Posted by yashpal kandhol
Haryana
11-12-2019 06:05 PM
yashpal ji aap isme chelated zinc@200 gram aur magnese sulphate@1 kilo ko prtai acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by akash singh
Punjab
11-12-2019 06:03 PM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ ਇਹ technical term ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਮਤਲਬ ਇਹ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ salt ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੁਲਣਸ਼ੀਲ ਹੈ
Posted by harpal singh sandhu
Punjab
11-12-2019 06:03 PM
श्रीमान जी गेहूं में सुंडी की रोकथाम के लिए QUINALPHOS@800ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते है
Posted by bhagawan baniya
Rajasthan
11-12-2019 05:59 PM
मिट्टी की किस्म, पानी की उपलब्धता आदि के आधार पर सिंचाई की संख्या की आवश्यकता होती है नमी की अवस्था में जड़ गलन का हमला और बलियां बनने की अवस्था बहुत गंभीर होते हैं छोटे कद और अधिक उपज वाली किस्मों के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें भारी मिट्टी के लिए चार से छ: सिंचाइयों की आवश्यकता होती है जबकि हल्की मिट्टी के.... (Read More)
मिट्टी की किस्म, पानी की उपलब्धता आदि के आधार पर सिंचाई की संख्या की आवश्यकता होती है नमी की अवस्था में जड़ गलन का हमला और बलियां बनने की अवस्था बहुत गंभीर होते हैं छोटे कद और अधिक उपज वाली किस्मों के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें भारी मिट्टी के लिए चार से छ: सिंचाइयों की आवश्यकता होती है जबकि हल्की मिट्टी के लिए 6-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पानी की सीमित संख्या में सिंचाई केवल गंभीर अवस्था में ही करें जब पानी केवल एक सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ गलन के हमले के समय सिंचाई करें जब दो सिंचाइयां उपलब्ध हो तो जड़ गलन के हमले और फूल बनने की अवस्था में सिंचाई करें जब तीन सिंचाइयां संभव हो तो पहली सिंचाई जड़ गलन के हमले के समय, दूसरी सिंचाई तना बनने के समय और तीसरी दूधिया अवस्था में करें तना गलने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है यह पाया गया है कि यदि जड़ गलन के समय पहली सिंचाई में देरी की जाये तो 85-125 किलोग्राम प्रति एकड़ उपज कम हो जाती है
पहली सिंचाई बिजाई के 20-25 दिनों के बाद करनी चाहिए यह अवस्था जड़ गलन और नमी तनाव का समय होता है जिसके कारण उपज में कमी होती है दूसरी सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बाहर निकलने के समय करनी चाहिए तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद तना बनने के समय करनी चाहिए चौथी सिंचाई 90-95 दिनों के बाद फूल बनने के समय करनी चाहिए पांचवी सिंचाई 110-115 दिनों के बाद दूधिया अवस्था में करनी चाहिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादों का प्रयोग करें मिट्टी की जांच की मदद से हम खादों को मिट्टी की आवश्यकता के आधार पर दे सकते हैं गेहूं की समय पर बिजाई के लिए नाइट्रोजन 37-50 किलो (यूरिया 80-100 किलो), फासफोरस 8-15 किलो (एस एस पी 50-90 किलो) और पोटाश 12.5 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें पहली सिंचाई के बाद नाइट्रोजन की बाकी बची आधी मात्रा डाल दें
उपज को बढ़ाने के लिए जिंक सलफेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें जिंक की कमी को जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करके पूरा किया जा सकता है 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें मजबूत तने और उपज के लिए, बिजाई के 30 दिनों के बाद 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद 5 ग्राम + स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें

Posted by Bittu
Punjab
11-12-2019 05:59 PM
Bittu ji jekar tuci ekathe egg sale krne hai tan 15-20 rs. tak egg chll jnda hai, baki ehh market per v nirbhar krda hai, ehh 45-50rs. tak v market de hisab nal sale hunda hai.
Posted by bhagawan baniya
Rajasthan
11-12-2019 05:55 PM
श्रीमान जी सरसों में पानी लगाकर यूरिया का छिड़काव कर सकते है

Posted by Harminder Singh
Jammu & Kashmir
11-12-2019 05:42 PM
Harminder Singh to get pure betal goat breed lene ke lia aap Birbal Ram Sharma 7009579091 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
11-12-2019 05:37 PM
dhanveer ji isda asar 48 ghntya tak shuru ho janda a ate gulli danda sukna shuru ho janda hai.dhanwad
Posted by anil
Uttar Pradesh
11-12-2019 05:34 PM
देसी कपास के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और अमेरिकन कपास की किस्मों के लिए दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की खेती के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेत.... (Read More)
देसी कपास के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और अमेरिकन कपास की किस्मों के लिए दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की खेती के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली मिट्टी ठीक नहीं होती मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-RS 2013,RS 810,RST 9,RS 875,Ganganagar Ageti, की बिजाई कर सकते है फसल की अच्छी पैदावार और अच्छे अंकुरण के लिए ज़मीन को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है रबी की फसल को काटने के बाद तुरंत खेत को पानी लगाना चाहिए इसके बाद खेत की हल से अच्छी तरह जोताई करें और फिर सुहागा फेर दें ज़मीन को तीन वर्षों में एक बार गहराई तक जोतें, इससे सदाबहार नदीनों की रोकथाम में मदद मिलती है और इससे मिट्टी में पैदा होने वाले कीड़ों और बीमारियों को भी रोका जा सकता है बिजाई के लिए अप्रैल से मध्य मई का समय उपयुक्त होता है अमेरिकन कपास के लिए कतार से कतार का फासला 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 45 सैं.मी. रखें देसी कपास की किस्म के लिए कतार से कतार का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासल 30 सैं.मी. रखें बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें बीजों को बोने के लिए 4-5 सैं.मी. की गहराई होनी चाहिए देसी कपास की बिजाई के लिए सीड ड्रिल का प्रयोग करें जब कि हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए डिबलिंग ढंग का प्रयोग करें आयताकार रोपाई के मुकाबले वर्गाकार रोपाई ज्यादा लाभदायक होती है बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए 1 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जब कि देसी किस्मों के लिए 3-5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें पौधों में ज्यादा फासला होने के कारण फसल पर नदीनों का गंभीर हमला होता है अच्छी पैदावार के लिए फसल की बिजाई के बाद 50-60 दिनों तक फसल का नदीन रहित होना जरूरी है, नहीं तो फसल की पैदावार में 60-80 प्रतिशत कमी आ सकती है नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए कपास के खेतों के आस पास गाजर बूटी पैदा ना होने दें, क्योंकि इससे मिली बग के हमले का खतरा ज्यादा रहता है बिजाई के बाद नदीनों के पैदा होने से पहले ही पैंडीमैथालीन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (ग्रामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे गिरने से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाहिए जब टिंडे 33 प्रतिशत खिल जायें उस समय आखिरी सिंचाई करें और इसके बाद फसल को सिंचाई के द्वारा पानी ना दें जब भी फसल की सिंचाई के लिए खारे पानी का उपयोग किया जाये, तो सिंचाई करने से पहले पानी की जांच प्रमाणित लैबोरेटरी से करवाएं और उनकी सलाह के अनुसार ही पानी में जिप्सम या पाइराइट का उपयोग करें सूखे वाली स्थितियों में खालियां बनाकर और एक क्यारी छोड़कर सिंचाई करें सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम अपनाएं (जहां भी संभव हो), इससे सिंचाई वाला पानी बचाने में सहायता होती है
Posted by akash singh
Punjab
11-12-2019 05:14 PM
Amrik ji egg wali murgi 80-90gm tak rojana khurak khaa jndi hai..
Posted by yashpal kandhol
Haryana
11-12-2019 05:10 PM
yashpal ji kripya aap btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
11-12-2019 05:09 PM
keshav ji aap money plant lgane ke liye is link par click karen :- https://www.youtube.com/watch v=aRvbyDB32Sc
Posted by sajjan
Haryana
11-12-2019 05:09 PM
सज्जन जी आप वर्मीकम्पोस्ट को नजदीकी किसान जो जैविक खेती करते है उन्हें बेच सकते है इसके इलावा आप इसकी पैकिंग करके आप इसके नर्सरी में भी बेच सकते है धन्यवाद
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
11-12-2019 05:04 PM
keshav ji agar aap govt. university men admission lena chahte hai to aap entrance test ki tyari karen jo april ya may mahine me hota hai . agar aapka vo entrance test clear hota hai to aapko university men admission mil jayegi.dhanywad

Posted by sarbjeet singh
Punjab
11-12-2019 04:54 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate Bovimin-B powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal sarir di kami v puuri howegi ate puuri trah heat vich aa jawegi fir tuci uss nu agli varr AI krwa skde ho..

Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
11-12-2019 04:50 PM
Bhupinder ji inke sath chicks ke sarir ki kami puri hoti hai usde pett ke kire v khtam hote hai aur uske liver achi trah se khurak hajam krta hai, yehh aap mix krke dene ki jgah alag alag den, usse jyada fyada hota hai.
Posted by Sharry Ahluwalia
Punjab
11-12-2019 04:40 PM
sharry ji eh plant growth regulator hai eh fasl di growth kraun de vich madad karda hai. kanak vich tuc khaadan di poori matra di varto karo j osto bad v kanak growth na kare ta tuc isdi varto kar sakde ho.dhanwad

Posted by Arsh chahal
Punjab
11-12-2019 04:38 PM
Chahal ji tuci uss nu pet de kiria lai Bendykind plus goli deo ate uss nu Gestaprogen powder 25 gm rojana 20 din tak deo ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli 21 din tak deo fir agli varr heat vich aaun te iss nu tika bhrwaa ke Gestaprogen powder 20 din tak hor dinde rho, iss trah ehh gaban ho jawegi..
Posted by ਦੀਪ ਕੁਮਾਰ
Punjab
11-12-2019 04:30 PM
deep kumar ji 2 knal kanak vich lagbhag 10 kilo beej di varto kar sakde ho.dhanwad

Posted by sukchain Singh
Punjab
11-12-2019 04:22 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo

Posted by Bhupinder Singh Virk
Punjab
11-12-2019 04:13 PM
ਭੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK 130045 @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sonu
Punjab
11-12-2019 04:10 PM
सोनू जी आपको मशरूम की ट्रेनिंग नज़दीकी केविके से मिल सकती है इसके लिए आप Majitha Rd, Jahangir, Punjab 143601 Dr. Bhupinder Singh Dhillon - 98555-56672 ,Dr. Parvinder Singh Tung - 81463-22553 से संपर्क कर सकते है इसके लिए आपको वहां जाकर फार्म भरना होगा और जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by dhiraj singh
Uttarakhand
11-12-2019 04:05 PM
धीरज जी लगभग सभी नसलें 2 से ज्यादा बच्चे दे देती है आप बीटल, बारबरी, सिरोही कोई भी नसल रख सकते है

Posted by sukchain Singh
Punjab
11-12-2019 04:04 PM
ਸੁਖਚੈਨ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ chlorpyriphos @1.2 ਲੀਟਰ ਜਾ quinalphos @800 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by varinder singh
Punjab
11-12-2019 04:03 PM
varinder ji anar di kisam bhagwa di bijai punjab vich sifarish hai.dhanwad

Posted by amit
Maharashtra
11-12-2019 04:02 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
11-12-2019 03:42 PM
usko aap Bovimin-B powder 25gm rojana dena suru kren aur Mintab tablet 1-1 goli subah sham den, isse heat mai aa jayegi..

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
11-12-2019 03:35 PM
usko aap Bovimin-B powder 25gm rojana dena suru kren aur Mintab tablet 1-1 goli subah sham den, isse heat mai aa jayegi..

Posted by chandra bhan singh
Uttar Pradesh
11-12-2019 03:33 PM
श्री मान फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्हो ने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by Daljeet Singh
Punjab
11-12-2019 03:27 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਦਵਾਈ ਦਾ ਆਰ 15 ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਰਹੇ ਗਾ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀ 15 ਦਿਨ ਤੱਕ wait ਕਰੋ, ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਬੱਚੀ urea ਦੀ ਖਾਦ ਪਾ ਦਿਓ, ਅਗਰ 15 ਦਿਨ ਬਾਦ ਵੀ ਗੁਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਦਵਾਈ ਦਾ ਆਰ 15 ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਤਕ ਰਹੇ ਗਾ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਤੁਸੀ 15 ਦਿਨ ਤੱਕ wait ਕਰੋ, ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਬੱਚੀ urea ਦੀ ਖਾਦ ਪਾ ਦਿਓ, ਅਗਰ 15 ਦਿਨ ਬਾਦ ਵੀ ਗੁਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Raj Veer
Rajasthan
11-12-2019 03:25 PM
राजवीर जी इसके लिए आप अपने पशु की नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें जिससे उसकी सही जांच करके इलाज किया जा सके
Posted by Arsh Mann
Punjab
11-12-2019 02:55 PM
arsh maan ji isde uper tuc chlorpyriphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Sandeep kumar
Rajasthan
11-12-2019 02:28 PM
पौधों में फासला 6 मीटर x 6 मीटर के बीच रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 1 x1x1 होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय, गाय का गला हुआ गोबर 50-60 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालनी चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 1 x1x1 होना चाहिए
Posted by Raj Veer
Rajasthan
11-12-2019 02:23 PM
यदि आपकी गाय/भैंस को FMD की बीमारी हो गई है तो आप उसे Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 ग्राम, Nonavet injection 15ml लगवाएं, ये आप तीन दिन तक लगवायें और उसे दूसरे पशुओं से अलग कर दें और उसके पैरों को लाल दवा के साथ साफ करें
Posted by Harpreet Singh
Punjab
11-12-2019 02:21 PM
Harpreet ji kanak de change jhaad de layi tuc NPK 191919 @1 kilo nu prtai acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by nishan singh
Punjab
11-12-2019 02:13 PM
ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਲੈਣ ਲਈ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 9781589637 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by nishan singh
Punjab
11-12-2019 02:07 PM
nishan ji mausam vibhag de anusar aun vale 2-3 din tak meeh pain di sambhavna hai.dhanwad
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
11-12-2019 01:51 PM
आप पशुओं को घर में फीड तैयार करके दे सकते है, घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना.... (Read More)
आप पशुओं को घर में फीड तैयार करके दे सकते है, घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है, इसके साथ साथ पशुओं को रोजाना 35—40 किलो हरा चारा दें और उन्हें हर तीन महीने बाद पेट के कीड़ों की दवा जरूर दें
Posted by ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ
Punjab
11-12-2019 01:49 PM
ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਲੈਣ ਲਈ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 9781589637 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Kanhaiya Singh
Uttar Pradesh
11-12-2019 01:35 PM
कन्हैया जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Dharam Ahir Yadav
Madhya Pradesh
11-12-2019 01:31 PM
यादव जी यदि आप गाय के इकट्ठा किए दूध को बेचने के बारे में जानना चाहते है तो आप गाय के दूध को अपनी नज़दीकी डेयरी में बेच सकते है या फिर आप अपने नज़दीकी के लोगों को भी बेच सकते है इसके इलावा यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by sukhdeep s
Punjab
11-12-2019 01:25 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ M-45@500 gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Keshav Pathak
Chattisgarh
11-12-2019 01:23 PM
केशव जी यह दोनों एक की फसल की अलग अलग किस्मे है इन दोनों की किस्मे अलग होती है धन्यवाद
Posted by Avinash Pandurang chavan
Maharashtra
11-12-2019 01:21 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्च.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.

Posted by ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
11-12-2019 01:11 PM
ਗੁਰਭੇਜ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
11-12-2019 01:08 PM
ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿਗਿਆਨ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਤਰਨਤਾਰਨ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਅਗਲੇ ਤਿੰਂਨ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਬਾਰਿਸ਼ ਆ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ, ਸੋ ਇਸ ਸੂਚਨਾ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਹੀ ਕੋਈ ਫਸਲਾਂ ਸਬੰਧੀ ਫੈਸਲਾ ਲਵੋ ਜੀ
Posted by lakhwinder brar
Punjab
11-12-2019 12:57 PM
lakhwinder ji soondi di rokthaam de lai tu c quinalphos 4ml prati litr pani de hisab naal spray kro is naal isdi rokthaam ho jaawegi
Posted by Hardeep Kaur
Punjab
11-12-2019 12:52 PM
hardeep ji soondi di rokthaam de lai tu c cloropyriphos 1 litr nu 60 kilo ret ch milaake prati ekad de hisab naal chinta de skde ho, iston ilawa quinalphos 800ml nu prati ekad de hisab naal spray kar skte ho

Posted by khattra
Punjab
11-12-2019 12:38 PM
Khattra ji bakri palan di training lenn lai tuci apne nazdiki KVK nal sampark kr skde ho uthe tuci apna training wala farm bhar aao jddo v uthe training howegi ohh tuhanu phone krke dass denge, training lenn lai tuci
Krishi Vigyan Kendra, Patiala, Address: Post Box No.-22, Rauni, Punjab 147001, Phone: 094642 10460 nal sampark kr skde ho.

Posted by rajnish
Punjab
11-12-2019 12:37 PM
ਇਸ ਦੀਆ ਕਲਮਾਂ ਇੱਕ ਵਾਰ ਲਗਾਉਣ ਤੇ ਇਹ 15 ਸਾਲ ਤੱਕ ਫਲ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ , ਇਸ ਨੂੰ ਸੇਮ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਇਲਾਵਾ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿੱਸਮ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਡਰੈਗਨ ਫਰੂਟ ਦੀ ਖੇਤੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵੀ ਘੱਟ ਜ਼ਰੂਰਤਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਦੇ ਸੀਜਨ ਵਿੱਚ 10 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱ.... (Read More)
ਇਸ ਦੀਆ ਕਲਮਾਂ ਇੱਕ ਵਾਰ ਲਗਾਉਣ ਤੇ ਇਹ 15 ਸਾਲ ਤੱਕ ਫਲ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ , ਇਸ ਨੂੰ ਸੇਮ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਇਲਾਵਾ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿੱਸਮ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਡਰੈਗਨ ਫਰੂਟ ਦੀ ਖੇਤੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵੀ ਘੱਟ ਜ਼ਰੂਰਤਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਦੇ ਸੀਜਨ ਵਿੱਚ 10 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀਆਂ 1600 ਕਲਮਾਂ ਲੱਗਦੀਆਂ ਹਨ
15 ਸਾਲ ਤੱਕ ਇਸ ਵਿੱਚ ਫਰੂਟ ਲੱਗੇਗਾ ਜੋ ਤੀਜੇ ਸਾਲ ਤੋਂ ਭਰਪੂਰ ਉਤਪਾਦਨ ਦੇਣ ਲੱਗੇਗਾ ਮਿਹਨਤ ਦੇ ਜੋਰ ਤੇ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚੋ 50 ਕੁਇੰਟਲ ਫਲ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ
ਡਰੈਗਨ ਫਰੂਟ ਦੀ ਕਲਮ ਨੂੰ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਗਮਲੇ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਮੇ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਸਮਾਂ ਹੈ ਇਸਦੇ ਪੌਦੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Satnam Singh Aulakh :-9592806807 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੇ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ ਜੀ
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