
Posted by prakash joshi
Rajasthan
14-12-2019 04:37 PM
श्रीमान जी, बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें धन्यवाद
Posted by Gurpreet singh
Punjab
14-12-2019 04:35 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by jaanikhangura55651@gmail.com
Punjab
14-12-2019 04:32 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਬਿਜਾਈ 15 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 15 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਪੈਦਾਵਾਰ ਘੱਟ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੌਅ ਦੀਆ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ PL 419, PL 172, PL 807, DWRUB52, VJM 201, BH 75, BH 393, PL 426 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 35 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਮੀਂਹ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 45 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ .... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਬਿਜਾਈ 15 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 15 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਬਿਜਾਈ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਪੈਦਾਵਾਰ ਘੱਟ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੌਅ ਦੀਆ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ ਕੇ PL 419, PL 172, PL 807, DWRUB52, VJM 201, BH 75, BH 393, PL 426 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 35 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਮੀਂਹ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 45 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Bhupinder Pawar
Punjab
14-12-2019 04:25 PM
ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਖੁਦ ਘਰ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ 25 ਕਿਲੋ ਮੱਕੀ, 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ, 5-6 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ ਖੱਲ ਅਤੇ 50gm ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਸਵੇਰੇ-ਸ਼ਾਮ ਮੁਰਗੀਆਂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ..
Posted by gurwinder singh
Punjab
14-12-2019 04:22 PM
श्रीमान जी गेहूं में reagent डालने की जरूरत नहीं पड़ती यदि गेहूं में सुंडी का हमला है तो Quinalphos @800 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Arsh Mann
Punjab
14-12-2019 04:19 PM
Eh babugosgea da buta ji 2 sall pehla is nu bichlo cut dita si is to badd eh futtia ni hall koi ji ?
Shrimaan ji, kirpa kar ke daso ke tuc is butte di bijai kis dhang nal kiti si rtaki tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
14-12-2019 04:10 PM
uss nu tuci Mifex 450ml botal lgwao, uss botal vich Tonophas injection 20ml paoo, Avil 10ml mix krke (IV) slow lgwao, baki uss nu Trineuosole-H injection 5ml, Nurokind 15ml, Mecvolt injection 400mg lgwao, ehna nal farak paan lgg jawega.

Posted by jaggi
Punjab
14-12-2019 03:49 PM
BhaaaG rajwa wadhya hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao
Posted by Shyam kishor Katiyar
Uttar Pradesh
14-12-2019 03:48 PM
lectomood medisan 10 _10 ml savere sham

Posted by Rakesh
Jharkhand
14-12-2019 03:47 PM
Shrimaan ji, kripya ap aam ke butte ki photo bejein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhnaywda

Posted by Rakesh
Jharkhand
14-12-2019 03:45 PM
Shrimaan ji, kripya ap makri ke jali ki photo bejein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by BALWANT SINGH CHOUHAN
Rajasthan
14-12-2019 03:33 PM
आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Bendykind plus गोली दें और Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Ovumin advance tablet रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी ..

Posted by vikas patidar
Rajasthan
14-12-2019 03:26 PM
shrimaan g shimla mirch ki ageti variety Indra ko December-January mein lga skte ho..

Posted by PRITPAL SINGH
Punjab
14-12-2019 03:25 PM
Pritpal ji bhains ko heat mai lane ke liye usko pett ke kirro ke liye Bendykind plus bolus den aur Bovimin-B powder 100gm rojana den iske sath aap Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by ਬਿਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-12-2019 03:16 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬੱਕਰੀਆਂ ਲਈ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ : • 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ, • ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬੱਕਰੀਆਂ ਲਈ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ : • 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ, • ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ 300-400 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਫੀਡ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਫੰਡਰ ਬੱਕਰੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ..
Posted by Manish
Uttar Pradesh
14-12-2019 03:15 PM
shrimaan g kirpa krke yeh batao aap konsi fasal mein urea spray ke bare mein jaankari lena chahte ho g..
Posted by ਰਮਨ ਬਰਾੜ
Punjab
14-12-2019 03:14 PM
shrimaan g fertera di knak vich sifarish nhi kiti jndi tuc knak vich Quinalphos @800 ml per acre da spray kr skde ho g..
Posted by RUPESH KUMAR
Bihar
14-12-2019 02:59 PM
श्रीमान जी, मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी .... (Read More)
श्रीमान जी, मक्की की फसल लगाने के लिए उपजाऊ, अच्छे जल निकास वाली, मैरा और लाल मिट्टी जिसमें नाइट्रोजन की उचित मात्रा हो, जरूरी है मक्की रेतली से लेकर भारी हर तरह की ज़मीनों में उगाई जा सकती है समतल ज़मीने मक्की के लिए बहुत अनुकूल है पर कईं पहाड़ी इलाकों में भी यह फसल उगाई जाती है अधिक पैदावार लेने के लिए मिट्टी में जैविक तत्वों की अधिक मात्रा, पी एच 5.5-7.5 और अधिक पानी रोककर रखने की क्षमता होनी चाहिए बहुत ज्यादा भारी ज़मीनें इस फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती आप मक्का की किस्मे जैसे के Ganga II, Deccan - 103, Deccan - 105, Trisholta, High Starch, Mangiri की बिजाई करें, फसल के लिए प्रयोग किया जाने वाला खेत नदीनों और पिछली फसल से मुक्त होना चाहिए मिट्टी को नर्म करने के लिए 6 से 7 बार जोताई करें खेत में 4-6 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद और 10 पैकेट एसपरजिलियम के डालें खेत में 45-50 सैं.मी. के फासले पर खाल और मेंड़ बनाएं रबी के मौसम में खेती के लिए बिजाई 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक पूरी कर लें मेंड़ों पर बिजाई करना ज्यादा लाभदायक रहता है क्योंकि इससे फसल को जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है और फसल ठंड से भी बची रहती है रबी के मौसम में खेती के लिए 60x18 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई हाथों से गड्ढा खोदकर या आधुनिक तरीके से ट्रैक्टर और बिजाई वाली मशीन की मदद से मेंड़ बनाकर की जा सकती है सर्दियों की मक्की के लिए 8-9 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी की बीमारियों और कीड़ों से बचाने के लिए बीज का उपचार करें सफेद जंग से बीजों को बचाने के लिए कार्बेनडाज़िम या थीरम 2 ग्राम प्रति किलो बीज के साथ उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीज को एज़ोसपीरीलम 600 ग्राम + धान के चूरे के साथ उपचार करें उपचार के बाद बीज को 15-20 मिनटों के लिए छांव में सुखाएं एज़ोसपीरिलम मिट्टी में नाइट्रोजन को बांधकर रखने में मदद करता है अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ में डालें खरीफ ऋतु की मक्की में नदीन बड़ी समस्या होते हैं, जो कि खुराकी तत्व लेने में फसल से मुकाबला करते हैं और 35 प्रतिशत तक पैदावार कम कर देते हैं इसलिए अधिक पैदावार लेने के लिए नदीनों का हल करना जरूरी है मक्की की कम से कम दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई से 20-25 दिन बाद और दूसरी गोडाई 40-45 दिन बाद , पर ज्यादा होने की हालत में एटराज़िन 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी से स्प्रे करें गोडाई करने के बाद मिट्टी के ऊपर खाद की पतली परत बिछा दें और जड़ों से मिट्टी लगाएं अंकुरन के तीसरे या चौथे सप्ताह बाद पानी लगाएं बाकी की सिंचाइयां 4-5 सप्ताह के फासले पर मध्य मार्च तक करें इसके इलावा और 1 या 2 सिंचाइयां वर्षा और मौसम की स्थिति के आधार पर करें जब पौधे घुटनों के कद के हो जायें तो फूल निकलने के समय और दाने बनने के समय सिंचाई महत्तवपूर्ण होती है यदि इस समय पानी की कमी हो तो पैदावार बहुत कम हो सकती है यदि पानी की कमी हो तो एक मेंड़ छोड़कर पानी दें इस से पानी भी बचता है धन्यवाद
Posted by Karan Deep
Punjab
14-12-2019 02:53 PM
Deep ji jekar oh sidha he khaa lendi hai tan tuci sidha he khwa skde ho, jddo tuci ghrr feed dinde ho uss vich v de skde ho.
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-12-2019 02:49 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, chlorpyriphos ਸਿਓਂਕ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ chlorpyriphos @ 1 ਲਿਟਰ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦਿੱਤੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Amresh yadav
Madhya Pradesh
14-12-2019 02:42 PM
श्रीमान जी, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है धन्यवाद

Posted by Amresh yadav
Madhya Pradesh
14-12-2019 02:40 PM
श्रीमान जी, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है धन्यवाद

Posted by Nishchal yadav
Uttar Pradesh
14-12-2019 02:36 PM
उसे आप aptiquik pet liquid 10—10 मि.ली. सुबह शाम दें और becozym c-forte रोेजाना एक गोली दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by hardeep singh
Punjab
14-12-2019 02:30 PM
Shrimaan ji, tuc kanak diya kisma jive ke PBW 509, PBW 590, PBW 752, PBW 658 di biaji kar sakde ho, dhanwad

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
14-12-2019 02:22 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਸਰੋਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਗੁਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਲੋੜ ਪਵੇ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਤੋ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਚੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪੁੱਟ ਦਿਉ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harpreet singh
Punjab
14-12-2019 02:18 PM
Shrimaan ji, tuc kanak diya kisma jive ke PBW 509, PBW 590, PBW 752, PBW 658 di biaji kar sakde ho, dhanwad

Posted by Kahlon
Punjab
14-12-2019 02:08 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਮੱਧ ਜਨਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ravinder singh
Punjab
14-12-2019 02:00 PM
रविंदर जी आप उनकी खुराक का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंड से बचाकर रखें और शेड में देर तक लाईट जगाकर रखें बाकि उसे Egg formula पाउडर फीड में मिलाकर दें यह आपको मैडीक्ल स्टोर से मिल जाएगा।

Posted by sukchain Singh
Punjab
14-12-2019 01:48 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਗੋਭੀ ਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ NPK 191919 @ 10 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-12-2019 01:46 PM
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕ.... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by sukchain Singh
Punjab
14-12-2019 01:44 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਗੋਭੀ ਦੀ ਗਰੋਥ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ NPK 191919 @ 10 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Bhupender
Haryana
14-12-2019 01:38 PM
Bhupender ji apke sabhi swalo ke jwab diye ja chukke hai aap App mai apne sabhi swalo ke jwab dekh skte hai..

Posted by Pawan
Haryana
14-12-2019 01:28 PM
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते ह.... (Read More)
श्री मान खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by balwinder sidhu
Punjab
14-12-2019 01:26 PM
श्रीमान जी ऐलग्रिप चौड़े पत्तों वाले नदीनों की रोकथाम करता है।

Posted by Gurpreet Singh
Punjab
14-12-2019 01:22 PM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by Virender Gill
Haryana
14-12-2019 01:19 PM
इसमें मैगनीज की कमी है इसकी रोकथाम के लिए गेहूं में मैगनीज की स्प्रे पहला पानी लगाने से दो दिन पहले कर सकते है और दूसरी स्प्रे पानी लगाने से 6—7 दिन बाद कर सकते है इसकी मात्रा एक किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें।

Posted by gurdeep singh
Punjab
14-12-2019 01:19 PM
Shrimaan ji, kirpa kar ke daso ke tuc is vich kehriya khadaan di varton kiti hai taki tuh nu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by gurjinder singh
Punjab
14-12-2019 01:08 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਦੂਸਰੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 16 ਗ੍ਰਾਮ ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਯੂ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 160 ਗ੍ਰਾਮ ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ +ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਾਂ 240 ਗ੍ਰਾਮ ਏ ਸੀ ਐਮ 9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੋਪ+ਮੈਟਰੀਬ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇੱਕ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਦੂਸਰੀ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 16 ਗ੍ਰਾਮ ਟੋਟਲ/ ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਯੂ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 160 ਗ੍ਰਾਮ ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ +ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਾਂ 240 ਗ੍ਰਾਮ ਏ ਸੀ ਐਮ 9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੋਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ)ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sukhwinder singh
Punjab
14-12-2019 12:53 PM
Shrimaan ji tuc urea di baki bachi dose pa sakde ho, dhanwad

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
14-12-2019 12:41 PM
Harshdeep ji tuci uss nu pett de kiria lai albomar liquid 30ml nu 15-15ml krke 2 din deo ate Sharkoferol liquid 10-10ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by noni mohd
Punjab
14-12-2019 12:40 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apke pohde ki umar kya hai or apne iski bijai kaise ki hai, taki apko iske bare mein uccit jankari di ja sake, dhanywad

Posted by sukhwinder singh
Punjab
14-12-2019 12:33 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ ਖਾਦ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 5-7 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by utkarsh
Uttar Pradesh
14-12-2019 12:32 PM
Shrimaan ji 1 bigha mein lagbhag 25 kg gehun ka beej lag jae ga, dhanywad

Posted by sem
Punjab
14-12-2019 12:17 PM
Sem ji tuci goat farming di training lenn lai nazdiki kvk nal sampark kr skde ho, uthe sme sme te kisana di mangg de anusar training lgwai jndi hai, training lenn lai tuci Krishi Vigyan Kendra Mansa
Village Khokhar Khurd, Mansa
District Mansa
Punjab - India.
Phone: 01652-280843 nal sampark kr skde ho.
Posted by Jagar Singh
Punjab
14-12-2019 12:15 PM
tuci uss nu sirf nutrich tablet rojana 1 goli dinde rho, ohh apne time de hisab nal heat vich aa jawegi, iss nu jyada kujj denn di jrurat nhi pendi.

Posted by Amritpal singh
Punjab
14-12-2019 12:09 PM
Hanji amritpal ji ehh Hisar walia da murrah nasal da vdia semen hai.

Posted by harppret
Punjab
14-12-2019 12:08 PM
हरप्रीत जी कृप्या आप यह बताएं कि पशुओं की ट्रेनिंग के बाद जो लोन और सब्सिड़ी दी जाती है आप उसके बारे में जानकारी लेना चाहते है या कोई ओर जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।
Posted by chandan kumar
Bihar
14-12-2019 12:07 PM
चंदन जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके आपके द्धारा भेजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है आप दोबारा साफ आवाज में ओडियो अपलोड करें धन्यवाद
Posted by kartik thakur
Madhya Pradesh
14-12-2019 12:04 PM
श्रीमान जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंड.... (Read More)
श्रीमान जी बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं धन्यवाद
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