K.V.K Noormahal naal contact kro. Utho tuhanu Earthworm mil skde ney
Posted by gurbhej singh
Punjab
05-12-2019 08:09 AM
Punjab
12-05-2019 08:14 AM
Shri maan g 50 kg urea per acre and sulphur@3kg per acre de hisab nal paa skde ho....
Posted by rupesh mali
Madhya Pradesh
05-12-2019 08:02 AM
Punjab
12-05-2019 08:18 AM
Shri maan g iski jaankari ke liye aap apne nazdiki Horticulture Dept. ke HDO se mil skte ho,woh apko iski poori jankari de denge...
Posted by Udham Singh
Haryana
05-12-2019 08:00 AM
Punjab
12-05-2019 08:12 AM
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित.... (Read More)
श्री मान जौं की किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित हालातों में खेती करने पर यह अधिक उपज देती है यह किस्म चारे और दाने लेने के लिए उपयुक्त किस्म है यह 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है सिंचित हालातों में, इसकी औसतन पैदावार 14-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vijaya: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Dolama: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Himani: यह किस्म शिमला में विकसित की गई है यह यू पी के मध्यम और निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12.8-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है LSB 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Amber: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 130-133 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म यू पी के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसका प्रयोग बीयर बनाने के लिए किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jyoti: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म उत्तर प्रदेश के सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 164: यह लंबी प्रकार की किस्म है, इसकी बालियां सघन होती है इसके दाने मोटे और सुनहरी होते हैं यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है यह सिंचित क्षेत्रों में खेती करने के लिए उपयुक्त किस्म है अच्छी उपज के लिए, 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सिंचित क्षेत्रों के लिए, 15 से 25 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें बारानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 10 नवंबर का समय उपयुक्त होता है यदि बिजाई देरी से की जाए तो दानों की उपज और गुणवत्ता कम हो जाती है और उपज बीयर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती
Posted by Neetesh Rawat
Madhya Pradesh
05-12-2019 07:59 AM
Punjab
12-05-2019 11:59 AM
neetesh ji kripya aap btaye ke aapne iski nursery ki bijai ki hai ya mukhya khet men bijai ki hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sameer
Rajasthan
05-12-2019 07:57 AM
Punjab
12-05-2019 08:10 AM
श्री मान खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बच.... (Read More)
श्री मान खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 20 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा लहसुन की बिजाई के 2 दिन पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीना बाद डालें
Posted by guri singh
Punjab
05-12-2019 07:56 AM
Punjab
12-05-2019 03:01 PM
Guri ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate cargill di transition mix feed deni suru kro, iss nal lewa ate dudh vddh jawega..
Posted by arun
Uttar Pradesh
05-12-2019 07:54 AM
Punjab
12-05-2019 08:06 AM
श्री मान गेहूं में यूरिया पानी लगाने से एक दिन पहले शाम को डाल सकते हो
Posted by KARTIK SANOHA
Uttar Pradesh
05-12-2019 07:53 AM
Maharashtra
12-05-2019 11:43 AM
KARTIK ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
05-12-2019 07:47 AM
Maharashtra
12-05-2019 12:20 PM
आर्य सुरेन्द्र जी आप औषदीय फसलों की खेती कर सकते है जिसमे आप एलोवेरा, शतावरी जैसी फसलों की बिजाई कर सकते है इसकी contract farming के लिए आप Mr Yadav 6268536795 Aushadhiya kheti vikas sansthan से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by GAJRAJ SINGH THAKUR
Madhya Pradesh
05-12-2019 07:41 AM
Punjab
12-05-2019 07:46 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਿਛੇਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBW-752,PBW-590,PBW343, PBW-509,HD-2851, PBW-658 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by balwinder sidhu
Punjab
05-12-2019 07:34 AM
Punjab
12-05-2019 07:54 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ ਕਣਕ ਨੂੰ ਦੂਜਾ ਪਾਣੀ 40-45ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
05-12-2019 07:29 AM
Punjab
12-11-2019 04:40 PM
श्रीमान जी, एलो वेरा के लिए लगभग बीज का खर्चा : 34375 खाद का खर्चा : 3313 रूडी की खाद का खर्चा : 5625 सिंचाई का खर्चा : 1500 खेत की तैयारी का खर्चा : 11250 लेबर का खर्चा : 12000 पूरा खर्चा : 68083 बिक्री : 112500 मुनाफा : 48000 धन्यवाद