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Posted by SACHIN BADE
Maharashtra
22-12-2019 09:19 AM
Punjab
12-22-2019 11:09 AM
सचिन जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by pardeep jalap
Rajasthan
22-12-2019 09:19 AM
Punjab
01-29-2020 09:15 PM
आप सर्दियों में मुर्गियों की रहने वाली जगह में 30+ तापमान रख सकते है
Posted by angrej Brar
Haryana
22-12-2019 09:18 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:46 PM
अंग्रेज जी, धान को 16-30°C तापमान की जरुरत होती है, इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के.... (Read More)
अंग्रेज जी, धान को 16-30°C तापमान की जरुरत होती है, इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है अगर आपके इलाके का जलवायु धान की उपज के लिए सही है तो आप इसकी बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by angrej Brar
Haryana
22-12-2019 09:14 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:56 PM
Angrej ji, gehun ko ugane ka sahi samay october se november tak ka hota hai, agar ap gehun ki ageti buvai karte hain to isme keet or bimari ke hamle ke chances jayada hote hai, jiise gehun ki paidawaar kam ho jati hai, dhanywad
Posted by SEWAKGILL
Punjab
22-12-2019 09:04 AM
Punjab
01-11-2020 02:03 PM
Sewa gill ji, tusi is di mix kar ke spray kar sakde ho, tusi zintara 700 @ 200 ate gib grow @ 250 ml da alag alag ghol bna ke is nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by Jitender Kumar
Haryana
22-12-2019 09:03 AM
Punjab
03-14-2020 06:02 PM
Jitender Kumar ji iske bare me puran jankari ke lia aap Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by SEWAKGILL
Punjab
22-12-2019 09:00 AM
Punjab
12-22-2019 09:03 AM
श्रीमान जी गेहूं में इसकी मात्रा 250 मि.ली. पड़ती है
Posted by Pradeep Singh dhindsa
Uttar Pradesh
22-12-2019 08:43 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:53 PM
Pradeep ji, shriram company ke micorhiza ka result acch ahi, yeh plant ki growth ke liye istemal kiy jata hai, iski matra 4 kilo prati acre ke hisaab nal use kiya jata hai, dhanwad
Posted by Gurnam Singh Bhatti
Punjab
22-12-2019 08:31 AM
Punjab
12-22-2019 09:04 AM
श्रीमान जी, गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन).... (Read More)
श्रीमान जी, गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन) 13 ग्राम, टोटल/मार्कपावर 75 डब्ल्यू डी जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन+मैट्सफ्यूरॉन) 16 ग्राम, एटलांटिस 3.6 डब्ल्यू डी जी (मिज़ोसल्फ्यूरॉन+ आइडोसल्फ्यूरॉन) 160 ग्राम 6 शगुन 21-11 (मैट्रीब्यूज़िन+क्लोडिनाफाप) 200 ग्राम, ए सी एम-9 (क्लोडिनाफाप+मैट्रीब्यूज़िन) 240 ग्राम नोट: 1. शगुन 21-11 को pbw550 और उन्नत pbw550 में ना छिड़काव करें 2. शगुन 21-11 का हल्की ज़मीनों में छिड़काव ना करें 3. बड़ी वाली गेहूं में शगुन 21-11 का प्रयोग ना करें 4. टॉट/मार्कपावर वाले खेतों में ज्वार और मक्की की बिजाई ना करें
Posted by mohan Lal
Punjab
22-12-2019 08:30 AM
Punjab
12-22-2019 09:13 AM
BhaaG dudh nasal te Sambhal te nirbhar karda ae tuci pashu nu rajwa wadhya hara chaara te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by sachveer singh
Punjab
22-12-2019 08:30 AM
Punjab
12-22-2019 09:11 AM
श्रीमान जी इसकी किस्में है PNB 83, PNB 233, CO 3, Pusa Giant Napier, Gajraj, NB-5, NB-6, NB 37 and NB-35. इसकी बिजाई गन्ने की तरह की जाती है इसकी बिजाई का समय फरवरी से अप्रैल तक होता है इसे एक एकड़ में 11000 कलम लगायी जाती है इसका बीज आपको पंजाब यूनिर्वसिटी लुधियाना से प्राप्त हो जाएगा
Posted by Yogendra Sahani
Bihar
22-12-2019 08:26 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:42 PM
Yogendra ji, tamatar ko thand se bachane ke liye ap iski halki sinchai kar dein, isse khet ka taapman 1-2*C badaya ja sakta hai, dhanywad
Posted by kamal. parmar
Madhya Pradesh
22-12-2019 08:21 AM
Punjab
12-22-2019 11:15 AM
जी कमल जी आप इनका गोलियों का प्रयोग कर सकते है इनका अच्छा रिजल्ट है ये आप गाभिन पशुओं को भी दे सकते है
Posted by satwant singh
Punjab
22-12-2019 08:15 AM
Punjab
12-22-2019 09:13 AM
आप बरसीम की ग्रोथ के लिए एनपीके 19:19:19 एक किलो प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by satwant singh
Punjab
22-12-2019 08:10 AM
Punjab
01-29-2020 06:46 PM
Satwant singh ji spray pump te subsidy lai tusi Rajiv garg (Raja) 9815940212, 9317793673 (Raja Enterprises) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Arvind Pandre
Madhya Pradesh
22-12-2019 08:00 AM
Punjab
12-28-2019 03:33 PM
kripya apna svaal vistaar se puchein taaki apko shi jankari di jaa ske.
Posted by Arvind
Madhya Pradesh
22-12-2019 07:55 AM
Punjab
12-22-2019 08:12 AM
उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें और टीका भरवाने के बाद भी ये गोलियां 14 दिन तक देते रहें इस तरह से वो गाभिन हो जाएगी
Posted by gagandeep singh
Punjab
22-12-2019 07:51 AM
Punjab
12-22-2019 08:13 AM
tuci uss nu buffzon powder 50gm rojana ate mammidium powder 50gm rojana 4 din tak deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Hardev Singh Khiala
Punjab
22-12-2019 07:47 AM
Punjab
12-26-2019 06:42 PM
ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਐਪ ਦੇ ਹੋਮ ਪੇਜ਼ ਤੇ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਗਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਮੌਸਮ ਦਾ ਅਗਲੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਦਾ ਹਾਲ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ ਫਸਲਾਂ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਹੀ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੋ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਖਣ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 977997764.... (Read More)
ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਐਪ ਦੇ ਹੋਮ ਪੇਜ਼ ਤੇ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਗਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਮੌਸਮ ਦਾ ਅਗਲੇ ਸੱਤ ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਦਾ ਹਾਲ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ ਫਸਲਾਂ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਹੀ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛੋ ਜੀ, ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਖਣ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 9779977641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by ਕਰਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
22-12-2019 07:34 AM
Punjab
12-22-2019 08:17 AM
ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ B-complex liquid ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 20ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Bijoy Gorain
West Bengal
22-12-2019 07:32 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:28 PM
Bijoy ji, kripya ap podhe ki patte ke niche macchar ke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojod ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karrein, dhanywad
Posted by prabhpreet singh
Punjab
22-12-2019 07:22 AM
Punjab
12-22-2019 09:17 AM
आप बरसीम की ग्रोथ के लिए एनपीके 19:19:19 एक किलो प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by ankit baiswar
Uttar Pradesh
22-12-2019 07:21 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:26 PM
अंकित जी, इसमें झुलस रोग का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप इसमें copper oxychloride @ 500 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Roshan Verma
Uttar Pradesh
22-12-2019 07:06 AM
Punjab
12-22-2019 09:19 AM
आलू में झुलसा रोग का निदान के लिए आप मैनकोजेब 30 ग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 30 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 45 दिनों के बाद 10 दिनों के फासले पर 2-3 बार स्प्रे करें
Posted by Jhamman Das
Chattisgarh
22-12-2019 06:39 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:24 PM
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्.... (Read More)
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्मे जैसे के Sadhana, Swathi, Sindhu, Pant Haritima, Hissar Anand की बुवाई करें सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए सब्जियों में प्रयोग करने के लिए, इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए, बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता हैं बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ डाला जाता है जल्दी अंकुरन के लिए बीजों को बिजाई से पहले अच्छी तरह रगड़ लेना चाहिए ताकि इसके ऊपर की ओर से अनावश्यक छिल्कें उतर जायें बिजाई से पहले बीजों को 8 से 12 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख देना चाहिए फसल को जड़ गलन और पौधे सूखने की बिमारी से बचाने के लिए बीजों को 4 ग्राम टराइकोडरमा विराइड सिउडोमोनास फलोरसैंस प्रति किलोग्राम बीज में मिला देना चाहिए फसल की अच्छी वृद्धि के लिए, नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को फूल निकलने के समय डालें धनिये की शुरूआती अवस्था में नदीन गंभीर समस्या होते हैं खेत को नदीन मुक्त करने के लिए एक या दो गोडाई करें बिजाई के 4 सप्ताह बाद पहली गोडाई करें और बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें मिट्टी की बनतर, बारिश और जलवायु के आधार पर चार से पांच सिंचाई फसल की अच्छी वृद्धि के लिए सहायक होती है बिजाई के 30 दिन बाद पहली सिंचाई करें बाकी की सिंचाइयां 60-70 वें दिन, 80-90वें दिन, 100-105वें दिन और 110-150वें दिन करें फूल निकलने और बीजों की विकसित अवस्था में नमी की कमी ना होने दें फसल का कद 20 से 25 सैं.मी. होने पर हरे पत्तों को काटना शुरू कर देना चाहिए एक फसल को तीन से चार बार काटा जा सकता है बीज की पैदावार के लिए बीजी गई फसल अप्रैल महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है फसल के फल हरे रंग में ही काट लेने चाहिए क्योंकि ज्यादा पकने की सूरत में इसका पूरा मूल्य नहीं मिल पाता धन्यवाद
Posted by Jhamman Das
Chattisgarh
22-12-2019 06:33 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:22 PM
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्.... (Read More)
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती आप धनिया की किस्मे जैसे के Sadhana, Swathi, Sindhu, Pant Haritima, Hissar Anand की बुवाई करें सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए सब्जियों में प्रयोग करने के लिए, इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए, बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता हैं बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ डाला जाता है जल्दी अंकुरन के लिए बीजों को बिजाई से पहले अच्छी तरह रगड़ लेना चाहिए ताकि इसके ऊपर की ओर से अनावश्यक छिल्कें उतर जायें बिजाई से पहले बीजों को 8 से 12 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख देना चाहिए फसल को जड़ गलन और पौधे सूखने की बिमारी से बचाने के लिए बीजों को 4 ग्राम टराइकोडरमा विराइड सिउडोमोनास फलोरसैंस प्रति किलोग्राम बीज में मिला देना चाहिए फसल की अच्छी वृद्धि के लिए, नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को फूल निकलने के समय डालें धनिये की शुरूआती अवस्था में नदीन गंभीर समस्या होते हैं खेत को नदीन मुक्त करने के लिए एक या दो गोडाई करें बिजाई के 4 सप्ताह बाद पहली गोडाई करें और बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें मिट्टी की बनतर, बारिश और जलवायु के आधार पर चार से पांच सिंचाई फसल की अच्छी वृद्धि के लिए सहायक होती है बिजाई के 30 दिन बाद पहली सिंचाई करें बाकी की सिंचाइयां 60-70 वें दिन, 80-90वें दिन, 100-105वें दिन और 110-150वें दिन करें फूल निकलने और बीजों की विकसित अवस्था में नमी की कमी ना होने दें फसल का कद 20 से 25 सैं.मी. होने पर हरे पत्तों को काटना शुरू कर देना चाहिए एक फसल को तीन से चार बार काटा जा सकता है बीज की पैदावार के लिए बीजी गई फसल अप्रैल महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है फसल के फल हरे रंग में ही काट लेने चाहिए क्योंकि ज्यादा पकने की सूरत में इसका पूरा मूल्य नहीं मिल पाता धन्यवाद
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
22-12-2019 06:26 AM
Punjab
01-14-2020 04:32 PM
kuldeep ji kirpa karke kisam da poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by satnam
Punjab
22-12-2019 05:58 AM
Punjab
01-11-2020 01:21 PM
Satnam ji, 2.4-D di spray toh baad tusi pani 7-8 din baad lga sakde ho, is samay vich is da asar pura ho janda hai, dhanwad
Posted by Brij Bihari
Uttar Pradesh
22-12-2019 05:21 AM
Chandigarh
12-28-2019 03:36 PM
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेत.... (Read More)
उत्तर में यह वर्षा और बसंत के मौसम में उगाई जाती है खरीफ के मौसम में, इसकी बिजाई जून-जुलाई के महीने और बसंत ऋतु में फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है गर्मियों में समय पर बिजाई के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गर्मियों में अगेती बिजाई के लिए 30 सैं.मी. x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बारिश के मौसम में कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20-30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज 2.5 सैं.मी. की गहराई में बोयें
Posted by tinku nagar
Rajasthan
22-12-2019 05:18 AM
Punjab
01-14-2020 04:22 PM
इसे भारत सरकार ने साल 1998 में शुरू किया था केसीसी के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में और आसानी से लोन उपलब्ध हो जाता है
Posted by Rohit
Uttar Pradesh
22-12-2019 02:14 AM
Maharashtra
01-11-2020 01:17 PM
Rohit ji, kripya ap bataye ke ap kis grass ki roktham k ibaat kar rahe hain, taki apko uske bare mein bataya ja sake, dhanywad
Posted by Kahlon
Punjab
22-12-2019 01:01 AM
Punjab
01-11-2020 01:19 PM
Kahlon ji, gobhi vich je kar tusi urea di vatron kar rahe ho tan is vich kise hor tonic di spray ma karo, dhanwad
Posted by dip savaliya
Gujarat
22-12-2019 12:30 AM
Chandigarh
12-28-2019 03:38 PM
Posted by ਬੱਬਲ ਸਿੰਘ ਬਾਬਾ ਗੋਬਿੰਦਪੁਰ
Punjab
21-12-2019 11:17 PM
Punjab
03-12-2020 05:23 PM
babal singh ji hare chare da rate mandi vich 160 - 185/q chal reha hai, Thankyou.
Posted by ਬੱਬਲ ਸਿੰਘ ਬਾਬਾ ਗੋਬਿੰਦਪੁਰ
Punjab
21-12-2019 11:16 PM
Punjab
03-12-2020 08:09 PM
babal singh ji hare chare da rate mandi vich 160 - 185/q chal reha hai, Thankyou.
Posted by ਬੱਬਲ ਸਿੰਘ ਬਾਬਾ ਗੋਬਿੰਦਪੁਰ
Punjab
21-12-2019 11:15 PM
Punjab
03-12-2020 08:10 PM
Posted by chandan mandal
Bihar
21-12-2019 11:09 PM
Punjab
12-24-2019 06:59 PM
आप फीड घर में तैयार करके दे सकते हैं खुराक तैयार करने के लिए आप तेल रहित सरसों की खली 49 किलो, तेल रहित चावल पोलिश 49 किलो, मिनरल मिक्सचर 1.5 किलो, नमक 0.5 किलो ये खुराक तैयार कर आप उनके खाने के हिसाब से दे सकते हैं
Posted by jitu
Haryana
21-12-2019 11:02 PM
Haryana
12-22-2019 08:21 AM
खरगोश पालन के लिए आप कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो .... (Read More)
खरगोश पालन के लिए आप कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो में बेचने के लिए तैयार हो जाते है इसके शुरू के लिए आप हमारी पैराडाइज कंपनी से संर्पक कर सकते है 9466419455 आप इस नंबर पर संर्पक कर सकते है ट्रेनिंग और मार्केटिंग की पूरी जानकारी हमारी कंपनी देगी.
Posted by jitu
Haryana
21-12-2019 11:02 PM
Haryana
12-22-2019 08:22 AM
खरगोश पालन के लिए आप कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो .... (Read More)
खरगोश पालन के लिए आप कंपनी से कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो में बेचने के लिए तैयार हो जाते है इसके शुरू के लिए आप हमारी पैराडाइज कंपनी से संर्पक कर सकते है 9466419455 आप इस नंबर पर संर्पक कर सकते है ट्रेनिंग और मार्केटिंग की पूरी जानकारी हमारी कंपनी देगी.
Posted by nilabh
Bihar
21-12-2019 10:56 PM
Punjab
03-16-2020 04:41 PM
Nilabh ji seed lene ke liye aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Ashish Rawte
Chattisgarh
21-12-2019 10:48 PM
Punjab
12-22-2019 08:22 AM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है..
Posted by ASHOK SINGH
Uttar Pradesh
21-12-2019 10:40 PM
Punjab
12-26-2019 07:28 PM
सिंचित दशा में औसत पैदावार ३५-४० q/ha एवं ५०-५५ से ६०-६२ तक भी पहुँच सकती है उत्तर भारत में बिक्री हिसार सिरसा Ellanabad आदमपुर व राजस्थान में नोहर Bhadra में होती है बाक़ी राजस्थान एवं गुजरात में सब जगह बिक्री की सुविधा है
Posted by shubham
Jharkhand
21-12-2019 10:38 PM
Punjab
12-23-2019 12:03 PM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को त.... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें
Posted by nilabh
Bihar
21-12-2019 10:36 PM
Punjab
01-28-2020 05:19 PM
Nilabh ji fish seed lene ke lia aap Moh. Anis 9451411371, 6394520950 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Shyam Sunder
Bihar
21-12-2019 10:06 PM
Punjab
12-23-2019 05:01 PM
Shrimaan ji, isse bachav ke liye ap apne khet ki fencing kar sakte hain, iske ilawa ap Prem Raj Saini ji ke sath samparak karein 9719432296, inke dawara ik khaad tiyar ki gai hai, jiski badbu se pashu khet mein nahi ate hain, dhanywad
Posted by Jagjeet Singh Sidhu
Punjab
21-12-2019 09:52 PM
Punjab
12-22-2019 02:46 PM
tuci uss nu Vitamor-H injection 5ml lgwao ate 5-5 din de frak nal 5 tike lgwao ate iss nu Potasium iodied powder 7gm rojana ate Fibrocin homeopathic dwai di 1-1 goli din vich 3 varr deo, ehna nal frak paa jawega.