Posted by Anuj Kumar
Haryana
08-12-2019 08:21 AM
आप बच्चे को पेट के कीड़ों के लिए Albomar liquid 30ml दें ये आप 15-15ml दो दिन दें और गाय को पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें इसके साथ आप बच्चे को अच्छी मात्रा में मां का दूध पिलाएं और थोडा थोडा चारा भी दें और साथ में Cafplan पाउडर 15 ग्राम रोजाना दें और गाय को आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्म.... (Read More)
आप बच्चे को पेट के कीड़ों के लिए Albomar liquid 30ml दें ये आप 15-15ml दो दिन दें और गाय को पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें इसके साथ आप बच्चे को अच्छी मात्रा में मां का दूध पिलाएं और थोडा थोडा चारा भी दें और साथ में Cafplan पाउडर 15 ग्राम रोजाना दें और गाय को आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और Enerdyna liquid 100-100ml सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें और Calcimust bolus 1-1 सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Bherulal Patidar
Madhya Pradesh
08-12-2019 08:20 AM
श्रीमान जी, तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते ह.... (Read More)
श्रीमान जी, तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मध्य मार्च का समय अनुकूल होता है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 2 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई से पहले, कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को 4 ग्राम ट्राईकोडर्मा विराइड से उपचार करें बीज को छांव में सुखाएं और बीज दें बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 20 किलो नाइट्रोजन (45 किलो यूरिया),10 किलो फासफोरस (65 किलो सिंगल सुपरफासफेट) और 10 किलो पोटाश (18 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) प्रति एकड़ में डालें पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बोने के समय खेत में डालें बिजाई के 30-45 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें धन्यवाद

Posted by anuj khatana
Uttar Pradesh
08-12-2019 08:20 AM
श्रीमान जी, फूल गोभी और बंद गोभी के पकने का समय उनकी किस्म पर निर्भर करता है, के अपने कोनसी किस्म की बिजाई करते हैं, फूल गोभी की किस्मे जैसे के अगेती किस्में : Early Kunwari: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल क्रीम रंग के और आकार में छोटे होते हैं यह किस्म 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 25-37.5 क्विंटल प.... (Read More)
श्रीमान जी, फूल गोभी और बंद गोभी के पकने का समय उनकी किस्म पर निर्भर करता है, के अपने कोनसी किस्म की बिजाई करते हैं, फूल गोभी की किस्मे जैसे के अगेती किस्में : Early Kunwari: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके फल क्रीम रंग के और आकार में छोटे होते हैं यह किस्म 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 25-37.5 क्विंटल प्रति एकड़ है Pusa Deepali: यह किस्म IARI द्वारा विकसित की गई है यह जल्दी पकने वाली किस्म है और उत्तरी भारत में बिजाई के लिए उपयुक्त है इसकी खेती के लिए गर्म जलवायु (20-25°सै.) अनुकूल होती है इसकी औसतन पैदावार 42-62.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Summer King: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Paavas: यह हाइब्रिड किस्म है यह रोपाई के 60 से 65 दिनों क बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके बीज को जून के महीने में बोया जाता है और रोपाई जुलाई के महीने में की जाती है इसकी औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मध्य मौसम की किस्में : Improved Japani: इस किस्म के फूल सख्त और सफेद रंग के होते है, इसके बीज मध्य-जुलाई महीने में बोयें जाते हैं और मध्य-अगस्त महीने में रोपण किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 83-94 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Sairano: यह हाइब्रिड किस्म 80-85 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 60-70 क्विंटल प्रति एकड़ होती है पिछेती किस्में : Pusa Snowball K-1: यह किस्म सनोबाल 1 से देरी में पकने वाली किस्म है इसके बाहरी पत्ते ऊपर की तरफ सीधे और बीच वाला फूल घना और फूल बर्फ के जैसे सफेद होते हैं यह 110-120 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 72-87.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Snowball 16 : यह देरी से पकने वाली किस्म है फूल सख्त और आकर्षित सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100-125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है बंद गोभी की किस्मे जैसे के Golden acre: यह किस्म सभी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली और छोटे पौधे वाली किस्म है इसके 4-5 खुले हुए पत्ते होते हैं यह किस्म गोल और इसका छोटे आकार का सख्त सिर होता है यह किस्म 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 94-104 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Mukta: यह गोल, सख्त सिर और आकर्षित हरे रंग की किस्म है यह किस्म 85-90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी गर्मियों की फसल की औसतन पैदावार 84 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और सर्दियों की फसल की औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pride of India: यह छोटा पौधा है, लगभग गोल होता है यह हरे रंग की और छोटे से मध्यम आकार के सिर वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 100-125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Drum Head: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसका तना मध्यम लंबा होता है इसका सिर समतल हरा और बड़े आकार का सख्त सिर होता है यह अधिक उपज देने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 156-182 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Shree Ganesh Gol: यह रोपाई के 80 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hari Rani Gol : यह हाइब्रिड किस्म है यह 90-95 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kranti : यह हाइब्रिड किस्म है यह 60-65 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म कम फासले पर लगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद

Posted by anuj khatana
Uttar Pradesh
08-12-2019 08:18 AM
श्रीमान जी, आप इसकी किस्मे जैसे के Kalyanpur Red Round यह 150- 160 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Shakti यह 130 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Kiran यह 130 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Shweta यह 110- 115 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Pusa White Round यह 100 -120 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Pusa white flat यह 110 -120 दिन में पक के तैयार हो जाती है, इसकी नर्सरी करी.... (Read More)
श्रीमान जी, आप इसकी किस्मे जैसे के Kalyanpur Red Round यह 150- 160 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Shakti यह 130 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Kiran यह 130 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Bhima Shweta यह 110- 115 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Pusa White Round यह 100 -120 दिन में पक के तैयार हो जाती है, , Pusa white flat यह 110 -120 दिन में पक के तैयार हो जाती है, इसकी नर्सरी करीब 2 महीने में तैयार हो जाती है, धन्यवाद

Posted by parvinder singh
Punjab
08-12-2019 08:18 AM
Shrimaan ji, meeh di sambhavan 12- 13 tareek di hai, kirpa kar ke tuc meeh pen tak pani na lagao, dhanwad

Posted by Arshdeep singh
Punjab
08-12-2019 08:12 AM
Arshdeep ji kirpa krke ehh dso ohna nu ki smasia aa rehi hai tan jo uss hisab nal tuhanu dwai vare dsiya jaa skee .
Posted by Jaspreet Singh
Punjab
08-12-2019 08:07 AM
Jassa ji isda rate jille de hisab nal alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega.
Example
Fat 4.0 *200 =800
Snf 8.0 *=170=1360
800+1360=2160
Rate per kg 21.60 paise
Milk 01 litre 21.60
Milk 10 litre 216 rupees

Posted by gursewak singh
Punjab
08-12-2019 07:48 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਪੂਰਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by raj singh aryan
Uttar Pradesh
08-12-2019 07:46 AM
श्रीमान जी, सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइ.... (Read More)
श्रीमान जी, सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें धन्यवाद

Posted by Gagandeep Bhari
Punjab
08-12-2019 07:44 AM
Shrimaan ji, tuc hun kanak diya kisma jive ke PBW 590 ( jhaad 16.4 quintal prati acre ), PBW 508 ( jhaad 15.8 quintal prati acre ), PBW 658 ( jhad 17.6 quintal prati acre ), PBW 752 ( jhaad 19.9 quintal prati acre) di bijai kar sakde ho, dhanwad
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
08-12-2019 07:42 AM
Kulwinder ji pashu palan lai tuci pehla iss kam di training lao jo tuci apne nazdiki krishi vigyan kendar vicho laa skde ho, jiss nal tuhanu iss kam vare sahi jankari milegi baki tuci vdia nasal de pashua nal iss kam nu suru kro ate holi holi iss kam nu vdhao, pehla tuci 2-3 pashua nal suru kro jiwe jiwe tuhanu iss kam di jankari hundi rehegi tuci iss kam nu vdhha skde ho.
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
08-12-2019 07:32 AM
श्रीमान जी, कृपय आप अपना सवाल विस्तार से पूछें की आप 1 बीघे में शतावर के लाभ के बारे में जानना चाहते हैं, या कुछ और जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by harjinder singh
Punjab
08-12-2019 07:22 AM
ਸਰ ਪਹਿਲਨ ਝੋਟੀ ਦੇ ਦੋ ਵਾਰੀ ਟੀਕਾ ਭਰਾਇਆ ਗੱਭਣ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਹੀ ਕੀ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ ?
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Agrimin-i ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Dhanraj Meena
Rajasthan
08-12-2019 06:54 AM
श्रीमान जी, नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोडाइयों की सिफारिश की जाती है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें इसकी ग्रोथ के लिए NPK 130045 @1 kg को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Mahendra Patel
Rajasthan
08-12-2019 06:48 AM
Shrimaan ji, kripya ap bateye ke ap konse phool ki kheti karna chahte hain, taki apko uske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhnaywad

Posted by Dilshad Saifi
Uttar Pradesh
08-12-2019 06:46 AM
श्रीमान जी, सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई दे.... (Read More)
श्रीमान जी, सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद
Posted by आर्य सुरेन्द्र पँवार
Uttar Pradesh
08-12-2019 06:23 AM
श्रीमान जी, 1 बीघा में शतावरी मं 6500 की आय आ जाती है, फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 स.... (Read More)
श्रीमान जी, 1 बीघा में शतावरी मं 6500 की आय आ जाती है, फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है कीटनाशक का इस्तेमाल तब ही किया जाता है, जब इसकी जरुरत होती है धन्यवाद

Posted by harmanpreet singh
Punjab
08-12-2019 06:04 AM
shrimaan g knak nadeen wali spray krn to 7-8 din baad tkk mousam clear rehna chaida and pani v nhi lgna chaida ta jo nadeen chngi tra sukk jan..

Posted by pawan tomer
Uttar Pradesh
08-12-2019 05:33 AM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke yeh janwar apke khet mein kya nuksan kar raha hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by pawan tomer
Uttar Pradesh
08-12-2019 05:29 AM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke yeh janwar apke khet mein kya nuksan kar raha hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Charanjit Singh Jhajj
Punjab
08-12-2019 04:37 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਆਲੂ ਵਿੱਚ NPK 13.0.45 ਜਾਂ 19.19.19 @1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Charanjit Singh Jhajj
Punjab
08-12-2019 04:28 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਆਲੂ ਵਿੱਚ NPK 13.0.45 ਜਾਂ 19.19.19 @1 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by pushpendra singh
Uttar Pradesh
08-12-2019 04:15 AM
shrimaan g knak mein pehla pani beejayi se 21-25 din baad lgao g..

Posted by major singh
Punjab
08-12-2019 03:24 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁਛੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਜੀ

Posted by Sandeep Pal
Uttar Pradesh
08-12-2019 01:04 AM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap mirch ke bare mein kya jankari lena chate hain taki apko iske bare mein uccit jankari di ja sake, dhnaywad
Posted by aditya kumar
Bihar
07-12-2019 11:32 PM
aditya ji nadeen kharpatvar ko bola jata hai jo fasl men ke sath ug jate hai.dhanywad
Posted by DEEPAK JOSHI SAMASTIPUR
Bihar
07-12-2019 11:20 PM
आप अभी सब्जियां जैसे टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, सलाद, बैंगन, प्याज की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
07-12-2019 10:38 PM
Gurjeet ji tuci usdi khurak da dian rkho ate suun ton 1 hafte badd uss nu pett de kiria lai goli deo ji.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
07-12-2019 10:36 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ..

Posted by Mandeep
Punjab
07-12-2019 10:21 PM
Mandeep g, 2 kg Urea 100 litre paani ch ghol k spray kro
Posted by satnam singh
Punjab
07-12-2019 10:19 PM
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲ.... (Read More)
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ, ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੁੱਝ ਖੁੰਬਾ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਇਕ ਖੁੰਬ ਨੂੰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 1 ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਾਲੀ,ਬੀਜ,ਬਾਂਸ, ਸੇਬਾ ਆਦਿ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ *ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲੇ*-- ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਪੂਲੇ ਦੋਨੋ ਸਿਰਿਆ ਤੋਂ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੂਲੇ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕਟ ਕ ਇਕ ਬਰਾਬਰ ਕਰ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਕਿਆਰੀ ਲਗਾਉਣਾ*---ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਸਾਫ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 16-20 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡਬੋ ਦਇਓ ਗਿਲੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਢਲਾਨ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਣ ਦਇਓ ਕਮਰੇ ਚ ਇੱਟਾਂ ਤੇ ਬਾਂਸ ਦਾ ਇਕ ਢਕਵਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣਾਓ, ਇਸ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਤੇ 5 ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਇਕ ਤਹਿ ਲਗਾਓ, ਜਿਸ ਉਪਰ ਲਗਭਗ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾਓ. ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰ ਵਾਲੀ ਤਹਿ ਉਲਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ 5-5 ਪੂਲਿਆ ਦੀਆ 4 ਤਹਿਆ ਵਿਚ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾ ਕ ਇਕ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਰ 2 ਪੂਲੇ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*---ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7-9 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਲਗ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ *ਪਾਣੀ ਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ*-- ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹਰ ਰੋਜ ਪਾਣੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਉਪਰੰਤ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ 6-8 ਘੰਟੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ * ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਖੁੰਬਾਂ ਫੁੱਟਣ ਉਪਰੰਤ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ **ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ** ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਈ ਤੂੜੀ ,ਬੀਜ ,ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ(12×16),ਸੇਬਾ,ਕੇਸਿੰਗ, ਮਿਟੀ ਆਦਿ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ *ਤੂੜੀ ਦੀ ਤਿਆਰੀ*--ਸੁਕੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ 16-20 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿਲਾ ਕਰੋ, ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਸੇਬੇ ਨਾਲ਼ ਬੰਨ ਦਇਓ. ਇਸ ਬੋਰੀ ਨੂੰ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 45-50 ਮਿੰਟ ਲਈ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਤੂੜੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ *ਬਿਜਾਈ*--- ਠੰਡੀ ਤੂੜੀ ਵਿਚ ਬੀਜ ਰਲਾ ਕੇ ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਭਰ ਦਇਓ 1 ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਅਤੇ 70-80 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ. ਲਿਫਾਫੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਇਓ *ਕੇਸਿੰਗ*--ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਲਿਫਾਫੇ ਖੋਲ ਕੇ ਕੇਸਿੰਗ ਦੀ 1-1.5 ਦੀ ਤਹਿ ਲਗਾ ਦਇਓ, ਕੇਸਿੰਗ ਵਿਚ ਰੂੜੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿਟੀ(4:1) ਹੁੰਦੀ ਹੈ. ਜੋ ਕ 24 ਘੰਟਿਆ ਲਈ 4% ਫਾਰਮਲੇਨ ਦੇ ਘੋਲ਼ ਨਾਲ ਜੀਵਣੁ ਰਹਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ *ਖੁੰਬਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*-- ਕੇਸਿੰਗ ਮਿਟੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿਚ ਖੁੰਬਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਿਣਕੇ ਨਿਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ. ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਲਗਭਗ 35 -40 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Kahlon
Punjab
07-12-2019 10:13 PM
ਖੇਤ ਵਿਚ 40 ਟਨ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਉ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ 50 ਕਿੱਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, 25 ਕਿੱਲੋ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ 25 ਕਿੱਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (110 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ, 155 ਕਿੱਲੋ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 40 ਕਿੱਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਸਾਰੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ , ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਯੂਰੀਆ ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪਾਉ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਯੂਰੀਆ ਬੀਜਣ ਦੇ ਚਾਰ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਪਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹ.... (Read More)
ਖੇਤ ਵਿਚ 40 ਟਨ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਉ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ 50 ਕਿੱਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ, 25 ਕਿੱਲੋ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ 25 ਕਿੱਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (110 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ, 155 ਕਿੱਲੋ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ 40 ਕਿੱਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਸਾਰੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ , ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਯੂਰੀਆ ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਪਾਉ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਯੂਰੀਆ ਬੀਜਣ ਦੇ ਚਾਰ ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਪਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਚੰਗਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਅਤੇ ਵੱਧ ਫੁੱਲਾਂ ਲਈ 57 ਗ੍ਰਾਮ ਘੁੱਲਣਸ਼ੀਲ ਖਾਦਾਂ (19:19:19) ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 40 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 4-5 ਗ੍ਰਾਮ 12:16:0, 2.5-3 ਗ੍ਰਾਮ ਲਘੂ ਤੱਤ ਅਤੇ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਬੋਰੋਨ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਘੋਲ ਬਣਾਉਣ ਲਈ 8-10 ਗ੍ਰਾਮ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਖਾਦਾਂ (13:00:45) ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉ ਅਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਪਰੀਖਣ ਕਰਾਉ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ 5 ਗਾ੍ਮ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬੀਜਣ ਦੇ 30-35 ਦਿਨਾ ਬਾਅਦ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਤੇ 5 ਗ੍ਰਾਮ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਨਾਈਟ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30-35 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by Roop singh
Himachal Pradesh
07-12-2019 10:10 PM
श्रीमान जी, दोमट मिट्टी जिसमे खादों की उच्च मात्रा हो सेब की खेती के विकास के लिए बढ़िया होती है इसकी बढ़िया खेती के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.5 होना चाहिए खेती के लिए अच्छे निकास वाली मिट्टी अनुकूल होती है आप सेब की किस्मे जैसे के Schlomit, Michal, Golden Spur, Red Chief, Top Red, Red Spur, Granny Smith, Rich-a-red, Red Delicious, Starking Delicious, Starkrimson and Mollies Delicious promising varieties जो हिमाचल प्रदेश म.... (Read More)
श्रीमान जी, दोमट मिट्टी जिसमे खादों की उच्च मात्रा हो सेब की खेती के विकास के लिए बढ़िया होती है इसकी बढ़िया खेती के लिए मिट्टी का pH 5.5-6.5 होना चाहिए खेती के लिए अच्छे निकास वाली मिट्टी अनुकूल होती है आप सेब की किस्मे जैसे के Schlomit, Michal, Golden Spur, Red Chief, Top Red, Red Spur, Granny Smith, Rich-a-red, Red Delicious, Starking Delicious, Starkrimson and Mollies Delicious promising varieties जो हिमाचल प्रदेश में उगाई जाती है सेब की खेती के लिए, खेत अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए सेब की रोपाई के लिए जनवरी और फरवरी का समय उचित होता है नर्सरी में, कतारों में 10 सैं.मी. और बीज में 5 सैं.मी. के फासले पर बिजाई की जाती है दरमियाने आकार की किस्मों की रोपाई के लिए, 4 मीटर X 5 मीटर या 4 मीटर X 6 मीटर प्रत्येक वृक्ष में फासला रखें छोटे कद की किस्मों के लिए 2.5 X 4.0 मीटर और अधिक छोटे कद की किस्मों के लिए 3.0 X 0.90 मीटर फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई का ढंग: सीढ़ीनुमा ढंग, छ: भुज , वर्गाकार प्रणाली बीज की मात्रा : दरमियाने आकार की किस्मों के लिए, 80 वृक्ष 2 बीघे में में लगाएं छोटे कद की किस्मों के लिए, 160 वृक्ष 2 बीघे में लगाएं अधिक छोटे कद की किस्मों के लिए, 520 से ज्यादा वृक्ष 2 बीघे में लगाएं प्रजनन के लिए मुख्य रूप से कलम लगाकर और बडिंग विधि का प्रयोग किया जाता है अक्तूबर-नवंबर के महीने में 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर के गड्ढे तैयार करें प्रत्येक गड्ढे में, 30-40 किलो रूड़ी की खाद, 500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 50 ग्राम मैलाथियोन पाउडर मिलाएं गड्ढा खोदने के 1 महीने बाद, रोपाई की जाती है रोपाई के बाद, तुरंत सिंचाई करना आवश्यक है रोपाई से पहले, प्रत्येक गड्डे में, 30-40 किलो रूड़ी की खाद, 500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 50 ग्राम मैलाथियोन पाउडर मिलाएं खाद के तौर पर N:P:K@70:35:70 ग्राम प्रति वृक्ष हर साल मिलाएं जैसे वृक्ष की उम्र बढ़ती है, वृक्ष की उम्र के हिसाब से खादों की मात्रा बढ़ाते रहें उदाहरण के तौर पर, 10 साल के वृक्ष के लिए, खाद के तौर पर N:P:K@700:350:700 ग्राम प्रति वृक्ष में हर साल डालें सेब की बढ़िया गुणवत्ता और विकास के लिए, सही समय पर कांट-छांट करनी आवश्यक है वृक्ष की वृद्धि के अनुसार कांट-छांट करनी चाहिए कांट-छांट के लिए मॉडिफाइड सेंट्रल सिस्टम का प्रयोग किया जाता है ताकि वृक्ष को उचित रोशनी मिल सके और दरमियानी पहाड़ी क्षेत्रों में स्पिंडल बुश सिस्टम का प्रयोग किया जाता है धन्यवाद

Posted by Makwana Jitendrasinh
Gujarat
07-12-2019 09:47 PM
श्री मान पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल .... (Read More)
श्री मान पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद सिंचाई करनी चाहिए यह सहायक जड़ें बनने की अवस्था होती है और यदि अवस्था में नमी की कमी हो तो उपज में काफी कमी आती है बिजाई के बाद 40-45 दिनों में शाखाएं बनने की अवस्था में सिंचाई करें तीसरी सिंचाई बिजाई के बाद 60-65 दिनों में जोड़ बनने के समय करें चौथी सिंचाई 80-85 दिनों में फूल बनने की अवस्था में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के बाद 100-105 दिनों में गेहूं पकने की अवस्था में करें
Posted by zuber choudhary
Uttar Pradesh
07-12-2019 09:35 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है..
Posted by Ashir Shaikh Ashir
Maharashtra
07-12-2019 09:28 PM
श्रीमान जी, तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मध्य मार्च का समय अनुकूल होता है धन्यवाद
Posted by prince
Punjab
07-12-2019 09:25 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ@50 ਕਿਲੋ,ਪੋਟਾਸ਼@20 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਜਿੰਕ ਸਲਫੇਟ@10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Jagdish Lodha
Rajasthan
07-12-2019 08:55 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप caebendazim @ 4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Rudra sharma
Chattisgarh
07-12-2019 08:55 PM
आप पशु को हीट में लाने के लिए पंसारी की दुकान से जैफल के तीन पीस लें उसके बाद इसे गर्म करके भून लें जिससे यह नर्म हो जाये जैंफल का एक पीस भून कर फिर पीस कर बारीख कर लें उसके बाद इसे आटे के पेड़े के ऊपर गुड लगाकर खिलायें इस प्रकार लगातार 3 दिन तक खिलायें इससे पशु हीट में आ जायेगा ..

Posted by Rudra sharma
Chattisgarh
07-12-2019 08:54 PM
आप पशु को हीट में लाने के लिए पंसारी की दुकान से जैफल के तीन पीस लें उसके बाद इसे गर्म करके भून लें जिससे यह नर्म हो जाये जैंफल का एक पीस भून कर फिर पीस कर बारीख कर लें उसके बाद इसे आटे के पेड़े के ऊपर गुड लगाकर खिलायें इस प्रकार लगातार 3 दिन तक खिलायें इससे पशु हीट में आ जायेगा

Posted by nirmal sony
Madhya Pradesh
07-12-2019 08:50 PM
श्री मान फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मि.... (Read More)
श्री मान फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सलफेट 0.5 प्रतिशत स्प्रे द्वारा पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर 2-3 स्प्रे करें ज़मीन की अच्छी जोताई और अच्छी पैदावार के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by भवर लाल जाट
Rajasthan
07-12-2019 08:41 PM
Shrimaan ji, kripya ap iski ik photo bejein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Shivam Singh Bagri
Madhya Pradesh
07-12-2019 08:39 PM
Shivam Singh Bagri ji Solar pump lagwane or is ke bare me puri jankari ke lia aap Vivek Dhangrikar 9406802800 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by suraj singh
Punjab
07-12-2019 08:26 PM
Shrimaan ji, is samay vich tuc sabjiya jive ke karela, kheera, tinda, loki, kadu di bijai kar sakde ho, dhanwad

Posted by omprakash
Madhya Pradesh
07-12-2019 08:22 PM
श्रीमान जी,शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ता.... (Read More)
श्रीमान जी,शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके रोपा तैयार करने का सही समय 15 मई से 15 जून तक का होता है, पनीरी तैयार करेने के लिए आप सीड बेड पर बीज का छीटा दें, धन्यवाद
Posted by ashok tiwari
Madhya Pradesh
07-12-2019 08:21 PM
श्रीमान जी, तरबूज लगाने का सही समय मध्य फरवरी से मध्य मार्च तक का होता है, धन्यवाद

Posted by gaurav rana
Haryana
07-12-2019 08:20 PM
Rana ji usko aap Lactin bolus 1-1 goli subah sham aur Milkout powder 2-2 chamch subah sham den, iske sath aap Enerdyna liquid 100ml rojana den, isse frak padd jayega.

Posted by भवर लाल जाट
Rajasthan
07-12-2019 08:19 PM
श्रीमान जी, आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते ह.... (Read More)
श्रीमान जी, आमतौर पर गेहूं में गुली डंडा 35—40 दिनों में ही बाहर निकलता है जब आप पहला पानी लगाते हैं तो यह गुली डंडा गेहूं के साथ साथ बढ़ना शुरू हो जाता है इस समय गेहूं 40 दिनों के आस पास हो जाती है इस समय आप TOPIK@160GM याAXIAL@400ML याPUMA POWER@400ML या LEADER@13GM या SAFAL@13GM या UPL की SHAGUN 21-11@200gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं इनमें से कोई भी एक स्प्रे प्रयोग कर सकते हैं topik की जगह आप यह स्प्रे प्रयोग कर सकते है यदि बाथू है तो उसके लिए algrip@10gm या total@16gm को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ पर स्प्रे कर सकते हैं धन्यवाद

Posted by kailash Chand meena
Rajasthan
07-12-2019 08:12 PM
श्रीमान जी, PBW 343 किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद
Posted by ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-12-2019 08:08 PM
Aaam taur te kanak de vich gulli danda 35-40 dina de vich hi baahr nikalda hai. jdo tuc pehla paani lgaa dinde ho tan ihh gulli danda kanak de nal nal vadhna shuru ho janda hai. iss sme kanak 40 dina de ass paas ho jandi hai. iss sme tuc TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho. ihna de vicho koi v ikk spray vart skde ho. topik di jgah tuc ihh spreha vart skde ho. jekar bathoo hai tan uss de lyi algrip@10gm ja total@16gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho .
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