
Posted by Tarsem Sandhu
Punjab
09-12-2019 07:02 PM
ਤਰਸੇਮ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amrik singh
Punjab
09-12-2019 07:01 PM
पानी इस फसल के लिए जरूरी है यदि फसल धान के बाद बोयी जाती है तो पानी की जरूरत नहीं है बिजाई के बाद 1 या 2 सिंचाई की जरूरत होती है पहला पानी फूल पड़ने से पहले और फलियां बनते समय लगाएं ज्यादा पानी ना लगाएं जिसके कारण पत्ते पीले और उपज कम होती है अच्छी उपज लेने के लिए एनपीके 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्र.... (Read More)
पानी इस फसल के लिए जरूरी है यदि फसल धान के बाद बोयी जाती है तो पानी की जरूरत नहीं है बिजाई के बाद 1 या 2 सिंचाई की जरूरत होती है पहला पानी फूल पड़ने से पहले और फलियां बनते समय लगाएं ज्यादा पानी ना लगाएं जिसके कारण पत्ते पीले और उपज कम होती है अच्छी उपज लेने के लिए एनपीके 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर सकते है।

Posted by sikander singh
Punjab
09-12-2019 07:01 PM
sikander ji picheti bijai de layi tuc kisman jive PBW590,PBW509, PBW658 kisman di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by IQBALSINGH
Punjab
09-12-2019 07:00 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ QUINALPHOS@800 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by sikander singh
Punjab
09-12-2019 06:56 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਉਪਰ ਅਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ.

Posted by IQBALSINGH
Punjab
09-12-2019 06:52 PM
iqbal ji kanak vich sundi di rotkham de layi chlorpyriphos@1.2 litre nu 60 kilo ret vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by pankaj yadav
Punjab
09-12-2019 06:50 PM
यदि जड़ गलन और गोंदिया रोग का हमला दिखे तो प्रभावित जड़ों के साथ-साथ अन्य प्रभावित भागों को हटा दें और फिर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम प्रति लीटर डालें और मिट्टी से ढक दें या हमले की तीव्रता के अनुसार तने के नज़दीक मैटालैक्सिल+मैनकोजेब 20 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर डालें फोसटाइल (एलीएट) 2.5 ग्राम प्रति लीट.... (Read More)
यदि जड़ गलन और गोंदिया रोग का हमला दिखे तो प्रभावित जड़ों के साथ-साथ अन्य प्रभावित भागों को हटा दें और फिर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम प्रति लीटर डालें और मिट्टी से ढक दें या हमले की तीव्रता के अनुसार तने के नज़दीक मैटालैक्सिल+मैनकोजेब 20 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर डालें फोसटाइल (एलीएट) 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दो स्प्रे अप्रैल से सितंबर महीने में करें

Posted by salim Ansari
Uttar Pradesh
09-12-2019 06:47 PM
Salim ji aap mousam ke hisab se chara bakre ko khila skte hai jaise abhi berseem, makhan ghass de skte hai.

Posted by Gajender Singh
Rajasthan
09-12-2019 06:45 PM
राजेंद्र जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप रायड़ा की फसल के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Abhishek Vishwakarma
Uttar Pradesh
09-12-2019 06:38 PM
अभिषेक जी यह मृदा की किसम पर निर्भर करता है कि कोनसी किसम में कितने तत्व मौजूद है कृपया आप मृदा की किसम बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by prabh
Punjab
09-12-2019 06:37 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by hitesh Rana
Haryana
09-12-2019 06:36 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ

Posted by kuldeep Patel
Rajasthan
09-12-2019 06:34 PM
श्री मान इसकी किस्में हैं---PNB 83, PNB 233, CO 3, Pusa Giant Napier, Gajraj, NB-5, NB-6, NB 37 and NB-35..I इसकी बिजाई गन्ने की तरह की जाती है इसकी बिजाई का सही समय फरवरी से अप्रैल के अंत तक का है I एक एकड़ में 11000 कलमें लगती है Iइसका बीज आप PAU लुधियाना से ला सकते हो I

Posted by Ajay
Haryana
09-12-2019 06:29 PM
ajay ji kripya aap hume kisam ka poora nam aur company da poora btaye kyuki jo kisam aap bta rahe hai uske bare men koi bhi information nahi mil rahi hai.dhanywad
Posted by akash singh
Punjab
09-12-2019 06:23 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਤੁਸੀ 2,4-d dimethyl amine salt 58% @ 400 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕਰ ਪ੍ਰਤ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Narendra Thakur
Madhya Pradesh
09-12-2019 06:21 PM
श्री मान कृपया इसकी फोटो भेजें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Krishna Yadav
Chattisgarh
09-12-2019 06:19 PM
Krishna Yadav ji kirpya je btaye ke chhatisagarh rajya me aap kis vishe ke bare me jankari ke bare me jankari lena chahte hai ta jo aap ko puri jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by akash singh
Punjab
09-12-2019 06:17 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਬੀਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ 35 ਤੋਂ 45 ਅਤੇ ਪਿਛੇਤੀ (ਦਸੰਬਰ ਵਿੱਚ) ਬੀਜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ 45 ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ’ਤੇ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ 250 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 2,4-ਡੀ ਸੋਡੀਅਮ ਸਾਲਟ (80%) ਜਾਂ 2,4-ਡੀ ਈਥਾਈਲ ਐਸਟਰ (38%) 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by akash singh
Punjab
09-12-2019 06:15 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30- 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 160 ਗ੍ਰਾਮ ਕਲੌਡੀਨੋਫੌਪ 2 ਤੋਂ 3 ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਗੁਲੂ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rampal meghwanshi
Rajasthan
09-12-2019 06:14 PM
Shrimaan ji, ap chikitsik podhe jaise ke kalihari, lassan ghaas, pudhina, mulethi, shatavari, sadabhar, safed musli, ki kheti kar sakte hain iske ilawa ap contract farming kar sakte hain, yan ap gehun ki bijai bhi karsakte hain, dhanywad

Posted by himanshu Agrawal damakheda
Chattisgarh
09-12-2019 06:07 PM
श्रीमान जी, कृपया आप राखड़ की बोरी के लेबल की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by himanshu Agrawal damakheda
Chattisgarh
09-12-2019 06:05 PM
श्रीमान जी, कृपया आप राखड़ की बोरी के लेबल की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Rajpal Singh
Madhya Pradesh
09-12-2019 06:01 PM
श्री मान गेहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई से फसल की पैदावार पर बुरा असर होता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारि.... (Read More)
श्री मान गेहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई से फसल की पैदावार पर बुरा असर होता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है Prasad (K-8434): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर और नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने अर्द्ध सख्त, सुनहरी होते हैं यह किस्म पत्ता झुलस रोग, करनाल बंट और झूठी कांगियारी को सहनेयोग्य किस्म है Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है Naina (K-9533): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने सुनहरी रंग के और अर्द्ध सख्त होते हैं यह सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2338: यह पिछेती बिजाई और समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने मोटे और सख्त होते हैं इसकी औसतन पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है दूसरे राज्यों की किस्में PDW314: यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है WHD943(Durum): यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है HI 1563(Pusa Prachi): यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है MPO-1225: यह सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है

Posted by abdulbasit
Bihar
09-12-2019 05:51 PM
Abdulbasit ji kirpya aap apna swal visthar me pushe ta jo aap ko sahi or puri jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by Samarpal singh Gujjar
Uttar Pradesh
09-12-2019 05:49 PM
समरपाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by gurpreet
Punjab
09-12-2019 05:48 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ quinalphos @ 400 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Samarpal singh Gujjar
Uttar Pradesh
09-12-2019 05:47 PM
समरपाल जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Radhe Yadav
Madhya Pradesh
09-12-2019 05:43 PM
श्री मान चने में M-45@500 gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो

Posted by jassi
Haryana
09-12-2019 05:31 PM
जस्सी जी आपके द्धारा भेजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृपया आप दोबारा साफ आवाज में अपना सवाल पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Arundeep Singh
Punjab
09-12-2019 05:28 PM
Arundeep ji jekar usdi vdia growth hai ate pure nasal di hai tan hight vdia hai ate 1.5 sall di hoon te heat vich auun te uss nu cross krwa skde ho..

Posted by गोविन्द गोस्वामी
Madhya Pradesh
09-12-2019 05:26 PM
श्री मान लहसुन में 19:19:19 @1किलो 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
09-12-2019 05:25 PM
Hanji Bhullar ji tuci isdi varto kr skde ho, isda vdia result hai.

Posted by kansingh
Rajasthan
09-12-2019 05:25 PM
Kansingh ji aap cow aur buffalo dono se suru kr skte hai pehle aap 2 buffalo lekar aaye fir 2 cow lekar aayen fir jaise jaise apko iss kam ki smjj lggegi aur acha munafa hoga too aap 3-3 month ke frak se aur pashu khrid skte hai jisse apka farm v acha chalega aur dudh ki kami nhi ayayegi.
Posted by Jagdev singh
Punjab
09-12-2019 05:22 PM
ਜਗਦੇਵ ਜੀ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਦਵਾਈ ਦੇਣ ਨਾਲ ਜਾਨਵਰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਰੱਜ ਕੇ ਖਾਂਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਚੁਸਤ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਸਾਰੀ ਖੁਰਾਕ ਵੀ ਹਜ਼ਮ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਦਵਾਈ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਖੁਰਾਕ ਓਹੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾ ਤੋਂ ਦਿਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਬਦਲਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ..

Posted by shubham Rana
Haryana
09-12-2019 05:21 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Kulwinder singh
Punjab
09-12-2019 05:09 PM
ਮੁਰਗੀਆਂ 6 ਮਹੀਨੇ ਦੀਆ ਹੋਣ ਤੇ ਸਹੀ ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by Parjeet Sandhu
Punjab
09-12-2019 05:09 PM
Parjeet Sandhu ji guar da rate 3000 to 3460 tak chal reha hai, Thankyou.

Posted by Malwinder
Punjab
09-12-2019 05:08 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तूडाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by harmanpreet singh
Punjab
09-12-2019 05:02 PM
harmanpreet ji kanak to bina tuc sabjiyan di bijai kar sakde ho jive patta gobhi , shimla mirch , palak di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
09-12-2019 04:59 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਆਪਣਾ ਦੁੱਧ ਆਪ ਪੀਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਦੇ ਨੱਕ ਵਿੱਚ ਰਿੰਗ (ਕੜ੍ਹਾ) ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਜਦੋ ਉਹ ਅਪਣਾ ਦੁੱਧ ਪੀਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੇਗੀ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਖਿੱਚ ਪਵੇਗੀ ਅਤੇ ਉਹ ਆਪਣਾ ਦੁੱਧ ਆਪ ਨਹੀ ਪੀਵੇਗੀ (ਨਾਲ ਦਿੱਤੀ ਫੋਟੋ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ).

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
09-12-2019 04:57 PM
महेंद्र जी कृपया आप परसयूट कि लेबल की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by devilal nagar
Madhya Pradesh
09-12-2019 04:53 PM
श्री मान मसूर में M-45@500 gm प्रती एकड़ सप्रे कर सकते हो
Posted by ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ
Punjab
09-12-2019 04:52 PM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ .... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 2 ਬੱਚੇ ਦੇਨਾ ਆਮ ਗੱਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਕਰੀਆਂ 8-10 ਸਾਲ ਤਕ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਾਧਾ ਕਰ ਲੈਂਦਿਆਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਬਰਬਰੀ, ਬਲੈਕ ਬੰਗਾਲ, ਸਿਰੋਹੀ ਆਦਿ ਨਸਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Jay Rao
Rajasthan
09-12-2019 04:51 PM
क्रॉस नसल वो होती है तो जो अलग अलग नसलों के साथ पैदा हो और उसकी नसल का सही पता ना हो उसे क्रॉस नसल बोला जाता हे

Posted by Tajpreet
Punjab
09-12-2019 04:47 PM
यह मुर्रा नस्ल का सीमन है इसका अच्छा रिकॉर्ड है Fats (%) 7.9 Fats (kg) 293 Proteins (%) 4.1 Parents average yield (kg) 3566 Dam s Yield (kg) 3715

Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸੁਿੰਘ
Punjab
09-12-2019 04:41 PM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ .... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 2 ਬੱਚੇ ਦੇਨਾ ਆਮ ਗੱਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਕਰੀਆਂ 8-10 ਸਾਲ ਤਕ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਾਧਾ ਕਰ ਲੈਂਦਿਆਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਬਰਬਰੀ, ਬਲੈਕ ਬੰਗਾਲ, ਸਿਰੋਹੀ ਆਦਿ ਨਸਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ..

Posted by md mustafa
Bihar
09-12-2019 04:37 PM
प्याज की खेती महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश , कर्नाटक और गुजरात में की जाती है धन्यवाद

Posted by Rakesh Nain
Punjab
09-12-2019 04:37 PM
you can use egg formula powder mix with feed and use ostovet calcium 20ml per 100 birds daily.thank you
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