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Posted by Ravinder Buttar
Punjab
19-12-2019 11:30 AM
Punjab
12-19-2019 01:12 PM
kanak de vich gulli danda 35-40 dina de vich hi baahr nikalda hai. jdo tuc pehla paani lgaa dinde ho tan ihh gulli danda kanak de nal nal vadhna shuru ho janda hai. iss sme kanak 40 dina de ass paas ho jandi hai. iss sme tuc TOPIK@160GM JA AXIAL@400ML JA PUMA POWER@400ML JA LEADER@13GM ja SAFAL@13GM JA UPL di SHAGUN 21-11@200gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho. ihna de vicho koi v ikk spray vart skde ho. topik di jgah tuc ihh spreha vart skde ho. jekar bathoo hai tan uss de lyi algrip@10gm ja total@16gm nu 150 ltr paani de nal mila ke prati acre te spray kr skde ho .
Posted by tinku nagar
Rajasthan
19-12-2019 11:25 AM
Punjab
12-19-2019 01:11 PM
श्री मान गेहूं में पहला पानी गेहूं में 20-25 दिन बाद लगा सकते हो
Posted by BHOOPARAM
Rajasthan
19-12-2019 11:24 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:43 PM
भूपराम जी कृपया सवाल विस्तार से पूछे कि आप जीरे की फसल के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Swarn Singh
Madhya Pradesh
19-12-2019 11:23 AM
Punjab
01-30-2020 05:10 PM
Swarn Singh ji cowpeas seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Bantu rathore
Madhya Pradesh
19-12-2019 11:21 AM
Rajasthan
01-28-2020 06:05 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें, इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, इस ट्रेनिंग में आपको डेयरी लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.
Posted by Swarn Singh
Madhya Pradesh
19-12-2019 11:20 AM
Punjab
01-31-2020 03:48 PM
Swarn Singh ji Cowpea ka seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Talwinder singh
Punjab
19-12-2019 11:16 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:41 PM
talwinder ji urea da asar shitte to 3-4 dina tak shuru ho janda hai.isda asar mitti vich rehnda hai ate 20 dina bad urea di dooji dose pa deo.dhanwad
Posted by Krishna jamliya
Madhya Pradesh
19-12-2019 11:16 AM
Punjab
12-20-2019 03:27 PM
Krishna ji yeh fungus hai iske liye aap mancozeb@400 gram ko prati aikad ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Pandit Rajkumar Mishra
Uttar Pradesh
19-12-2019 11:05 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:29 PM
इसकी बिजाई मध्य जून या जुलाई महीने के शुरू में कर लेनी चाहिए
Posted by Pandit Rajkumar Mishra
Uttar Pradesh
19-12-2019 11:04 AM
Maharashtra
12-19-2019 05:38 PM
इसकी बिजाई मध्य जून या जुलाई महीने के शुरू में कर लेनी चाहिए
Posted by Pandit Rajkumar Mishra
Uttar Pradesh
19-12-2019 11:03 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:30 PM
इसकी बिजाई मध्य जून या जुलाई महीने के शुरू में कर लेनी चाहिए
Posted by khuspal
Punjab
19-12-2019 11:01 AM
Punjab
12-20-2019 03:32 PM
khushpal ji biovita nal isdi growth vadia ho jayegi jekar khet vich vadhu pani de nal kanak peeli ho gayi hai ta khet vich sulphur@3 kilo ate urea di bachi matra nu khet vich pao.dhanwad
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
19-12-2019 10:58 AM
Punjab
01-11-2020 06:57 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ph 6.5 – 7.5 ਹੈ ਤੇ ਨਮੀ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸਟੀਵੀਆਂ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀ ਹੈ ਜਿਸ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਆਲੂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ੳੇੁਸ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਖੇਤੀ ਵਧੀਆ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਕਹਿਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਨਹੀ ਖੜ੍ਹਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿਉਂਕਿ ਖ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ph 6.5 – 7.5 ਹੈ ਤੇ ਨਮੀ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸਟੀਵੀਆਂ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀ ਹੈ ਜਿਸ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਆਲੂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ੳੇੁਸ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਖੇਤੀ ਵਧੀਆ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ਤੇ ਕਹਿਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਪਾਣੀ ਨਹੀ ਖੜ੍ਹਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਕਿਉਂਕਿ ਖੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਇਸ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੂਨ ਅਤੇ ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਬਾਕੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਮਹੀਨੇ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 30000 ਪੌਦੇ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸੁਝਾਅ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੌਦੇ 3 ਫੁੱਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਬਣਾ ਕੇ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦੀ ਦੂਰੀ ਅਤੇ ਲਾਈਨ ਤੋਂ ਲਾਈਨ ਦੀ ਦੂਰੀ 1 ਫੁੱਟ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਹੈ ਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਖਾਲੀਆ ਵਿੱਚ ਨਿੱਕਲ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀ ਹੋਵੇਗਾ ਪਾਣੀ ਦੇਣ ਵੇਲੇ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਅਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਇੱਕ ਤਾਂ ਪੌਦਾ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੌ ਬਾਅਦ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 15-20 ਮਿੰਟ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਤਕਨੀਕ ਰਾਹੀ ਦੂਜੇ ਜਾਂ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਤੋਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਟ ਡਰਿੱਪ ਸਿਸਟਮ ਲੱਗਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਲੇਬਰ ਤੇ ਪੈਸੇ ਦੀ ਬਹੁਤ ਬੱਚਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀ ਪੌਦੇ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਅਨੁਸਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖਾਦਾਂ ਤੇ ਸਪਰੇਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਪੈਂਦੀ ਹੀ ਨਹੀ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਜੇਕਰ ਨਿੰਮ ਦਾ ਘੋਲ ਬਣਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਛਿੜਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਖਾਦਾਂ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਤੇ ਥੋੜੀਆਂ ਹੀ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ ਫ਼ਸਲ ਪੱਕਣ ਤੇ ਨਾਲ ਦੀ ਨਾਲ ਕਟਾਈ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਰਸਾਤ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਬਿਲਕੁੱਲ ਵੀ ਦੇਰੀ ਨਹੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗਰਮ ਹਵਾ ਨਾਲ ਇਸਦੇ ਪੱਤੇ ਡੰਡੀਆਂ ਨਾਲੋਂ ਅਲੱਗ ਕਰਕੇ ਪੱਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੇ ਥੈਲਿਆ ਵਿੱਚ ਜਮਾ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਥੈਲਿਆ ਵਿੱ ਪਾਕੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸਿਲਾਈ ਕਰਕੇ ਨਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾਕੇ ਸਟੋਰ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਨੂੰ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਸਟੋਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਨੂੰ ਸਮਝਣ ਲਈ ਇਹ ਸਾਰਣੀ ਦੇਖੋ ਉਦਾਹਰਨ ਤੌਰ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ : 1 ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ 15 ਫਰਵਰੀ ਪਹਿਲੀ ਕਟਾਈ :1 ਮਈ ਤੋ 7 ਮਈ ਤੱਕ ਦੂਜੀ ਕਟਾਈ: 25 ਜੂਨ ਤੋਂ 30 ਜੂਨ ਤੀਜੀ ਕਟਾਈ: 25-30 ਸਤੰਬਰ ਚੌਥੀ ਕਟਾਈ: 25-30 ਨਵੰਬਰ ਘੱਟੋ ਘੱਟ ਚਾਰ ਕਟਾਈਆ ਲਈਆ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਪਹਿਲੇ ਸਾਲ ਲੱਗਭੱਗ 1800 ਕਿੱਲੋ ਸੁੱਕੇ ਪਤਿਆਂ ਦਾ ਝਾੜ ਮਿਲੇਗਾ ਮੁੱਲ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿੱਲੋ: 100 ਰੁਪਏ 1800 X 100 = 180,000 ਕੁੱਲ ਆਮਦਨ ਹੋਵੇਗੀ ਸਟੀਵੀਆਂ ਦੇ ਪੌਦੇ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 98151 73198 ਰਵਿੰਦਰ ਸ਼ਰਮਾ ਜੀ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Shubham Chaudhary
Uttar Pradesh
19-12-2019 10:56 AM
Maharashtra
12-19-2019 05:35 PM
shubham ji aap iske patton ke neeche machar ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by subhash
Bihar
19-12-2019 10:54 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:39 PM
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल .... (Read More)
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है खुम्ब की खेती बडी़ मात्रा में खेत के व्यर्थ पदार्थ और अन्य सामग्री जैसे व्यर्थ कागज़, कपास का व्यर्थ पदार्थ, अनाज की पराली आदि पर की जा सकती है धान की पराली और गेहूं की पराली मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाली सामग्री हैं जिनका प्रयोग सब्स्ट्रेट की तैयारी के लिए किया जाता है ओइस्टर को पॉलीथीन बैग में उगाया जाता है कार्बेनडाज़ि़म 7 ग्राम के साथ फॉरमालीन 125 मि.ली. को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें और एक मिश्रण तैयार करें ऊपर दिए गए मिश्रण में 20 किलो गेहूं की पराली डालें और इसे 18 घंटे के लिए रख दें 18 घंटों के बाद गेहूं की पराली को हटा दें और इसे एक सतह पर रखें और इसमें से अतिरिक्त पानी को निकाल दें गेहूं की पराली में 2 प्रतिशत बीज डालें और इस मिश्रण को 15x12 इंच के पॉलीथीन बैग में भरें पॉलीथीन बैग 2 मि.मी. अर्द्ध व्यास से छिद्रित हो हवा परिसंचरण के लिए पूरी सतह पर लगभग 4 सैं.मी. के छेद हों उसके बाद बैग को 80-85 प्रतिशत आर्द्रता वाले कमरे में शैल्फ पर रखें कमरे का तापमान 24-26 डिगरी सेल्सियस होना चाहिए बैगों को सुरक्षित जगह पर रखें और पानी के छिड़काव द्वारा इनमें नमी बनाए रखें पराली पर सफेद रंग की सूती माइसीलियम विकसित हो जाती है गेहूं की पराली अपना रंग बदलकर भूरे रंग की हो जाती है और आवाज करती है और सिकुड़ जाती है इस अवस्था में पॉलीथीन को काट कर निकाल दें पॉलीथीन में पराली सिकुड़ जाती है और बेलनाकार हो जाती है इन बेलनाकार पराली के आकार को शैल्फ पर लगाएं और इनमें पानी के छिड़काव द्वारा नमी बनाए रखें
Posted by Uday Rana
Haryana
19-12-2019 10:53 AM
Maharashtra
12-19-2019 04:38 PM
uday ji aap iski spray kar sakte hai bus dhyan rakhe ke aus ke same iski spray na karen jab aus hat jaye tab aap iski spray kar sakte hai,dhanywad
Posted by Amritpal kahlon
Punjab
19-12-2019 10:47 AM
Punjab
03-12-2020 05:33 PM
Amritpal kahlon ji punjab vich mulli da bhaa 200 - 950/q chal reha hai, Thankyou.
Posted by Shivshankar Sahu
Bihar
19-12-2019 10:38 AM
Maharashtra
12-19-2019 11:01 AM
Shivshankar ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Shivshankar Sahu
Bihar
19-12-2019 10:36 AM
Maharashtra
12-19-2019 04:42 PM
Shivshankar ji aap iske liye NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by subhash
Bihar
19-12-2019 10:34 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:44 PM
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और.... (Read More)
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है खुम्ब की खेती बडी़ मात्रा में खेत के व्यर्थ पदार्थ और अन्य सामग्री जैसे व्यर्थ कागज़, कपास का व्यर्थ पदार्थ, अनाज की पराली आदि पर की जा सकती है धान की पराली और गेहूं की पराली मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाली सामग्री हैं जिनका प्रयोग सब्स्ट्रेट की तैयारी के लिए किया जाता है ओइस्टर को पॉलीथीन बैग में उगाया जाता है कार्बेनडाज़ि़म 7 ग्राम के साथ फॉरमालीन 125 मि.ली. को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें और एक मिश्रण तैयार करें ऊपर दिए गए मिश्रण में 20 किलो गेहूं की पराली डालें और इसे 18 घंटे के लिए रख दें 18 घंटों के बाद गेहूं की पराली को हटा दें और इसे एक सतह पर रखें और इसमें से अतिरिक्त पानी को निकाल दें गेहूं की पराली में 2 प्रतिशत बीज डालें और इस मिश्रण को 15x12 इंच के पॉलीथीन बैग में भरें पॉलीथीन बैग 2 मि.मी. अर्द्ध व्यास से छिद्रित हो हवा परिसंचरण के लिए पूरी सतह पर लगभग 4 सैं.मी. के छेद हों उसके बाद बैग को 80-85 प्रतिशत आर्द्रता वाले कमरे में शैल्फ पर रखें कमरे का तापमान 24-26 डिगरी सेल्सियस होना चाहिए बैगों को सुरक्षित जगह पर रखें और पानी के छिड़काव द्वारा इनमें नमी बनाए रखें पराली पर सफेद रंग की सूती माइसीलियम विकसित हो जाती है गेहूं की पराली अपना रंग बदलकर भूरे रंग की हो जाती है और आवाज करती है और सिकुड़ जाती है इस अवस्था में पॉलीथीन को काट कर निकाल दें पॉलीथीन में पराली सिकुड़ जाती है और बेलनाकार हो जाती है इन बेलनाकार पराली के आकार को शैल्फ पर लगाएं और इनमें पानी के छिड़काव द्वारा नमी बनाए रखें
Posted by manish kumar
Madhya Pradesh
19-12-2019 10:31 AM
Maharashtra
12-19-2019 05:08 PM
manish ji aap genhu ki fasl me poori khaad ki matra daale uske bad bhi agar fasl men vridhi na ho to aap NPK 191919 @1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by rishi
Uttar Pradesh
19-12-2019 10:31 AM
Maharashtra
12-19-2019 03:52 PM
rishi ji aap in dono ki alag alag spray karen inka ikathe istemal na karen.dhanywad
Posted by Vandana
Rajasthan
19-12-2019 10:29 AM
Punjab
12-19-2019 02:16 PM
मछली पालन की ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी .
Posted by सत्यम राजपूत
Madhya Pradesh
19-12-2019 10:29 AM
Maharashtra
12-19-2019 03:51 PM
सत्यम जी इल्ली की रोकथाम के लिए आप quinalphos @800 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by harendra singh
Uttar Pradesh
19-12-2019 10:24 AM
Punjab
12-19-2019 05:32 PM
harendra ji 2967 ki bijai abhi nahi ki ja sakti.yeab picheti kismon ki bijai ki ja sakti hai.dhanywad
Posted by Manjinder Singh
Punjab
19-12-2019 10:23 AM
Punjab
12-19-2019 01:15 PM
श्री मान गेहूं की किस्में जैसे कि PBW_590,PBW-752,HD-2851,PBW-509,PBW-658 की बिजाई दिसम्बर में कर सकते हो
Posted by manish kumar
Madhya Pradesh
19-12-2019 10:19 AM
Maharashtra
12-19-2019 10:26 AM
Manish ji kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Pardeep singh maan
Punjab
19-12-2019 10:19 AM
Punjab
12-19-2019 03:44 PM
pardeep ji sulphur da chitta deo isdi matra 3 kilo prati acre de hisab nal chitta deo.isde nal kanak vich fungus di smasya v ghat jandi hai.dhanwad
Posted by Ravindra bhade
Madhya Pradesh
19-12-2019 10:15 AM
Maharashtra
12-19-2019 05:16 PM
Ravindra ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by rajender
Rajasthan
19-12-2019 10:07 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:56 PM
rajendr ji aap paudhon ki sahi dekhbhal karen . paudhon ki sahi same par ktayi aur chtayi karen iske ilava aap prati paudh eko 8-10 kilo vermicompost daale.dhanywad
Posted by Bhola singh
Punjab
19-12-2019 09:48 AM
Punjab
12-19-2019 05:24 PM
ਇਹ Zinc solublizing bacteria ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ result ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 2 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 50 ਕਿੱਲੋ ਰੂੜੀ ਦੇ ਨਾਲ ਰਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Malik Ahamed
Andhra Pradesh
19-12-2019 09:40 AM
Rajasthan
12-19-2019 02:18 PM
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जान.... (Read More)
आप डेयरी फार्मिंग करना चाहते है तो सबसे पहले आप इनकी ट्रेनिंग जरूर लें, ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से प्राप्त कर सकते है जिससे आपको इस काम के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और इन्हें शुरू करने और इनमें लाभ कमाने का सही तरीका पता लग सकता है और आप शुरूआत कम जानवरों से करें जैसे जैसे आपको जानकारी होती रहेगी फिर आप इस काम को बढ़ा सकते है, आप एक बार में इक्ट्ठी गाय/भैंसे ना खरीदें, गायों/भैंसो को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर 1-2 खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें.
Posted by ਚੇਤਨ ਸਿੰਘ
Punjab
19-12-2019 09:38 AM
Punjab
12-20-2019 03:50 PM
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ .... (Read More)
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਕਣਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ 35-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਹ ਗੁੱਲੀ ਡੰਡਾ ਕਣਕ ਦੇ ਨਾਲ ਵਧਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ 40 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇਂ ਤੁਸੀਂ TOPIK@160GM ਜਾਂ AXIAL@400ML ਜਾਂ PUMA POWER@400ML ਜਾਂ LEADER@13GM ਜਾਂ SAFAL@13GM ਜਾਂ UPL ਦੀ SHAGUN 21-11@200gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਇੱਕ ਸਪਰੇਅ ਵਰਤ ਸਕਦੋ ਹੋ Topik ਦੀ ਥਾਂ ਇਹ ਸਪਰੇਆਂ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਬਾਥੂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ algrip@10gm ਜਾਂ total@16gm ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by imaran hussain
Rajasthan
19-12-2019 09:38 AM
Maharashtra
12-20-2019 03:53 PM
imaran ji isme keet ka hamla hai jiski roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prtai litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Raju Rao
Punjab
19-12-2019 09:37 AM
Punjab
12-19-2019 02:20 PM
Raju ji tuci jekar cow rakhnia chahunde ho tan 2-3 sahiwal nasal di cow rakh skde ho, ehh desi nasal di hai, ehna nu bimaria v ghtt aundi hai ate ehna de dudh vich fatt v bhut vdia hundi hai, ehna nu vdia khurak, vdia dekhbhal de nal repeat di smasia v ghtt hundi hai.
Posted by Arun Kumar
Bihar
19-12-2019 09:36 AM
Maharashtra
12-19-2019 01:41 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:00:45, 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे .... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:00:45, 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:00 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by Malik Ahamed
Andhra Pradesh
19-12-2019 09:36 AM
Maharashtra
12-19-2019 01:41 PM
कृप्या आप नींबू के पौधे की फोटो भेजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।
Posted by Harpreet batth
Punjab
19-12-2019 09:36 AM
Punjab
12-19-2019 03:08 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਇਕਠੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shyoji
Rajasthan
19-12-2019 09:35 AM
Punjab
12-20-2019 03:56 PM
पॉलीहाउस के लिए एक एकड़ में लगभग 40 लाख रूपये खर्चा आ सकता है बाकि इसकी सब्सिड़ी लेने का तरीका समझना जरूरी है इसकी पूरी जानकारी लेने के लिए आप ये वीडियो देख सकते है इसके इलावा भी यदि ओर कोई जानकारी चाहिए तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते है https://www.youtube.com/watch v=TPuSMpWqzCc&t=21s
Posted by SUNEET SINGH
Uttar Pradesh
19-12-2019 09:34 AM
Maharashtra
12-20-2019 05:34 PM
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयो.... (Read More)
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by jaspal singh
Punjab
19-12-2019 09:27 AM
Punjab
12-20-2019 05:33 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਇਕਠੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Manjot singh
Punjab
19-12-2019 09:23 AM
Punjab
12-19-2019 09:40 AM
Manjot Singh G, Vermicompost di Training tuhanu tuhade KVK (Krishi Vigyan Kender) cho mil skdi hai, ja Skill Development Centre University Ludhiana cho mil skdi hai.
Posted by vivek mishra
Uttar Pradesh
19-12-2019 09:09 AM
Punjab
12-24-2019 07:22 PM
श्रीमान जी, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक तेज हवाएं व् शीट लहर चलने की सम्भावना है, बारिश की सम्भवना नहीं है, धन्यवाद
Posted by Kumar Rajesh
Uttar Pradesh
19-12-2019 09:03 AM
Punjab
12-24-2019 12:23 PM
श्रीमान जी, गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें दीमक के हमले से बचाव के लिए आप chlorpyriphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by VIKAS YADAV
Uttar Pradesh
19-12-2019 08:50 AM
Punjab
12-19-2019 09:11 AM
श्री मान फसल को जानवरों से बचाने के लिए आप खेत में फेंसिंग कर सकते है इसके इलावा आप prem raj saini 9719432296 जी से सम्पर्क कर सकते है इन्हो ने एक खाद त्यार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by Bapulal Yadav
Madhya Pradesh
19-12-2019 08:45 AM
Punjab
12-24-2019 07:17 PM
श्रीमान जी, यह फंगस का हमला हुआ है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4 gm या mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Manpreet Sekhon
Punjab
19-12-2019 08:44 AM
Punjab
12-24-2019 07:15 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਪਾਣੀ ਨਹੀਂ ਸੁੱਕ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿਚ ਤੁਸੀ sulphur @ 20 gm ਪ੍ਰਤੀ ਮਰਲੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੋ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਆਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ KVK Krishi Vigyan Kendra, Village Goneana, District Muktsar-152026, Punjab – India, Phone: 01633-210046 ਤੋਂ ਜਾ ਕੇ ਕਰਵਾਓ, ਅਤੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਖੁਰਾਕੀ ਤੱਤ ਪਾਓ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by BAHAL
Punjab
19-12-2019 08:33 AM
Punjab
12-24-2019 07:07 PM
Shrimaan ji, organic tareeke nal sabjiya tiyar karn lai tuc mitti vich khuraki tat pure karan lai vermicompost ya gobar di khaad vart sakde ho, kee de halte te neem de tel di varton kiti jandi ahi ate bimari fungus de hamle te khatti lassi pai jandi hai, waste decomposer ik organic product hai jjoke mitti di upjau shaki nu vadhone han ate khet vicho vaddhu cheeja jive ke patte ya hor faltu cheeja nu gaal dende hai, dhanwad