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Posted by Meena Vikash
Madhya Pradesh
16-12-2019 02:09 PM
Punjab
12-17-2019 02:22 PM
Meena ji aap Farmtrac kharid sakte hai.dhanywad
Posted by Rakesh Chaudhary
Chandigarh
16-12-2019 02:01 PM
Punjab
01-29-2020 09:38 PM
Rakesh ji poultry farming ate goat farming da kam suru krn ton pehla tuci isdi training jrur lao jo tuci apne nazdiki kvk ton laa skde ho jiss vich tuhanu ehna nu tyar krnn ate sahi khrach di sahi jankari mill jawegi.
Posted by ਵਿਪਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
16-12-2019 02:01 PM
Punjab
12-17-2019 10:11 AM
ਵਿਪਿਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਵਾਰਾ ,ਖੀਰੇ ,ਚੌਲੇ ,ਕੱਦੂ ,ਤੋਰੀ ,ਪੇਠਾ ,ਭਿੰਡੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurpreet Bhullar
Punjab
16-12-2019 01:40 PM
Punjab
12-17-2019 09:35 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਪੂਰੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kanhiya ora
Rajasthan
16-12-2019 01:39 PM
Punjab
12-16-2019 01:47 PM
Usko aap Broton liquid 50-50ml subah sham den aur Halotas bolus 2-2 golia subah sham den, isse frak padd jayega..
Posted by anup chaudhary
Uttar Pradesh
16-12-2019 01:38 PM
Punjab
12-16-2019 01:52 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं,बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसके.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं,बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसके इलावा आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.इसके इलावा आप इस काम की ट्रेनिंग लेकर इसे शुरू करें ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी Krishi Vigyan Kendra, Basti ,P.O. - Katya ,Distt.- Basti - (U.P.), INDIA, PIN - 272 302, Tel. No.: 09450547719 से संपर्क कर सकते है
Posted by PRADEEP KUMAR
Uttar Pradesh
16-12-2019 01:37 PM
Punjab
12-17-2019 02:11 PM
प्रदीप जी हरी खाद को खेत में मुख्य फसल से पहले उगाया जाता है और इसकी खेत में ही जुताई कर दी जाती है
Posted by gurjant singh
Punjab
16-12-2019 01:32 PM
Punjab
12-16-2019 02:45 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ axil ਜਾਂ ਫੇਰ total ਜਾਂ markpower ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਗਿੱਲ ਹੋਣਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇ ਥੋਡੇ ਇਹਨਾਂ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਨਾਲ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਨਹੀਂ ਮਰਿਆ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸ਼ਗਨ 21-11 (ਕਲੋਡੀਨਾਫੌਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ
Posted by SUBDA MURMU
Jharkhand
16-12-2019 01:26 PM
Maharashtra
12-17-2019 09:39 AM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी, जिसमें भूजल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसकी पी एच 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का पी एच 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें औ.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी, जिसमें भूजल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसकी पी एच 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का पी एच 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का पी एच 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें प्रसिद्ध किस्में:-Cos 1230: इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है CoH 2201: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 300 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Cos 95255: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 295 क्विंटल प्रति एकड़ होती है CoS 94270: इसकी औसतन पैदावार 345 क्विंटल प्रति एकड़ होती है CoH 119: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 345 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Co 9814: यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 320 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Co 1148: यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है इसका अंकुरण अच्छा होता है, शाखाएं बहुत ज्यादा निकलती हैं इसकी मोढ़ी फसल की क्षमता बहुत अच्छी होती है इससे मध्यम गुणवत्ता के गुड़ का उत्पादन होता है यह रतुआ रोग के प्रति अधिक संवेदनशील है इसकी औसतन पैदावार 375 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खेत की दो बार जोताई करें पहली जोताई 20-25 सैं.मी. होनी चाहिए कंकड़ों को मशीनी ढंग से अच्छी तरह तोड़कर समतल कर दें खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई:- ट्रैक्टर वाली मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और हल्की सिंचाई करें पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई:- खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30-60-90 सैं.मी. के फासले पर बिजाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है गड्ढा खोदकर बिजाई: - गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और आम बिजाई से 20-25 प्रतिशत अधिक पैदावार आती है एक आंख वाले गन्नों की बिजाई :– सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरले भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6-9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें फरवरी से मार्च गन्ने की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है अलग-अलग तजुर्बों से यह सिद्ध हुआ है कि 3 आंख वाली गुलियों का जमाव अधिक होता है जब कि एक आंख वाली गुली अच्छी नहीं जमती क्योंकि दोनों ओर काटने के कारण गुली में पानी की कमी हो जाती है और ज्यादा आंखों वाली गुलियां बीजने से भी अधिक जमाव नहीं मिलता दो आंख वाली गुलियां 35000 और तीन आंख वाली गुलियां 23000 प्रति एकड़ में प्रयोग करें दूसरे शब्दों में 35-40 क्विंटल बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके : गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग : इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है रासायनिक तरीके : नदीनों को रोकने के लिए नदीनों के अंकुरण से पहले सिमाज़िन या एट्राज़िन 0.6-0.8 किलो या मैट्रीब्यूज़िन 0.4 किलो या ड्यूरॉन 1-1.2 किलो प्रति एकड़ में डालें इन नदीननाशकों को बिजाई के तुरंत बाद डालें 2,4-D 0.3-0.4 किलो नदीनों के अंकुरण के बाद गन्ने में चौड़े पत्ते वाले नदीनों को रोकने के लिए डालें धन्यवाद
Posted by Tanu
Punjab
16-12-2019 01:17 PM
Punjab
12-16-2019 10:43 PM
Shrimaan ji, je kar jameen retli si te eh kanak di biaji de chances Jayda hai, nahi te isde ugan de chances ghaat jande han ate tuhnu is di dubara bijai karni pawe gi, dhanwad
Posted by hardeep singh
Punjab
16-12-2019 01:16 PM
Punjab
12-16-2019 05:35 PM
hardeep singh ji desi chicks tusi GADVASU Ludhiana to le sakde ho, chicks book karvon lai tusi 7889239583 te samparak kar sakde ho, chicks da rate inha di variety (Kisam) de adhar te vakh vakh hunda hai, Thankyou.
Posted by jaswinder singh
Punjab
16-12-2019 01:06 PM
Punjab
12-16-2019 05:41 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟ.... (Read More)
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਲੀਡਰ, ਟੌਪਿਕ, ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4D 250 ml ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਟੌਪਿਕ 15 ਡਬਲਿਊ ਪੀ (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 160 ਗ੍ਰਾਮ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 30 ਤੋਂ 35 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ 150 ਪਾਣੀ/ਏਕੜ •• ਐਕਸੀਅਲ 5 ਈ ਸੀ (ਪਿਨੌਕਸਾਡਿਨ) 400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ 4) ਲੀਡਰ/ਮਾਰਕਸਲਫੋ 75 ਡਬਲਿਊ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ) 13 ਗ੍ਰਾਮ •ਟੋਟਲ/ਮਾਰਕਪਾਵਰ 75 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਸਲਫੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਮੈਟਸਫੂਰਾਨ) 16 ਗ੍ਰਾਮ •ਐਟਲਾਂਟਿਸ 3.6 ਡਬਲਿਊ ਡੀ ਜੀ (ਮਿਜ਼ੋਸਲਫੂਰਾਨ+ਆਇਡੋਸਲਫੂਰਾਨ) 160 ਗ੍ਰਾਮ 6 ਸ਼ਗੁਨ 21-11 (ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ+ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ) 200 ਗ੍ਰਾਮ •ਏ ਸੀ ਐੱਮ-9 (ਕਲੋਡੀਨਾਫਾਪ+ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ) 240 ਗ੍ਰਾਮ *ਨੋਟ* 1.ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨੂੰ pbw 550 ਤੇ ਉਨਤ pbw550 ਵਿਚ ਨਾ ਛਿੜਕੋ 2. ਸਗਨ 21-11 ਦਾ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾ ਨਾ ਕਰੋ 3.ਵਡਾਣਕ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸ਼ਗਨ 21-11 ਨਾ ਵਰਤੋਂ
Posted by Ombirsarpanch Birpal
Haryana
16-12-2019 12:52 PM
Punjab
12-16-2019 01:55 PM
aap ASEEL, PUNJAB WHITE BATTER, KADAKNATH, SATLUJ naslo ko rakh skte hai, yeh sabhi eggs ke liye achi nasle hai inki growth v achi hoti hai, chicks lene ke liye aap Satish Kumar 9992031003 se sampark kr skte hai.
Posted by arvind yadav
Bihar
16-12-2019 12:48 PM
Punjab
12-16-2019 10:41 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apne isme konsi dawai ka istemal kiya hai, taki apko iske bare mein uccit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by sikandar prajapati
Uttar Pradesh
16-12-2019 12:46 PM
Maharashtra
12-17-2019 02:08 PM
मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उन.... (Read More)
मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है
Posted by arvind yadav
Bihar
16-12-2019 12:41 PM
Punjab
12-16-2019 05:07 PM
Shrimaan ji, photo ke adhaar par isme koi kami dikahi nai de rahi hai, agar apko isme koi samsya a rahi hai to kripya ap visthar se bataye , dhanywad
Posted by harpreet singh
Punjab
16-12-2019 12:35 PM
Punjab
01-29-2020 11:35 AM
Harpreet Singhji, photo nu dekh ke eh anumaan lagaya ja sakda hai, ke eh bathu da plant hai, dhanywad
Posted by arbaz khan
Maharashtra
16-12-2019 12:28 PM
Punjab
12-16-2019 05:08 PM
Shrimaan ji, eh macchar da hamla hoea hai, isdi roktham lai tcu imidacloprid @ 1.5ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by baldev singh
Punjab
16-12-2019 12:27 PM
Punjab
12-16-2019 02:04 PM
ਬਲਦੇਵ ਜੀ ਤੁਸੀ ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ ਤੋਂ ਜੋ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਐੱਪ ਵਿਚ ਉਸ ਸੰਬੰਧੀ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਐੱਪ ਵਿਚ ਹੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਸੁਖਚੈਨ िਸੰਘ
Punjab
16-12-2019 12:16 PM
Punjab
12-16-2019 06:49 PM
ਤੁਸੀ Raily Gold ਜਾਂ micoraja 4-5 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ, ਛਿੱਟਾ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by Anoop Singh
Uttar Pradesh
16-12-2019 12:14 PM
Punjab
12-16-2019 04:51 PM
Anoop Singh ji desi chicks len lai tusi Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 (Sumit Kumar Poultry Farm) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Vijay Thakur
Punjab
16-12-2019 12:08 PM
Punjab
12-17-2019 10:18 AM
vijay ji is mahine vich kise vi daal di bijai sifarish nahi hai.dhanwad
Posted by shubhash chhillar
Uttar Pradesh
16-12-2019 12:06 PM
Punjab
12-16-2019 02:06 PM
शुभाष जी कृपया आप ये बताएं कि आपकी भैंस को क्या क्या समस्या आ रही है, आप उसके बारे में विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by sagar
Maharashtra
16-12-2019 11:59 AM
Punjab
12-16-2019 05:04 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है ख.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन (Moringa) की खेती की जा सकती है यहाँ ताकि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by deepak rai
Madhya Pradesh
16-12-2019 11:53 AM
Punjab
12-16-2019 02:07 PM
दीपक जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Vijay Thakur
Punjab
16-12-2019 11:30 AM
Punjab
12-17-2019 10:40 AM
vijay ji tuc barseem de uper carbendazim@400 gram nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by kawaljit singh
Punjab
16-12-2019 11:30 AM
Punjab
12-16-2019 04:52 PM
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਤੁਸੀ 80548 17608 ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਰਾਜੀ ਜੀ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਜੀ
Posted by vikas
Madhya Pradesh
16-12-2019 11:16 AM
Punjab
12-16-2019 05:03 PM
Shrimaan ji, kripya ao mirch ki photo bejein taki apko uske hisaab se iska hal batay ja sake, dhanywad
Posted by Manjit Singh
Punjab
16-12-2019 11:16 AM
Punjab
12-16-2019 04:07 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਐਕਸੀਅਲ ਦਵਾਈ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਕੇ ਹੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Nishan Gill
Punjab
16-12-2019 11:03 AM
Punjab
12-17-2019 10:53 AM
nishan ji kirpa karke matra di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by bskushwaha
Uttar Pradesh
16-12-2019 11:00 AM
Maharashtra
12-17-2019 10:56 AM
bskushwaha ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap rice ki konsi development stage ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by navjot singh
Punjab
16-12-2019 10:53 AM
Punjab
12-17-2019 10:59 AM
navjot ji tuc NPK 130045@1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by jatinder singh
Punjab
16-12-2019 10:52 AM
Punjab
01-29-2020 01:50 PM
ਜਤਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੁਸੀਂ ਅਚਾਰ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਬੰਨ੍ ਕੇ ਰੱਖੋ ਤਾਕਿ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹਵਾ ਨਾਂ ਜਾ ਸਕੇ, ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਇਸ ਵਿੱਚ ਉਲੀ ਨਹੀਂ ਲੱਗਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by om
Uttar Pradesh
16-12-2019 10:44 AM
Punjab
12-17-2019 11:17 AM
ओम जी आप प्रति बीघा 250 किलो वर्मीकम्पोस्ट का इस्तेमाल करें धन्यवाद
Posted by Mohd maroof khan
Uttar Pradesh
16-12-2019 10:43 AM
Punjab
12-23-2019 12:24 PM
Moh. Maroof ji agar aap aam ka baag lgana chahte hai to sabh se pehle apne jile ke Krishi Vigyan Kendra, Virendra Nagar, Dhaura, Distt.- Unnao (U.P.) INDIA, PIN - 229 881, Tel. No.: +91 9452239314 se samparak kare in se aap ko bag lgane or sarkari shaeta ke bare me puri jankari mil jae gi, Thankyou.
Posted by Kiran dash
Odisha
16-12-2019 10:42 AM
Rajasthan
12-16-2019 04:56 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Rajit Kumar
Uttar Pradesh
16-12-2019 10:37 AM
Punjab
12-16-2019 05:48 PM
Ram khelawan ji jankari ke lia apka bohat bohat dhanewad kirpya aap apni free ads hmari Apni kheri Buy/Sell app par bhi jrur dale ta jo kisan sida aap ke no. par samparak kar sake, Thankyou.
Posted by gurinder pal singh
Punjab
16-12-2019 09:59 AM
Punjab
12-16-2019 05:05 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਪਿਆਜ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਤਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਦਾ ਹਲ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by HINDER PAL
Punjab
16-12-2019 09:43 AM
Punjab
12-16-2019 02:12 PM
इस बकरी से हमें पौष्टिक दूध और स्वादिष्ट मीट मिलता है और हमें उसके भोजन की ज़्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती, उसे जो दो वह चुपचाप खा लेती है इन्हे खुला छोड़कर चराने से इनकी ग्रोथ अच्छी होती है और अधिक खाने के कारण इनका भार भी जल्दी बढ़ता है
Posted by Harmandeep Singh Pandher
Punjab
16-12-2019 09:40 AM
Punjab
12-16-2019 02:13 PM
ਤੁਸੀਂ ਹੇਠਾਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਫਾਰਮੂਲੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਦਿਤੀ ਗਈ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ • 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ • 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ • 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ • 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ • 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ • 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ • 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ • 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਿਸਾ ਲਵੋ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 1-1.5 ਕਿਲੋ ਇਕ ਟਾਈਮ ਤੱਕ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by Ranvir singh
Himachal Pradesh
16-12-2019 09:39 AM
Punjab
12-16-2019 04:52 PM
श्रीमान जी, कृपया फसल का पूरा नाम बताये ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Dharmendra kumar
Uttar Pradesh
16-12-2019 09:21 AM
Punjab
12-16-2019 04:51 PM
श्रीमान जी, इसके लिए आप सिफारशी खादों का इस्तेमाल करें और इसमें किसी कीट या बीमारी के हमले से बचाव रकहिं, समय समय पर इसकी सिंचाई करें, धन्यवाद
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
16-12-2019 09:18 AM
Punjab
12-16-2019 02:19 PM
ਜੇਕਰ ਮੱਝ ਨੂੰ ਬੰਨ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ Kol L liquid 500ml ਇੱਕ ਵਾਰ ਵਿੱਚ ਪਿਲਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Impacdon ਪਾਊਡਰ 200gm ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਉਬਾਲ ਕੇ ਹਲਕਾ ਠੰਡਾ (ਕੋਸਾ ਜਾਂ ਗੁਣਗੁਣਾ) ਕਰੋ ਅਤੇ ਪਿਲਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Latifur ultra 30gm pouch ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by gurvinder singh
Punjab
16-12-2019 09:16 AM
Punjab
12-16-2019 02:22 PM
Hanji gurvinder ji tuci cow nu soyabean de skde ho, iss nal sarir vich kamjori duur hundi hai pashu da dudh vdhh jnda hai.
Posted by GYANENDRA GUPTA
Uttar Pradesh
16-12-2019 09:15 AM
Punjab
12-16-2019 04:49 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by himat pundlik ahire
Maharashtra
16-12-2019 09:00 AM
Punjab
12-16-2019 04:49 PM
Shrimaan ji, sardiyon mein ap sabjiya jaise ke chappan kadu, bangan, shimla mirch, ful gobhi ki bijai kar sakte gain, iske ilawa ap chikitsik podhe jaise ke kalihari, lassan ghas, pudhina, mulethi, sadabhar, shatarvri ki kheti kar sakte hain, dhanywad