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Posted by pawan gupta
Uttar Pradesh
15-12-2019 11:53 AM
Punjab
12-16-2019 09:22 PM
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No.... (Read More)
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें धन्यवाद
Posted by Gurpal Maan
Punjab
15-12-2019 11:50 AM
Punjab
12-16-2019 05:31 PM
Shirmaan ji, eh tatta di ghaat di vaja nal hoea hai, isdi roktham lai tuc NPK 005234 @ 10 gm parti liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by manvir singh
Punjab
15-12-2019 11:48 AM
Punjab
12-16-2019 09:38 PM
Shrimaan ji, university kis vi 2 chemicals di mix kar ke spray karn di sifarish nahi kardi hai, tuc ehna nu mix kar ke spray na karo, dhanwad
Posted by jassa
Punjab
15-12-2019 11:47 AM
Punjab
12-15-2019 12:23 PM
ਜੱਸਾ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਗਾਂ ਵਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ..
Posted by Abhishek Verma
Uttar Pradesh
15-12-2019 11:36 AM
Punjab
12-16-2019 09:36 PM
Shrimaan ji, ap bangan ki halki sinchai karein, or kripya ap isme sifarshi khaddon ka istmal karein, dhanyad
Posted by vicky
Haryana
15-12-2019 11:34 AM
Punjab
12-16-2019 05:16 PM
Shrimaan ji, iska upyog gehun ki biaji se pehle kiya jata hai or yeh kshariya jameeno mein uska ksharapan kam karne ke liye kiya jata hai, dhanywad
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
15-12-2019 11:30 AM
Punjab
12-16-2019 09:54 PM
Shriman ji, kripya ap pura topic bataye taki apko iske bar mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
15-12-2019 11:30 AM
Punjab
12-15-2019 12:24 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
15-12-2019 11:27 AM
Punjab
12-16-2019 09:53 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke ap agronomy ke kis topic ke bare mein jankari lena chahte hain taki apko uske bare emin batay ja sake, dhanywad
Posted by Amarbir singh
Punjab
15-12-2019 11:20 AM
Punjab
12-15-2019 03:24 PM
श्रीमान जी गेहूं में यूरिया खाद के साथ साथ सल्फर 5 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा दे सकते है
Posted by Naresh
Rajasthan
15-12-2019 11:08 AM
Punjab
12-16-2019 09:56 PM
इसे हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली और रेतली सतह वाली ज़मीनों में ज्यादा पैदावार देती है कलराफी और सेम वाली ज़मीन मूंगी की पैदावार के लिए अनुकूल नहीं है प्रसिद्ध किस्में :-K 851: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह सूखे की हालातों के प्रत.... (Read More)
इसे हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे निकास वाली और रेतली सतह वाली ज़मीनों में ज्यादा पैदावार देती है कलराफी और सेम वाली ज़मीन मूंगी की पैदावार के लिए अनुकूल नहीं है प्रसिद्ध किस्में :-K 851: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह सूखे की हालातों के प्रतिरोधी है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Muskan: यह किस्म खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह चितकबरा रोग और नाड़ी तोड़ के प्रतिरोधी किस्म है यह किस्म 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-7.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Asha: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है और खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के अनुकूल है यह किस्म 65-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 3-4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है SML 668: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MUM 2: यह किस्म 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa 9531: यह किस्म गर्मियों में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Vishal: यह किस्म गर्मियों में बोने के लिए अनुकूल है यह 62 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4-4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ganga 8: यह किस्म खरीफ में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MH 125: यह किस्म 64 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MH 421: यह किस्म गर्मियों और खरीफ में बोने के लिए अनुकूल है यह 60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन को भुरभुरा करने के लिए दो या तीन जोताई करनी ज़रूरी है प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेर दें खरीफ की ऋतु के लिए बिजाई का अनुकूल समय जुलाई महीने का पहला पखवाड़ा है गर्मी की ऋतु की बिजाई के लिए सही समय मार्च से अप्रैल तक का है बिजाई के लिए बीजों को 4-6 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए बिजाई वाली मशीन, पोरा या केरा ढंग का प्रयोग किया जाता है खरीफ ऋतु के लिए 8-9 किलो बीज प्रति एकड़ और गर्मी ऋतु के लिए 12-15 किलो बीज प्रति एकड़ के हिसाब से बोयें
Posted by Sahib Sarao
Punjab
15-12-2019 11:07 AM
Punjab
12-15-2019 12:26 PM
tuci uss nu ciprofloxacin 250mg 1 goli rojana 3 din tak deo ate Banminth forte 1 goli deo ate 2-2 din de frak nal ehh golia deo baki uss nu Broton liquid 5ml rojana deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by sdannd
Uttar Pradesh
15-12-2019 10:58 AM
Punjab
12-16-2019 09:58 PM
Shrimaan ji, kripya ap podhe ke sukhepan or keet ki photo bejein taki apko iske bare ein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by vikas patidar
Rajasthan
15-12-2019 10:53 AM
Punjab
12-15-2019 12:29 PM
उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds गोली दें और Agrimin powder 50-50gm सुबह शाम दें बाकि आप उसकी आंखों को फटकड़ी के पानी से साफ करते रहें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by navjot singh
Punjab
15-12-2019 10:44 AM
Punjab
12-16-2019 09:59 PM
ਮੋਟੇ ਆਲੂਆਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ, 13:0:45 ਦੀ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਈ ਡੀ ਟੀ ਏ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਪ੍ਰੋਪਿਨੇਬ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਪਾਓ ਆਲੂਆਂ ਦਾ ਆਕਾਰ ਅਤੇ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (12%) 3 ਗ੍ਰਾਮ+ਐੱਮ ਏ ਪੀ 12:61:0 ਦੀ 8 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਡੀ ਏ ਪੀ 15 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਪੌਦੇ ਦੇ ਵਾਧੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ
Posted by happy
Punjab
15-12-2019 10:37 AM
Punjab
12-16-2019 10:01 PM
Shrimaan ji, tuc hun manganese sulphate @ 1 kg nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by lovepreet Singh
Punjab
15-12-2019 10:36 AM
Punjab
12-16-2019 04:48 PM
lovepreet Singh ji pashua lai vadia mat ate is bare visthar vich jankari lai tusi Manny 9803581500, Shubam 9803488072 (Garg Trading Company) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Parmod kumar
Punjab
15-12-2019 10:32 AM
Punjab
12-16-2019 10:06 PM
Shrimaan j,iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gm prati acre ke hisaab se spray karein,dhanywad
Posted by Mangat
Punjab
15-12-2019 10:29 AM
Punjab
12-15-2019 10:52 AM
tuci jhoti de suun ton badd Cargill di Fresher feed de skde ho ate Anabolite liquid 100ml rojana ate Lactomax tablet 10 golia rojana deo, ehna nal dudh v vdhh jawega ate kamjori dur howegi.
Posted by jaswant singh
Rajasthan
15-12-2019 10:14 AM
Punjab
12-16-2019 03:03 PM
श्रीमान जी, कृपया आप निम्बू के पौधे की उम्र बताये और यह बताये के अपने इसे किस विधि के साथ लगाया है, ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Gurminder singh
Punjab
15-12-2019 09:59 AM
Punjab
12-15-2019 10:30 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ
Posted by vicky
Haryana
15-12-2019 09:51 AM
Punjab
12-16-2019 04:47 PM
Vicky ji apke sabhi swalo ke jwab diye ja chuke hai aap App mai apne swalo ke jwab dekh skte hai.
Posted by ਦੀਪ ਕੁਮਾਰ
Punjab
15-12-2019 09:46 AM
Punjab
12-15-2019 04:34 PM
Deep ji iss nal pashu nu bhukh v lgdi hai, gobar naa aunda howe uddo v isdi varto kiti jndi hai, ehh tuci doctor di salah de annusar use kro kyuki jekar isdi jyada varto kiti jawe tan pashu nu nuksan v ho jnda hai.
Posted by Gurvinder singh
Punjab
15-12-2019 09:46 AM
Punjab
12-15-2019 10:32 AM
श्रीमान जी गेहूं की किस्में PBW_590, PBW-658 की बिजाई कर सकते है
Posted by SONU KUMAR
Uttar Pradesh
15-12-2019 09:30 AM
Punjab
03-16-2020 12:28 PM
SONU KUMAR ji fasal bima yojana ke bare me puri jankari ke liye aap sath me diye gye link par click kar video dekhe https://www.youtube.com/watch v=v-_NSX9GTzE
Posted by Mandeep singh
Punjab
15-12-2019 09:30 AM
Punjab
12-16-2019 09:51 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੇ 2 chemicals ਦੀ mix ਕਰ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਦੀ ਹੈ, ਪਾਲਕ ਬੂਟੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25 ਤੋਂ 30 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਏਮ/ਅਫਿਨਟੀ 40 ਡੀ ਐਫ (ਕਾਰਫੈਨਟਰਾਜ਼ੋਨ ਈਥਾਈਲ) ਨੰ 200 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਾਂਫਿਡਾ 50 ਡੀ ਐਫ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਾਰਫੈ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੇ 2 chemicals ਦੀ mix ਕਰ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਦੀ ਹੈ, ਪਾਲਕ ਬੂਟੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25 ਤੋਂ 30 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਏਮ/ਅਫਿਨਟੀ 40 ਡੀ ਐਫ (ਕਾਰਫੈਨਟਰਾਜ਼ੋਨ ਈਥਾਈਲ) ਨੰ 200 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਾਂਫਿਡਾ 50 ਡੀ ਐਫ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਾਰਫੈਨਟਰਾਜ਼ੋਨ ਈਥਾਈਲ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Nishu dhaliwal
Punjab
15-12-2019 09:27 AM
Punjab
12-15-2019 10:32 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ
Posted by Shubham
Maharashtra
15-12-2019 09:25 AM
Punjab
12-15-2019 10:54 AM
शुभम जी कुछ गायों की हीट लंबी होती है वो एक बार टीका भरवाने के बाद फिर दोबारा तारें देती रहती है उन्हें अगले दिन भी टीका भरवाना चाहिए और Gestaprogen पाउडर 25 ग्राम रोजाना 20 दिन तक देते रहना चाहिए
Posted by mithun amliyar
Madhya Pradesh
15-12-2019 09:11 AM
Punjab
12-16-2019 03:14 PM
मनोज जी , इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है शुष्क खेतों को .... (Read More)
मनोज जी , इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई:-पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें फसल को जड़ गलन रोग से बचाने के लिए नीचे दिए गए फंगसनाशी का प्रयोग किया जा सकता है पहले रासायनिक फंगीनाशी का प्रयोग करें फिर बीजों का टराईकोडरमा के साथ उपचार करें वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें जब दाने पूरी तरह पक जायें और फसल का रंग सुनहरी हो जाये तो खड़ी फसल की कटाई कर लेनी चाहिए ज्यादातर फसल की कटाई हाथों से द्राती से या कंबाइन से की जाती है काटी गई फसल के बंडल बनाके उनको छांटा जाता है दानों को बालियों से अलग कर लिया जाता है दानों को बालियों से अलग करने के बाद उसकी छंटाई की जाती है धान की कटाई करने के बाद पैदावार को काटने से लेकर प्रयोग तक नीचे लिखी प्रक्रिया अपनाई जाती है 1.कटाई 2. छंटाई 3. सफाई 4. सुखाना 5. गोदाम में रखना 6.पॉलिश करना और इसके बाद इसे बेचने के लिए भेजना दानों को स्टोर करने से पहले इन्हें कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए 10 किलोग्राम दानों के लिए 500 ग्राम नीम के पाउडर को मिलाना चाहिए स्टोर किए गए दानों को कीटों के हमले से बचाने के लिए 30 मि.ली. मैलाथियोन 50 ई.सी. को 3 लीटर पानी में घोल तैयार करके इसका छिड़काव करना चाहिए इस घोल का छिड़काव 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हर 15 दिनों के बाद करना चाहिए, धन्यवाद
Posted by sukh
Punjab
15-12-2019 09:07 AM
Punjab
12-15-2019 12:32 PM
ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Glactogog ਪਾਊਡਰ ਵੀ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ..
Posted by Narang Singh
Punjab
15-12-2019 09:01 AM
Punjab
12-16-2019 03:08 PM
Shrimaan ji, is vich macchar da hamla hoea hai, isdi roktham lai tuc imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by रोहित दीक्षित
Madhya Pradesh
15-12-2019 08:54 AM
Punjab
12-16-2019 03:06 PM
श्रीमान जी, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें धन्यवाद
Posted by SATWINDER SINGH
Punjab
15-12-2019 08:54 AM
Punjab
12-15-2019 09:29 AM
श्रीमान जी गेहूं में सुंडी की रोकथाम के लिए QUINALPHOS@800 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Laeeq Khan
Uttar Pradesh
15-12-2019 08:54 AM
Punjab
12-15-2019 09:30 AM
श्रीमान जी आलू में झुलस रोग की रोकथाम के लिए एम45 को 500 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by दरबारा सिंह गिल
Haryana
15-12-2019 08:47 AM
Punjab
12-15-2019 12:40 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं,बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसके.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं,बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसके इलावा आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं. बकरी के बारे ओर जानकारी के लिए आप मेरे साथ 9317517763 संपर्क कर सकते है
Posted by Balwinder singh
Punjab
15-12-2019 08:45 AM
Punjab
12-15-2019 09:32 AM
श्रीमान जी गेहूं में सल्फर 5 किलो प्रति एकड़ यूरिया के साथ मिलाकर छिड़काव कर सकते है
Posted by Uday Kushwah
Madhya Pradesh
15-12-2019 08:33 AM
Punjab
12-16-2019 03:09 PM
श्रीमान जी,यह फंगस का हमला हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए इसमें carbendazim @ 400 gm या mancozeb @ 400 gm को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवद
Posted by Randeep Singh
Punjab
15-12-2019 08:18 AM
Punjab
12-15-2019 08:38 AM
Randeep ji tuci Murgi palan di training apne nazdiki krishi vigyan kendar ton laa skde ho, uthe sme sme te kisana di manng de anusar training lagwai jndi hai tuci iss no 01639-253142 te sampark krke ohna nal gal kr skde ho ate apna training wala form v bhar aao ji.Krishi Vigyan Kendra (KVK) , Faridkot (Punjab)
Posted by akash singh
Punjab
15-12-2019 08:17 AM
Punjab
12-16-2019 03:13 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸ ਵਿਧੀ ਨਾਲ ਲਗਾਇਆ ਹੈ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਗੁਰਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-12-2019 08:04 AM
Punjab
12-15-2019 12:37 PM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ large white yorkshire ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਤੁਸੀ large white yorkshire ਨਸਲ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਦੇ ਫਾਰਮ ਤੇ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸ਼ੈਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਖੁਦ ਸਮਝਨਾ ਪੈਣਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੈਟ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2-2.50 ਲੱਖ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰ ਛੋਟੇ ਲੈਵਲ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ. ਸਫ਼ਲ ਸੂ੍ਰ ਪਾਲਕਾ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇੱਕ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ. ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
15-12-2019 08:03 AM
Punjab
12-15-2019 10:38 AM
श्रीमान जी मिर्च की ग्रोथ के लिए एनपीके 19:19:19 एक किलो प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by RAJKUMAR MEENA
Madhya Pradesh
15-12-2019 07:54 AM
Punjab
01-14-2020 02:32 PM
राजकुमार जी आप केंचुए लेने के लिए Atul Saxena 7024911668 SPP Paramotoring India से संपर्क कर सकते है
Posted by karulal Patidar
Madhya Pradesh
15-12-2019 07:52 AM
Punjab
12-16-2019 03:17 PM
श्रीमान जी, फोटो देख कर यह फंगस का हमला लग रहा है, इसकी पूरी जानकारी लेने के लिए आप इसकी पूरी फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद
Posted by durgesh kumar
Bihar
15-12-2019 07:51 AM
Punjab
12-16-2019 09:40 PM
Shrimaan ji, agar jameen retli hai to beej ke ugne ke chances jayad hai, agar mitti chini hai to beej ke ugne ke chances kam rehte hai, to apko iski dubara biaji karne padegi, dhanywad
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
15-12-2019 07:47 AM
Punjab
12-15-2019 08:13 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ
Posted by Hardev Singh Khiala
Punjab
15-12-2019 07:46 AM
Punjab
12-16-2019 03:30 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਅਗਲੇ ਦੀਨਾ ਵਿਚ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਰਹਿਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ , ਧੰਨਵਾਦ