
Posted by prabhjot singh
Punjab
22-12-2019 01:12 PM
Hanji thik hai ji tuci uss nu iss hisab nal dana ate khal de skde ho, baki uss nu vdia matra vich hara chara deo ate her 3 mahine badd pett de kiria lai goli jrur deo.

Posted by rupesh mali
Madhya Pradesh
22-12-2019 01:07 PM
रुपेश जी, बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें धन्यवाद

Posted by rupesh mali
Madhya Pradesh
22-12-2019 01:03 PM
रुपेश जी, मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई की आवृति और मात्रा का फैसला करें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें बानस्पतिक वृद्धि के समय 7-8 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जबकि प्रजनन की अवस्था में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें गांठों बनने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर अवस्थाएं होती हैं फसल के .... (Read More)
रुपेश जी, मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई की आवृति और मात्रा का फैसला करें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें बानस्पतिक वृद्धि के समय 7-8 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जबकि प्रजनन की अवस्था में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें गांठों बनने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर अवस्थाएं होती हैं फसल के पक जाने पर सिंचाई पूरी तरह बंद कर दें धन्यवाद
Posted by magaram
Rajasthan
22-12-2019 12:45 PM
मागरम जी, फोटो को देख कर लग रहा है के यह फसल काफी स्वस्थ है, आप समय समय पर कीट या बीमारी के हमले का निरीक्षण करते रहे, अगर इसमें कोई समस्या आती है तो आप हमे बता सकते हैं, फिर आपको उसके हिसाब से इसका समाधान बता दिया जायेगा, धन्यवाद
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
22-12-2019 12:43 PM
श्रीमान जी पानी लगाने के बाद गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (.... (Read More)
श्रीमान जी पानी लगाने के बाद गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन) 13 ग्राम, टोटल/मार्कपावर 75 डब्ल्यू डी जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन+मैट्सफ्यूरॉन) 16 ग्राम, एटलांटिस 3.6 डब्ल्यू डी जी (मिज़ोसल्फ्यूरॉन+ आइडोसल्फ्यूरॉन) 160 ग्राम 6 शगुन 21-11 (मैट्रीब्यूज़िन+क्लोडिनाफाप) 200 ग्राम, ए सी एम-9 (क्लोडिनाफाप+मैट्रीब्यूज़िन) 240 ग्राम

Posted by kundan kumar
Bihar
22-12-2019 12:31 PM
श्री मान गेहूं की बिजाई अक्टूबर से नवम्बर तक कर सकते हो और पछेती किस्मों की बिजाई दिसम्बर तक कर सकते हो
Posted by Gurbaj Singh
Punjab
22-12-2019 12:31 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਵਾਰੇ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਵੇਰੇ ਪਹਿਲੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਵਿਚ ਸਰੋ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀਆਂ 5-7 ਬੂੰਦਾਂ ਇਕ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਬੂੰਦਾਂ ਇਕੱਠੀਆਂ ਰਹਿਣ ਅਤੇ ਟਿਕੀ ਜਿਹੀ ਬਣਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹ ਗੱਬਣ ਹੈ ਜੇ ਬੂੰਦਾਂ ਖਿਲਰ ਜਾਣ ਤਾ ਖਾਲੀ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਤਰੀਕਾ 70% ਤੱਕ ਹੀ ਕਾਮਯਾਬ ਹੈ.ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 3 ਮਹੀਨਾ ਬਾਦ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਵੀ ਜਰੂਰ ਚੈੱਕ .... (Read More)
ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਵਾਰੇ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਵੇਰੇ ਪਹਿਲੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਵਿਚ ਸਰੋ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀਆਂ 5-7 ਬੂੰਦਾਂ ਇਕ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਬੂੰਦਾਂ ਇਕੱਠੀਆਂ ਰਹਿਣ ਅਤੇ ਟਿਕੀ ਜਿਹੀ ਬਣਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹ ਗੱਬਣ ਹੈ ਜੇ ਬੂੰਦਾਂ ਖਿਲਰ ਜਾਣ ਤਾ ਖਾਲੀ ਹੈ, ਪਰ ਇਹ ਤਰੀਕਾ 70% ਤੱਕ ਹੀ ਕਾਮਯਾਬ ਹੈ.ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 3 ਮਹੀਨਾ ਬਾਦ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਵੀ ਜਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ .

Posted by SUKHDEV SINGH
Punjab
22-12-2019 12:28 PM
Sukhdev ji, eh fungus da hamla hoya hai, fungus di roktham layi tusi is vich carbendazim @ 4 gram ya mancozeb @ 4 gram prati liter pani de hisaab nal spray aro, dhanwad
Posted by jaswinder singh
Punjab
22-12-2019 12:26 PM
tuci uss nu pett de kiria di dwai deo ate vdia company da mineral mixture dena suru kro ate vdia chara deo, jekar uss nu koi smasia aaundi hai tan tuci uss nu doctor ton check krwao ji.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
22-12-2019 12:21 PM
श्रीमान जी clodinafop 15% छोटे गुलीडंडे को बहुत मारती है और इसकी मात्रा 160 ग्राम प्रति एकड़ है

Posted by Dilpreet
Punjab
22-12-2019 12:11 PM
Dilpreet ji, kripa kar ke daso ke tusi is vich kise nadeen nashak ki spray te nahi kiti, ate eh vi daso ke tusi is vich kehriya khadaan da istemla kita hai, tajo tuhanu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad

Posted by kanhaiya lal dhaka
Rajasthan
22-12-2019 12:10 PM
कन्हैया जी, आंवला की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई ज़मीन और जैविक मिट्टी की आवश्यकता होती है पौध रोपण से पहले ज़मीन की अच्छी तरह जोताई करें जब तक मिट्टी भुरभुरी ना हो जाये जैविक खाद जैसे कि FYM को मिट्टी में मिलायें उसके बाद 2.5 सैं.मी. गहरा और 15 सैं.मी. x 15 सैं.मी. आकार के नर्सरी बैड तैयार करें आंवला की खेती जुलाई स.... (Read More)
कन्हैया जी, आंवला की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई ज़मीन और जैविक मिट्टी की आवश्यकता होती है पौध रोपण से पहले ज़मीन की अच्छी तरह जोताई करें जब तक मिट्टी भुरभुरी ना हो जाये जैविक खाद जैसे कि FYM को मिट्टी में मिलायें उसके बाद 2.5 सैं.मी. गहरा और 15 सैं.मी. x 15 सैं.मी. आकार के नर्सरी बैड तैयार करें आंवला की खेती जुलाई से सितंबर के महीने में की जाती है उदयपुर में इसकी खेती जनवरी से फरवरी महीने में की जाती है मई-जून के महीने में नए अंकुरित पौधे 4.5 मी x 4.5 मी के फासले पर लगाएं 1 मीटर गहरा गड्ढा खोदें और उसे सूरज की रोशनी में 15-20 दिनों के लिए खुला छोड़ दें मुख्य खेत में नए अंकुरित पौधे लगाएं अच्छी वृद्धि के लिए 200 ग्राम बीजों को प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीजों को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए और अच्छे अंकुरन के लिए बिजाई से पहले जिबरैलिक एसिड 200-500 पी पी एम से उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीजों को हवा में सुखाएं धन्यवाद
Posted by Banshilal bishnoi
Rajasthan
22-12-2019 12:09 PM
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयो.... (Read More)
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद

Posted by Jashandeep Singh
Punjab
22-12-2019 11:54 AM
जशनदीप जी आप खेत को बाढ़ कर सकते है इसके इलावा आप प्रेम राज सैणी 97194—32296 से संपर्क कर सकते है इन्होंने खाद तैयार की है जिसकी बदबू से जानवर खेत में नहीं आते
Posted by kalwinder sekhon
Punjab
22-12-2019 11:52 AM
tuci ehh 10gm ek bakri de hisab nal vart skde ho, isdi varto v deworming lai kiti jndi hai, eh gaban bakri nu v de skde ho.

Posted by Navdeep singh
Punjab
22-12-2019 11:46 AM
Navdeep j isde lai tuci 200ml lassi nu garam krke ek botal vich pao ate uss botal vich 100ml saron da tel, adha chamch haldi, 1 chamch namak ate 3gm kabila (jo pansari ton mil jawega) changi trah mix krke 3-4 din deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by kalwinder sekhon
Punjab
22-12-2019 11:45 AM
tuci ehh 10gm ek bakri de hisab nal vart skde ho, isdi varto v deworming lai kiti jndi hai, eh gaban bakri nu v de skde ho.

Posted by Bhanwarlal Hudda
Rajasthan
22-12-2019 11:36 AM
भंवरलाल जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें कितनी खाद और कोनसी खाद का इस्तेमला किया है, ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by gurveer khangura
Punjab
22-12-2019 11:35 AM
Gurveer ji, dusra urea kanka vich pehle pani de nal hi pa dena chahida hai, dhanwad

Posted by rishi
Uttar Pradesh
22-12-2019 11:33 AM
Rishi ji, kripya ap bataye ke ap konse kharpatwar ko nashat karna chahte hain taki apko iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Banshilal bishnoi
Rajasthan
22-12-2019 11:33 AM
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयो.... (Read More)
आप पपीते की खेती को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं धन्यवाद
Posted by Pavitar Singh
Punjab
22-12-2019 11:28 AM
Pavitar ji, fatkadi di spray nahi kiti jandi hai, tuc isdi varto kar sakde ho fatkadi ik fungusnashi da kam kardi hai isdi matra 1 kilo nu kapde vich ban ke pani vale nakke de kol rakh deo.dhanwad
Posted by navjot singh
Punjab
22-12-2019 11:25 AM
Navjot ji, eh macchar de hamle di vajah nal ho reha hai, tusi macchar di roktham layi tusi is vich imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Ashok verma
Uttar Pradesh
22-12-2019 11:24 AM
Ashok ji, kripya ap apne tamatar ke patton mein macchar lke hamle ki jaanch karein, agar hamla mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by अशोक यादव
Uttar Pradesh
22-12-2019 11:21 AM
श्रीमान जी, गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन).... (Read More)
श्रीमान जी, गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए लीडर, टॉपिक का प्रयोग कर सकते हैं चौड़े पत्तों वाले नदीन की रोकथाम के लिए 2,4D 250 ml की स्प्रे कर सकते हैं, टॉपिक 15 डब्ल्यू पी (क्लोडिनाफाप) 160 ग्राम बिजाई के 30 से 35 दिनों के अंदर 150 प्रति एकड़, एक्सियल 5 ई सी (पिनोक्साडिन 400 मिलीलीटर), लीडर/मार्कसल्फो 75 डब्ल्यू जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन) 13 ग्राम, टोटल/मार्कपावर 75 डब्ल्यू डी जी (सल्फोसल्फ्यूरॉन+मैट्सफ्यूरॉन) 16 ग्राम, एटलांटिस 3.6 डब्ल्यू डी जी (मिज़ोसल्फ्यूरॉन+ आइडोसल्फ्यूरॉन) 160 ग्राम 6 शगुन 21-11 (मैट्रीब्यूज़िन+क्लोडिनाफाप) 200 ग्राम, ए सी एम-9 (क्लोडिनाफाप+मैट्रीब्यूज़िन) 240 ग्राम नोट: 1. शगुन 21-11 को pbw550 और उन्नत pbw550 में ना छिड़काव करें 2. शगुन 21-11 का हल्की ज़मीनों में छिड़काव ना करें 3. बड़ी वाली गेहूं में शगुन 21-11 का प्रयोग ना करें 4. टॉट/मार्कपावर वाले खेतों में ज्वार और मक्की की बिजाई ना करें

Posted by Tarlochan chahal
Punjab
22-12-2019 11:15 AM
Tarlochan ji, kirpa kar ke tusi sundi de hamle di jaanch karo ate apne kanak di photo bhejo taki tuhnu dekh ke is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by Satwant Singh
Punjab
22-12-2019 11:09 AM
Satwant ji tuci Agrimin, Minfa gold, Bovimin-B koi v mineral mixture de skde ho, ehh tuci 50-100gm rojana de skde ho..
Posted by दिनेश सिंह राजपूत
Rajasthan
22-12-2019 11:03 AM
दिनेश जी आप कमल के फूल की खेती के लिए साथ में दिया गया लिंक चेक करें
https://www.youtube.com/watch v=t13S2TumET0

Posted by amit kulria
Haryana
22-12-2019 11:00 AM
Dr H.S.Talwar Discipline-: Plant Physiology, Designation Principal Scientist. Mobile No-: 09392467806

Posted by arashdeep singh
Punjab
22-12-2019 10:49 AM
tuci uss nu pett de kiria lai Bandykind plus bolus deo ate Bovimin-B powder 100gm rojana ate Ovumin advance bolus rojana 1 goli 21 dina tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Madhusudan kahar
Madhya Pradesh
22-12-2019 10:47 AM
मधुसूदन जी, आपके लहसुन में फंगस का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप इसमें carbendazim @ 4 ग्राम या mancozeb @ 4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by ठाकुर सोनू धारीवालीया
Uttarakhand
22-12-2019 10:26 AM
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होन.... (Read More)
श्री मान गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए 4-5 सैं.मी. की गहराई में बिजाई करनी चाहिए बीज ड्रिल,बुरकाव विधि ,जीरो टिलेज़ ड्रिल,रोटावेटर से गेंहू की बिजाई कर सकते हो अच्छी पैदावार के लिए:-मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें अच्छी शाखाएं और उपज के लिए 19:19:19 की स्प्रे, पानी में घुलनशील खादें+स्टिकर 0.5 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें

Posted by hardeep singh
Punjab
22-12-2019 10:15 AM
Hardeep singh ji Poultry nal sbandat har tarah da sman len lai tusi Mohit Goal / Ashwani Goal 9888103368, 7696603754 (AK Agencies) nal samparak kar sakde ho, Thnkyou.

Posted by Navdeep singh
Punjab
22-12-2019 10:13 AM
Navdeep j isde lai tuci 200ml lassi nu garam krke ek botal vich pao ate uss botal vich 100ml saron da tel, adha chamch haldi, 1 chamch namak ate 3gm kabila (jo pansari ton mil jawega) changi trah mix krke 3-4 din deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by buta Singh
Punjab
22-12-2019 10:10 AM
Buta ji tuci apne sheed vich temp. bnna ke rkho ate shedd de ass pass boria lgga ke rakho jiss nal thndi hwa anndar naa aa skee ate tuci swere nu jldi light jgao ate ratt nu derr tak jgga ke rkho, baki vdia khurak deo ate B-complex liquid 20ml/100birds de hisab nal deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by mangal singh
Punjab
22-12-2019 10:02 AM
Mangal Singh ji , tuc alu diya kisma jive ke Kufri Alankar, Kufri Ashoka, Kufri Badshah, Kufri Bahar, Kufri Chamatkar, Kufri Chipsona 2, Kufri Chandramukhi, Kufri Jawahar, Kufri Pukhraj, Kufri Sutlej, Kufri Sindhuri di biaji kar sakde ho, dhanwad

Posted by Ajay Mandloi
Madhya Pradesh
22-12-2019 10:00 AM
Ajay Mandloi ji, ap isme NPK 130045 @ 10 gram prati liter pani ek hisaab se spray karein isse isme fal accha ata hai or paidawaar bhi acchi hoti hai, dhanywad

Posted by Parminder singh
Punjab
22-12-2019 09:51 AM
श्रीमान जी लसहुन में एनपीके 19:19:19 एक किलो प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by Vinod kumar Mehta
Rajasthan
22-12-2019 09:51 AM
विनोद जी आप फसल को पर्याप्त मात्रा में खादें डाले और फसल को बीमारी या कीट के हमले से बचाये इस से फसल की पैदावार अच्छी हो जाएगी धन्यवाद

Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
22-12-2019 09:44 AM
Harman ji, jekar tuhnu NPK di spray kiti nu 15 din ho gye han tan tu c NPK 191919 @ 1 kilo prati acre de hisaab nal dubara spray kar sakde ho, je kar tusi biovita da istemal karna chaundey ho tan isdi matra @ 4kilo prati acre de hisaab nal istemla kiti jandihai, dhanwad
Posted by Mo Hasan
Uttar Pradesh
22-12-2019 09:44 AM
हसन जी, metrizin 70 % को चौड़े और बारीक पत्ते के नदीन की रोकथाम के लिए इस्तेमला किया जाता है, यह फसलें जैसे के गेहूं, गन्ना, आलू, टमाटर और सोयाबीन में इस्तेमला किया जाता है, इसकी हर फसल के हिसाब से आगा मात्रा इस्तेमला की जाती है, कृपया आप बताये के अपने इससे किस फसल में इस्तेमला करना है ताकि आपको उसके हिसाब से इसकी मात्रा .... (Read More)
हसन जी, metrizin 70 % को चौड़े और बारीक पत्ते के नदीन की रोकथाम के लिए इस्तेमला किया जाता है, यह फसलें जैसे के गेहूं, गन्ना, आलू, टमाटर और सोयाबीन में इस्तेमला किया जाता है, इसकी हर फसल के हिसाब से आगा मात्रा इस्तेमला की जाती है, कृपया आप बताये के अपने इससे किस फसल में इस्तेमला करना है ताकि आपको उसके हिसाब से इसकी मात्रा बताई जा सके, धन्यवाद

Posted by gaurav rana
Haryana
22-12-2019 09:42 AM
गौरव जी आप 4-5 दिन के बाद दूध बढ़ाने वाली गोलियों का प्रयोग कर सकते है इनका कोई नुक्सान नहीं है

Posted by lakhbeer singh
Punjab
22-12-2019 09:29 AM
श्रीमान जी मैगनीज एक किलो, एनपीके 19:19:19 एक किलो और बोरोन को अलग अलग घोलकर टैंकी में इकट्ठा करके 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
22-12-2019 09:24 AM
Dalvir ji, algrip ik nadeen nashak hai, jo chode patte vale nadeen jive ke bathu di roktham layi vartea janda hai isdi matra algrip@10gm nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal vartea janda hai, dhanwad
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